Agra News हरियाणा पुलिस के बर्खास्त सिपाही वजीर सिंह को ट्रांस यमुना थाने के हेड कॉन्स्टेबल के घर चोरी के आरोप में 2 महीने बाद गिरफ्तार किया गया है। वह पुलिस की वर्दी में थानों में घुसकर चोरी करता था। हेड कॉन्स्टेबल कुशलपाल चौधरी के घर से चोरी के बाद एटीएम से रुपए निकालते हुए वह कैमरे में कैद हुआ था।
आगरा में पुलिस थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी आपराधिक घटना का खुलासा हुआ है। हरियाणा पुलिस के एक बर्खास्त सिपाही को ट्रांस यमुना थाने में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल के घर चोरी करने के आरोप में 2 महीने बाद गिरफ्तार किया गया है।
चोरी और धोखाधड़ी की वारदात
- पीड़ित: ट्रांस यमुना थाने में मुख्य आरक्षी (हेड कॉन्स्टेबल) कुशलपाल चौधरी तैनात हैं।
- घटना: 6 सितंबर, 2025 की देर रात ड्यूटी खत्म कर कुशलपाल अपने सरकारी घर में सो गए। 7 सितंबर की दोपहर जब उनकी नींद खुली, तो उनकी पैंट की जेब से पर्स गायब था। पर्स में 3 हजार रुपये कैश, पैन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम और क्रेडिट कार्ड रखे थे, जिसमें एटीएम का पिन भी लिखकर रखा था।
- चोरी का तरीका: आरोपी वजीर सिंह रात में कुशलपाल के सोने के बाद उनके घर में घुसा और पर्स चुरा लिया।
एटीएम फुटेज से खुला राज
चोरी के बाद आरोपी ने हेड कॉन्स्टेबल के कार्ड का बेधड़क इस्तेमाल किया:
- एटीएम से निकासी: 7 सितंबर को वजीर सिंह ने एटीएम से 45 हजार रुपये निकाले।
- शॉपिंग: उसने भगवान टॉकीज पेट्रोल पंप से 20 हजार रुपये स्वाइप कर निकाले, और क्रेडिट कार्ड से भी कैश निकाला।
- साक्ष्य: एटीएम में रुपए निकालते समय आरोपी वजीर सिंह एटीएम में लगे कैमरे में कैद हो गया।
- FIR: हेड कॉन्स्टेबल कुशलपाल ने घटना के सात दिन बाद 14 सितंबर को थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
आरोपी की पहचान और मोडस ऑपरेंडी
पुलिस की जाँच में आरोपी की पहचान और उसके अपराध करने के तरीके का खुलासा हुआ:
- सीसीटीवी फुटेज: पुलिस ने थाने के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें सुबह 9 बजे एक युवक काले जूते और खाकी पैंट में थाने में दाखिल होता दिखाई दिया, जिसकी पीठ पर बैग टंगा था। कुछ देर बाद वह हेड कॉन्स्टेबल के कमरे से बाहर निकलता नजर आया।
- गिरफ्तारी: फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की। दो महीने बाद, 8 नवंबर की रात पुलिस ने हरियाणा में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
- दबिश का बहाना: पुलिस की पूछताछ में आरोपी वजीर सिंह (निवासी कोसली, रेवाड़ी, हरियाणा) ने बताया कि वह पुलिस की वर्दी में घूमता था और खुद को हरियाणा पुलिस का आरक्षी बताता था। वह थानों में जाकर कहता था कि दबिश के लिए आया है और थाने की बैरक में ही रुक जाता था। इसी दौरान वह थाना परिसर में बने घरों में चोरी करता था।
बर्खास्तगी का इतिहास
- पिछला रिकॉर्ड: वजीर सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने 2001 से 2006 तक टेरिटोरियल आर्मी में नौकरी की थी। इसके बाद वह 2007 में हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात हुआ।
- बर्खास्तगी: उसे 2017 में हरियाणा पुलिस भर्ती में हेड कॉन्स्टेबल के लिए लेन-देन करने का दोषी पाए जाने पर बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बावजूद वह पुलिसकर्मी बनकर ही घूमता था।
एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि आरोपी वजीर सिंह के पास से 3 हजार रुपये कैश, कुशलपाल का पुलिस कार्ड और अन्य कागजात बरामद किए गए हैं। आरोपी को जल्द ही न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
































































































