Agra News दुनिया भर के टूरिस्ट जिस ताज की खूबसूरती देखने आते हैं, अगर वहां धूल और गंदगी का ‘वेलकम’ मिले, तो शहर की इमेज का क्या होगा? इसी सवाल ने आगरा नगर आयुक्त को ‘एक्शन मोड’ में ला दिया। जब साहब अचानक ताजमहल के आसपास की सड़कों पर Surprise Inspection के लिए निकले, तो जो दिखा वो काफी ‘Disappointing’ था।
Reality Check में क्या-क्या मिला? फतेहाबाद रोड की धूल हो या शिल्पग्राम रोड पर लगे कूड़े के ढेर, सफाई एजेंसी के दावे हवा-हवाई निकले। G-20 सेल्फी प्वाइंट से लेकर रमाना होटल तक सड़कों के किनारे Littering और C&D Waste का अंबार लगा था। ऐसा लग रहा था मानो सफाई एजेंसी ‘अनुबंध की शर्तों’ (Contract Terms) को भूलकर गहरी नींद में सो रही है। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि नालियों की सफाई और Door-to-Door Garbage Collection को लेकर पब्लिक की शिकायतें भी आसमान छू रही थीं।
3 लाख का ‘फटका’ और अल्टीमेटम: नगर निगम ने इस लापरवाही को ‘Zero Tolerance’ की कैटेगिरी में रखते हुए एजेंसी पर ₹3,00,000 का जुर्माना ठोक दिया है। यही नहीं, उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर ‘Deployment Plan’ (मैनपावर और मशीनरी) में सुधार नहीं हुआ, तो उनका टेंडर सीधे Terminate कर दिया जाएगा।
Bottom Line: आगरा के युवा और स्मार्ट रीडर्स भी यही चाहते हैं कि शहर सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में ‘स्मार्ट’ दिखे। ताजमहल जैसे World Class Heritage के आसपास अब ‘Casual Approach’ नहीं चलेगी!

































































































