आगरा। पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद आखिरकार आगरा के थाना सदर में एक युवक के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा युवक के लापता होने के करीब तीन महीने बाद दर्ज हुआ है। पीड़ित परिवार ने युवक की हत्या की आशंका जताई है और उसके दोस्त की गिरफ्तारी की मांग की है।
यह मामला 21 जून का है, जब धौलपुर निवासी गौरव अपने दोस्त सुधर सिंह के साथ हैदराबाद में नौकरी के लिए निकला था। गौरव के भाई लवकुश ने उन्हें आगरा के जगनेर तक छोड़ा, जहाँ से वे इको कार में बैठकर शाम करीब 5:30 बजे ईदगाह बस अड्डे पर उतरे। इसके बाद, गौरव ने अपने हैदराबाद में रहने वाले भाई धर्मेंद्र से फोन पर ₹510 मंगवाए। पैसे मिलने के बाद से ही गौरव का कोई पता नहीं चला।
दोस्त ने दिया गोलमोल जवाब
जब गौरव हैदराबाद नहीं पहुँचा, तो उसके भाई ने उसके दोस्त सुधर सिंह से जानकारी ली। सुधर ने बताया कि गौरव अटल चौक तक उसके साथ था, लेकिन उसके बाद वह कहाँ गया, उसे पता नहीं। सुधर ने यह भी कहा कि वह उसी दिन वापस धौलपुर लौट आया था।
इसके बाद, 25 जून को गौरव के परिवार ने थाना सदर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। गौरव के भाई का आरोप है कि वह तब से लगातार सुल्तानपुरा चौकी और थाना सदर के चक्कर काट रहा था, लेकिन पुलिस ने अपहरण की आशंका पर कोई सुनवाई नहीं की।
पुलिस कमिश्नर के आदेश पर हुआ मुकदमा दर्ज
पुलिस की अनदेखी के बाद, गौरव के भाई ने सीधे पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। कमिश्नर के आदेश पर ही अब जाकर थाना सदर में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है। गौरव के भाई ने पुलिस से गौरव के साथ गए उसके दोस्त सुधर सिंह की गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। पुलिस ने अब इस मामले में गहनता से जांच शुरू कर दी है।

































































































