जल्दी करा लो रजिस्ट्रेशन! आगरा नगर निगम का ‘डंडा’: बिना रजिस्टर्ड पालतू कुत्तों को उठाया जाएगा, लगेगा ₹2500 का जुर्माना; टीम गठित, अभियान शुरू!

आगरा, उत्तर प्रदेश। आगरा में पालतू कुत्तों को रखने वालों के लिए अब सख्त नियम लागू हो गए हैं। आगरा नगर निगम ने उन सभी मालिकों पर कार्रवाई की कमर कस ली है, जिन्होंने अभी तक अपने पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। शहर में हजारों की संख्या में पालतू कुत्ते होने के बावजूद, वर्तमान वित्तीय वर्ष में जुलाई तक मात्र 552 कुत्तों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है, जो बेहद निराशाजनक है। नगर निगम ने इसे बेहद निंदनीय मानते हुए अब एक विशेष टीम का गठन कर दिया है, जो जल्द ही पूरे शहर में सघन जांच अभियान चलाएगी और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी।


लाखों पेट लवर्स, पर रजिस्ट्रेशन सिर्फ 552! अब निगम की सख्ती से होगी परेशानी

यह चौंकाने वाला आंकड़ा बताता है कि आगरा में पेट लवर्स की लाखों की संख्या होने के बावजूद, अपने पालतू जानवरों के प्रति जिम्मेदारी निभाने में लोग कितने गंभीर नहीं हैं। उनका सोचना है कि “कुछ नहीं होगा,” लेकिन नगर निगम ने अब साफ कर दिया है कि इस बार कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

अगर आपके पास बिना रजिस्टर्ड पालतू कुत्ता मिलता है, तो उसे सीधे पकड़ लिया जाएगा और मालिक पर ₹2500 तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, कुत्ते को पकड़ने और उसके खाने-पीने का खर्च भी मालिक से ही वसूला जाएगा। यह बात जान लें कि वह दिन दूर नहीं, जब आपका प्यारा पालतू जानवर निगम की डॉग कैचर वैन में बैठा होगा और आपको जुर्माना भरने के लिए दौड़ना पड़ेगा।

नगर निगम ने रजिस्ट्रेशन शुल्क देसी नस्ल के लिए ₹100 प्रति वर्ष और विदेशी नस्ल के लिए ₹500 प्रति वर्ष रखा है। पंजीकरण ‘मेरा आगरा’ एप के माध्यम से ऑनलाइन या नगर निगम कार्यालय में ऑफलाइन भी करवाया जा सकता है।


क्यों ज़रूरी है रजिस्ट्रेशन? रैबीज-फ्री आगरा और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण

पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने इस अभियान की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया, “नगर निगम का यह अभियान सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह शहर के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रजिस्ट्रेशन से पालतू कुत्तों का एक सटीक रिकॉर्ड बनेगा, जिससे रैबीज जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम, समय पर टीकाकरण और आपात स्थिति (जैसे कुत्ते के काटने) में उसकी पहचान करना आसान हो जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि आगरा न सिर्फ साफ-सुथरा और स्मार्ट बने, बल्कि एक रैबीज-फ्री और पेट-फ्रेंडली सिटी के रूप में भी पहचाना जाए। मगर, जब तक पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, तब तक कोई भी योजना आगे नहीं बढ़ सकती।”


भविष्य की योजनाएं डेटा पर निर्भर: पेट-फ्रेंडली पार्क और बेहतर सुविधाएं

नगर निगम आगे चलकर शहर में पेट-फ्रेंडली पार्क, डॉग वॉकिंग एरिया, और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की योजना बना रहा है। लेकिन इन सुविधाओं को लागू करने के लिए यह जानना बेहद ज़रूरी है कि शहर में कितने पालतू जानवर हैं, और यह तभी संभव है जब सभी का रजिस्ट्रेशन हो।

आप आजकल सोशल मीडिया पर कुत्तों के हमलों और रैबीज से हुई मौतों के बारे में देख रहे होंगे। यह सब पालतू जानवरों के मालिकों की सुविधा और बाकी लोगों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है, इसलिए इन नियमों का पालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है।


नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का कड़ा संदेश

नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शहरवासियों को संबोधित करते हुए कहा, “पालतू जानवर पालना आपकी आज़ादी है, लेकिन उनकी जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है। समय पर रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि न जुर्माना लगे, न जानवर जब्त हो, और साथ ही शहर को एक स्वस्थ, सुरक्षित और पेट-फ्रेंडली माहौल मिल सके।”

तो, देर न करें। अपने प्यारे पालतू जानवर का रजिस्ट्रेशन जल्द से जल्द करवा लें, ताकि आप किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई और आर्थिक जुर्माने से बच सकें, और आगरा को एक सुरक्षित और स्वस्थ शहर बनाने में अपना योगदान दे सकें।

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