Agra

मेयर-नगरायुक्त के घर ‘वाटरप्रूफ VIP ट्रीटमेंट’: पूरा आगरा डूबा, पर उनके बंगले के बाहर लगी ‘स्पेशल मोटर’!”

आगरा। पूरा आगरा शहर मूसलाधार बारिश से पानी-पानी हो गया है, सड़कें तालाब बन चुकी हैं, लेकिन शहर के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के घर के बाहर का नजारा कुछ और ही बयां करता है। जहाँ आम जनता 15 घंटे से अधिक समय से पानी में फंसी हुई है और ₹4.80 करोड़ की नई बनी सड़क पहली बारिश में ही धंस गई है, वहीं आगरा की मेयर हेमलता दिवाकर और नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल के घरों के बाहर जल निकासी की “वीआईपी” व्यवस्था की गई है। नगरायुक्त के बंगले के ठीक सामने तो पानी निकालने के लिए एक खास पंप सेट लगाया गया है, ताकि साहब के घर के बाहर एक बूंद पानी भी न ठहरे!


मेयर के पड़ोस में ‘पानी का तांडव’, लोग बोले – “मेयर ने सिर्फ अपना-अपना देखा!”

मेयर हेमलता दिवाकर का घर आवासविकास सेक्टर 16 के पॉश इलाके में है। उनके निवास के पास भले ही सब ठीक हो, लेकिन उससे महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित पुष्पांजलि गार्डेनिया अपार्टमेंट और आस-पास की गलियों में लोग नरक जैसी जिंदगी जी रहे हैं। बुधवार शाम की बारिश का पानी गुरुवार को भी सड़कों और गलियों में भरा रहा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे 15 घंटे से नगर निगम के अधिकारियों का इंतजार कर रहे हैं। बंगाली पान-मसाले की दुकान के पास के गड्ढों में भरे पानी से आए दिन हादसे होते हैं।

स्थानीय लोगों ने गुस्से में मेयर पर आरोप लगाया, “शहर में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। मेयर का घर पास में होने के बावजूद उन्होंने हमारी समस्या का समाधान नहीं किया। मेयर ने सिर्फ अपना-अपना देखा, जनता की परेशानियों को नजरअंदाज किया।”


नगरायुक्त के बंगले पर ‘VIP सेवा’: जनता को जाम और बच्चों को जान का खतरा

नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल के घर के पास भी स्थिति ऐसी ही है, पर अंतर साफ है। सिकंदरा स्थित गुरु के ताल के सामने हाईवे पर जलभराव है, जिससे मेट्रो का काम भी प्रभावित हो रहा है और लोग जाम में फंस रहे हैं। बच्चों को जान जोखिम में डालकर बीच हाईवे से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है।

लेकिन, नगरायुक्त के घर के ठीक सामने का नजारा देखिए! नगर निगम ने उनके बंगले के सामने पानी भरने से रोकने के लिए विशेष पंप सेट लगा रखा है। यानी, शहर डूबे तो डूबे, लेकिन “साहब के घर के आगे पानी कैसे भर सकता है!”

यह तस्वीर साफ दिखाती है कि जहाँ आम नागरिक बारिश से त्रस्त है, वहीं प्रशासन के प्रमुख लोगों के लिए “अपना काम बनता, भाड़ में जाए जनता” की नीति अपनाई जा रही है।

गुरू के ताल के सामने हाईवे पर जलभराव
जल निकासी के लिए नगर आयुक्त के घर के सामने लगा पंप सेट

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