आगरा में ‘लेडी सिंघम’ CDO का हंटर: तेज-तर्रार IAS प्रतिभा सिंह ने रोका BSA का वेतन, मीटिंग रद्द कर दिया भ्रष्टाचार का संदेश!
आगरा। आगरा में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रतिभा सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) जितेंद्र कुमार गोंड का वेतन रोक दिया है और जिला टास्क फोर्स (DTF) की एक महत्वपूर्ण बैठक भी रद्द कर दी। अपने तेज-तर्रार और ‘लेडी सिंघम’ जैसे अंदाज के लिए जानी जाने वाली IAS प्रतिभा सिंह ने यह एक्शन BSA पर लापरवाही और भ्रष्टाचार की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
मीटिंग में ‘गायब’ हुईं महत्वपूर्ण सूचनाएं, CDO का पारा हाई!
विकास भवन सभागार में CDO प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग की DTF की बैठक होनी थी। पिछली कई बैठकों में CDO ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मृतक आश्रित नियुक्ति और निलंबित शिक्षकों की बहाली से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं बैठक की बुकलेट में शामिल की जाएं।
लेकिन, हैरानी की बात यह है कि BSA जितेंद्र कुमार गोंड द्वारा ये जरूरी जानकारी बुकलेट में शामिल नहीं की गई। इसे देखते ही CDO प्रतिभा सिंह का पारा चढ़ गया। उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए न केवल बैठक को तुरंत स्थगित कर दिया, बल्कि BSA को सभी सूचनाओं के साथ नई रिपोर्ट तैयार करने का सख्त आदेश भी दिया।
‘मोटी वसूली’ के आरोपों पर सीधा वार: वेतन रोकने का फरमान!
CDO प्रतिभा सिंह के इस कड़े कदम के पीछे BSA पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप भी हैं। बताया जा रहा है कि अध्यापकों के निलंबन और बहाली में BSA द्वारा ‘मोटी धनराशि वसूलकर अपने चहेते शिक्षकों को मनमानी जगह बहाली देने’ की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
जब इन आरोपों से संबंधित दस्तावेज जांच समिति को उपलब्ध नहीं कराए गए, तो CDO ने बिना किसी देरी के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का वेतन रोकने का आदेश दे दिया। आदेश में साफ कहा गया है कि जब तक सभी आवश्यक अभिलेख जमा नहीं किए जाते, वेतन जारी नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है जो अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
कौन हैं IAS प्रतिभा सिंह? ‘जीरो टॉलरेंस’ वाली अधिकारी!
प्रतिभा सिंह 2020 UPSC बैच की एक युवा और बेहद प्रभावशाली IAS अधिकारी हैं। आगरा में मुख्य विकास अधिकारी का पदभार संभालने के बाद से ही वह अपने सख्त निर्णयों, त्वरित कार्रवाई और ‘जीरो टॉलरेंस’ रवैये के लिए चर्चा में रही हैं।
- अमरोहा में अवैध प्लाटिंग पर प्रहार: अमरोहा में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रहते हुए प्रतिभा सिंह ने बिना लेआउट पास कराए काटे जा रहे प्लाटों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर भू-माफियाओं में हड़कंप मचा दिया था। यह उनकी निडर कार्यशैली का पहला बड़ा उदाहरण था।
- प्रोटोकॉल पर अडिग: हाल ही में एक कार्यक्रम में प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान से उनकी नाराजगी की खबरें आई थीं। इससे यह साफ हो गया था कि प्रतिभा सिंह नियमों और प्रोटोकॉल को लेकर कोई समझौता नहीं करतीं।
- जन शिकायत निवारण पर जोर: आगरा में पदभार संभालने के बाद से ही उन्होंने सभी विभागों को यह सख्त निर्देश दिया है कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनका समय पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।