आगरा की ‘लाइफलाइन’ MG रोड बदहाल: गड्ढों का राज, घंटों का जाम और बारिश में जलभराव से लोग बेहाल!
आगरा। कभी शहर की शान और लाइफलाइन कही जाने वाली एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) अब आगरावासियों के लिए सिरदर्द बन गई है। जगह-जगह बने गड्ढे, मेट्रो निर्माण के कारण संकरी हो चुकी लेन और बारिश के दिनों में भारी जलभराव ने इस व्यस्ततम सड़क को बदहाल कर दिया है। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर जाकर जो स्थिति देखी, वह चिंताजनक है।
भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक बदहाली का आलम
एमजी रोड पर भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक लगभग पूरे मार्ग पर गड्ढों और लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो परियोजना के चलते सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। ऊपर से सड़क की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह गहरे गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते सफर को बेहद मुश्किल बना देते हैं।
हर दिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन विशेष रूप से सुबह ऑफिस और स्कूल-कॉलेज के समय और शाम को घर लौटते समय ट्रैफिक जाम चरम पर होता है। सैंट जॉन्स चौराहे और सूरसदन चौराहे से पहले भी सड़क की स्थिति बेहद खराब है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश में और बिगड़ते हालात, सिर्फ खानापूर्ति का पैचवर्क
बारिश होने पर एमजी रोड की हालत और भी बदतर हो जाती है। गड्ढे पानी से भर जाते हैं और सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों दोनों को परेशानी होती है। हादसों का डर हमेशा बना रहता है।
सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं दिख रहा है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। राजा मंडी चौराहे पर भी ऐसा ही पैचवर्क देखा गया, जो बारिश में फिर से धुल जाता है।
मेट्रो परियोजना बेशक शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन जब तक इसके साथ यातायात प्रबंधन और सड़कों की उचित मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक शहरवासियों की मुश्किलें कम नहीं होंगी। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि शहर की लाइफलाइन को फिर से सुचारु बनाया जा सके।