आगरा पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल: नेशनल चैंबर में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ दिए, क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी का भी करेंगी उद्घाटन
आगरा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार दोपहर आगरा पहुंचीं। शहर आगमन पर मेयर हेमलता दिवाकर और पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने साफा पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। राज्यपाल ने अपने दौरे की शुरुआत नेशनल चैंबर के स्थापना दिवस कार्यक्रम से की, जहाँ उन्होंने 6 अध्यक्षों को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया।
“भारत एक अर्थव्यवस्था नहीं, रोल मॉडल बन गया है”: राज्यपाल
नेशनल चैंबर के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आगरा जैसी ऐतिहासिक नगरी व्यापार के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रही है और देश के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने इस गौरवशाली अवसर पर पूर्व अध्यक्षों और व्यापारियों को धन्यवाद दिया, जो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
राज्यपाल ने जोर देकर कहा, “भारत एक अर्थव्यवस्था नहीं, एक रोल मॉडल बन गया है। भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व दे रहा है।” उन्होंने बताया कि देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं, और आज का युवा नए विचारों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “आई लव यू युवा को रोजगार मिल रहा है, यह किसी क्रांति से कम नहीं है।” राज्यपाल ने सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार पूरी नीयत और नीति से इस दिशा में काम कर रही है और उन्हें समाजसेवियों और उद्योगों का सहयोग चाहिए। उन्होंने सभी से भारत सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का आह्वान किया।
इन दिग्गजों को मिला ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यक्रम में केके पालीवाल, शांति स्वरूप गोयल, अमरनाथ गोयल, राजकुमार अग्रवाल, प्रेम सागर अग्रवाल, प्रदीप कुमार और अतुल कुमार गुप्ता को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए।
इस कार्यक्रम के बाद, राज्यपाल ब्रिटिश समय की क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी का उद्घाटन करेंगी, जिसका 3.30 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया गया है। इसमें अब डिजिटल लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। वर्ष 1911 में स्थापित यह लाइब्रेरी अब 19 कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा के साथ पुनः शुरू हो गई है, और 100 से अधिक लोग इसके सदस्य बन चुके हैं।
राज्यपाल विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगी। बुधवार रात को वे यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में ही रुकेंगी और 31 जुलाई को सुबह प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विद्यालयों के प्रिंसिपलों के साथ बैठक करने के बाद इटावा के लिए रवाना होंगी।