अनिरुद्धाचार्य के ‘विवादित बयान’ पर महिला आयोग आग-बबूला: अध्यक्ष बोलीं- ‘बुद्धि नहीं या शोहरत संभाल नहीं पा रहे, आयोग लेगा संज्ञान!’
आगरा। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य द्वारा युवतियों को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर अब उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अनिरुद्धाचार्य के बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा है कि “या तो उनमें बुद्धि नहीं है या फिर उन्हें कम उम्र में शोहरत मिल गई है, जो वो संभाल नहीं पा रहे हैं।” महिला आयोग ने उनके बयान का संज्ञान लेने की बात कही है।
’25 की अविवाहित का चरित्र ठीक नहीं, 14 में शादी कर दो’ – बयान पर बवाल
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब मथुरा जिले के वृंदावन स्थित गौरी गोपाल आश्रम में एक धार्मिक आयोजन के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कथित तौर पर कहा कि “25 वर्ष की अविवाहित लड़कियों का चरित्र ठीक नहीं होता। लड़कियों की शादी 14 वर्ष की उम्र में ही कर देनी चाहिए, इससे वे परिवार में अच्छे से घुल मिल जाएंगी।” उनके इस बयान पर देशभर में, विशेषकर महिलाओं और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है।
महिला आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान का तीखा हमला: “विनाशकाल विपरीत बुद्धि”
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणी की घोर निंदा करते हुए कहा है कि “उन्होंने महिलाओं और बेटियों को लेकर बेहद हल्की बात की है। कोई भी इतनी गंदी और घटिया भाषा का प्रयोग नहीं कर सकता है।” उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि व्यासपीठ पर बैठकर इतने बड़े कथावाचक ऐसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, जबकि उन्हें सुनने हजारों की भीड़ आती है, जिसमें 80 फीसदी महिलाएं होती हैं।
चौहान ने आगे कहा, “या तो उनमें बुद्धि नहीं है या कम उम्र में इतनी शोहरत मिल गई कि उनकी समझ नहीं आ रहा कि उसका उपयोग कैसे करें।” उन्होंने अनिरुद्धाचार्य के लिए बस इतना कहा कि “विनाशकाल विपरीत बुद्धि।”
बबीता चौहान ने साफ कहा कि उनके द्वारा महिलाओं के लिए इससे ज्यादा घटिया शब्दों का चयन नहीं हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा, “आयोग की ओर से हम इसका संज्ञान लेंगे। इस पर जो भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, वह होगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल माफी मांग लेना कोई समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि वो खुद भी कथावाचकों के मंच पर जाकर बच्चियों से आह्वान करती हैं कि कथा सुनने आएं, ऐसे में ऐसे कथावाचकों की गलती स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अनिरुद्धाचार्य के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की।