St. Peter’s Principal on Stress: पढ़ाई के दबाव पर फादर एल्विन पिंटो बोले- ‘बच्चों में सहने की शक्ति कम हुई’

St. Peter’s कॉलेज के प्रिंसिपल फादर एल्विन पिंटो ने मानसिक स्वास्थ्य पर कहा कि आजकल बच्चों में सहने की शक्ति कम हो गई है। स्कूल स्ट्रेस कम करने के लिए तुरंत काउंसलर की मदद लेता है। उन्होंने रिजल्ट की दौड़ में शिक्षकों के प्रति घटते सम्मान पर भी चिंता जताई और असेंबली के माध्यम से छात्रों को संस्कार दिए जाने की बात कही।

आगरा के ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के शीर्ष स्कूलों में शुमार सेंट पीटर्स कॉलेज के प्रिंसिपल फादर एल्विन पिंटो ने हाल ही में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक दबाव जैसे ज्वलंत विषयों पर विस्तार से बात की। यह बातचीत हाल ही में जयपुर में स्कूल की छत से कूदने वाली बच्ची की दुखद घटना की पृष्ठभूमि में हुई, जिसने शिक्षा जगत में भारी चिंता पैदा कर दी है।


सवाल 1: बच्चों पर परफॉर्मेंस का प्रेशर और स्कूल की पहल

सवाल: हाल ही में जयपुर में एक बच्ची के स्कूल की छत से कूदने की घटना हुई है। आपको क्या लगता है कि आजकल बच्चों पर पढ़ाई और परफॉर्मेंस का बहुत ज़्यादा प्रेशर है? इस प्रेशर को कम करने के लिए सेंट पीटर्स कॉलेज, आगरा, क्या कदम उठा रहा है?

फादर एल्विन पिंटो का जवाब: “ऐसी हृदय विदारक घटनाएँ वाकई दुखद हैं। ऐसी घटनाएँ संस्था में या कहीं भी बिल्कुल नहीं होना चाहिए। आजकल के बच्चों में सहनशक्ति (Tolerance) की बहुत कमी हो चुकी है। अगर हमें इस तरह के बच्चे मिलते हैं, जो तनाव में हैं, तो हम उन्हें तुरंत काउंसलर के पास भेजते हैं। साथ ही, पेरेंट्स को भी उनके साथ कंपनी में करते हैं, ताकि उनकी समस्या को सही समय से एड्रेस (Address) किया जा सके।


सवाल 2: असफलता का डर और बच्चों को मोटिवेट करने के स्टेप्स

सवाल: कई बार बच्चे सोचते हैं कि नंबर कम आएँगे तो टीचर और पेरेंट्स नाराज होंगे, उनको समझा नहीं जाएगा। उन बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूल क्या स्टेप्स उठाता है?

फादर एल्विन पिंटो का जवाब: “आजकल बच्चों के ऊपर बहुत प्रेशर है। कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की दौड़ है, कट-थ्रोट कंपीटीशन्स हैं। स्कूल के बाद फिर ट्यूशन और कोचिंग का प्रेशर आ जाता है। हम कोशिश करते हैं कि इन्हें मोटिवेट करें। हम ऐसे बच्चों को समय-समय पर देखते रहते हैं और उन्हें यह बताया जाता है कि स्ट्रेस कम करने के लिए कौन से स्टेप्स जरूरी हैं।”


सवाल 3: शिक्षकों के प्रति सम्मान और रिजल्ट ओरिएंटेड माहौल

सवाल: आजकल टीचर्स के प्रति पेरेंट्स का और फिर पेरेंट्स को देखकर बच्चों का व्यवहार बहुत चेंज हो गया है। जो सम्मान टीचर्स डिज़र्व करते हैं, वह उन्हें नहीं मिल पा रहा है। ऐसे रिजल्ट ओरिएंटेड माहौल में स्कूल बच्चों को सही रास्ते पर कैसे लाता है?

फादर एल्विन पिंटो का जवाब: “यह तो सही है कि आजकल रिस्पेक्ट कम हो गया है। लेकिन हम बच्चों को असेंबली के समय अवगत कराते हैं और बताते हैं कि सम्मान (Respect) क्यों जरूरी है। क्योंकि अगर जिंदगी में कुछ सीखना है, तो बड़ों का आदर सम्मान करना और उनसे सीखना बहुत जरूरी है। उनके पैर छूकर उनसे आशीष पाना और अपने आपको छोटा बनाना बहुत जरूरी है। यह सब चीज़ें उनको समय-समय पर बताई जाती हैं, जिससे बड़े और खास कर टीचर्स के प्रति बच्चे सम्मान रखें।

Abhimanyu Singh

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