सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने 130वें संविधान संशोधन विधेयक को बताया ‘तानाशाही’, केंद्र पर साधा निशाना

आगरा। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे 130वें संविधान संशोधन विधेयक की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस विधेयक को ‘तानाशाही’ और ‘प्रतिपक्षी नेताओं को प्रताड़ित करने वाला औजार’ बताया।

शनिवार को आगरा में एक प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यह विधेयक पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विचारों पर चल रही है, जिसका आदर्श हिटलर है।


विधेयक पर सपा का विरोध क्यों?

सपा सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी इस विधेयक का पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने बताया कि इस विधेयक के अनुसार, अगर किसी मुख्यमंत्री या मंत्री को 5 साल या उससे अधिक की सजा वाले मामले में 30 दिन तक जेल में रहना पड़ता है, तो उसे उसके पद से हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान विशुद्ध रूप से तानाशाही है, क्योंकि यह विपक्ष की सरकारों को हटाने का एक साधन मात्र है।

सुमन ने यह भी कहा कि विधेयक में प्रधानमंत्री को हटाने का प्रावधान भी है, लेकिन यह मात्र दिखावा और अव्यवहारिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोर्ट किसी को दोषी ठहराने के लिए है, तो सरकार खुद यह फैसला कैसे ले सकती है?


ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप

रामजीलाल सुमन ने पिछले 10 सालों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन 10 सालों में विपक्ष के 193 नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें से सिर्फ 2 पर ही दोष सिद्ध हो पाया है। इससे यह साफ होता है कि मोदी सरकार अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ इन एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन 25 बड़े नेताओं पर आर्थिक अपराधों के मुकदमे चल रहे थे, उन्हें भाजपा में शामिल कराया गया और 23 नेताओं के खिलाफ चल रहे मुकदमों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वाकई पारदर्शी है, तो उसे विधेयक में यह लाइन भी जोड़नी चाहिए थी कि झूठा केस दर्ज कराने वालों पर भी कार्रवाई होगी।


कौन हैं रामजीलाल सुमन?

रामजीलाल सुमन समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे हैं। उन्होंने 26 साल की उम्र में पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था। वे कई बार लोकसभा और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं।

Abhimanyu Singh

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