
आगरा। आगरा में सोमवार को मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आगरा स्मार्ट सिटी की 38वीं बोर्ड बैठक हुई। इस बैठक में सभी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई। इस दौरान शहर में किराए पर साइकिल लेकर घूमने के लिए शुरू किया गया प्रोजेक्ट फेल होने के कारण उसे बंद करने का निर्णय लिया गया।
प्रदूषण और चालान पर सख्ती
मंडल आयुक्त ने यातायात व्यवस्था और प्रदूषण नियंत्रण पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी द्वारा लगाए गए 63 एटीसीएस जंक्शनों में से 13 जंक्शन अभी भी ब्लिंक मोड पर चल रहे हैं। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया कि वीआईपी आगमन के अलावा अन्य दिनों में ज्यादा से ज्यादा जंक्शन एडेप्टिव मोड पर चलाए जाएं।
बैठक में यह भी सामने आया कि प्रदूषण सूचकांकों के डेटा में विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, जहां एक्यूआई (AQI) लेवल ज्यादा है, वहां कारण का पता लगाकर तुरंत समाधान करने के लिए कहा गया है।
स्मार्ट सिटी के कैमरों से होने वाले चालानों की संख्या भी उम्मीद से कम पाई गई। इस पर एडीसीपी ट्रैफिक को मैनपावर बढ़ाने और चालानों की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘मेरा आगरा’ ऐप को बढ़ावा देने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि ‘मेरा आगरा’ ऐप को अब तक लगभग 20 हजार यूजर्स ने डाउनलोड किया है। इस ऐप पर शहर में होने वाले इवेंट्स, स्मारकों की टिकट बुकिंग और नगर निगम की सेवाओं का लाभ उठाया जा रहा है। मंडल आयुक्त ने निर्देश दिए कि इस ऐप का और अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए और नगर निगम की अन्य सुविधाओं को भी इस पर जोड़ा जाए।
बैठक में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल, आगरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अरुन्मौक्षी सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। सभी अधिकारियों को स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा कर संबंधित विभागों को सौंपने का निर्देश दिया गया है।