पढ़िए नेताजी की आपबीती, विस्तृत जानकारी: कान में सटाकर भाजपा नेता को मारी गोली, ‘आज मेरा भेजा उड़ जाता!’, लहूलुहान हालत में खुद ही 500 मीटर चलकर थाने पहुंचे सुमित दिवाकर

आगरा। आगरा में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने शहर के सबसे व्यस्त इलाके में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला कर दिया। बुधवार देर रात शाह मार्केट में अंडे खाने गए भाजपा नेता और डेयरी व्यवसायी सुमित दिवाकर को तीन हमलावरों ने कान में सटाकर गोली मार दी। गोली चमत्कारी रूप से उनके कान को छूकर निकल गई, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। गोली लगने के बाद सुमित बेहोश हो गए, लेकिन होश आने पर वह लहूलुहान हालत में खुद ही 500 मीटर दूर हरीपर्वत थाने पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया, “अगर, मेरा हाथ नहीं लगता तो मेरा भेजा उड़ जाता।”


चश्मदीद सुमित दिवाकर की जुबानी: मौत को छूकर लौटे

“मैं शाह मार्केट काम से गया था। वहां से बाहर निकलकर अंडे खाने के लिए ठेले पर पहुंचा। वहां पहले से ही तीन युवक सोहेल, राजा और शाहरुख बैठे थे। मैं जैसे ही पहुंचा, पीछे से सोहेल ने मेरे कान पर तमंचा सटा दिया। मैं कुछ समझ पाता, इससे पहले ही मैंने पलटा और हाथ मारा। मेरा हाथ लगने से असलहे का मुंह थोड़ा दूसरी ओर हो गया और गोली के छर्रे मेरे कान को छूकर निकल गए। मैं खून से लथपथ होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। तब तक हमलावर भाग निकले।” यह खौफनाक दास्तान भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक सुमित दिवाकर ने पुलिस और भास्कर को सुनाई।

यह पूरा मामला बुधवार रात करीब 11:30 बजे आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र के शाहपुर का है, जो शहर के अति-व्यस्त एमजी रोड से सटा हुआ है।


बेहोशी से होश में आए और खुद ही पहुंचे थाने तक

सुमित दिवाकर ने बताया कि गोली लगने के बाद वे जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए थे। हमलावरों के भाग जाने के बाद कुछ लोग ठेले के पास पहुंचे और उनके चेहरे पर पानी डाला। कुछ देर बाद होश आने पर वह किसी की मदद का इंतजार किए बिना ही घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित थाना हरीपर्वत तक पैदल चलकर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

उन्होंने बताया कि हमलावर युवक की आहट से वह सतर्क हो गए थे। “मुझे लगा कि मेरे कान में चींटी रेंग रही है। इसी कारण मैंने कान के पास हाथ मारा और पीछे की तरफ घूम गया। जिससे तमंचे की गोली की दिशा मुड़ गई और मैं बच गया।” गोली की आवाज सुनकर ठेले के आसपास खड़े लोगों में भी भगदड़ मच गई थी।


हमले की वजह: राजनीतिक रंजिश और पुरानी धमकी का शक, ‘विशेष समुदाय’ से ताल्लुक

सुमित दिवाकर ने इस हमले के पीछे राजनीतिक रंजिश और पुरानी दुश्मनी का शक जताया है। उन्होंने भास्कर को बताया कि “मेरी आरोपियों से कोई दुश्मनी नहीं है। हो सकता है मेरी राजनीति के कारण नाराज हों।”

उन्होंने साफ आरोप लगाया कि गोली मारने वाले आरोपी जज कंपाउंड निवासी सोहेल, राजा और शाहरुख विशेष समुदाय से आते हैं। सुमित ने बताया कि आरोपी मुस्तफा क्वार्टर निवासी सोहेल के मामा चांद ने दो महीने पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। उस समय बजरंग दल के एक कार्यकर्ता सोनू से उन लोगों का झगड़ा हुआ था, और सुमित ने सोनू का साथ दिया था। चांद ने उन्हें फोन कर धमकी दी थी कि “मैंने मर्डर किए हैं। मैं हरेंद्र राणा के साथ रहता हूं।” तब सुमित ने पुलिस में इसकी शिकायत की थी और धमकी की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी थी। उस समय पुलिस ने दो लोगों को शांतिभंग में पकड़ा था, लेकिन चांद पुलिस के हाथ नहीं आया था। सुमित का आरोप है कि चांद के कहने पर ही सोहेल ने उन पर यह हमला किया होगा।


अवैध कब्जे का आरोप और पुलिस कार्रवाई

सुमित दिवाकर ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी जज कंपाउंड के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने यहां पर लगभग 15-20 मकान बना लिए हैं और पुलिस-प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए कि ये लोग कौन हैं और कहां से आए हैं।

डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि भाजपा नेता सुमित दिवाकर की शिकायत पर हमलावरों के खिलाफ रात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और सभी संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस घटना ने आगरा में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर एमजी रोड जैसे पॉश इलाके में, जहां सुरक्षा और कैमरों की मौजूदगी रहती है।

admin

Related Posts

हरियाणा चुनाव में पंजाबी प्रत्याशियों की जीत पर आगरा में खुशी, पंजाबी सभा अध्यक्ष सर्व प्रकाश कपूर ने बढ़ाई भागीदारी की मांग

आगरा। हरियाणा नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत और चार पंजाबी प्रत्याशियों की कामयाबी ने आगरा के पंजाबी समाज में खुशी की लहर ला दी है।…

आगरा के साहित्यकार शरद गुप्त ‘शरद’ को मिला प्रतिष्ठित ‘राजेंद्र यादव हंस सम्मान’, शहर से पहले साहित्यकार

आगरा। आगरा के लिए यह गर्व का क्षण है। साहित्य जगत की प्रतिष्ठित ‘हंस’ पत्रिका द्वारा मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर स्थापित ‘राजेंद्र यादव हंस सम्मान समारोह 2025’ में शहर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *