लखनऊ। योगी सरकार में समाज कल्याण विभाग के मंत्री असीम अरुण के निजी सचिव जयकिशन सिंह को शायद यह गुमान था कि मंत्री का पीएस होने के नाते वह कुछ भी कर सकता है। लेकिन, उसे अंदाजा नहीं था कि जिस मंत्री के साथ वह काम कर रहा था, वही उसे अश्लील हरकत के आरोप में गिरफ्तार करवा देगा। गुरुवार को समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय में तैनात एक महिला कर्मी से अश्लील हरकत करने के आरोप में मंत्री असीम अरुण ने खुद पुलिस बुलाकर जयकिशन सिंह को गिरफ्तार करवाया।
अंधेरे में था आरोपी: मंत्री ने नहीं बर्दाश्त की मनमानी
पीड़ित महिला ने रोते हुए सीधे मंत्री असीम अरुण से अपने निजी सचिव जयकिशन सिंह की हरकतों के बारे में बताया। महिला इतनी व्यथित थी कि वह मंत्री के सामने फूट-फूटकर रोने लगी। उसने बताया कि जयकिशन लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था और अश्लील हरकतें करता था।
महिला की पीड़ा सुनने के बाद, पूर्व IPS अधिकारी रहे मंत्री असीम अरुण ने उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने साफ कहा, “इस तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराध करने वाला चाहे मेरा पर्सनल सेक्रेटरी हो या कोई और…”
दोपहर करीब साढ़े 3 बजे मंत्री असीम अरुण कार्यालय पहुंचे और जयकिशन से इस बारे में पूछा, तो वह बहाने बनाने लगा। मंत्री ने तत्काल कार्यालय से ही पुलिस को फोन कर दिया और गोमतीनगर थाने से पुलिस बल बुलाकर जयकिशन को गिरफ्तार करवा दिया। पुलिस ने महिला की तरफ से निजी सचिव के खिलाफ मंत्री के सामने ही तहरीर दिलवाई और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
आरोपी अब पुलिस हिरासत में
आरोपी जयकिशन सिंह विभाग में समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत है और मूल रूप से प्रयागराज का रहने वाला है। गोमतीनगर इंस्पेक्टर बृजेंद्र चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी निजी सचिव जय किशन सिंह को थाने लाया गया है और महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यह घटना उन अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो पद का दुरुपयोग कर मनमानी करते हैं।

































































































