आगरा। आगरा के जूता उद्योग को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि जीएसटी काउंसिल की आगामी 2-4 सितंबर को होने वाली बैठक में ₹2500 तक के जूतों पर जीएसटी दर को 12-18% से घटाकर 5% किए जाने की प्रबल संभावना है।
फैडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि इस मांग को लेकर 25 अगस्त को लखनऊ में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की गई थी, जिन्होंने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब इसे जीएसटी काउंसिल की बैठक में अंतिम निर्णय के लिए रखा जाएगा।

GST दर बढ़ने से 1085 व्यापारियों ने रद्द कराए थे पंजीकरण
विजय सामा ने कहा कि जीएसटी दर में वृद्धि के कारण आगरा में ही 1085 व्यापारियों ने अपने जीएसटी पंजीकरण रद्द करा दिए थे। इसका सीधा असर हजारों परिवारों पर पड़ा, क्योंकि आगरा का जूता उद्योग करीब साढ़े तीन लाख परिवारों की आजीविका से जुड़ा है, जिसमें बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के लोग शामिल हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा प्रभाव एमएसएमई सेक्टर की माइक्रो यूनिट्स पर पड़ा, जिनका टर्नओवर 5 करोड़ रुपये तक है। जीएसटी दर में प्रस्तावित कटौती से न केवल कारोबार को राहत मिलेगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्रेस वार्ता में दिलप्रीत सिंह, अजय महाजन (गब्बर भाई), हितेश वरियानी सहित कई व्यापारी मौजूद थे, जिन्होंने सरकार के इस संभावित कदम का स्वागत किया।


































































































