आगरा। बटेश्वर तीर्थ धाम में आई यमुना नदी की बाढ़ ने जहां एक तरफ घाटों और मंदिरों को नुकसान पहुँचाया है, वहीं एक गरीब मजदूर परिवार की आजीविका भी छीन ली है। बाढ़ की चपेट में आने से सुखदेव उर्फ बिहारी का लकड़ी का छोटा खोखा बह गया, जिससे उनकी छोटी सी दुकान और सारा सामान पूरी तरह से खराब हो गया।
सुखदेव ने बताया कि उनका यह खोखा ही परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र जरिया था। अब उनके सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उनकी आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी और उनकी पत्नी भी अक्सर बीमार रहती हैं। अब एक तरफ पत्नी के इलाज का खर्च है और दूसरी तरफ बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी।
बाढ़ पीड़ित सुखदेव का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि यमुना की बाढ़ एक ही झटके में उनसे सबकुछ छीन लेगी। अब उन्हें परिवार के भविष्य की चिंता सता रही है और वे मदद की आस लगाए बैठे हैं।

































































































