DPS AGRA परिसर में बाल दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शिक्षकों द्वारा आयोजित रंगारंग कार्यक्रम में प्रेरणादायक भाषण, मधुर संगीत, भरतनाट्यम और स्क्रीन टाइम कम करने पर ज़ोर देता एक हास्यप्रद नाटक प्रस्तुत किया गया। प्रिंसिपल आर.के. पांडे ने छात्रों को जिम्मेदारी के साथ बचपन जीने का संदेश दिया।
स्कूल परिसर में बाल दिवस का उत्सव अपार उत्साह और जीवंतता के साथ मनाया गया, जिसने पूरे कैंपस को खुशी और रोमांच से भर दिया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से शिक्षकों द्वारा प्यार और समर्पण के साथ तैयार और प्रस्तुत किया गया था, जो छात्रों के प्रति उनके स्नेह और गहरे सम्मान को दर्शाता है। कार्यक्रम के हर सेगमेंट ने इस उत्सव को एक यादगार अनुभव बना दिया।
प्रेरणा और संस्कृति का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत एक प्रेरणादायक संबोधन से हुई, जिसने बचपन की सुंदरता पर प्रकाश डाला और छात्रों को जिज्ञासा, दयालुता और आत्मविश्वास के साथ विकसित होने के लिए प्रोत्साहित किया।
- शिक्षकों द्वारा संगीत: इसके तुरंत बाद शिक्षकों द्वारा एक मधुर कोरस गायन (choir performance) प्रस्तुत किया गया, जिसने अपनी सद्भावपूर्ण और हार्दिक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- सांस्कृतिक प्रस्तुति: कार्यक्रम में एक सुंदर भरतनाट्यम नृत्य भी शामिल था, जिसने अपनी लालित्य और परंपरा को प्रदर्शित करते हुए इस अवसर को सांस्कृतिक समृद्धि प्रदान की।
हास्य के माध्यम से महत्वपूर्ण संदेश
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण (Highlight) एक विचारोत्तेजक नाटक (Skit) रहा, जिसने दर्शकों का ध्यान एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे की ओर आकर्षित किया।
- नाटक का विषय: नाटक ने आउटडोर शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर जोर दिया और अत्यधिक स्क्रीन टाइम को सीमित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
- प्रस्तुति: हास्य और रोजमर्रा की स्थितियों के माध्यम से, नाटक ने छात्रों को वास्तविक दुनिया की बातचीत, सक्रिय खेल और एक स्वस्थ जीवन शैली का आनंद लेने के लिए प्रेरित किया।
उत्सव एक जीवंत और मनोरंजक नृत्य प्रदर्शन के साथ जारी रहा, जिसने मस्ती, रचनात्मकता और उत्साह का अद्भुत मिश्रण पेश किया, जिससे दर्शक पूरी तरह से खुश हो गए।
प्रिंसिपल का प्रेरक समापन भाषण
कार्यक्रम का समापन प्रिंसिपल श्री आर. के. पांडे के एक प्रेरक भाषण के साथ हुआ।
- अध्यापकों की सराहना: प्रिंसिपल ने शिक्षकों के ईमानदार प्रयासों की सराहना की और बच्चों के प्रति उनके स्नेह के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
- छात्रों को संदेश: उन्होंने छात्रों से कृतज्ञता, खुशी और जिम्मेदारी के साथ अपने बचपन को संजोने का आग्रह किया।
बाल दिवस का यह उत्सव न केवल मनोरंजन का साधन था, बल्कि शिक्षकों के माध्यम से छात्रों को मूल्यों और जिम्मेदारी का संदेश देने का एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ।
































































































