
आगरा। आगरा में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित जर्जर और असुरक्षित स्कूलों को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि अब किसी भी जर्जर स्कूल में छात्रों की कक्षाएं नहीं लगेंगी। ऐसे सभी स्कूलों के बाहर बाकायदा चेतावनी के पोस्टर लगा दिए गए हैं।
298 स्कूल जर्जर, 141 ध्वस्त; बाकी 157 पर भी गिरेगी गाज
डीएम बंगारी ने सबसे पहले जर्जर स्कूलों का विस्तृत सर्वे और उसकी रिपोर्ट तलब की। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) जितेंद्र कुमार गौड़ ने बैठक में बताया कि आगरा के स्कूलों के मूल्यांकन और सत्यापन के बाद कुल 298 स्कूल अत्यंत जर्जर पाए गए हैं। इनमें से 141 स्कूलों को पहले ही ध्वस्त किया जा चुका है। शेष 157 स्कूलों के ध्वस्तीकरण के लिए तकनीकी समिति द्वारा मूल्यांकन प्राप्त हो चुका है, और जल्द ही इन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने सभी ब्लॉकों में खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और जेई (आरईएस) को शामिल करते हुए तत्काल प्रभाव से एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटी सभी परिषदीय स्कूलों के जर्जर, असुरक्षित और जोखिमपूर्ण भवनों का सत्यापन कर जल्द से जल्द अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
6 स्कूल किए गए शिफ्ट, छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता
छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले ही 6 स्कूलों को अत्यंत जर्जर भवन होने के कारण शिफ्ट कर दिया गया है। नगर खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इनमें कंपोजिट विद्यालय जगदीशपुरा, प्राथमिक विद्यालय नगला अजीता, कंपोजिट विद्यालय वजीर पुरा, प्राथमिक कन्या विद्यालय वजीरपुर, प्राथमिक विद्यालय ताजगंज और प्राथमिक विद्यालय पाकटोला शामिल हैं। इन स्कूलों के छात्रों को अब सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
जर्जर स्कूलों के बाहर लाल रंग से पेंट करके साफ चेतावनी लिखी गई है कि “यह भवन अत्यंत जर्जर है, इसमें कक्षाएं संचालित नहीं होंगी।” यह कदम छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के डीएम के संकल्प को दर्शाता है।