आगरा। आगरा में शस्त्र लाइसेंस के यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) में एक बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। यहां के असलहा बाबू ने पंजाब के गुरुदासपुर में रहने वाले एक व्यक्ति के नाम पर गलत UIN दर्ज कर दिया। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने असलहा बाबू प्रशांत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
छुट्टी के दिन कैसे इस्तेमाल हुई आईडी?
दरअसल, यह गड़बड़ी तब सामने आई जब गुरुदासपुर निवासी अर्जन सिंह के नाम पर UIN 295200034518182018 को अप्रैल 2025 में आगरा के आयुध कार्यालय से बदल दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि अर्जन सिंह का आगरा से कोई संबंध नहीं है।
मामला संज्ञान में आने के बाद ADM प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी को इसकी जांच सौंपी गई। उन्होंने असलहा बाबू प्रशांत कुमार से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि जिस दिन ये UIN दर्ज की गई, उस दिन वह छुट्टी पर थे। ऐसे में सवाल उठ खड़ा हुआ कि जब असलहा बाबू छुट्टी पर थे, तो पोर्टल की लॉगिन आईडी का पासवर्ड किसी दूसरे के पास कैसे पहुँचा, क्योंकि बिना पासवर्ड के पोर्टल की लॉगिन आईडी खुल ही नहीं सकती थी।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए DM ने असलहा बाबू प्रशांत कुमार को शुरुआती चरण में दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच ADM न्यायिक धीरेंद्र सिंह को सौंप दी गई है।
ओम प्रकाश सिंह की UIN से जुड़ा था मामला, एक और गड़बड़ी भी मिली
यह पूरा मामला जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में तैनात रहे ओम प्रकाश सिंह से जुड़ा है। उन्होंने 2010 में शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। सेवानिवृत्त होने के बाद वे झुंझुनू स्थित अपने पैतृक निवास आ गए। मई 2025 में जब वे अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने झुंझुनू के आयुध विभाग के कार्यालय पहुँचे, तो उन्हें पता चला कि उनके UIN पर गुरुदासपुर के अर्जन सिंह का नाम आगरा से चढ़ा दिया गया था।
ADM प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी ने बताया कि ओम प्रकाश सिंह ने लाइसेंस तो बनवा लिया था, लेकिन शस्त्र नहीं खरीदा था। जांच में एक नाम रेशम सिंह का भी सामने आया है, जिनकी UIN में भी इसी तरह की गड़बड़ी होने की जानकारी मिली है।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा, “असलहा बाबू को निलंबित कर दिया गया है। जांच चल रही है। गुरुदासपुर, ऊधमपुर और झुंझुनू के जिलाधिकारी से जवाब मांगा है जो कि अब तक नहीं मिला है।” यह मामला शस्त्र लाइसेंस प्रणाली में बड़े पैमाने पर धांधली की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी गहन जांच की आवश्यकता है।

































































































