
आगरा। सितंबर 2024 में हुई आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच के बाद 12 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बर्खास्त कर दिया गया है, जिन पर गलत निवास और आय प्रमाण पत्र लगाने के गंभीर आरोप थे। जिलाधिकारी (DM) अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है, जिससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सितंबर 2024 में निकली थी 469 पदों पर भर्ती, उठे थे सवाल
सितंबर 2024 में आगरा जिले में कुल 469 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों पर भर्ती निकाली गई थी, जिसके लिए हजारों की संख्या में आवेदन आए थे। वरिष्ठता सूची के आधार पर आवेदकों को साक्षात्कार के लिए विकास भवन बुलाया गया था। हालांकि, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद से ही इस पर लगातार सवाल उठ रहे थे।
54 शिकायतों में से 12 दोषी पाई गईं: फर्जी प्रमाण पत्रों का खेल
जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत पूरे विभाग पर मनमानी और ‘सुविधा शुल्क’ के आधार पर भर्ती करने के आरोप लगे थे। कई आवेदकों ने यह भी शिकायत की थी कि चयनित अभ्यर्थियों से उनके अंक अधिक थे, फिर भी उनका चयन नहीं हुआ।
शिकायतों में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं:
- एक विधवा महिला के मामले में आरोप था कि विधवा होने के बावजूद पति का निवास प्रमाण पत्र लगाया गया।
- कुछ मामलों में गलत ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण पत्र लगाए जाने की शिकायतें मिलीं।
- कई महिलाओं ने शादी होने के बाद भी अपने मायके का निवास प्रमाण पत्र लगाया, जिसे जांच में पकड़ा गया।
कुल मिलाकर, भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगभग 54 शिकायतें दर्ज की गई थीं।
DM के निर्देश पर एडीएम ने की जांच, रिपोर्ट के बाद बर्खास्तगी
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने इन सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला को जांच का जिम्मा सौंपा। शुभांगी शुक्ला ने शिकायतों के सभी बिंदुओं पर विस्तार से जांच की, जिसमें से कुल 12 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दोषी पाया गया।
एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला ने बताया, “जितनी शिकायतें आई थीं, उन सभी की जांच की गई। जांच में दोषी पाईं गईं सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सूची डीएम और सीडीओ को उपलब्ध करा दी गई है।”
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद, डीएम और सीडीओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 12 दोषी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बर्खास्त कर दिया। बर्खास्त की गई कार्यकर्ताओं का ब्लॉक-वार विवरण इस प्रकार है:
ब्लॉक का नाम | बर्खास्त आंगनबाड़ी की संख्या |
खंदौली | 2 |
फतेहाबाद | 3 |
बिचपुरी | 1 |
पिनाहट | 1 |
जैतपुर | 1 |
सैंंया | 2 |
शहरी क्षेत्र | 2 |
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इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन फर्जीवाड़े और गलत प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। इससे अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।