Agra News Today आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर सो रही महिला की 9 माह की बच्ची लापता हो गई। GRP ने CCTV से जांच कर बच्ची को झाड़ियों से गंभीर हालत में बरामद किया।
Agra News Today आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार देर रात एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जब स्टेशन परिसर में सो रही एक महिला की 9 माह की मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई। इस घटना से स्टेशन पर हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही जीआरपी (राजकीय रेल पुलिस) तुरंत सक्रिय हुई। जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्टेशन परिसर के सीसीटीवी फुटेज की मदद ली और बच्ची को कुछ ही देर में झाड़ियों में गंभीर हालत में बरामद कर लिया। इस गंभीर घटना ने रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
लापता बच्ची और जीआरपी का त्वरित एक्शन
घटना शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे की है। हाथरस जनपद के सादाबाद क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय महिला ने आगरा फोर्ट जीआरपी थाने में सूचना दी कि उसकी नौ माह की बेटी, जो उसके पास ही सो रही थी, अचानक बिस्तर से गायब है। सूचना मिलते ही एसपी रेलवे अनिल कुमार झा के निर्देश पर जीआरपी ने बिना देरी किए सर्च ऑपरेशन और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी।
फुटेज में एक संदिग्ध युवक बच्ची को प्लेटफॉर्म नंबर 6 की ओर ले जाता हुआ दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर जीआरपी की टीम ने तुरंत उस दिशा में गहन तलाशी अभियान चलाया। कुछ ही देर में बच्ची स्टेशन परिसर के पास स्थित झाड़ियों में अकेली पड़ी हुई मिली। बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे महिला अस्पताल और बाद में उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत एस.एन. मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जीआरपी की इस तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
मासूम की हालत नाजुक, इलाज जारी
बच्ची को शनिवार तड़के 2 बजे एस.एन. मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही है और उसके शरीर में खून की कमी (एनीमिया) भी पाई गई है। अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची की कई महत्वपूर्ण जांचें करवाई हैं। इन जांचों की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की वास्तविक स्थिति और उपचार की दिशा स्पष्ट हो पाएगी। बच्ची की जान बचाने के लिए डॉक्टर लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा घेरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मां का अतीत और पुरानी घटना
एसपी रेलवे अनिल कुमार झा ने इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा भी किया। उन्होंने बताया कि बच्ची के पिता के अनुसार, महिला 28 सितंबर से ही बिना बताए घर से लापता थी और परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि महिला पूर्व में भी कई बार बिना बताए घर से निकल चुकी है।
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व भी वह अपने तीन साल के बेटे के साथ आगरा आई थी और तब भी उसका बेटा आगरा फोर्ट स्टेशन से लापता हो गया था। उस वक्त भी जीआरपी ने ही कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को ढूंढ निकाला था। बार-बार एक ही स्टेशन से बच्चों का लापता होना और महिला का इस तरह घर छोड़ना, मामले को और अधिक जटिल बना देता है। पुलिस अब इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई गहरी साज़िश तो नहीं है या महिला की मानसिक स्थिति तो इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं।
अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज
जीआरपी थाना फोर्ट में अज्ञात युवक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध युवक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना रेलयात्रा के दौरान यात्रियों, खासकर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता को दर्शाती है। पुलिस और रेलवे प्रशासन को स्टेशनों पर गश्त बढ़ाने और अकेली महिलाओं व बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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