Agra News गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व पर, जयपुर हाउस स्थित श्री राम पार्क में विशेष कीर्तन दरबार आयोजित हुआ। दिल्ली गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से आए रागी मीत सिंह कोमल ने इलाही वाणी से संगत को अमृतपान कराया। समागम से पूर्व प्रभात फेरी निकाली गई। 30 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का सफल समापन लंगर के साथ हुआ।
आगरा में धन धन श्री गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व को समर्पित करते हुए, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब, नया बांस, लोहा मंडी की ओर से श्री राम पार्क, जयपुर हाउस में एक विशेष कीर्तन दरबार का भव्य आयोजन किया गया। इस समागम में आगरा शहर के रागी जत्थों के साथ-साथ दिल्ली के गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से आए रागी भाई मीत सिंह जी कोमल ने अपनी इलाही वाणी से संगत को निहाल किया।
कीर्तन और अमृतवाणी
- शुभारंभ: कीर्तन समागम की शुरुआत सुखमनी सेवा सभा के वीर महेंद्र पाल सिंह ने सुखमणी साहिब के पाठ व कीर्तन के साथ की।
- अन्य जत्थे: इसके बाद हरपाल सिंह जी मेहर और बल्केश्वर गुरुद्वारे के हजूरी रागी विकास सिंह, स्त्री सत्संग सभा की रानी सिंह, हरजिंदर सिंह और कशलीन कौर ने भी कीर्तन कर संगत को गुरु नाम सिमरन से जोड़ा।
- मुख्य आकर्षण: समागम में मुख्य रूप से दिल्ली के गुरुद्वारा शीशगंज से आए रागी मीत सिंह जी कोमल ने “सतगुरु नानक परगतिया मिटी धुंध जग चानन हो या” और “कल तारण गुरु नानक आया” के साथ-साथ गुरु नानक देव जी से जुड़े अन्य शब्द अपनी मधुर रचना से गाते हुए संगत को अमृतवाणी से सराबोर कर दिया।
ऐतिहासिक परंपरा और महत्व
- आयोजन की परंपरा: गुरुद्वारा नया बांस, लोहा मंडी के प्रधान रिकी नारंग व जसबीर सिंह अरोड़ा ने बताया कि गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के बाद अगले रविवार को गुरुद्वारा लोहा मंडी की ओर से बड़े स्तर पर यह आयोजन किया जाता है। यह परंपरा 30 वर्षों से निरंतर चली आ रही है।
- पीलू वाले बाबा: गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गुरनाम सिंह अरोड़ा ने गुरुद्वारा नया बांस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरु नानक देव जी स्वयं इस स्थान पर आए थे, जहाँ एक पीलू के पेड़ के नीचे बैठकर तीन दिन तक उन्होंने सत्संग किया और लोगों के दुख दूर किए। तभी से यहाँ के लोग उन्हें ‘पीलू वाले बाबा’ के नाम से भी संबोधित करते हैं और प्रतिवर्ष होली के दिन गुरुद्वारे पर पीलू वाले बाबा का मेला भी लगाया जाता है।
समापन और उपस्थिति
कीर्तन समागम से पूर्व जयपुर हाउस क्षेत्र में एक प्रभात फेरी भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने हिस्सा लिया।
- समापन: जसवीर सिंह अरोड़ा ने कीर्तन समागम का संचालन किया। कीर्तन के बाद आनंद साहिब का पाठ हुआ और अरदास व हुकुमनामा के साथ समागम की समाप्ति हुई। इसके बाद गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया।
- सम्मान: जसवीर सिंह अरोड़ा ने समागम में सहयोग करने वाले व समाज के प्रबुद्ध जनों को सिरोपा देकर सम्मानित भी किया।
- उपस्थिति: इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान कमलदीप सिंह, हेड ग्रंथि ज्ञानी कुलविंदर सिंह, चेयरमैन परमात्मा सिंह अरोड़ा, श्याम भोजवानी, प्रवीण अरोड़ा, परमिंदर सिंह ग्रोवर, चरण पाल सिंह बिंद्रा, अमृत आहूजा, राजीव अरोड़ा, सतविंदर सिंह सहित समस्त नानक नाम लेवा संगत ने परिवार सहित हिस्सा लेकर गुरु घर की खुशियां प्राप्त कीं।
































































































