Agra News ट्रांस यमुना क्षेत्र के हॉस्पिटल संचालक डॉ. रविंद्र सिंह बघेल से मित्र रमेश कुकरामजी चौधरी ने महाराष्ट्र में होटल खरीदने के नाम पर 1.17 करोड़ रुपये ठगे। बैनामा न होने पर जब रकम मांगी, तो आरोपी ने लॉरेंस बिश्नोई का डर दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने 6 माह बाद FIR दर्ज कराई है।
आगरा के थाना ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये की ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक हॉस्पीटल संचालक को महाराष्ट्र में एक होटल में निवेश करने के नाम पर एक पुराने परिचित ने धोखे में रखकर 1.17 करोड़ रुपये हड़प लिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी, जिससे भयभीत पीड़ित परिवार ने 6 माह बाद पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है।
ठगी और दोस्ती का जाल
- पीड़ित: डॉ. रविंद्र सिंह बघेल, निवासी कालिंदी विहार। वे जलेसर रोड पर आरबी हॉस्पीटल का संचालन करते हैं। उनके बड़े भाई जरजोधन सिंह हॉस्पीटल में मैनेजर हैं।
- आरोपी: रमेश कुकरामजी चौधरी।
- पुराना संबंध: डॉ. रविंद्र सिंह ने बताया कि उनके बड़े भाई जरजोधन सिंह पहले पुणे में हलवाई का काम करते थे, जहाँ उनकी मित्रता रमेश कुकरामजी चौधरी से हुई थी। दोनों के बीच भाई जैसे संबंध थे और उन्होंने साथ मिलकर काम भी किया।
- पहला कर्ज: जुलाई 2017 में आरोपी रमेश कुकरामजी ने होटल व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसके एवज में 50 ग्राम सोने की गिन्नी गिरवी रखी थी। कई साल तक रुपये वापस न करने पर उसने गिन्नी रखने को कह दिया था।
1.17 करोड़ की ठगी की वारदात
- निवेश का झांसा: वर्ष 2023 के सितंबर महीने में आरोपी रमेश ने डॉ. रविंद्र को फोन किया और झांसा दिया कि पुणे में एक होटल बहुत कम रेट में मिल रहा है, क्योंकि होटल मालिक अपनी प्रॉपर्टी बेचकर अमेरिका जा रहा है।
- वीडियो और ऑफर: उसने फोन पर होटल की वीडियो भी दिखाई और कहा कि दोनों मिलकर तीन करोड़ में होटल खरीद लेते हैं, जिसका बैनामा जनवरी 2024 में हो जाएगा।
- भुगतान: आरोपी की बातों में आकर डॉ. रविंद्र ने एडवांस के तौर पर उमेश शरत और किरण राव चंद्र के खातों में कुल 1.17 करोड़ रुपये जमा करा दिए।
- धोखा: जनवरी 2024 में जब बैनामा की बात कही गई, तो आरोपी ने बहाना बनाया कि होटल मालिक लापता हो गया है और उसे मिली रकम वापस नहीं होगी।
लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी
जब पीड़ित परिवार ने अपनी रकम लौटाने की मांग की, तो आरोपी ने डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
- धमकी: पीड़ित परिवार जब अपने रिश्तेदारों को लेकर पुणे गया, तो आरोपी रमेश ने उन्हें धमकी दी कि उमेश व रामचंद्र के पास न जाएं, नहीं तो सबको मार दिया जाएगा। आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि उन्होंने लॉरेंस विश्नोई से बात कर ली है।
- डर से वापसी: इस धमकी के बाद शिकायतकर्ता परिवार भयभीत हो गया और कुछ दिनों तक होटल में रुककर मामले को सुलझाने की कोशिश करने के बाद, धमकी के डर से चुपचाप आगरा वापस आकर बैठ गए।
- FIR: 6 महीने तक चुप्पी साधने के बाद, अब उन्होंने आरोपियों के खिलाफ ट्रांस यमुना थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
































































































