Agra News गुरुद्वारा गुरु का ताल में गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व भव्यता से मनाया जा रहा है। गुरुद्वारा रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजा है। संगत सुबह 4 बजे से रात 1 बजे तक माथा टेक रही है। नंदलाल दीवान हॉल में 4000 लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था है। रात 9 बजे अलीगढ़ के सरदार मोहन सिंह हरित आतिशबाजी करेंगे।
आगरा में सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व इस वर्ष गुरुद्वारा गुरु का ताल में अत्यंत भव्यता, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पूरे गुरुद्वारा परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया है, जिससे गुरुद्वारा जगमगा रहा है।
संगत की भारी आवाजाही और लंगर की विशेष व्यवस्था
प्रकाश उत्सव के अवसर पर गुरुद्वारा गुरु का ताल में सुबह 4 बजे से ही संगत की आवाजाही शुरू हो चुकी है, जो रात्रि 1 बजे तक जारी रहेगी।
- गुरुबाणी: सुबह से ही गुरुबाणी के शबद और कीर्तन गुरुद्वारे में गूंज रहे हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया है।
- लंगर: गुरु नानक देव जी की ओर से शुरू किया गया लंगर भी यहाँ बहुत ही आदर व सत्कार के साथ संगत में वितरित किया जा रहा है।
- विशाल व्यवस्था: गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि इस वर्ष लंगर के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रकाश उत्सव के दिन नंदलाल दीवान हॉल में लंगर की व्यवस्था है, जहाँ एक बार में 4000 से अधिक श्रद्धालु पंक्तिबद्ध होकर आराम से बैठकर लंगर ग्रहण कर रहे हैं।
- अतिरिक्त स्टॉल: इसके अलावा, संगत की सुविधा को देखते हुए विभिन्न संस्थाओं की ओर से खाने-पीने के विभिन्न व्यंजनों के स्टाॅल भी लगाए गए हैं। दीवान हॉल में लंगर का आरंभ सुबह 8 बजे से शुरू है।
हर धर्म के लोगों की आस्था का केंद्र
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा गुरु का ताल केवल सिखों के लिए ही नहीं, बल्कि हर धर्म व जाति के लोगों की आस्था का केंद्र है।
- संगत: उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष लगभग सवा लाख संगत गुरुद्वारा गुरु का ताल में माथा टेकने के लिए आती है।
- प्रेम और सत्कार: प्रकाश पर्व के अवसर पर हर धर्म व जाति के लोग बहुत ही भारी संख्या में यहाँ पहुंचकर गुरु ग्रंथ साहिब के आगे माथा टेक कर गुरु महाराज की खुशियां प्राप्त करते हैं।
मुख्य आकर्षण: पर्यावरण हितैषी आतिशबाजी
प्रकाश पर्व पर भव्य सजावट के साथ-साथ आतिशबाजी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी।
- आतिशबाजी का समय: रात्रि 9 बजे आतिशबाजी शुरू होगी, जिसमें विभिन्न तरह की झांकियां दर्शायी जाएंगी।
- हरित आतिशबाजी: पर्यावरण को देखते हुए पिछले कुछ वर्षों से निरंतर यहाँ प्रदूषण रहित हरित आतिशबाजी ही की जाती है, जिसमें धुआँ बहुत ही कम होता है और प्रदूषण भी नहीं होता है।
- विख्यात आतिशबाज: इस खास आतिशबाजी के लिए अलीगढ़ के विख्यात आतिशबाज सरदार मोहन सिंह एक बार फिर अपने हुनर का प्रदर्शन करने यहाँ आ रहे हैं। हवाई आतिशबाजी इस बार काफी आकर्षक रहने वाली है।
Agra News: श्री गुरु नानक देव जी का 556वां प्रकाश पर्व; मैथन और सदर बाजार गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन
































































































