Agra News नगर निगम से परेशान छोटे व्यापारियों और गिग वर्कर्स ने एकजुट होकर एडीएम सिटी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। Amazon इंडिया वर्कर्स यूनियन, हॉकर्स जॉइंट एक्शन कमेटी और गिग वर्कर्स एसोसिएशन ने यूपी के 70 लाख से अधिक कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा और लेबर अधिकारों की मांग की।
Agra News नगर निगम के कथित उत्पीड़न से परेशान छोटे व्यापारियों और प्लेटफार्म वर्कर्स ने अब अपने हकों की लड़ाई तेज कर दी है। गुरुवार को एक समाजसेवी की मदद से गिग वर्कर्स एसोसिएशन (GigWA) और हॉकर्स जॉइंट एक्शन कमेटी (HJAC) ने एकजुट होकर एडीएम सिटी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख संगठन आए साथ
इस मुहिम में तीन बड़े संगठनों ने हाथ मिलाया है:
- अमेज़न इंडिया वर्कर्स यूनियन (AIWU)
- हॉकर्स जॉइंट एक्शन कमेटी (HJAC)
- गिग वर्कर्स एसोसिएशन (GigWA)
यह संगठन फूड, ग्रॉसरी, राइड शेयरिंग, घरेलू और पर्सनल केयर क्षेत्रों में काम करने वाले प्लेटफार्म वर्कर्स और पारंपरिक स्ट्रीट वेंडर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं।
क्या हैं मुख्य मांगें?
ज्ञापन में उत्तर प्रदेश के हजारों प्लेटफार्म वर्कर्स को प्रभावित करने वाले लेबर अधिकारों और काम करने की स्थितियों के सिस्टेमैटिक उल्लंघन की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है।
- मूलभूत अधिकार: संगठनों ने प्लेटफार्म वर्कर्स की इनकम, हेल्थ, काम के घंटे और सोशल सिक्योरिटी (सामाजिक सुरक्षा) अधिकारों पर तुरंत ध्यान देने की मांग की है।
- नगर निगम का रवैया: छोटे व्यापारियों ने स्थानीय स्तर पर नगर निगम द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
- दायरा: इसमें फ्रंट एंड पर काम करने वाले गिग वर्कर्स और बैक एंड पर काम करने वाले वेयरहाउस वर्कर्स दोनों शामिल हैं।
लाखों कामगारों का प्रतिनिधित्व
ज्ञापन में बताया गया है कि ये यूनियन और फेडरेशन उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में फैले विशाल वर्कफोर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 45 लाख से ज़्यादा डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर और ई-कॉमर्स वेयरहाउस वर्कर्स।
- 25 लाख से ज़्यादा पारंपरिक स्ट्रीट वेंडर, हॉकर्स और ठेला-मालिक।
संगठनों ने मुख्यमंत्री से इन 70 लाख से अधिक कामगारों के हितों की रक्षा के लिए तुरंत और ऐतिहासिक दखल देने की अपील की है।
































































































