Agra News अछनेरा में ₹2.24 करोड़ की लागत से बन रहे बस स्टैंड में ARM हेमंत तिवारी ने पुरानी ईंटों के उपयोग पर मंगलवार को रोक लगा दी थी, लेकिन ठेकेदार ने काम जारी रखा। शिकायत पर अवर अभियंता वसीम किरमानी ने मौके पर जाकर काम रुकवाया और जांच के लिए दीवार से ईंट निकालकर भेजी। विधायक बाबूलाल ने इसके लिए मुख्यमंत्री को लिखा था।
आगरा के अछनेरा कस्बे में 2.24 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अंतरराज्यीय बस स्टैंड के निर्माण कार्य में घोर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मंगलवार को एआरएम (क्षेत्रीय प्रबंधक) हेमंत तिवारी ने निर्माण में पुरानी ईंटों का उपयोग होता पाए जाने पर कार्य पर तत्काल रोक लगा दी थी, लेकिन ठेकेदार ने आदेशों की अनदेखी करते हुए बुधवार को भी निर्माण कार्य जारी रखा।
अनियमितता और आदेश की अनदेखी
- प्रोजेक्ट विवरण: फतेहपुर सीकरी के भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल की पहल पर मुख्यमंत्री को लिखे जाने के बाद 13 जनवरी को बस स्टैंड निर्माण के लिए स्वीकृति मिली थी। शासन ने सीएनडीएस (Construction and Design Services) को 2.24 करोड़ रुपये के बजट के साथ निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी थी।
- एआरएम का निरीक्षण: मंगलवार को एआरएम हेमंत तिवारी ने अछनेरा पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें स्पष्ट रूप से पुरानी और घटिया गुणवत्ता की ईंटों का उपयोग होता मिला, जिसके बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से कार्य पर रोक लगा दी थी।
- ठेकेदार की मनमानी: एआरएम के आधिकारिक आदेशों की अनदेखी करते हुए, कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने बुधवार को भी निर्माण कार्य जारी रखा।
शिकायत और जांच का आदेश
ठेकेदार द्वारा रोक के बाद भी काम जारी रखने की शिकायत प्रोजेक्ट मैनेजर कपिल सिंह से की गई।
- अवर अभियंता मौके पर: शिकायत पर प्रोजेक्ट मैनेजर ने तुरंत अवर अभियंता वसीम किरमानी को मौके पर भेजा। अवर अभियंता ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और जांच पूरी होने तक कार्य रोकने के निर्देश दिए।
- साक्ष्य जुटाना: अनियमितता की जांच के लिए अवर अभियंता ने दीवार से ईंट निकालकर उसे जांच के लिए भेजा है।
खामियां छिपाने का प्रयास
आरोप है कि ठेकेदार को जब शिकायत की भनक लगी, तो उसने आनन-फानन में पुरानी ईंटों को हटाकर नई ईंटें मंगवा लीं। इसके अलावा, कुछ हिस्सों में प्लास्टर कराकर खामियों को छिपाने का भी प्रयास किया गया।
- प्रोजेक्ट मैनेजर का रुख: प्रोजेक्ट मैनेजर कपिल सिंह ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अवर अभियंता को जांच के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था को फिलहाल कोई भुगतान नहीं किया गया है, और मानक अनुरूप कार्य पाए जाने पर ही भुगतान किया जाएगा।
विधायक की पहल पर शुरू हुए इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार सामने आने से सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
































































































