Agra News वरुण हॉस्पिटल के कंपाउंडर कृष्णा बघेल (20) की संदिग्ध मौत पर परिजनों ने हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर 3 घंटे जाम लगाया और हंगामा किया। परिजनों ने हॉस्पिटल संचालक पर सूचना न देने और लापरवाही का आरोप लगाया। संचालक ने खुद इंजेक्शन लगाने की बात कही है, जबकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज मिलने और विसरा जांच की बात कही।
आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के कालिंदी विहार स्थित वरुण हॉस्पिटल में कार्यरत कंपाउंडर कृष्णा बघेल (20) की बृहस्पतिवार रात को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुक्रवार को इस घटना से गुस्साए परिजनों ने हॉस्पिटल के बाहर शव को सड़क पर रखकर जोरदार हंगामा किया और तीन घंटे तक जाम लगाए रखा।
परिजनों के गंभीर आरोप
नगला आशा, नंदलालपुर, खंदौली निवासी कृष्णा बघेल पिछले दो साल से वरुण हॉस्पिटल के आईसीयू में कंपाउंडर के पद पर कार्यरत थे। मृतक के छोटे भाई शुभम ने हॉस्पिटल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए:
- सूचना न देना: शुभम ने आरोप लगाया कि परिचित सचिन ने उन्हें फोन करके बताया कि रात करीब 11 बजे कृष्णा की तबीयत खराब हो गई थी और उसे इंजेक्शन भी लगाए गए, मगर हॉस्पिटल संचालक ने घटना की तत्काल जानकारी परिजन को नहीं दी।
- गुमराह करना: आरोप है कि हॉस्पिटल में फोन करने पर कर्मचारियों ने पहले बताया कि कृष्णा को ट्रांस यमुना स्थित एक हॉस्पिटल, फिर सिकंदरा स्थित हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
- अंतिम सूचना: अंततः, शुक्रवार तड़के 4 बजे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।
- बिना सूचना पोस्टमार्टम: भाई शुभम ने सबसे बड़ा आरोप यह लगाया कि हॉस्पिटल प्रबंधन ने बिना सूचना दिए कृष्णा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सड़क पर शव रखकर हंगामा
पोस्टमार्टम के बाद परिजन दोपहर ढाई बजे शव को वरुण हॉस्पिटल के बाहर सौ फुटा मार्ग पर ले आए और हंगामा शुरू कर दिया।
- जाम: शव को सड़क पर रखकर जाम लगाने से वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
- मांग: परिजन ने हॉस्पिटल संचालक और कर्मचारियों पर लापरवाही के कारण मौत का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
- पुलिस की मध्यस्थता: सूचना पर थाना ट्रांस यमुना की फोर्स पहुंची। तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में संचालक और पुलिस से बातचीत के बाद ही लोग शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
हॉस्पिटल संचालक और पुलिस का पक्ष
हॉस्पिटल संचालक और पुलिस ने आरोपों का खंडन करते हुए अपना पक्ष रखा:
- डॉ. सूरज (संचालक, वरुण हॉस्पिटल): उन्होंने बताया कि कृष्णा रात में किसी से बात कर रहा था, जिसके बाद ही उसने खुद को इंजेक्शन लगा लिया था। इससे उसकी तबीयत खराब हुई।
- एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय: एसीपी ने बताया कि युवक ने खुद ही दर्द का इंजेक्शन लगाया था, जिसके सीसीटीवी फुटेज जांच में मिले हैं। इंजेक्शन लगाने के बाद वह खाना खाने गया और रात पौने एक बजे हालत बिगड़ी, जिसके बाद उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- आगे की जाँच: एसीपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता नहीं चल सका है, इसलिए विसरा को फोरेंसिक लैब जाँच के लिए भेजा जाएगा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक कृष्णा बघेल (20) के पिता सतीश की 15 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। कृष्णा ही परिवार का एकमात्र सहारा था।
- माध्यम: माँ कमलेश देवी बेसुध होकर रोती रहीं।
- बहन की शादी: मृतक की छोटी बहन दुर्गेश फूट-फूटकर रो रही थी। परिजन ने बताया कि कृष्णा बहन की शादी की तैयारी कर रहा था और घर की जिम्मेदारी उठा रहा था।
































































































