Agra News सदर बाजार की चाट गली मंगलवार को अचानक खाली करा दी गई, जिससे 20-25 दुकानदारों ने हड़ताल की। दुकानदार (आशा कपूर) तहबाजारी देने का दावा कर रहे हैं, जबकि छावनी परिषद (राजेश गोयल) ने जाम और सुंदरता के लिए अवैध अतिक्रमण हटाने की बात कही है।
आगरा के सदर बाजार स्थित प्रसिद्ध चाट गली, जो हर शाम अपने स्वाद और खुशबू के लिए जानी जाती थी, मंगलवार को अचानक खाली करा दी गई। छावनी परिषद द्वारा बिना पूर्व सूचना के दुकानों के बाहर लगे काउंटर हटाए जाने से करीब 20-25 दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई के विरोध में दुकानदारों ने हड़ताल भी की।
दुकानदारों का विरोध और दावे
सदर बाजार एसोसिएशन की अध्यक्ष आशा कपूर ने छावनी परिषद की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- शुल्क भुगतान: उन्होंने दावा किया कि काउंटर मालिक छावनी परिषद को प्रतिदिन ₹220 के हिसाब से तहबाजारी शुल्क के रूप में देते हैं और इसकी रसीद भी कटती है।
- बिना सूचना कार्रवाई: उन्होंने कहा कि शुल्क लेने के बावजूद बिना पूर्व सूचना के यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह गलत है और अनुचित है।
- अधिकारियों पर आरोप: आशा कपूर ने यह भी दावा किया कि उन्होंने एक दिन पहले ही अधिकारियों से जानकारी ली थी और उन्हें आश्वासन दिया गया था कि ऐसा कोई अभियान नहीं चलाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि छावनी के सेवानिवृत्त अधिकारी अनावश्यक हस्तक्षेप कर ऐसे कदम उठवा रहे हैं, और पूर्व में भी ऐसा किया जा चुका है।
- सवाल: उन्होंने सवाल किया कि अगर यह काउंटर अवैध थे, तो अब तक क्यों नहीं हटाए गए और इनसे शुल्क क्यों लगाया गया।
छावनी परिषद का पक्ष
दूसरी ओर, छावनी परिषद के मनोनीत सदस्य राजेश गोयल ने इस कार्रवाई को क्षेत्र के सुधार से जोड़ा है।
- चर्चा: उन्होंने बताया कि चाट गली की सूरत बदलने पर परिषद में पहले ही चर्चा की गई थी।
- उद्देश्य: उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क के बाहर अवैध रूप से लगे काउंटर हटाए जा रहे हैं ताकि जाम की स्थिति से निजात मिले और गंदगी न हो।
- आगे की योजना: उन्होंने बताया कि अब दुकानों के आगे ग्रिल लगाई जाएगी और क्षेत्र को सुंदर और सुरक्षित बनाया जाएगा। उनका दावा है कि इस अभियान से चाट गली का नक्शा बदलेगा।
- पुरानी कार्रवाई: गोयल ने यह भी याद दिलाया कि इससे पूर्व 5 नवंबर को भी अतिक्रमण अभियान चलाया गया था, जिस दौरान कई काउंटर हटाए गए थे।
मामले के समाधान न होने तक दुकानदारों की हड़ताल जारी रहने की संभावना है।
































































































