Agra News SBI, PNB सहित 22 बैंकों के 7.82 लाख निष्क्रिय खातों में डंप 240 करोड़ रुपये की राशि का समाधान कल (14 नवंबर) को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में किया जाएगा। दावेदारों को Def Form के साथ KYC डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे। 15 दिन में धनराशि वापस होगी।
आगरा जिले के लाखों बैंक ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है, जिनके खाते पिछले 10 वर्षों से निष्क्रिय पड़े हैं। जिले के 22 बैंकों के कुल 7.82 लाख खातों में 240 करोड़ रुपये की एक बड़ी राशि डंप (निष्क्रिय) पड़ी है। इस लंबित राशि का समाधान करने के लिए 14 नवंबर को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा।
समाधान शिविर का उद्देश्य और प्रक्रिया
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ऋषिकेश बनर्जी ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पिछले 10 वर्षों से निष्क्रिय पड़े खातों में जमा इस 240 करोड़ रुपये की राशि का निस्तारण करना है।
- सम्मिलित बैंक: शिविर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), केनरा बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक सहित जिले की सभी 22 बैंकें स्टॉल लगाएंगी।
- निष्क्रिय खाते: जिले में इन 22 बैंकों में कुल 7.82 लाख खाते निष्क्रिय पड़े हैं।
दावा करने की प्रक्रिया
निष्क्रिय खातों की राशि पर दावा करने वाले खाताधारकों के लिए सरल प्रक्रिया निर्धारित की गई है:
- डेफ फॉर्म: सभी बैंक प्रतिनिधि शिविर में मौजूद रहेंगे और खाताधारक से ‘डेफ फॉर्म’ (Def Form) भरवाएंगे। यह फॉर्म मृत खाताधारक की अप्रमाणित जमा राशि पर दावे के लिए इस्तेमाल होता है।
- दस्तावेज़ जमा करना: दावेदार को डेफ फॉर्म के साथ आवश्यक केवाईसी (KYC) दस्तावेज जमा कराने होंगे, जिनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, एक पासपोर्ट साइज फोटो और अन्य संबंधित कागजात शामिल हैं।
- RBI मुख्यालय: इन सभी दस्तावेजों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) मुख्यालय भेजा जाएगा।
- जाँच: आरबीआई के पोर्टल पर ऐसे खाताधारकों का विवरण जांचा जाएगा।
- राशि वापसी: जिन खाताधारकों का दावा सही पाया जाएगा, उनकी धनराशि 15 दिन के भीतर उनके खातों में वापस कर दी जाएगी।
इस पहल से लाखों उन ग्राहकों को राहत मिलेगी, जिनके खाते वर्षों से निष्क्रिय पड़े होने के कारण उनकी जमा पूंजी फंसी हुई थी। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होने वाला यह शिविर एक बड़ी प्रशासनिक और बैंकिंग पहल है जिसका उद्देश्य ग्राहक हितों की रक्षा करना है।
































































































