AGRA NEWS TODAY मध्यप्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद खांसी की दवा पर संदेह जताया गया है। दोनों राज्यों में अब तक सात बच्चों की मौत की आशंका जुड़ी है। इस घटना ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को हिला दिया है। इसके चलते अब आगरा में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और दवाओं की जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्यप्रदेश में छह बच्चों की मौत, राजस्थान में एक
सबसे ज्यादा मामले मध्यप्रदेश में दर्ज किए गए हैं। यहां छह बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। एक अन्य बच्चा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। राजस्थान में भी एक बच्चे की मौत के बाद चिकित्सा विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। कई बच्चों का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
आगरा में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
आगरा में सहायक आयुक्त औषधि डॉ. अतुल उपाध्याय ने बताया कि शासन और ड्रग कंट्रोलर की ओर से अभी तक दवा पर पूरी तरह से प्रतिबंध के निर्देश नहीं आए हैं। हालांकि, एहतियातन स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल स्टोर्स पर उपलब्ध खांसी की दवाओं की जांच कराने का निर्णय लिया है। इस जांच से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बाजार में उपलब्ध दवाएं सुरक्षित हैं और किसी तरह का जोखिम बच्चों को न हो।
डेक्सट्रोमेथॉरफन सिरप पर शक
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान के भरतपुर, श्रीमाधोपुर (सीकर) और जयपुर में बच्चों की तबीयत बिगड़ने के पीछे जिस दवा का नाम सामने आया है, वह डेक्सट्रोमेथॉरफन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप है। जयपुर में दो साल की बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद राजस्थान चिकित्सा विभाग ने तुरंत इस दवा की सप्लाई पर रोक लगा दी।
अभिभावकों में चिंता
बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल है। कई लोग अब डॉक्टरों से परामर्श के बिना बच्चों को कोई दवा देने से डर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के इलाज के लिए हमेशा पंजीकृत चिकित्सक की सलाह पर ही दवा देनी चाहिए। स्वयं दवा खरीदना और बिना परामर्श दिए बच्चों को खिलाना खतरनाक हो सकता है।
आगरा में जांच की तैयारी
आगरा में औषधि विभाग ने शहरभर की मेडिकल दुकानों की सूची तैयार की है। सभी दुकानों पर उपलब्ध खांसी की दवाओं का डेटा लिया जाएगा। जिन सिरप पर संदेह है, उनकी सैंपलिंग कर जांच प्रयोगशाला में भेजी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि दवा बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार है या नहीं।
फार्मा कंपनियों पर निगरानी
ड्रग कंट्रोल विभाग ने खांसी की दवा बनाने वाली फार्मा कंपनियों पर भी निगरानी शुरू कर दी है। उनसे उत्पादन, पैकेजिंग और क्वालिटी टेस्टिंग से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। अगर किसी कंपनी पर लापरवाही साबित होती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की दवाओं में सुरक्षा मानक बेहद सख्त होते हैं। अगर खांसी की दवा में किसी तरह की खामी पाई जाती है, तो यह न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चिंता का विषय होगा।
आगरा प्रशासन की अपील
जिला स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खरीदें। किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
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