आगरा। आगरा के शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी, सिकंदरा में पर्युषण पर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म को पूरे भक्तिभाव से मनाया गया। इस दौरान, आठों इंद्रों की बोली लगाई गई, जिसके बाद सभी ने भगवान का अभिषेक और पूजन किया।
इंद्रों के नाम:
- सोधर्म इंद्र: श्री संजीव जैन, रिषित जैन, गर्वित जैन
- ईशान इंद्र: श्री विपिन जैन, सिद्धार्थ जैन, अनंत जैन
- माहेन्द्र इंद्र: श्री पंकज जैन, प्रथम जैन, वैभव जैन, सुरेश जैन आरसीएम
इन सभी इंद्रों ने मिलकर श्री शांतिनाथ जी महाराज का अभिषेक स्वर्ण कलश से किया, जबकि अन्य भक्तों ने भी बड़े भक्तिभाव के साथ अभिषेक किया। इस अवसर पर वासुपूज्य भगवान की पूजा और निर्वाण लाडू अर्पण भी हेमा जैन परिवार द्वारा किया गया।
पंडित अंशुल जैन शास्त्री का प्रवचन
पंडित अंशुल जैन शास्त्री ने अपने प्रवचन में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि “ब्रह्म का आचरण करना, आत्मा में लीन हो जाना ही ब्रह्मचर्य है।” उन्होंने बाहरी इंद्रियों के सुख को त्यागने और शील की रक्षा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह दसलक्षण पर्व साल में तीन बार आता है और हमें इसे पूरे उत्साह के साथ मनाने का संकल्प लेना चाहिए।
ये गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेश बैनाड़ा, मंत्री विजय जैन निमोरब, कोषाध्यक्ष मगन जैन और महेश जैन, अरुण जैन, सतीश जैन, अनिल आदर्श जैन, हेमा जैन, राजेन्द्र जैन, दिलीप जैन, राकेश जैन टीचर, जितेश जैन, मनोज जैन, आलोक जैन, सिद्धार्थ जैन, विपुल जैन, मोहित जैन, प्रशांत जैन, दीपक बैनाड़ा, विपिन जैन, आदिश जैन, अनंत जैन, विकास बैनाड़ा, चंदन जैन, विशाल जैन, अभिषेक जैन, शुभम जैन, और मीडिया प्रभारी राहुल जैन समेत सकल जैन समाज के सदस्य मौजूद थे।

































































































