Agra News: दिवाली के लिए स्पेशल सुरक्षा प्लान, MG रोड पर नो-पार्किंग; मेट्रो ने कट बंद कर लगाया जाम!

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Agra News पुलिस आयुक्त ने एक सप्ताह का सुरक्षा प्लान किया लागू; बाज़ारों में सादे कपड़ों में फोर्स, वारदात पर थानेदार होंगे जिम्मेदार। Agra News आगरा में दिवाली की खरीदारी की शुरुआत के साथ ही बाज़ारों में बढ़ती भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और यातायात विभाग ने विशेष ‘सेक्टर स्कीम’ और सुरक्षा प्लान लागू कर दिया है। सोमवार से खरीदारों की भीड़ को देखते हुए शहर के हर बड़े बाज़ार में अतिरिक्त फोर्स तैनात किया गया है। वहीं, मेट्रो निर्माण के चलते ट्रैफिक को संभालना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बाज़ारों में सीसीटीवी और सादी वर्दी में पुलिस पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने दिवाली के लिए एक सप्ताह का विशेष सुरक्षा प्लान बनाया है। उन्होंने बताया कि जिले में सेक्टर स्कीम लागू है और प्रत्येक बाज़ार में थाना पुलिस के साथ-साथ एसओजी के पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। MG रोड पर पार्किंग से मुक्ति की चुनौती डीसीपी यातायात अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि एमजी रोड पर सूरसदन से लेकर भगवान टॉकीज तक कई शोरूम और रेस्तरां हैं, जहाँ खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहक सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं। इस साल एमजी रोड पर मेट्रो का निर्माण कार्य चलने के कारण, वाहन खड़ा करना बड़ी समस्या पैदा कर सकता है। मेट्रो की मनमानी से हाईवे पर लगा जाम सुरक्षा और ट्रैफिक की तैयारियों के बावजूद, मेट्रो अधिकारियों की मनमानी से लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ा। रविवार की शाम मेट्रो के अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के सिकंदरा से पहले हाईवे पर भावना एस्टेट की तरफ जाने वाले एक नये कट को बंद कर दिया। यह कट यू-टर्न लेने के लिए बनाया गया था। अचानक कट बंद होने से वाहन मुड़ने के लिए जगह नहीं मिल पाई और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे भारी जाम लग गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन कट बंद करने का कोई कारण नहीं बताया गया। रात तकरीबन 10 बजे कट खोल दिया गया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। मुंशी के पैसे चोरी…अपने ही थाने में सुनवाई नहीं हुई:पुलिस आयुक्त से शिकायत के बाद 7 दिन बाद FIR

आगरा: एमजी रोड पर जाम से निजात के लिए बड़ा अभियान, हटाए जा रहे पोल और ट्रांसफार्मर

आगरा। आगरा के एमजी रोड पर लंबे समय से चले आ रहे भीषण जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बड़े प्रयास शुरू हो गए हैं। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार द्वारा ली गई बैठक के बाद, एमजी रोड पर सड़क चौड़ी करने, अनावश्यक पोल हटाने और मेट्रो की बैरिकेडिंग हटाने का काम शुरू हो गया है। एमजी रोड पर ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए ई-रिक्शा और ऑटो को पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है। अब मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर का काम जहां-जहां पूरा हो गया है, वहाँ से बैरिकेडिंग हटाई जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में मेट्रो अधिकारियों को पत्र भी लिखा था। इसके साथ ही, सड़क के किनारे लगे अनावश्यक पोल और ट्रांसफार्मर भी हटाए जा रहे हैं। सुभाष पार्क से सेंट जोंस की तरफ आने वाले रोड पर फुटपाथ को चौड़ा किया जा रहा है और सड़क किनारे से 10 पोल हटा दिए गए हैं। इसके अलावा, दो ट्रांसफार्मर भी शिफ्ट कर दिए गए हैं। डीएम आवास के सामने काम पूरा होने पर बैरिकेडिंग हटाकर सड़क को सुगम बनाया जा रहा है।

आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा पर प्रतिबंध का असर, यातायात में दिखा सुधार

आगरा। आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के बाद यातायात व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार के आदेश के बाद गुरुवार से ही एमजी रोड पर ई-रिक्शा की संख्या में कमी आई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन ई-रिक्शा चालकों को प्रतिबंध की जानकारी नहीं है, उन्हें जागरूक किया जा रहा है और नियमों के बारे में बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ चालक अभी भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिनके खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। यातायात पुलिस ने भगवान टॉकीज चौराहे पर अभियान चलाकर कई ई-रिक्शा जब्त किए। पुलिस का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करके यातायात व्यवस्था को सुधारना है ताकि शहर के लोगों को जाम से राहत मिल सके। एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो की अधिक संख्या के कारण ट्रैफिक धीमा हो जाता था, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, एमजी रोड पर वाहनों की संख्या कम होने से शहर के अंदरूनी चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है, जिससे वहाँ जाम की स्थिति बन रही है। पुलिस इस समस्या पर भी ध्यान दे रही है।

आगरा में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, पुलिस कमिश्नर ने बैठक में लिए 10 अहम फैसले

आगरा। आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर और मेट्रो निर्माण कार्य के कारण शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कई विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में जिलाधिकारी आगरा, आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, कैंटोनमेंट बोर्ड, रोडवेज के आरएम/एआरएम, एआरटीओ, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता, स्मार्ट सिटी, एनएचएआई, मेट्रो परियोजना के एमडी और टोरेंट पावर जैसे कई विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा किए गए सर्वे के बाद बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनके जल्द से जल्द क्रियान्वयन का आश्वासन संबंधित विभागों ने दिया है। बैठक में लिए गए 10 महत्वपूर्ण निर्णय: इन निर्णयों से शहर के लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस आयुक्त @DeepakKumarIPS2 द्वारा कमिश्नरेट आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर एवं मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शहर में बढ़ते यातायात दबाव के दृष्टिगत शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु कई विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जिलाधिकारी… pic.twitter.com/93RQ9mWf0h — POLICE COMMISSIONERATE AGRA (@agrapolice) September 11, 2025 आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो पर प्रतिबंध, पुलिस ने जारी की अधिसूचना शहर के नगर जोन में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध भगवान टॉकीज चौराहे से लेकर अवंतीबाई चौराहे (एमजी रोड) तक प्रभावी रहेगा। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार ने उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की है। इसमें बताया गया है कि नगर जोन में ई-रिक्शा और ऑटो के अधिक संचालन के कारण मुख्य मार्गों पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि आगरा आने वाले पर्यटकों को भी भारी परेशानी होती है। अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि नए ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे यातायात व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह आदेश अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से ही प्रभावी हो गया है। इस कदम से एमजी रोड पर यातायात का दबाव कम होने और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

आगरा में ट्रैफिक जाम पर कड़ा एक्शन: डीसीपी सिटी ने तीन दरोगा सस्पेंड किए, शहर को मिली राहत

आगरा। आगरा में पिछले कई दिनों से चल रहे भीषण ट्रैफिक जाम पर अब पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शहर में एक ही दिन पहले पुलिस कमिश्नर द्वारा दिए गए निर्देशों की हकीकत देखने निकले डीसीपी सिटी ने ड्यूटी से गायब मिले तीन दारोगाओं को मौके पर ही सस्पेंड कर दिया। इस कड़े कदम के बाद आज शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिला, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। पिछले तीन दिनों से आगरा की सड़कें जाम से कराह रही थीं। यमुना नदी में आए बाढ़ के पानी से यमुना किनारा मार्ग पर यातायात ठप हो गया था, वहीं शहर में चल रहे मेट्रो निर्माण ने एमजी रोड को लगभग खोद डाला है। इन सब के बीच हाईवे पर हुए एक ट्रॉले की टक्कर को हटाने में 24 घंटे का समय लग गया, जिसने हर तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लगा दी थीं। हालात को काबू करने के लिए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने निर्देश दिए थे कि अब यातायात पुलिस के साथ-साथ सभी थानाध्यक्ष (SHO) और इंस्पेक्टर (SO) भी चौराहों पर ड्यूटी देंगे। मंगलवार को, डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने इन आदेशों का पालन हो रहा है या नहीं, यह जानने के लिए निरीक्षण शुरू किया। भगवान टॉकीज चौराहे पर हालात सबसे खराब थे, जहाँ न्यू आगरा थाने से जिन तीन दारोगाओं विवेक यादव, धर्मेंद्र वर्मा और गौरव तेवतिया की ड्यूटी लगी थी, वे मौके से नदारद मिले। इस बड़ी लापरवाही पर डीसीपी सिटी ने तुरंत तीनों को सस्पेंड कर दिया। पुलिस के एक्शन का असर, एमजी रोड पर सुगम हुआ ट्रैफिक पुलिस के इस कड़े कदम का असर आज शहर के ट्रैफिक पर साफ दिखाई दे रहा है। आज एमजी रोड पर भारी जाम नहीं है और गाड़ियों की आवाजाही पहले की तुलना में बेहतर है। हालांकि कुछ जगहों पर ट्रैफिक धीमा जरूर है, लेकिन गाड़ियां लगातार खिसक रही हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह कदम बहुत अच्छा है, क्योंकि पिछले कई दिनों से उन्हें बहुत परेशानी हो रही थी।

आगरा में ट्रैफिक: प्रताप पुरा क्रॉसिंग से लेकर रावली मंदिर तक गाड़ियों की लंबी कतारें

आगरा। आगरा में मंगलवार, 9 सितंबर को ट्रैफिक का हाल बेहाल है। शहर को एक साथ दोहरी मार झेलनी पड़ रही है: यमुना नदी में आई बाढ़ और शहर में चल रहा मेट्रो का निर्माण कार्य। इन दोनों वजहों से शहर के कई प्रमुख रास्तों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई है। यमुना में आए उफान के कारण हाथी घाट और यमुना किनारा रोड के आसपास पानी भर गया है, जिससे इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। वहीं, शहर के बीचोबीच बन रहे मेट्रो के कारण एमजी रोड पर भी जगह-जगह जाम की स्थिति बन रही है। दोपहर 2 बजे का ट्रैफिक अपडेट: प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।

आगरा में ट्रैफिक पुलिस के साथ अब थानों का पुलिस बल भी संभालेगा मोर्चा: पुलिस कमिश्नर

आगरा। आगरा में मेट्रो निर्माण, लगातार बारिश और यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। नेशनल हाईवे और एमजी रोड पर गाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जबकि यमुना किनारा रोड पर जलभराव के कारण भी लोगों को परेशानी हो रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने तत्काल प्रभाव से सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI), सब-इंस्पेक्टर (TSI) और थाना अध्यक्षों (SHO/SO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करें। उन्होंने कहा कि यह एक आपातकालीन स्थिति है, इसलिए अब ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ थानों का पुलिस बल भी यातायात ड्यूटी में सहयोग करेगा। नागरिकों से सहयोग की अपील पुलिस कमिश्नर ने आगरा के नागरिकों से भी इस स्थिति में सहयोग करने की विनम्र अपील की है। उन्होंने कहा: उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आगरा पुलिस इस मुश्किल समय में नागरिकों के साथ है और सभी की असुविधा को कम करने का प्रयास कर रही है।

​आगरा ट्रैफिक अपडेट: शहर में दोहरी चुनौती से जूझ रहे लोग

​आगरा में सोमवार दोपहर को ट्रैफिक की स्थिति बेहद खराब हो गई है, जिससे लोगों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रतापपुरा चौराहे से लेकर कलेक्ट्रेट और धौलपुर हाउस तक भारी जाम लगा हुआ है। 🚦 यह जाम मुख्य रूप से आगरा मेट्रो के निर्माण कार्य के कारण हो रहा है, जिससे 10 मिनट का सफर करने में भी लोगों को एक घंटे तक का समय लग रहा है। ​बाढ़ और जाम की दोहरी मार ​दूसरी तरफ, यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण हाथी घाट रोड पर भी पानी भर गया है, जिससे यहाँ भी ट्रैफिक पूरी तरह से रुक गया है। 🌊 यह स्थिति शहर के ट्रैफिक को और भी जटिल बना रही है। यात्रियों और वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक अपडेट्स की जांच कर लें। यह स्थिति सोमवार दोपहर 12:30 बजे की है और कब तक सामान्य होगी, यह कहा नहीं जा सकता। ​आप अपनी यात्रा की योजना इस जाम और जलभराव को ध्यान में रखकर करें ताकि आपको असुविधा न हो।

आगरा में मथुरा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, 80 टन ग्रेनाइट से भरा ट्रेलर डिवाइडर तोड़कर पलटा

आगरा। आगरा में रविवार को मथुरा हाईवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया। वाटर वर्क्स चौराहे के पास दो वाहनों की भीषण टक्कर हुई, जिससे एक 80 टन ग्रेनाइट से भरा ट्रेलर बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़ते हुए सर्विस रोड पर जा घुसा। दूसरा वाहन हाईवे पर ही पलट गया, जिससे लंबा जाम लग गया। हादसे के दौरान 18 चक्का ट्रेलर पलटने से हाईवे की एक लेन पूरी तरह बंद हो गई, जिससे मथुरा से रामबाग की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्रेन के पट्टे टूटने से बढ़ा ट्रैफिक जाम दुर्घटना के बाद, ग्रेनाइट से भरे भारी भरकम ट्रेलर को हटाने के लिए दो क्रेनों को बुलाया गया। लेकिन, अत्यधिक वजन के कारण दोनों क्रेनों के पट्टे टूट गए, और वाहन को हटाया नहीं जा सका। इससे हाईवे पर जाम और बढ़ गया। इस हादसे में एसएफसी वाहन का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, ट्रेलर का चालक मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने के प्रयास शुरू किए। पुलिस ने बताया कि घायल चालक का इलाज चल रहा है, और फरार ट्रेलर चालक की तलाश जारी है।

आगरा में ट्रैफिक जाम से बुरा हाल, कई आयोजनों से चरमराई व्यवस्था

आगरा। आज आगरा शहर की सड़कों पर दिन भर यातायात व्यवस्था चरमराई रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के प्रमुख मार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही, जिसकी मुख्य वजह एक साथ कई बड़े आयोजन थे। एमजी रोड, शाहगंज चौराहा, लोहमंडी चौराहा और भगवान टॉकीज जैसे व्यस्ततम इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। लगभग 7 किलोमीटर लंबा एमजी रोड पूरी तरह से जाम हो गया, जहाँ वाहन रेंगते नजर आए। रावली चौराहे पर तो एक किलोमीटर से भी लंबा जाम लगा रहा, जिससे लोगों को घंटों तक फंसे रहना पड़ा। जाम के प्रमुख कारण ट्रैफिक जाम की इस स्थिति के तीन मुख्य कारण थे: इन आयोजनों के अलावा, मेट्रो निर्माण के कारण पहले से ही संकरी हो चुकी सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ गया था। इस जाम से एम्बुलेंस और सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुए, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ट्रैफिक पुलिस ने कुछ जगहों पर रूट डायवर्जन लागू किए, लेकिन भारी भीड़ के कारण यह नाकाफी साबित हुआ।

आगरा में शनिवार को दो बड़े आयोजन: ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा सकती है

आगरा। आगरा में शनिवार, 6 सितंबर को दो बड़े आयोजन होने जा रहे हैं, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा सकती है। एक तरफ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) आयोजित होगी, जिसमें हजारों अभ्यर्थी शामिल होंगे, वहीं दूसरी तरफ बाबा बागेश्वर धाम (पंडित धीरेंद्र शास्त्री) का आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटने वाले हैं। 96 हज़ार अभ्यर्थी देंगे PET परीक्षा आगरा में PET परीक्षा दो दिन – 6 और 7 सितंबर को – होगी, जिसमें करीब 95,906 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए शहर में 51 केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ बायोमेट्रिक अटेंडेंस, सीसीटीवी और AI-आधारित निगरानी की व्यवस्था की गई है। बाबा बागेश्वर के लिए जुटने वाला है जनसैलाब वहीं दूसरी ओर, 6 सितंबर को ही फतेहाबाद रोड स्थित राज देवम गार्डन में बाबा बागेश्वर धाम के कार्यक्रम में भक्तों का जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है। आयोजकों का अनुमान है कि आगरा और आस-पास के जिलों के अलावा, अन्य राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु आएंगे। बारिश और मेट्रो निर्माण से बढ़ी चुनौती इन आयोजनों के साथ-साथ शहर में हो रही बारिश, मेट्रो निर्माण की वजह से लगी बैरिकेडिंग और सड़कों की संकरी स्थिति पहले से ही ट्रैफिक को मुश्किल बना रही है। ऐसे में फतेहाबाद रोड, एमजी रोड, यमुना किनारा रोड और परीक्षा केंद्रों तक जाने वाली सड़कों पर भारी जाम लगने की संभावना है। ट्रैफिक की स्थिति को संभालने के लिए, डीसीपी ट्रैफिक अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि 150 से अधिक पुलिसकर्मी प्रमुख चौराहों पर तैनात रहेंगे और जरूरत पड़ने पर रूट डायवर्जन भी किया जाएगा।

आगरा में सेंट जॉन्स से लोहामंडी तक का रास्ता बना मुसीबत, गड्ढे और कीचड़ से परेशान लोग

आगरा। आगरा में सेंट जॉन्स चौराहे से लोहामंडी तक का करीब एक किलोमीटर का रास्ता लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। इस छोटी सी दूरी में लोगों को 150 से ज्यादा गड्ढों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं और नाला निर्माण के लिए निकाली गई मिट्टी से पूरी सड़क पर कीचड़ फैल जाती है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी कृपा शंकर ने बताया कि सड़क की खराब हालत की वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। बाइक और साइकिल सवार अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं। वहीं, दुकानदार और पैदल चलने वाले लोग भी खासे परेशान हैं। सड़क इतनी संकरी हो गई है कि दो वाहन आमने-सामने आ जाएं तो तुरंत जाम लग जाता है। एक छात्रा अनुष्का कुमारी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि रोजाना स्कूल जाते समय उनके जूते और यूनिफॉर्म गंदे हो जाते हैं। वहीं, स्कूल की छुट्टी के समय ट्रैफिक इतना बढ़ जाता है कि 5 मिनट का रास्ता तय करने में 20 मिनट तक लग जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या काफी पुरानी है, लेकिन बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से इस सड़क की मरम्मत और नाले का काम जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस रोजमर्रा की परेशानी से छुटकारा मिल सके।

आगरा में हल्की बारिश से सड़कों पर कीचड़, कई इलाकों में लगा जाम

आगरा। आगरा में बुधवार सुबह से हो रही हल्की बारिश ने शहर की सड़कों पर परेशानी खड़ी कर दी है। नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे नाले निर्माण के काम की वजह से सड़कों पर कीचड़ फैल गई है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। शहर के कई इलाकों में आधी सड़क कीचड़ से भर गई है, जिससे वाहनों को निकलने में मुश्किल हो रही है। यही वजह है कि लोहामंडी से मोती कटरा की ओर जाने वाले रास्ते पर लंबा जाम लगा हुआ है, जिसमें वाहन आधे घंटे से फंसे हैं। बारिश और नाला निर्माण के कारण एमजी रोड, लोहामंडी, सेंट जॉन्स, बोदला, शाहगंज, मोती कटरा, सूरसदन और हरी पर्वत की ओर जाने वाली सड़कों पर भी जाम लग गया है। इस जाम से लोगों को अपने ऑफिस और घरों तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है, जिससे उनकी परेशानी और भी बढ़ गई है।

आगरा में मेट्रो का काम बनी परेशानी, MG रोड पर जाम से निपटने के लिए 10 मशीनें लगाई गईं

आगरा। आगरा में मेट्रो कॉरिडोर का काम इन दिनों शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, खासकर एमजी रोड पर। यहां बैरिकेडिंग के कारण सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। इस समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने एमजी रोड पर काम को तेजी से पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एमजी रोड पर लगीं सबसे ज्यादा मशीनें शहर भर में मेट्रो कॉरिडोर के पिलर निर्माण के लिए कुल 18 मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें से 10 मशीनें सिर्फ एमजी रोड पर ही काम कर रही हैं। जबकि सुलतानपुरा, मॉल रोड, हाईवे और सुलतानगंज जैसे अन्य हिस्सों में बाकी की 8 मशीनों से काम चलाया जा रहा है। UPMRC का लक्ष्य है कि दिसंबर तक एमजी रोड पर पिलर का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि बैरिकेडिंग हटाकर लोगों को जाम से राहत मिल सके। एमजी रोड पर क्यों है ज्यादा दिक्कत? आगरा में कुल 29.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इसमें से एक कॉरिडोर एमजी रोड से होकर गुजरता है, जहां प्रतापपुरा से भगवान टॉकीज तक पिलर निर्माण के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस रोड की चौड़ाई 8 मीटर है, जो बैरिकेडिंग के बाद और भी संकरी हो गई है। सड़क के दोनों ओर शोरूम होने के कारण वाहनों के रुकते ही ट्रैफिक बाधित हो जाता है। पिछले महीने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया था कि जहां पिलर का काम पूरा हो गया है, वहां बैरिकेडिंग को थोड़ा अंदर खिसकाया जाएगा, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। इसी कारण एमजी रोड पर जाम की स्थिति बनी हुई है।

आगरा में सोमवार को भीषण जाम: मेट्रो निर्माण और संकरी सड़कों ने बढ़ाई परेशानी, एंबुलेंस भी फंसी

आगरा। सोमवार को आगरा शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मेट्रो निर्माण कार्य और संकरी सड़कों के कारण शहरभर में भीषण जाम के हालात देखने को मिले। एमजी रोड, मदिया कटरा चौराहा और बोदला चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। देहली गेट से मदिया कटरा तक रेंगते रहे वाहन शहर के मुख्य मार्गों पर जाम का ऐसा आलम था कि देहली गेट से मदिया कटरा तक महज 500 मीटर की दूरी तय करने में 15 से 20 मिनट से ज्यादा का समय लग रहा था। यह जानकारी एक राहगीर महेश ने दी, जो इस जाम में फंसे हुए थे। सोमवार दोपहर एक बजे आवास विकास की ओर आने वाली सड़क पर भी वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। लोहमंडी से मदिया कटरा की ओर आने वाले वाहन भी जाम में बुरी तरह फंसे रहे। स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोपहर में स्कूलों की छुट्टी हुई। दिल्ली गेट से मदिया कटरा तक वाहन रेंग-रेंग कर चले। इस भीषण जाम में लगभग 15 मिनट तक एक एंबुलेंस भी फंसी रही, जो चिंता का विषय है। यात्री परेशान, पैदल चलने को मजबूर मदिया कटरा चौराहे पर जाम में फंसी एक महिला गौरा ने बताया कि वह ऑटो में बैठी थीं, लेकिन लंबे इंतजार के बाद उन्हें ऑटो से उतरकर पैदल ही आगे जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि यह समस्या अब रोज की बात हो गई है, जिससे लोगों का समय और धैर्य दोनों खत्म हो रहे हैं। एमजी रोड पर भी जाम, ट्रैफिक पुलिसकर्मी बेबस बोदला चौराहे पर भी हमेशा की तरह भारी जाम लगा रहा। एमजी रोड पर चल रहे मेट्रो के काम और स्कूल की छुट्टी के समय दोपहर बाद से ही यहाँ वाहन रेंगते हुए नजर आए। नाई की मंडी से लगभग हरिपर्वत चौराहे तक जाम जैसे हालात बने रहे। संकरी सड़कों, गड्ढों और यातायात के अत्यधिक दबाव से लोग बेहाल दिखे। ट्रैफिक पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात होकर जाम खुलवाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने और वैकल्पिक मार्ग खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर मेट्रो कार्य के साथ-साथ ट्रैफिक प्लानिंग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। यह घटना शहरी विकास परियोजनाओं के साथ-साथ यातायात प्रबंधन की आवश्यकता को उजागर करती है।

आगरा में रक्षाबंधन : शहर की छोटी-बड़ी सड़कें जाम, 5 मिनट का रास्ता बना 1 घंटे का सफर!

एमजी रोड पर लगा जाम

आगरा। रक्षाबंधन के त्योहार ने शुक्रवार को आगरा की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया। देर शाम तक शहर की छोटी-बड़ी सड़कें, खासकर एमजी रोड, घंटों जाम से जूझती रहीं। त्योहार की खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ और सड़कों पर बेतरतीब वाहनों के कारण लोगों को 5 मिनट का रास्ता तय करने में 1 घंटे तक का समय लग गया। रात 11 बजे तक यह स्थिति बनी रही, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर लगा भीषण जाम रक्षाबंधन के चलते आगरा के बाजारों में शुक्रवार को दिनभर और देर रात तक भीड़ उमड़ी रही। लोगों ने जमकर खरीदारी की, लेकिन सड़कों पर जाम की स्थिति ने त्योहार की खुशी को कम कर दिया। भगवान टॉकीज से जिला मुख्यालय तक एमजी रोड पर वाहन रेंगते रहे। सुल्तानगंज की पुलिया से लंगड़े की चौकी की ओर जाने वाले रास्ते पर भी भीषण जाम लग गया। इसके अलावा, ईदगाह चौराहा से खेरिया मोड़ के पुल और मथुरा हाईवे पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। शहर के अन्य व्यस्त इलाकों जैसे आवास विकास, भवना क्लार्क, गुरुद्वारा पुल वाला रास्ता भी जाम से पूरी तरह से चौक हो गया। यह स्थिति लगभग रात 11 बजे तक बनी रही, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई। शहर के इन इलाकों में भी यातायात ठप रक्षाबंधन त्यौहार के कारण आगरा के विभिन्न हिस्सों में जाम की स्थिति बनी रही, जिनमें प्रमुख रूप से एमजी रोड, सुल्तानगंज पुलिया से लंगड़े की चौकी, आवास विकास, गुरु का लाल, वाटर वर्क्स, रामबाग, सिकंदरा, ईदगाह, बोदला, रामनगर, खिरिया मोड़, ईदगाह बस स्टैंड, शाहगंज, राजा मंडी, हरी पर्वत और सिंधी बाजार शामिल हैं। यातायात पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद, त्योहार की भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल साबित हुआ, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

आगरा में ‘ट्रैफिक रेंगता है’ का हाल! हरीपर्वत से आवास विकास तक ‘गड्ढे-अतिक्रमण का सफर’: 4 KM की दूरी 30 मिनट में, ‘मांएं स्कूल से लौटते बच्चों का करती हैं इंतजार’

आगरा। आगरा शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक, हरीपर्वत से आवास विकास तक का मार्ग, इन दिनों शहरवासियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं। महज 4 किलोमीटर की यह दूरी, जिसे सामान्यतः 10 मिनट में तय किया जा सकता है, अब 25 से 30 मिनट का समय ले रही है। सबसे ज़्यादा पीड़ा उन माताओं को उठानी पड़ रही है, जो स्कूल से अपने बच्चों के लौटने का बेसब्री से इंतजार करती हैं, क्योंकि बच्चों को थोड़ी सी दूरी तय करने में भी घंटों लग रहे हैं। इस रूट पर ट्रैफिक चलता नहीं, बल्कि रेंगता है, जिसका मुख्य कारण जगह-जगह मौजूद गड्ढे और बेतहाशा अतिक्रमण है, जिसने पूरे रास्ते को एक बड़े जाम में तब्दील कर दिया है। हरीपर्वत से ही शुरू हो जाती है मुसीबत: स्कूल टाइम और शाम को ‘हाल बेहाल’ स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस परेशानी की शुरुआत हरीपर्वत चौराहे से ही हो जाती है, जहां से सड़क पर गड्ढे मिलने लगते हैं। दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय और शाम 6 से 8 बजे के बीच इस रूट पर सबसे भीषण जाम लगता है। खासकर दिल्ली गेट से लेकर मदिया कटरा पुल और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान तक वाहन मुश्किल से आगे बढ़ पाते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिल्ली गेट पर स्थित अस्पतालों की पार्किंग में खड़े वाहन भी अक्सर सड़क पर ट्रैफिक को रोक देते हैं, जिससे जाम और बढ़ जाता है। मदिया कटरा पर केवल एक लेन होने के कारण टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, और गाड़ियां बस रेंगती रहती हैं। जाम के कारण स्कूल से लौटते बच्चों को गर्मी और उमस में भारी परेशानी होती है, जिससे मांओं की चिंता बढ़ती है कि उनका बच्चा कब घर आएगा, कब खाएगा और कब सो पाएगा। बारिश में हालात और बदतर: नालियां ओवरफ्लो, सड़कें बन जाती हैं तालाब मदिया कटरा चौराहे पर दुकानदारों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दोपहर और शाम को रोज आवास विकास से आने वाले वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। वहीं एक रेहड़ी लगाने वाले ने बताया कि चौराहे से लेकर मानसिक चिकित्सालय तक हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है। सड़कें तालाब जैसी बन जाती हैं, जिससे गाड़ियां फंस जाती हैं। नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगती हैं, और जलभराव से हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे यह 4 किलोमीटर का सफर बारिश के दिनों में 45 मिनट तक का समय ले सकता है। 16 सेक्टरों को जोड़ता है यह अहम मार्ग, हजारों वाहन रोज गुजरते हैं यह मार्ग आवास विकास कॉलोनी के 16 सेक्टरों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। मदिया कटरा से होकर लोहामंडी, न्यू राजामंडी और सिकंदरा पुल जाने वाले हजारों लोग रोजाना इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, यह मार्ग मथुरा और दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए भी एक अहम कड़ी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली से हजारों लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने और ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि शहरवासियों को इस रोजमर्रा के ‘जाम और गड्ढों के सफर’ से मुक्ति मिल सके।

आगरा की ‘लाइफ-लाइन’ अब ‘गड्ढा-लाइन’: मेट्रो निर्माण ने MG रोड को बनाया नरक, DM आवास के बाहर ही दिखी चकाचक सड़क!

आगरा। आगरा की जिस एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ कहा जाता था, वह अब ‘गड्ढा-लाइन’ में तब्दील हो गई है! बारिश और मेट्रो के निर्माण कार्य ने इस मुख्य सड़क की ऐसी दुर्दशा कर दी है कि हर 10 मीटर पर गहरे गड्‌ढे, बेहिसाब धूल के गुबार और हर मोड़ पर जलभराव लोगों के लिए बड़ी आफत बन गया है। आलम यह है कि शहर के केंद्र से गुजरने वाली इस सड़क पर डीएम आवास के ठीक बाहर का छोटा-सा हिस्सा ही चकाचक है, जबकि बाकी जगहों पर सफर करना किसी जोखिम भरे अभियान से कम नहीं। 7 KM का सफर बना ‘परीक्षा’, 50 मीटर भी बिना गड्ढे नहीं दैनिक भास्कर टीम ने भगवान टॉकीज से अवंतीबाई चौराहे तक करीब 7 किलोमीटर के एमजी रोड का जायजा लिया, और चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे रास्ते में 50 मीटर सड़क भी ऐसी नहीं मिली जिस पर कोई गड्ढा न हो। वाहनों की रफ्तार थम सी गई है, और यात्री हिचकोले खाते हुए निकल रहे हैं। अधिकारियों के घर के आगे चमकती सड़क, बाकियों को धूल और जाम की मार एमजी रोड की यह बदहाली तब और अखरती है जब पता चलता है कि जिलाधिकारी, सीएमओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के घरों के ठीक सामने वाला सड़क का हिस्सा बिल्कुल दुरुस्त है। यह स्थिति आम जनता के लिए दोहरी मार है। एमजी रोड पर जगह-जगह बिखरी गिट्टी और गड्ढे, साथ ही नालियों के अभाव में जलभराव, ने इस सड़क को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ से हटाकर ‘परेशानी की लाइन’ बना दिया है। सवाल यह है कि आगरा की इस सबसे महत्वपूर्ण सड़क की दुर्दशा पर कब तक आंखें मूंदी जाएंगी और नागरिकों को इस जोखिम भरे सफर से कब मुक्ति मिलेगी।

सावधान आगरा! सावन के आख़िरी सोमवार पर कहीं जाम में न फंस जाना: ये रहा पूरा रूट डायवर्जन प्लान, अभी पढ़ लो!

आगरा। सावन के पवित्र महीने का आख़िरी सोमवार आ गया है और इसके साथ ही शिवभक्तों की भीड़ और कांवड़ यात्रा को देखते हुए आगरा की ट्रैफिक पुलिस ने शहर की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अगर आप सोमवार को घर से निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है! रविवार शाम 4 बजे से लेकर सोमवार देर रात तक शहर में भारी वाहनों की ‘नो एंट्री’ रहेगी, ताकि आप जाम में न फंसें और कांवड़ियों को कोई दिक्कत न हो। कहां-कहां रहेगी ‘नो एंट्री’ और कैसे निकलना है? ये रास्ते भारी वाहनों के लिए रहेंगे बंद: कांवड़ियों का रास्ता रहेगा साफ: मंदिरों के आसपास भी रहेगी खास व्यवस्था: क्या हैं आपके लिए वैकल्पिक रास्ते? ट्रैफिक पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि वे इन निर्देशों का पालन करें और सड़क पर कांवड़ियों को प्राथमिकता दें। अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ये रूट डायवर्जन ज़रूर पढ़ लें, ताकि सोमवार को आपको कोई परेशानी न हो!

आगरा में 3 घंटे की मूसलाधार बारिश से हाहाकार: शहर डूबा, सड़कें बनीं तालाब, गाड़ियां रेंगती दिखीं!

आगरा। गुरुवार दोपहर को हुई महज 3 घंटे की तेज बारिश ने आगरा शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। मूसलाधार बारिश के चलते शहर की सड़कें और कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाले और नालियां उफन पड़े, और सड़कें किसी तालाब से कम नहीं लग रही थीं। घरों-दुकानों में घुसा पानी, यातायात व्यवस्था चरमराई बारिश का पानी तेजी से लोगों की दुकानों और मकानों में घुस गया, जिससे कई लोग अपने घरों में कैद हो गए। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और जगह-जगह लंबा जाम लग गया। सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई और वे रेंगती नजर आईं। शहर के कई इलाकों में गाड़ियां बंद पड़ गईं, जिन्हें राहगीरों की मदद से किनारे लगाना पड़ा। सड़कों पर एक फुट तक पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। इन इलाकों में दिखा सबसे बुरा हाल बारिश का सबसे अधिक असर शहर के व्यस्ततम इलाकों में देखने को मिला। हर बारिश में एक ही कहानी: कब सुधरेगी जल निकासी व्यवस्था? यह पहली बार नहीं है जब आगरा में थोड़ी सी बारिश के बाद शहर जलमग्न हो गया हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी ही स्थिति बनी है, जब लोगों को जलभराव और घंटों लंबे जाम का सामना करना पड़ा है। शहर की बेहद खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण यह समस्या हर साल और गंभीर होती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, ताकि बारिश उनके लिए आफत न बने।

आगरा की ‘लाइफलाइन’ MG रोड बदहाल: गड्ढों का राज, घंटों का जाम और बारिश में जलभराव से लोग बेहाल!

आगरा। कभी शहर की शान और लाइफलाइन कही जाने वाली एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) अब आगरावासियों के लिए सिरदर्द बन गई है। जगह-जगह बने गड्ढे, मेट्रो निर्माण के कारण संकरी हो चुकी लेन और बारिश के दिनों में भारी जलभराव ने इस व्यस्ततम सड़क को बदहाल कर दिया है। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर जाकर जो स्थिति देखी, वह चिंताजनक है। भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक बदहाली का आलम एमजी रोड पर भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक लगभग पूरे मार्ग पर गड्ढों और लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो परियोजना के चलते सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। ऊपर से सड़क की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह गहरे गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते सफर को बेहद मुश्किल बना देते हैं। हर दिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन विशेष रूप से सुबह ऑफिस और स्कूल-कॉलेज के समय और शाम को घर लौटते समय ट्रैफिक जाम चरम पर होता है। सैंट जॉन्स चौराहे और सूरसदन चौराहे से पहले भी सड़क की स्थिति बेहद खराब है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में और बिगड़ते हालात, सिर्फ खानापूर्ति का पैचवर्क बारिश होने पर एमजी रोड की हालत और भी बदतर हो जाती है। गड्ढे पानी से भर जाते हैं और सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों दोनों को परेशानी होती है। हादसों का डर हमेशा बना रहता है। सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं दिख रहा है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। राजा मंडी चौराहे पर भी ऐसा ही पैचवर्क देखा गया, जो बारिश में फिर से धुल जाता है। मेट्रो परियोजना बेशक शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन जब तक इसके साथ यातायात प्रबंधन और सड़कों की उचित मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक शहरवासियों की मुश्किलें कम नहीं होंगी। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि शहर की लाइफलाइन को फिर से सुचारु बनाया जा सके।

आगरा में व्यापारियों का ‘हाउस टैक्स’ पर हंगामा: नगर निकायों पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, बोले- ‘मनमाने तरीके से बढ़ा रहे टैक्स, सीवर-जलकर की भी लूट!’

आगरा। आगरा में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के खिलाफ व्यापारियों ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने आज नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा कि स्थानीय निकाय G.I. सर्वे के नाम पर मनमाने तरीके से हाउस टैक्स बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार के 28 जून 2024 के आदेश को दरकिनार किया जा रहा है। “सीवर नहीं, फिर भी सीवर टैक्स! पेयजल का अभाव, फिर भी जलकर वसूली!” संगठन के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सीवर की सुविधा तक नहीं है, वहाँ भी सीवर टैक्स वसूला जा रहा है। इसके अलावा, बाजारों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था न होने के बावजूद जलकर वसूली जारी है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजारों में वाटर कूलर लगाए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर निगम और पालिका के अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तरों में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती है। साथ ही, बरसात में जलभराव, कूड़ा निस्तारण में लापरवाही, और सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट आदि की बदहाल स्थिति से व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। “आवारा जानवरों का आतंक, अतिक्रमण पर आंखें मूंदे प्रशासन” संगठन ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि नगर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है। वहीं, शहर की बड़ी समस्या अतिक्रमण और जाम को दूर करने के लिए स्ट्रीट वेंडर अधिनियम 2014 को अब तक ठीक से लागू नहीं किया गया है। व्यापारियों की ओर से मांग की गई है कि इन सभी समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और संबंधित निकायों को जवाबदेह बनाया जाए। ज्ञापन देने आए प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे, मुकेश सिंह, मनोज गुप्ता, संजय गुप्ता, कपूर चंद रावत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। व्यापारियों का यह विरोध नगर निकायों के कामकाज पर सवालिया निशान लगाता है और उनकी जवाबदेही की मांग करता है।

आगरा के लोहामंडी में ‘डिवाइडर पॉलिटिक्स’: नए RCC डिवाइडर से बढ़ी व्यापारियों की ‘टेंशन’, मेयर ने दिया ‘जाम’ न लगने का आश्वासन!

आगरा। आगरा के मदिया कटरा से लोहामंडी जाने वाली सड़क पर लगाए जा रहे नए आरसीसी डिवाइडर ने व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दुकानदारों का कहना है कि इन डिवाइडरों से सड़क इतनी संकरी हो गई है कि ग्राहकों को वाहन खड़े करने में दिक्कत होगी और भयंकर जाम लगने की आशंका है। हालांकि, मेयर हेमलता दिवाकर ने मौके का निरीक्षण कर आश्वासन दिया है कि डिवाइडर बनने के बाद कोई परेशानी नहीं आएगी। मेट्रो के काम से पहले ही संकरी सड़कें, अब डिवाइडर का ‘वार’ लोहामंडी से मदिया कटरा मार्ग पर आरसीसी के डिवाइडर लगाए जा रहे हैं, जिसका व्यापारी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। व्यापारी राकेश बंसल का कहना है कि मेट्रो के काम की वजह से एमजी रोड के वाहनों को पहले से ही इस मार्ग से निकाला जा रहा है, जिससे यहाँ की सड़कें और भी संकरी हो गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब यहाँ से बड़े वाहन गुजरेंगे, तो जाम लगना तय है, जिससे सभी व्यापारी भाइयों का व्यापार प्रभावित होगा। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि कुछ महीने पहले नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर लोहे के डिवाइडर लगाए थे। अब उन्हें तोड़कर आरसीसी के डिवाइडर लगाए जा रहे हैं, जिससे निगम पर राजस्व के धन को बर्बाद करने का आरोप लग रहा है। लोगों का कहना है कि लोहे की रेलिंग सड़क की जगह भी कम घेर रही थी और लोगों को कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन अब आरसीसी के डिवाइडर जाम का कारण बनेंगे। पार्षद विक्रांत ने बताया कि मदिया कटरा की सड़क पर कुछ हिस्से में डिवाइडर लग गए हैं। पुलिस चौकी के पास की सड़क पहले से ही संकरी है और लोग अपने वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा कर देते हैं, जिससे जाम लग जाता है। डिवाइडर लगने से सड़क और संकरी हो गई है, जिसकी वजह से व्यापारी नाराजगी जता रहे हैं। मेट्रो कार्य की वजह से लोग वैकल्पिक मार्ग चुनते हैं, जिससे दिल्ली गेट से हलवाई की बगीची की ओर जाने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस को दिल्ली गेट से आने वाले वाहनों को मटिया कटरा मार्ग से घुमा कर हलवाई की बगीची की ओर भेजना पड़ता है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। दशकों से अतिक्रमण का दंश झेल रहा है मार्ग, अब डिवाइडर पर विवाद आपको बता दें कि दशकों से लोहामंडी के इस मार्ग पर सरकार द्वारा निशान लगाकर स्थानीय निवासियों को अतिक्रमण की जानकारी दी गई थी, लेकिन इतने सालों बाद भी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह स्थिति दर्शाती है कि शहर की नियोजित विकास में कहाँ कमी रह गई है। अब पुराने अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई किए बिना, नए डिवाइडर लगाकर समस्या को और बढ़ाने का आरोप लग रहा है। मेयर ने दिया ‘जाम’ न लगने का आश्वासन पार्षद विक्रांत ने बताया कि मेयर हेमलता दिवाकर ने आज मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि डिवाइडर तो बनाए जाएंगे, जिससे एमजी रोड पर जाम न लगे। मेयर ने आश्वासन दिया कि डिवाइडर का काम मदिया कटरा से लोहामंडी थाने तक किया जाना है और इससे यहाँ के व्यापारियों और लोगों को कोई परेशानी नहीं आएगी। अब देखना यह होगा कि मेयर का यह आश्वासन जमीन पर कितना खरा उतरता है और क्या ये नए डिवाइडर जाम की नई वजह बनेंगे या यातायात को सुगम करेंगे।

आगरा का कैलाश मेला बना ‘जामला’: 5 मिनट का सफर 3 घंटे में, एम्बुलेंस भी फंसी, प्रशासन की व्यवस्था हुई ‘फेल’!

आगरा। सावन के तीसरे सोमवार को आगरा में आयोजित कैलाश मेला इस बार भक्तों के लिए नहीं, बल्कि भयंकर जाम के लिए चर्चा में रहा। शहर की सड़कों पर ऐसा यातायात प्रभावित हुआ कि आमतौर पर 5 मिनट का सफर तय करने में लोगों को पूरे 3 घंटे लग गए। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि कई एम्बुलेंस भी घंटों तक जाम में फंसी रहीं, जिससे प्रशासन की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई। रूट डायवर्जन के बावजूद सड़कों पर ‘वाहनों का रेला’ शाम 6 बजे से भगवान शिव के भक्तों का मेला देखने के लिए निकलना शुरू हुआ और हजारों की संख्या में लोग कैलाश मेले में पहुँचे। जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन प्लान जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद शहर की प्रमुख सड़कों पर तीन से चार घंटे तक भारी जाम लगा रहा। भगवान टॉकीज से मथुरा की ओर जाने वाले वाहन सिकंदरा पर बुरी तरह फंस गए, क्योंकि प्रशासन के प्लान के बावजूद कई बड़े वाहन मेले की ओर चले गए। गुरु के ताल वाला मार्ग भी जाम से अछूता नहीं रहा, वहाँ भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने सिकंदरा की ओर जाने वाले वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग वैकल्पिक रास्तों से वहाँ तक पहुँच गए, जिससे और अधिक जाम लग गया। शहर के कई इलाकों में लगा जाम का ‘झाम’ कैलाश मेले की वजह से शहर की अन्य छोटी-बड़ी सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया, और कई जगह जाम लग गया। मदिया कटरा, लोहा मंडी, हरी पर्वत, भगवान टॉकीज, सिकंदरा, बोदला, और मेले के आसपास के कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बार के कैलाश मेले में यातायात प्रबंधन की यह विफलता प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई, जिससे भक्तों को असुविधा और आपातकालीन सेवाओं में बाधा का सामना करना पड़ा।

आगरा में ‘जाम’ का नया संकट: MG रोड के बाद अब हाईवे सर्विस रोड भी होगी संकरी, मेट्रो ने बढ़ाई ‘मुसीबत’!

आगरा। आगरा में मेट्रो का काम शहर की यातायात व्यवस्था को लगातार चुनौती दे रहा है। एमजी रोड पर पहले से ही जाम की समस्या झेल रहे आगरावासियों के लिए अब एक और मुश्किल खड़ी होने वाली है। नेशनल हाईवे-19 की सर्विस रोड भी मेट्रो के काम के लिए संकरी होने जा रही है। भगवान टॉकीज से अबुल उलाह की दरगाह तक बैरिकेडिंग की तैयारी की जा रही है, जिससे यह महत्वपूर्ण सर्विस रोड केवल 4 मीटर चौड़ी रह जाएगी! अबुल उलाह से सुल्तानगंज की पुलिया तक सर्विस रोड पर पहले से ही बैरिकेडिंग हो चुकी है। हाईवे पर ‘संकट’ गहराया: ISBT से गुरु का ताल तक पहले से बंद सर्विस रोड यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब हाईवे पर खंदारी से सिकंदरा के बीच पहले से ही मेट्रो का काम चल रहा है। इस वजह से ISBT से गुरुद्वारा गुरु का ताल तक एक तरफ की सर्विस रोड लगभग बंद है, जिससे पूरे शहर का यातायात नेशनल हाईवे पर ही दौड़ रहा है। पहले चरण में भगवान टॉकीज से सुल्तानगंज पुलिया तक 4 मीटर चौड़ी सर्विस रोड से वाहन दौड़ेंगे, और जल्द ही इससे आगे तक बैरिकेडिंग की तैयारी की जाएगी। मेट्रो ने सुल्तानगंज की पुलिया पर दो रिंग मशीनें लगा दी हैं और भगवान टॉकीज से रामबाग जाने वाली सर्विस रोड पर भी बैरिकेडिंग की तैयारी पूरी कर ली है। व्यापारियों की बढ़ी ‘चिंता’: कारोबार पर पड़ेगा असर भगवान टॉकीज से अबुल उलाह दरगाह तक सर्विस रोड करीब 8 से 9 मीटर चौड़ा है। यह क्षेत्र कार डेकोरेशन, ऑटो पार्ट्स, पेठा कारोबारी, मोटरसाइकिल, ई-व्हीकल, कार डीलरशिप, होटल और हलवाई सहित विभिन्न व्यवसायों का गढ़ है। दिनभर यहां हजारों गाड़ियां रोड पर खड़ी होती हैं और उनमें काम होता है, जिससे पहले से ही जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में बैरिकेडिंग के बाद यहां व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों के लिए मुश्किल और बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। आगरा में बन रहे दो मेट्रो कॉरिडोर: उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) आगरा में 29.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बना रहा है: पहला कॉरिडोर लगभग 2 किलोमीटर और दूसरा कॉरिडोर करीब 7 किलोमीटर तक हाईवे सर्विस रोड पर चलेगा, जिससे इन इलाकों में यातायात की चुनौती और बढ़ेगी। आगरा में नेशनल हाईवे-19 लगभग 24 मीटर चौड़ा है, जिसकी दोनों लेन 12-12 मीटर की हैं और सर्विस रोड 7.5 मीटर की है।

आगरा में ‘जाम’ का ‘जाल’: MG रोड पर मेट्रो ने बिछाया ‘बैरिकेडिंग का मायाजाल’, वैकल्पिक रास्ते हैं…पर ‘अंधेरे में’ भटक रहे लोग!

आगरा। आगरा में मेट्रो का काम शहर की रफ्तार को ‘जाम’ कर रहा है! एमजी रोड पर मेट्रो निर्माण के चलते लगी बैरिकेडिंग ने यातायात को ‘धीमा’ कर दिया है, जिससे लोग रोज घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्लान तो बनाया, लेकिन सबसे बड़ी चूक ये हुई कि इन रास्तों पर कोई संकेतक (साइनबोर्ड) नहीं लगाए गए! नतीजा ये कि लोग इन वैकल्पिक रास्तों से अनजान हैं और ‘जाम’ के दलदल में फंसकर परेशान हो रहे हैं। एमजी रोड पर ‘संकरा’ रास्ता, स्कूलों की छुट्टी में ‘महाजाम’ प्रतापपुरा चौराहे से सूरसदन तक एमजी रोड पर मेट्रो का काम चल रहा है, जिससे कई जगह बैरिकेडिंग लगा दी गई है। इसने रोड को इतना ‘संकरा’ कर दिया है कि रोज जाम लगना आम बात हो गई है। स्कूलों की छुट्टी के समय तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब बच्चों के वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहते हैं। प्लान तो बना, पर ‘दिशाहीन’ हुए वाहन चालक! जिला प्रशासन ने जाम से राहत के लिए कुछ वैकल्पिक रास्ते सुझाए थे, लेकिन बिना संकेतकों के वे किसी काम के नहीं आ रहे: मदिया कटरा निवासी मनोज मिश्रा ने बताया कि मदिया कटरा पर रोज जाम में फंसना पड़ रहा है। 5 मिनट का रास्ता 30 मिनट में तय होता है। उनका कहना है कि अंदरूनी मार्ग भी वाहनों के बढ़ते दबाव को झेल नहीं पा रहे हैं। अब सवाल यह है कि प्रशासन ने प्लान तो बना लिया, लेकिन उसे ज़मीन पर उतारने में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती? जब तक सही संकेतक नहीं लगेंगे, तब तक आगरा की जनता को इस ‘जाम’ के जाल से मुक्ति मिलना मुश्किल है।

आगरा मेट्रो लाएगी ‘जाम’ से राहत! गुरु का ताल पर पिलर, तो कामायनी कट खुलने से हजारों को फायदा

आगरा। आगरा मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन ‘गुरु का ताल कट’ पर पिलर निर्माण से वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी समस्या से निपटने के लिए यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन (UPMRC) ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से कामायनी कट को फिर से खोलने की मांग की है। अगर यह कट खुल जाता है, तो सिकंदरा तिराहा पर लगने वाले जाम से हजारों स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है! हालांकि, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पिलर की खुदाई का काम फिलहाल रोकना पड़ा है। गुरु का ताल पर ‘बदलाव’, अब कामायनी कट पर नज़र नेशनल हाईवे-19 स्थित गुरु का ताल कट के आधे हिस्से में मेट्रो पिलर बनने जा रहा है। इसे देखते हुए इस कट को पूरी तरह बंद करने की तैयारी है, जो इसी सप्ताह शुरू होगा। वाहनों का दबाव कम करने के लिए UPMRC ने NHAI मथुरा खंड से कामायनी कट को खोलने की अनुमति मांगी है। यह कट खुलने से भावना एस्टेट सहित आसपास के हजारों लोगों को फायदा होगा। अभी ये लोग सिकंदरा तिराहा या फिर गुरु का ताल कट से गलत साइड से गुजरते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बता दें कि कामायनी कट अक्टूबर 2020 में बंद किया गया था, जिसके बाद से गुरु का ताल तिराहा पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है और अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो का काम जारी: रात में ट्रैफिक डायवर्ट खंदारी चौराहा से सिकंदरा तिराहा तक तीन किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बन रहा है। ISBT तक ट्रैक बन चुका है। अब ISBT से गुरु का ताल कट होते हुए सिकंदरा तिराहा तक काम चल रहा है। गुरु का ताल कट के आधे हिस्से पर स्टेशन का पिलर बनेगा। UPMRC ने पुराने कट से 80 मीटर की दूरी पर एक नया कट बनाया है, जो डीवीवीएनएल कार्यालय की तरफ है। यह नया कट इसी सप्ताह चालू हो जाएगा और पुराना कट एक साल के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। UPMRC के अधिकारियों ने बताया कि कामायनी कट पर तीन महीने में काम पूरा हो जाएगा। NHAI से इसे खोलने की अनुमति मांगी गई है। यदि अनुमति मिलती है, तो एक पिलर से दूसरे पिलर के बीच डिवाइडर नहीं बनेगा, जिससे यातायात सुगम रहेगा। मेट्रो पिलर बनाने का काम तेजी से चल रहा है, जिसके लिए रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट या बंद करने की अनुमति ली गई है। इस दौरान 16 रिग मशीनों से खुदाई और पिलर पर स्पान व गर्डर चढ़ाने का काम होगा। यमुना का जलस्तर बढ़ा, पिलर का काम रुका यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण UPMRC ने नदी पर पिलर की खुदाई का काम फिलहाल रोक दिया है। जलस्तर सामान्य होने के बाद ही यह कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।

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