Agra Metro: RBS कॉलेज तक संचालन 6 माह लेट, अब मार्च 2026 में शुरू

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Agra Metro का RBS कॉलेज तक संचालन रेलवे की NOC में 5 महीने की देरी के कारण 6 माह लेट हो गया है। UPMRC के पंचानन मिश्रा ने बताया कि ट्रायल जनवरी 2026 में शुरू होंगे और सुरक्षा टीम की हरी झंडी के बाद मार्च 2026 तक सेवाएं शुरू हो पाएंगी। आगरा शहर के लिए एक बड़ी खबर है, जहाँ उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के पहले कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण चरण अब 6 महीने लेट हो गया है। आरबीएस कॉलेज तक मेट्रो ट्रेन का संचालन अब इस साल अक्टूबर के बजाय अगले साल मार्च (2026) में शुरू हो पाएगा। इस देरी का मुख्य कारण रेलवे की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने में लगा समय बताया गया है। देरी का कारण और नया लक्ष्य ट्रायल रन की तैयारी परियोजना में देरी के बावजूद, यूपीएमआरसी ने मेट्रो के ट्रायल रन की तैयारियां तेज कर दी हैं। सिविल कार्य और सुविधाएं सिविल कार्य पूरे होने के बाद, आगरावासी ताज पूर्वी से आरबीएस कॉलेज स्टेशन तक मेट्रो का सफर कर सकेंगे।

आगरा: मेट्रो में ‘आयरन स्पेन’ तकनीक का इस्तेमाल, ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

आगरा। आगरा में मेट्रो परियोजना के तहत एमजी रोड पर लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए एक उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर दो जगहों पर 60-60 मीटर लंबे ‘आयरन स्पेन’ लगाए जाएंगे। इस तकनीक से रावली और हरीपर्वत पर रेलवे पुल को पार करने के लिए पिलर बनाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, जिससे सड़क पर यातायात बाधित नहीं होगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) इस तकनीक का उपयोग एमजी रोड पर कर रहा है। आयरन स्पेन लोहे और कंक्रीट से बना एक ऐसा हिस्सा होता है जो दो खंभों या छोरों के बीच की दूरी को जोड़ता है और ट्रैक को सहारा देता है। यह तकनीक आसानी से नदियों, खाईयों या रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर से ट्रैक को गुजारने में मदद करती है। UPMRC इस तकनीक का उपयोग पहले भी लखनऊ के अवध चौराहे पर कर चुका है। आगरा में 29.4 किलोमीटर के दो मेट्रो कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। पहला कॉरिडोर ताजमहल ईस्ट गेट से सिकंदरा तक 15 किलोमीटर लंबा है, जबकि दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी बिहार के बीच 14.4 किलोमीटर का है। दूसरे कॉरिडोर पर 14 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जो शहर की लाइफलाइन एमजी रोड से होकर गुजरेंगे। एमजी रोड पर सिंगल पिलर स्टेशन बनाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में सड़क के चौड़ीकरण में कोई बाधा न आए। इसके अलावा, आगरा कॉलेज स्टेशन पर एमजी रोड को पार करने के लिए सब-वे का भी निर्माण किया गया है, जिससे लोगों को सुविधा मिलेगी। एसएन मेडिकल कॉलेज में पुलिस की दादागिरी, डॉक्टर हड़ताल पर; मरीज़ों की बढ़ी मुसीबत मिशन शक्ति अभियान के तहत निकाली गई वाहन रैली

आगरा में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, पुलिस कमिश्नर ने बैठक में लिए 10 अहम फैसले

आगरा। आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर और मेट्रो निर्माण कार्य के कारण शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कई विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में जिलाधिकारी आगरा, आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, कैंटोनमेंट बोर्ड, रोडवेज के आरएम/एआरएम, एआरटीओ, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता, स्मार्ट सिटी, एनएचएआई, मेट्रो परियोजना के एमडी और टोरेंट पावर जैसे कई विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा किए गए सर्वे के बाद बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनके जल्द से जल्द क्रियान्वयन का आश्वासन संबंधित विभागों ने दिया है। बैठक में लिए गए 10 महत्वपूर्ण निर्णय: इन निर्णयों से शहर के लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस आयुक्त @DeepakKumarIPS2 द्वारा कमिश्नरेट आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर एवं मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शहर में बढ़ते यातायात दबाव के दृष्टिगत शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु कई विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जिलाधिकारी… pic.twitter.com/93RQ9mWf0h — POLICE COMMISSIONERATE AGRA (@agrapolice) September 11, 2025 आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो पर प्रतिबंध, पुलिस ने जारी की अधिसूचना शहर के नगर जोन में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध भगवान टॉकीज चौराहे से लेकर अवंतीबाई चौराहे (एमजी रोड) तक प्रभावी रहेगा। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार ने उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की है। इसमें बताया गया है कि नगर जोन में ई-रिक्शा और ऑटो के अधिक संचालन के कारण मुख्य मार्गों पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि आगरा आने वाले पर्यटकों को भी भारी परेशानी होती है। अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि नए ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे यातायात व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह आदेश अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से ही प्रभावी हो गया है। इस कदम से एमजी रोड पर यातायात का दबाव कम होने और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

​आगरा ट्रैफिक अपडेट: शहर में दोहरी चुनौती से जूझ रहे लोग

​आगरा में सोमवार दोपहर को ट्रैफिक की स्थिति बेहद खराब हो गई है, जिससे लोगों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रतापपुरा चौराहे से लेकर कलेक्ट्रेट और धौलपुर हाउस तक भारी जाम लगा हुआ है। 🚦 यह जाम मुख्य रूप से आगरा मेट्रो के निर्माण कार्य के कारण हो रहा है, जिससे 10 मिनट का सफर करने में भी लोगों को एक घंटे तक का समय लग रहा है। ​बाढ़ और जाम की दोहरी मार ​दूसरी तरफ, यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण हाथी घाट रोड पर भी पानी भर गया है, जिससे यहाँ भी ट्रैफिक पूरी तरह से रुक गया है। 🌊 यह स्थिति शहर के ट्रैफिक को और भी जटिल बना रही है। यात्रियों और वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक अपडेट्स की जांच कर लें। यह स्थिति सोमवार दोपहर 12:30 बजे की है और कब तक सामान्य होगी, यह कहा नहीं जा सकता। ​आप अपनी यात्रा की योजना इस जाम और जलभराव को ध्यान में रखकर करें ताकि आपको असुविधा न हो।

आगरा में अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, ‘अमेरिका ने जो टैरिफ लगाया, वो BJP के मुंह पर लगा’

आगरा। राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, धौलपुर के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए आगरा आए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ का जिक्र करते हुए कहा कि “यह टैरिफ ऐसा लगा है कि भाजपा के मुंह पर भी टैरिफ लग गया है।” जीएसटी और नोटबंदी पर सरकार को घेरा अखिलेश यादव ने जीएसटी में संशोधन को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इतने सालों बाद जीएसटी में बदलाव करना यह दिखाता है कि सरकार ने जानबूझकर जनता से टैक्स वसूला। उन्होंने सवाल उठाया कि यह पैसा कहाँ गया? यदि इसे अस्पताल, सड़क या बिजली पर खर्च किया जाता, तो जनता को फायदा होता। उन्होंने नोटबंदी की याद दिलाते हुए कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा किया था, लेकिन सच्चाई यह है कि भ्रष्टाचार बढ़ा है। चीन से सावधान रहने की दी सलाह भारत-चीन संबंधों पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमें चीन से सावधान और चौकन्ना रहना होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका से व्यापारिक संबंध मजबूत बनाना भारत के हित में है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय वहाँ पढ़ाई और काम के लिए जाते हैं। आगरा के ट्रैफिक और मेट्रो का मुद्दा उठाया उन्होंने आगरा के ट्रैफिक जाम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आगरा एक स्मार्ट सिटी है, फिर भी लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार ने आगरा मेट्रो को मंजूरी दी थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने उसके काम को तेजी से आगे नहीं बढ़ाया। वोट बचाने की अपील अखिलेश यादव ने जनता से अपना वोट बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर लोग अपना वोट बचाएंगे, तो लोकतंत्र बचेगा, उनके प्रमाणपत्र, राशन कार्ड और नौकरियाँ बचेंगी, और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का संविधान भी बचेगा। अखिलेश यादव अपने स्कूल के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आगरा के मुगल होटल में लगभग ढाई घंटे रुके। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता उनका इंतजार करते रहे, लेकिन वे उनसे नहीं मिल सके। कार्यकर्ता करते रहे इंतजार शताब्दी समारोह में भाग लेने आए सपा अध्यक्ष का पार्टी कार्यकर्ता फतेहाबाद रोड स्थित पार्टी कार्यालय पर इंतजार करते रहे लेकिन वे नहीं पहुंचे। कार्यकर्ता शाम 6 बजे से कार्यालय पर पहुंचना शुरू हो गए थे। अखिलेश यादव का पहले कार्यक्रम में कार्यालय पर जाने का था लेकिन ऐन वक्त पर इसमें बदलाव किया गया।

आगरा में मेट्रो का काम बनी परेशानी, MG रोड पर जाम से निपटने के लिए 10 मशीनें लगाई गईं

आगरा। आगरा में मेट्रो कॉरिडोर का काम इन दिनों शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, खासकर एमजी रोड पर। यहां बैरिकेडिंग के कारण सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। इस समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने एमजी रोड पर काम को तेजी से पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एमजी रोड पर लगीं सबसे ज्यादा मशीनें शहर भर में मेट्रो कॉरिडोर के पिलर निर्माण के लिए कुल 18 मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें से 10 मशीनें सिर्फ एमजी रोड पर ही काम कर रही हैं। जबकि सुलतानपुरा, मॉल रोड, हाईवे और सुलतानगंज जैसे अन्य हिस्सों में बाकी की 8 मशीनों से काम चलाया जा रहा है। UPMRC का लक्ष्य है कि दिसंबर तक एमजी रोड पर पिलर का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि बैरिकेडिंग हटाकर लोगों को जाम से राहत मिल सके। एमजी रोड पर क्यों है ज्यादा दिक्कत? आगरा में कुल 29.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इसमें से एक कॉरिडोर एमजी रोड से होकर गुजरता है, जहां प्रतापपुरा से भगवान टॉकीज तक पिलर निर्माण के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस रोड की चौड़ाई 8 मीटर है, जो बैरिकेडिंग के बाद और भी संकरी हो गई है। सड़क के दोनों ओर शोरूम होने के कारण वाहनों के रुकते ही ट्रैफिक बाधित हो जाता है। पिछले महीने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया था कि जहां पिलर का काम पूरा हो गया है, वहां बैरिकेडिंग को थोड़ा अंदर खिसकाया जाएगा, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। इसी कारण एमजी रोड पर जाम की स्थिति बनी हुई है।

आगरा मेट्रो यात्रियों के लिए खुशखबरी: रेलवे और बस स्टेशन तक पहुंचने के लिए बनेंगे 8 फुटओवर ब्रिज

ISBT पर बन रहा मेट्रो का स्टेशन।

आगरा। आगरा मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को अब रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए सड़कों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 8 फुटओवर ब्रिज (FOB) बनाने की घोषणा की है, जो सीधे मेट्रो स्टेशनों को इन प्रमुख परिवहन केंद्रों से जोड़ेंगे। इस कदम से यात्रियों को सड़क पार करने की दिक्कत से निजात मिलेगी। कहां-कहां बनेंगे फुटओवर ब्रिज? ये फुटओवर ब्रिज पहले और दूसरे कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशनों पर बनाए जाएंगे। अक्टूबर से चलेगी ताजमहल से आरबीएस तक मेट्रो आगरा मेट्रो का पहला कॉरिडोर ताजमहल के पूर्वी गेट से सिकंदरा तक और दूसरा कालिंदी विहार से आगरा कैंट तक तैयार किया जा रहा है। फिलहाल मेट्रो का संचालन ताज ईस्ट गेट से मन:कामेश्वर मंदिर तक हो रहा है। इसके आगे के स्टेशन, मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा मंडी और आरबीएस कॉलेज का सिविल वर्क पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि अक्टूबर तक ताज ईस्ट गेट से आरबीएस कॉलेज तक मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा। फिलहाल, मेट्रो में यात्रियों की संख्या कम है, लेकिन अधिकारियों को उम्मीद है कि जब पहले कॉरिडोर का काम पूरा हो जाएगा और यात्री सीधे प्रमुख स्टेशनों से जुड़ पाएंगे, तो मेट्रो की सवारी करने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी।

आगरा मेट्रो: अक्टूबर से RBS तक दौड़ेगी ‘असली’ सवारी, अब ‘किटी पार्टी’ के भरोसे नहीं चलेगी मेट्रो!

आगरा। आगरा मेट्रो, जिसे लेकर अभी तक ‘किटी पार्टी’ और खाली ट्रेनों के चर्चे होते थे, अब RBS तक दौड़ने के लिए तैयार है! उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने पटरी बिछाने के काम में जबरदस्त तेजी दिखाई है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अक्टूबर 2025 से यात्री आरबीएस (RBS) कॉलेज तक मेट्रो का सफर कर सकेंगे। यह आगरावासियों के लिए एक बड़ी राहत होगी, क्योंकि अब उन्हें अपने शहर में आधुनिक परिवहन का अनुभव मिलेगा। सितंबर तक काम पूरा, फिर शुरू होगा सफर UPMRC के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहले कॉरिडोर में आरबीएस, राजा मंडी और आगरा कॉलेज स्टेशन लगभग तैयार हो चुके हैं। इनमें सिग्नलिंग, बिजली की आपूर्ति और सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य अंतिम चरण में हैं। आरबीएस-राजामंडी स्टेशन के बीच दोनों ओर की पटरी बिछाने का काम भी पूरा हो गया है, जबकि आगरा कॉलेज तक सिर्फ 200 मीटर का हिस्सा बाकी है। मिश्रा के मुताबिक, आगरा कॉलेज से एसएन मेडिकल कॉलेज स्टेशन और एसएन से मनःकामेश्वर स्टेशन के बीच सिविल कार्य तेजी से चल रहा है। बिजलीघर के पास रेलवे की एनओसी में देरी के कारण करीब एक महीने का समय और लगेगा, लेकिन सितंबर तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद, अक्टूबर से आरबीएस स्टेशन तक मेट्रो का व्यावसायिक संचालन शुरू हो जाएगा। दूसरे कॉरिडोर पर भी रफ्तार, 9 नई रिंग मशीनें लगाई गईं पहले कॉरिडोर के साथ-साथ, दूसरे कॉरिडोर का निर्माण भी तेजी से जारी है। आगरा कैंट से एमजी रोड तक पिलर बनाने का काम चल रहा है, जिसे और तेज करने के लिए 9 नई रिंग मशीनें भी लगाई गई हैं। इस कॉरिडोर के पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा, जिसका लक्ष्य अगले दो साल में पूरा करना है।

“हमारा घर गिरा तो मेट्रो की वजह से!” – आगरा के मोती कटरा में दीवारों पर चिपके दहशत भरे पोस्टर, जिम्मेदार कौन?

आगरा। आगरा के मोती कटरा इलाके में मेट्रो की खुदाई ने कई परिवारों की नींद हराम कर दी है। यहाँ कई मकान इतने जर्जर हो गए हैं कि वे कभी भी गिर सकते हैं, जिसके चलते लोगों में गहरी दहशत है। अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित इन परिवारों ने अब अपने घरों की दीवारों पर सीधे-सीधे पोस्टर लगा दिए हैं, जिन पर लिखा है: “यह मकान अगर गिरा तो इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) की होगी।” मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति, दहशत में जी रहे लोग मकान मालिकों का आरोप है कि मेट्रो की सुरंगों की खुदाई के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण उनके भवन जर्जर हो गए हैं। उनकी शिकायत है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है और अब ये मकान रहने लायक नहीं रहे। उन्हें हर पल किसी बड़े हादसे का डर सता रहा है। दयानंद गुप्ता ने बताया कि उनका चार मंजिला घर है और सुरंग की खुदाई से उसमें दरारें आ गई हैं। सरकार से मान्यता प्राप्त इंजीनियर से कराए गए ऑडिट में भी उनके घर को रहने लायक नहीं बताया गया है, जिसके चलते उनका परिवार किराए पर रहने को मजबूर है। मोती कटरा के ही चितरंजन कुमार जैन ने शिकायत की कि UPMRC के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। UPMRC का दावा: “अब कोई खतरा नहीं, कुछ लोग चाहते हैं पूरा घर नया बन जाए” दूसरी ओर, UPMRC के महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा का इस मामले पर अलग ही रुख है। उनका कहना है कि इन घरों की मरम्मत करा दी गई है और अब सुरंग बन जाने के बाद घरों को कोई खतरा नहीं है। मिश्रा ने यह भी जोड़ा कि कुछ लोग चाहते हैं कि उनका पूरा घर ही नया बनवा दिया जाए। UPMRC के इस दावे और स्थानीय लोगों की दहशत के बीच, मोती कटरा के निवासियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या ठोस कदम उठाता है।

आगरा मेट्रो पर ‘धार्मिक’ अड़चन: गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने मेट्रो स्टेशन को लेकर बवाल, अब ‘जगह बदलने’ पर होगा सर्वे!

आगरा। शहर में मेट्रो परियोजना के पहले कॉरिडोर का काम तेज़ी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, लेकिन अब गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने प्रस्तावित एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन को लेकर एक बड़ी अड़चन सामने आ गई है। यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने जिस जगह को चुना है, वह सीधे गुरुद्वारे के मुख्य द्वार के सामने आती है, जिस पर गुरुद्वारा प्रबंधन ने गंभीर आपत्ति जताई है। ‘धार्मिक गरिमा’ पर आंच! बाबा प्रीतम सिंह ने उठाई आवाज गुरुद्वारा प्रबंधन का कहना है कि गुरु का ताल एक पवित्र, ऐतिहासिक और वैश्विक स्तर पर पूजनीय स्थल है, जहाँ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब को दिल्ली में शहीद किए जाने से पूर्व नौ दिन तक बंदी बनाकर रखा गया था। गुरुद्वारा के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह को इस प्रस्तावित स्टेशन से आपत्ति है। उनका तर्क है कि यदि मेट्रो स्टेशन गुरुद्वारे के मुख्य द्वार के सामने बनता है, तो इससे श्रद्धालुओं को पहुंचने में असुविधा होगी। साथ ही, स्टेशन के बाहर होने वाली अराजक गतिविधियां (जैसे तिपहिया वाहन, टैक्सी, दोपहिया वाहन, और पान-बीड़ी बेचने वाले) धार्मिक स्थल की पवित्रता और गरिमा को भंग करेंगी। इससे अराजक तत्वों के जमावड़े से गुरुद्वारा परिसर की गरिमा पर भी आंच आ सकती है। विधायक ने की मध्यस्थता, अब ‘तकनीकी सर्वे’ करेगा फैसला गुरुद्वारा गुरु का ताल के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह चाहते हैं कि मेट्रो स्टेशन को मौजूदा प्रस्तावित स्थल से 200 मीटर आगे या पीछे स्थानांतरित कर दिया जाए। उन्होंने इस बारे में क्षेत्रीय विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल को भी पत्र लिखा था। विधायक खंडेलवाल ने कल शाम मेट्रो अधिकारियों के साथ गुरुद्वारा पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और बाद में संत बाबा प्रीतम सिंह व गुरुद्वारा प्रबंधन के अन्य सदस्यों के साथ बैठक की। इस बैठक में संत ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई, जिसे अधिकारियों ने गंभीरता से सुना और जल्द सर्वे कराने की बात कही। आगरा मेट्रो परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी अरविंद राय ने कहा कि वे संत बाबा प्रीतम सिंह की बात को गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेट्रो की तकनीकी टीम आज से सर्वे कार्य शुरू कर रही है ताकि देखा जा सके कि स्टेशन को आगे या पीछे शिफ्ट करना व्यावहारिक है या नहीं। अरविंद राय ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि मेट्रो स्टेशन को गुरुद्वारे के मुख्य द्वार से स्थानांतरित कर दिया जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा काम पहले से तैयार डिजाइन पर आधारित है, और हाईवे पर मेट्रो लाइन का स्ट्रक्चर खड़ा हो रहा है, ऐसे में तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। विकास बनाम विरासत: संतुलन साधने की चुनौती यह मामला न सिर्फ एक धार्मिक स्थल से जुड़ा है, बल्कि यह शहर के भविष्य और उसकी विरासत के बीच संतुलन साधने की चुनौती भी है। एक ओर मेट्रो का यह कॉरिडोर हजारों लोगों को यातायात में सहूलियत देने वाला है, वहीं दूसरी ओर यह भी सही है कि विकास की कीमत धार्मिक भावनाओं की अनदेखी करके नहीं चुकाई जा सकती। अब निगाहें मेट्रो की तकनीकी रिपोर्ट और प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं कि क्या इस जटिल मुद्दे का कोई स्वीकार्य समाधान निकल पाएगा।

आगरा में ‘जाम’ का ‘जाल’: MG रोड पर मेट्रो ने बिछाया ‘बैरिकेडिंग का मायाजाल’, वैकल्पिक रास्ते हैं…पर ‘अंधेरे में’ भटक रहे लोग!

आगरा। आगरा में मेट्रो का काम शहर की रफ्तार को ‘जाम’ कर रहा है! एमजी रोड पर मेट्रो निर्माण के चलते लगी बैरिकेडिंग ने यातायात को ‘धीमा’ कर दिया है, जिससे लोग रोज घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्लान तो बनाया, लेकिन सबसे बड़ी चूक ये हुई कि इन रास्तों पर कोई संकेतक (साइनबोर्ड) नहीं लगाए गए! नतीजा ये कि लोग इन वैकल्पिक रास्तों से अनजान हैं और ‘जाम’ के दलदल में फंसकर परेशान हो रहे हैं। एमजी रोड पर ‘संकरा’ रास्ता, स्कूलों की छुट्टी में ‘महाजाम’ प्रतापपुरा चौराहे से सूरसदन तक एमजी रोड पर मेट्रो का काम चल रहा है, जिससे कई जगह बैरिकेडिंग लगा दी गई है। इसने रोड को इतना ‘संकरा’ कर दिया है कि रोज जाम लगना आम बात हो गई है। स्कूलों की छुट्टी के समय तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब बच्चों के वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहते हैं। प्लान तो बना, पर ‘दिशाहीन’ हुए वाहन चालक! जिला प्रशासन ने जाम से राहत के लिए कुछ वैकल्पिक रास्ते सुझाए थे, लेकिन बिना संकेतकों के वे किसी काम के नहीं आ रहे: मदिया कटरा निवासी मनोज मिश्रा ने बताया कि मदिया कटरा पर रोज जाम में फंसना पड़ रहा है। 5 मिनट का रास्ता 30 मिनट में तय होता है। उनका कहना है कि अंदरूनी मार्ग भी वाहनों के बढ़ते दबाव को झेल नहीं पा रहे हैं। अब सवाल यह है कि प्रशासन ने प्लान तो बना लिया, लेकिन उसे ज़मीन पर उतारने में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती? जब तक सही संकेतक नहीं लगेंगे, तब तक आगरा की जनता को इस ‘जाम’ के जाल से मुक्ति मिलना मुश्किल है।

आगरा मेट्रो लाएगी ‘जाम’ से राहत! गुरु का ताल पर पिलर, तो कामायनी कट खुलने से हजारों को फायदा

आगरा। आगरा मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन ‘गुरु का ताल कट’ पर पिलर निर्माण से वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी समस्या से निपटने के लिए यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन (UPMRC) ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से कामायनी कट को फिर से खोलने की मांग की है। अगर यह कट खुल जाता है, तो सिकंदरा तिराहा पर लगने वाले जाम से हजारों स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है! हालांकि, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पिलर की खुदाई का काम फिलहाल रोकना पड़ा है। गुरु का ताल पर ‘बदलाव’, अब कामायनी कट पर नज़र नेशनल हाईवे-19 स्थित गुरु का ताल कट के आधे हिस्से में मेट्रो पिलर बनने जा रहा है। इसे देखते हुए इस कट को पूरी तरह बंद करने की तैयारी है, जो इसी सप्ताह शुरू होगा। वाहनों का दबाव कम करने के लिए UPMRC ने NHAI मथुरा खंड से कामायनी कट को खोलने की अनुमति मांगी है। यह कट खुलने से भावना एस्टेट सहित आसपास के हजारों लोगों को फायदा होगा। अभी ये लोग सिकंदरा तिराहा या फिर गुरु का ताल कट से गलत साइड से गुजरते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बता दें कि कामायनी कट अक्टूबर 2020 में बंद किया गया था, जिसके बाद से गुरु का ताल तिराहा पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है और अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो का काम जारी: रात में ट्रैफिक डायवर्ट खंदारी चौराहा से सिकंदरा तिराहा तक तीन किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बन रहा है। ISBT तक ट्रैक बन चुका है। अब ISBT से गुरु का ताल कट होते हुए सिकंदरा तिराहा तक काम चल रहा है। गुरु का ताल कट के आधे हिस्से पर स्टेशन का पिलर बनेगा। UPMRC ने पुराने कट से 80 मीटर की दूरी पर एक नया कट बनाया है, जो डीवीवीएनएल कार्यालय की तरफ है। यह नया कट इसी सप्ताह चालू हो जाएगा और पुराना कट एक साल के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। UPMRC के अधिकारियों ने बताया कि कामायनी कट पर तीन महीने में काम पूरा हो जाएगा। NHAI से इसे खोलने की अनुमति मांगी गई है। यदि अनुमति मिलती है, तो एक पिलर से दूसरे पिलर के बीच डिवाइडर नहीं बनेगा, जिससे यातायात सुगम रहेगा। मेट्रो पिलर बनाने का काम तेजी से चल रहा है, जिसके लिए रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट या बंद करने की अनुमति ली गई है। इस दौरान 16 रिग मशीनों से खुदाई और पिलर पर स्पान व गर्डर चढ़ाने का काम होगा। यमुना का जलस्तर बढ़ा, पिलर का काम रुका यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण UPMRC ने नदी पर पिलर की खुदाई का काम फिलहाल रोक दिया है। जलस्तर सामान्य होने के बाद ही यह कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।

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