Agra में दहेज में बाइक न मिलने पर दो बहनों को ससुराल वालों ने पीटा, एक का गर्भपात हुआ

Agra के Khandauli में दहेज में मोटरसाइकिल न मिलने पर दो सगी बहनों को उनके ससुराल वालों ने कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट कर घर से निकाल दिया। पीड़ित बहनों का आरोप है कि बड़ी बहन को जान से मारने की भी कोशिश की गई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नेकपुर निवासी मधु (पत्नी कृष्णपाल) ने पुलिस को बताया कि उनका विवाह 9 जुलाई, 2024 को हुआ था। उसी दिन उनकी बहन राधा की शादी कुलदीप से हुई। शादी में लाखों रुपए खर्च कर गृहस्थी का सामान, आभूषण और नकद राशि दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वालों ने दोनों बहनों से एक-एक मोटरसाइकिल की मांग शुरू कर दी और उन्हें प्रताड़ित करने लगे। मारपीट से गर्भपात का आरोप मधु ने आरोप लगाया कि गर्भवती होने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनका तीन माह का गर्भपात हो गया। वहीं, राधा के पुत्री जन्म देने के बाद ससुराल वालों का व्यवहार और भी क्रूर हो गया। राइफल के बट से जान से मारने की धमकी 27 सितंबर की रात मधु के पति कृष्णपाल, बहनोई कुलदीप, ससुर रामप्रकाश, सास सुनीता, ननद भागवती और चाचा-ससुर धाधू ने दोनों बहनों को बुरी तरह पीटा। मधु ने आरोप लगाया कि धाधू ने राइफल का बट उनके मुंह में डालकर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान, छोटी बहन ने शोर मचाकर बड़ी बहन को बचाया, जिसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर दोनों बहनों की जान बचाई। मारपीट में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें केवल पहने हुए कपड़ों में घर से बाहर निकाल दिया गया। KhandoIi Police Station के प्रभारी निरीक्षक हंसराज भदौरिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर पति समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

आगरा में गर्भवती महिला से मारपीट और जान से मारने की धमकी

आगरा। आगरा के कालिंदी विहार डी-ब्लॉक में गुरुवार रात एक गर्भवती महिला के साथ उसके पड़ोसियों द्वारा मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। पीड़िता रीता यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने अपनी पड़ोसी मोनिका सोमवंशी से ₹1.25 लाख ब्याज पर लिए थे। रीता का आरोप है कि उन्होंने यह रकम ब्याज सहित मोनिका को लौटा दी थी, लेकिन मोनिका अब अतिरिक्त ब्याज की मांग कर रही थी। गुरुवार रात करीब 9 बजे, मोनिका अपने परिवार के साथ रीता के घर पहुँची और जबरन पैसे मांगने लगी। जब रीता ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। रीता की बेटी ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो मोनिका के पति ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पीड़िता ने पुलिस से इस मामले में तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना पुलिस ने बताया कि रीता यादव की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस वायरल वीडियो की भी जाँच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ गया है और पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।

ट्रांसयमुना,आगरा: पूर्व दरोगा पर युवती से छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप

आगरा। आगरा के ट्रांसयमुना क्षेत्र में एक पूर्व दरोगा पर युवती से छेड़छाड़ और मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। फेस-2 कॉलोनी में रहने वाली युवती ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना सोमवार सुबह करीब 5 बजे की है, जब युवती अपने पालतू कुत्ते को घुमाने निकली थी। आरोप है कि इसी दौरान कॉलोनी में रहने वाले पूर्व दरोगा जी.पी. सिंह ने उसे रोककर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। जब युवती ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का कहना है कि आरोपी जी.पी. सिंह पिछले तीन साल से उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। वह अक्सर अपशब्द कहकर उसे बदनाम करने और धमकियां देने की कोशिश करता है, जिससे वह और उसका परिवार मानसिक तनाव में है। युवती ने थाना ट्रांसयमुना प्रभारी से शिकायत करते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसकी और उसके परिवार की जान को खतरा हो सकता है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।

फतेहाबाद में मां-बेटे और बेटी से मारपीट, गिट्टी हटाने से रोकने पर हुआ विवाद

आगरा। फतेहाबाद के महारामपुरा गाँव में गिट्टी हटाने से रोकने पर हुए विवाद में एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। दबंगों ने महिला, उसके बेटे और बेटी के साथ मारपीट की। यह घटना गाँव में रहने वाली पुष्पा देवी के घर के सामने आरसीसी निर्माण के दौरान हुई। उनका पड़ोसी देवेंद्र सिंह वहाँ रखी गिट्टी को उठाकर ले जाने लगा, जिसका पुष्पा देवी ने विरोध किया। आरोप है कि विरोध करने पर देवेंद्र सिंह ने अपने साथियों होरीलाल, मनोज और अनिल कुमार के साथ मिलकर पुष्पा देवी, उनके बेटे रोहन और बेटी मुस्कान पर हमला कर दिया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय पुष्पा देवी के पति राजवीर, जो हलवाई का काम करते हैं, घर पर नहीं थे। उनके लौटने के बाद घायलों को फतेहाबाद के सीएचसी में भर्ती कराया गया। फतेहाबाद पुलिस ने पीड़ित पुष्पा देवी की तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

आगरा में पार्षद के चाचा से मारपीट करने वाला ‘बिल्ला डॉन’ गिरफ्तार

आगरा। आगरा में एक बार फिर पुलिस ने दबंगई दिखाने वाले आरोपी पर सख्त कार्रवाई की है। भाजपा पार्षद के चाचा से मारपीट करने वाले मुख्य आरोपी बिल्ला डॉन उर्फ बबलू यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिल्ला यादव एक जिम ट्रेनर है और उस पर पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं। यह मामला बुधवार दोपहर का है। भाजपा पार्षद विजय वर्मा के चाचा खुशीराम अपने पोते को स्कूल से वापस लेकर आ रहे थे। रास्ते में दरगाह के पास कुछ युवकों ने अपनी बुलेट बाइक खड़ी कर रखी थी। जब खुशीराम ने उनसे बाइक हटाने को कहा, तो वे झगड़ा करने लगे। आरोप है कि बाइक सवारों ने अपने और साथियों को बुलाकर लाठी-डंडों से खुशीराम के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद, पीड़ित खुशीराम ने बिल्ला डॉन उर्फ बबलू यादव, आशीष गोस्वामी, जतिन, आरके सिंह और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बिल्ला डॉन पर पहले भी लगे थे आरोप थाना प्रभारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि मुख्य आरोपी बिल्ला यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, बिल्ला यादव खुद को ‘डॉन’ बताकर इलाके में लोगों को डराता था। उस पर पहले भी सोशल मीडिया पर तमंचे के साथ फोटो पोस्ट करने और स्कूल वैन पर हमला करने जैसे आरोप लग चुके हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी, जिससे उसका मनोबल बढ़ गया था।

आगरा में दुकान विवाद को लेकर खूनी संघर्ष, पुलिस के सामने भी भिड़े, दरोगा के सिर में मारा डंडा

आगरा। आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र के रुनकता में एक दुकान खाली कराने को लेकर दुकान मालिक और किराएदार के बीच जमकर विवाद हुआ। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में न सिर्फ मारपीट हुई, बल्कि मौके पर पहुंची पुलिस के सामने भी वे एक-दूसरे से भिड़ गए। इस दौरान एक दरोगा के सिर पर भी डंडा लग गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला रुनकता चौराहे का है, जहाँ नित्तम बाबा की मार्केट है। आरोप है कि उनकी बेटी मधु से किराएदार ज्ञानेंद्र भदौरिया ने एक प्लॉट का बैनामा अपने नाम करा लिया। इसके बाद वह करोड़ों की संपत्ति वाली दुकान को भी हेराफेरी कर अपने नाम दिखाने लगा। जानकारी मिलने पर नित्तम बाबा की पत्नी ने ज्ञानेंद्र से दुकान खाली करने को कहा और उसे लीगल नोटिस भी भेजा। दुकान का ताला तोड़कर जबरन घुसे किराएदार जब दुकान खाली नहीं हुई, तो नित्तम बाबा की बेटी आशा धाकरे ने परिजनों के साथ मिलकर दुकान पर ताला लगा दिया। गुरुवार को किराएदार ज्ञानेंद्र भदौरिया अपने करीब एक दर्जन साथी और आधा दर्जन महिलाओं को लेकर मौके पर पहुँचा और जबरन दुकान का ताला तोड़ दिया। इसकी जानकारी होने पर आशा धाकरे वहाँ पहुँचीं। जैसे ही वह अंदर गईं, उन्हें घेरकर पीटा गया। अपनी बहन की चीख-पुकार सुनकर आशा की छोटी बहन संजू भी वहाँ पहुँचीं और उन्हें किसी तरह बचाकर बाहर लाईं। पुलिस पर भी हुआ हमला, दरोगा के सिर में लगा डंडा मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन दबंगों ने पुलिस के सामने ही आशा धाकरे पर दोबारा हमला बोल दिया। इस दौरान वाइपर और डंडों से जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश कर रहे एक पुलिसकर्मी के सिर में भी डंडा लग गया। मारपीट में आशा धाकरे बेहोश हो गईं। पुलिस ने दो युवकों सहित लगभग आधा दर्जन महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आगरा में गर्भवती महिला से मारपीट, पुलिस ने दर्ज की शिकायत

आगरा। आगरा के बाह कस्बे के पटूकुईया पुरा गांव में एक गर्भवती महिला से मारपीट का मामला सामने आया है। 19 वर्षीय सरिता अपने घर पर थीं, तभी परिवार की कुछ महिलाओं से उनका किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि महिलाओं ने मिलकर सरिता की पिटाई कर दी। इस घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सरिता को मेडिकल जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाह भेजा। वर्तमान में सरिता का इलाज अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है। कोतवाली प्रभारी सत्यदेव शर्मा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगरा में गाड़ी टकराने पर बवाल: दर्जन भर युवकों ने की युवक की बेरहमी से पिटाई, CCTV में कैद हुई घटना

आगरा। आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र में एक गाड़ी टकराने के मामूली विवाद पर एक युवक को दर्जन भर युवकों ने बेरहमी से पीटा। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान कर रही है। पहले सुलह, फिर गली में खींचकर पीटा नरीपुरा निवासी जाहिद खान ने बताया कि शाम छह बजे वह अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी एक दूसरी गाड़ी से टकरा गई। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया, लेकिन मोहल्ले के कुछ बुजुर्गों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। जावेद का कहना है कि जब वह शांत होने के बाद एक दुकान पर पहुँचे, तो अचानक से एक दर्जन से अधिक लड़के लाठी-डंडे और पंच लेकर आ गए। उन्होंने जाहिद को गली में खींचकर लगभग दो मिनट तक बेरहमी से पीटा। जाहिद के अनुसार, हमलावरों ने उनकी जेब में रखे पैसे भी निकाल लिए। इस हमले में उनके हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं, और उनकी आँख भी सूज गई है। पुलिस CCTV फुटेज से कर रही है पहचान इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जाहिद ने थाना शाहगंज में तहरीर दी है। पुलिस ने जाहिद का मेडिकल कराया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में दिख रहे लड़कों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटी-सी बात पर भी लोग हिंसक हो जाते हैं। और खबरें भी हैं…

आगरा में फौजी की बेटी को धोखे से फंसाया, शादी कर धर्म परिवर्तन का दबाव: बौद्ध धर्म न अपनाने पर मारपीट कर निकाला, पति-सास-ससुर पर केस दर्ज

आगरा। आगरा में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ चेन्नई की एक कोचिंग में पढ़ाई के दौरान एक युवक ने फौजी की बेटी को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। आरोप है कि बहला-फुसलाकर उससे कोर्ट मैरिज की गई और फिर महाराष्ट्र के पुणे में रहने लगा। युवती का आरोप है कि बौद्ध धर्म न अपनाने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने पीड़िता के पति और सास-ससुर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चेन्नई में दोस्ती, नोएडा से पुणे तक का सफर और धोखे की शादी देवरी रोड निवासी पायल यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनके पिता सेना में कार्यरत थे। चेन्नई में उनकी पोस्टिंग के दौरान पायल भी वहीं रहती थीं। वहाँ कोचिंग में पढ़ने के दौरान उनकी मुलाकात महाराष्ट्र के अमरदीप सुधार राव काम्बले नाम के युवक से हुई, जिसने उन्हें प्रेमजाल में फंसा लिया। पायल ने बताया कि पढ़ाई पूरी होने के बाद 2023 में वह नोएडा की एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगीं। इसी दौरान अमरदीप ने उन्हें अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने पास पुणे बुला लिया। वहाँ बहला-फुसलाकर 5 अगस्त 2023 को वर्धा (महाराष्ट्र) में उससे कोर्ट मैरिज कर ली। जब इसकी जानकारी पायल के पिता को हुई, तो उन्होंने 15 फरवरी 2025 को रीति-रिवाज से दोनों की शादी कराई। दहेज और धर्म परिवर्तन का दबाव, मारपीट कर घर से निकाला पायल का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति अमरदीप, सास अर्चना काम्बले और ससुर सुधार राव काम्बले उसे अतिरिक्त दहेज में फ्लैट की मांग कर उत्पीड़न करने लगे। जब पायल ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। पायल ने यह भी बताया कि उसकी सास उसकी पूजा-अर्चना करने का विरोध करती थी। बाद में पायल को पता चला कि उसका पति और ससुराल वाले बौद्ध धर्म को मानते हैं, और वे पायल पर भी धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि जब पायल ने धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया, तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। लोन लेकर पीड़िता पर छोड़ा बोझ, पुलिस जांच में जुटी पायल का सबसे गंभीर आरोप यह भी है कि आरोपियों ने उसके नाम से लोन ले लिया है, जिसकी किस्तें अभी तक पायल और उसके पिता को अदा करनी पड़ रही हैं। इस पूरे मामले में सदर थाना पुलिस ने पायल की तहरीर पर पति अमरदीप, सास अर्चना काम्बले और ससुर सुधार राव काम्बले के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। और खबरें भी हैं…

आगरा के इनर रिंग रोड टोल प्लाजा पर किसान यूनियन का हंगामा: 50 मिनट तक टोल फ्री कराया, महिला कर्मचारियों से मारपीट, केस दर्ज

आगरा। आगरा के इनर रिंग रोड स्थित रहनकलां टोल प्लाजा पर मंगलवार दोपहर किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कुबेरपुर और रामाडा की ओर से आए कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा की चार लेन के बूम बैरियर तोड़ दिए और लगभग 50 मिनट तक टोल को मुफ्त करवा दिया, जिससे करीब 400 गाड़ियाँ बिना शुल्क दिए निकल गईं। टोल मैनेजर पर हमला, महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार जानकारी के अनुसार, जब टोल मैनेजर ने कार्यकर्ताओं से हंगामा करने का कारण पूछा तो उन्होंने मैनेजर पर हमला करने का प्रयास किया। पुलिस ने बीच-बचाव कर मैनेजर को बचाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा पर तैनात महिला कर्मचारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। कर्मचारी ज्योति राजपूत के साथ मारपीट की गई, और विरोध करने पर अन्य कर्मचारियों को भी कैमरे की नजर से दूर ले जाकर पीटा गया। कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकियाँ भी दीं। 50 मिनट बाद पुलिस ने संभाली स्थिति, FIR दर्ज करीब 50 मिनट तक चले इस हंगामे के बाद, दोपहर 1:10 बजे पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो सकी और टोल वसूली फिर से शुरू हुई। इस घटना के बाद टोल मैनेजर ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। और खबरें भी हैं…

आगरा के एत्माद्दौला में भंडारे में सब्जी मांगने पर बवाल: पथराव में सिपाही घायल, थाने के सामने से 5-6 लोग पकड़े गए, FIR दर्ज

आगरा। आगरा के थाना एत्माद्दौला के सीता नगर में रविवार रात को एक भंडारे में सब्जी न देने को लेकर जमकर बवाल हो गया। देखते ही देखते बात मारपीट और फिर पथराव में बदल गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रसाद के लिए खड़े लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। सूचना पर पहुँची पुलिस की पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) के सिपाही ने पथराव कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान उनके सिर में पत्थर लगने से वह घायल हो गया। जानकारी मिलते ही थाने की फोर्स मौके पर पहुँची और आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। क्या हुआ था भंडारे में? सीता नगर निवासी सुरेश चंद, संजय राठौर, रामदास और ओमी प्रजापति हर साल की तरह इस बार भी 17 अगस्त को साईं पालकी का आयोजन कर रहे थे। रविवार सुबह 10:30 बजे पालकी निकाली गई और क्षेत्र में भ्रमण करने के बाद मोहल्ले के चामुंडा देवी मंदिर पहुँची। शाम 6 बजे से यहाँ भंडारा शुरू हुआ। थाना प्रभारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि मंदिर के पीछे रहने वाला अंशुल प्रसाद के लिए मिले दोने में सब्जी मांग रहा था। कमेटी के कान्हा और विवेक ने उसे थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा। इसी बात पर अंशुल और कमेटी के सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और गाली-गलौज के बाद उनमें मारपीट होने लगी। सब्जी मांगने पर चले ईंट-पत्थर, सिपाही घायल आरोप है कि विवाद बढ़ने पर अंशुल के घर से उसके परिवार के लोगों ने ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस हंगामे के समय भंडारे में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे जान बचाकर भागे। कमेटी के गौरव दिवाकर ने तुरंत 112 पर कॉल कर दिया, जिस पर पीआरवी 6144 मौके पर पहुँच गई। हेड कांस्टेबल हेमंत यादव और चालक अभय सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बवाल करने वाले नहीं माने और पथराव करते रहे। इसी दौरान एक पत्थर चालक सिपाही अभय सिंह के सिर में लग गया, जिससे वह खून से लथपथ हो गए। इस पर थाना पुलिस को सूचना दी गई। अतिरिक्त फोर्स के पहुँचने पर बलवाई भाग निकले। पुलिस ने मौके से 5-6 लोगों को हिरासत में ले लिया और घायल सिपाही को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। मामले में कमेटी पदाधिकारियों और पुलिस की ओर से देर रात तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज की गई है। और खबरें भी हैं…

कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में टीईटी-यात्री विवाद: आगरा के GRP सिपाही 11 घंटे ग्वालियर थाने में ‘बंद’, ₹20 हजार मांगने का आरोप

आगरा। ‘कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस’ में टिकट एग्जामिनर (TET) और एक यात्री के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। बात इतनी बढ़ी कि दोनों में मारपीट हो गई। इसके बाद ग्वालियर में आगरा के GRP (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) के दो सिपाहियों को कथित तौर पर 11 घंटे तक ग्वालियर के GRP थाने में बंद रखा गया और उन्हें छोड़ने के लिए ₹20,000 की मांग किए जाने का आरोप लगा है। यह मामला बुधवार का है, जिसका वीडियो आज सामने आया है। क्या है पूरा मामला? ग्वालियर निवासी यात्री प्रदीप भदौरिया नई दिल्ली से कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे थे। मथुरा स्टेशन निकलने के बाद टीईटी सुरजन सिंह ने प्रदीप से टिकट माँगा। प्रदीप ने बताया कि उनके पास जनरल टिकट है। इस पर टीईटी ने ₹350 का जुर्माना बताया, जिसमें से प्रदीप ने ₹200 नकद दिए। प्रदीप का आरोप है कि टीईटी ने उनसे बाकी के ₹150 पेटीएम पर मांगे, जिसका उन्होंने विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच मारपीट हो गई। GRP स्क्वॉड को बुलाया, फिर शुरू हुआ ‘ड्रामा’ विवाद बढ़ने पर टीईटी सुरजन सिंह ने ट्रेन में चल रही आगरा की GRP स्क्वॉड को बुलाया। स्क्वॉड के तीन सिपाहियों ने यात्री प्रदीप भदौरिया को पकड़ लिया। प्रदीप ने तुरंत फोन कर ग्वालियर स्टेशन पर अपने परिजनों को बुला लिया। रात करीब 12 बजे जब ट्रेन ग्वालियर स्टेशन पहुँची, तो प्रदीप के परिजन पहले से ही वहाँ मौजूद थे। उनके साथ ग्वालियर GRP के जवान अमित और दिनेश भी थे। आरोप है कि परिजनों ने ग्वालियर GRP जवानों की मदद से आगरा GRP स्क्वॉड के दो सिपाहियों अजय और गौरव को जबरन ट्रेन से नीचे उतार लिया। ‘₹20 हजार दो वरना कार्रवाई’: ग्वालियर थाने में 11 घंटे ‘बंद’ रहे सिपाही आगरा के GRP सिपाहियों को ग्वालियर GRP स्टेशन ले जाया गया, जहाँ कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की गई। आरोप है कि उन्हें छोड़ने के एवज में ₹20,000 की मांग की गई, यह धमकी देते हुए कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो यात्री के साथ मारपीट के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आगरा GRP के दोनों सिपाही रात करीब 12:30 बजे से सुबह 11 बजे तक ग्वालियर GRP थाने में बैठे रहे। आगरा से एक टीम ग्वालियर पहुँची, तब जाकर उन्हें छुड़ाया जा सका। आगरा GRP ने दर्ज कराया मुकदमा, ग्वालियर GRP के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग आगरा GRP कैंट स्टेशन इंचार्ज विकास सक्सेना ने बताया कि टीईटी सुरजन सिंह की तहरीर पर यात्री प्रदीप भदौरिया के खिलाफ मारपीट और अभद्रता करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, आगरा के दो GRP सिपाहियों को थाने में बैठाए रखने के मामले में ग्वालियर GRP के जवान अमित और दिनेश के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी GRP भोपाल को लिखा गया है। इस घटना ने रेलवे पुलिस के बीच समन्वय और क्षेत्राधिकार को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। और खबरें भी हैं…

आगरा के अछनेरा में रास्ता विवाद पर खूनी संघर्ष: थाने के सामने भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, प्रधान सहित 17 नामजद

आगरा। अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव अरुआ में रास्ता निकालने को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह मारपीट थाने तक पहुँचकर और बिगड़ गई, जहाँ पुलिस की मौजूदगी में भी एक पक्ष ने दूसरे पर हमला कर दिया। प्रधान की गाड़ी से शुरू हुई कहासुनी, फिर लाठी-डंडे चले दरअसल, अरुआ गांव में एक कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान ग्राम प्रधान महेश कुमार की गाड़ी वहाँ से निकल रही थी। रास्ते को लेकर किसी बात पर कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे, जिससे कई लोग चोटिल हो गए। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने अछनेरा थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। थाने के सामने पुलिस की मौजूदगी में भी हुई मारपीट मामला शांत होने की बजाय थाने तक पहुँचकर और ज्यादा गरमा गया। अछनेरा पुलिस स्टेशन के ठीक सामने ही एक पक्ष ने दूसरे पर हमला कर दिया। पुलिस ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उनकी मौजूदगी में भी दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई होती रही। इस घटना ने पुलिस की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में ग्राम प्रधान महेश कुमार सहित 17 लोगों को नामजद किया है, जबकि 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की बात कह रही है। और खबरें भी हैं…

आगरा में सिकंदरा तिराहे पर BJP झंडे वाली गाड़ी से कुचलने की कोशिश, दो गुटों में भीषण मार-पीट और तोड़फोड़; 7 गिरफ्तार

आगरा। आगरा के थाना सिकंदरा से चंद कदमों की दूरी पर, आगरा-दिल्ली हाईवे स्थित सिकंदरा तिराहे पर रविवार देर रात करीब ढाई बजे दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। दो कारों में आए युवकों ने सड़क पर खूब उत्पात मचाया, एक-दूसरे की कारों को तोड़ा और जानबूझकर कुचलने तक का प्रयास किया। एक कार पर भाजपा का झंडा और ‘पूर्व ब्लॉक प्रमुख’ लिखा होने की बात सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। आमने-सामने कार आने पर शुरू हुआ विवाद सिकंदरा तिराहे पर देर रात तक चाय की दुकानें खुली रहती हैं और भीड़-भाड़ रहती है। रविवार की रात भी ऐसी ही स्थिति थी, जब दो कारों में लगभग 8 से 10 लोग वहाँ पहुँचे। बताया जा रहा है कि आमने-सामने कार आने को लेकर दोनों गुटों में पहले कहासुनी हुई, और देखते ही देखते यह विवाद मारपीट में बदल गया। युवकों ने एक-दूसरे को पीटना शुरू कर दिया। वे कारों पर पत्थर बरसाने लगे और डंडों से शीशे तोड़ दिए। अराजकता का माहौल इतना बढ़ गया कि एक-दूसरे पर कार चढ़ाने का भी प्रयास किया गया। लगभग 7-8 मिनट तक घटनास्थल पर अफरा-तफरी मची रही। इस दौरान राहगीर और दुकानदार सहमे रहे। पुलिस की कार्रवाई: 7 लोग हिरासत में, शांतिभंग का मुकदमा दर्ज सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन तब तक दोनों पक्षों के युवक अपनी कारों में सवार होकर फरार हो चुके थे। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए हाथरस के सादाबाद निवासी निखिल, नील फ्लोरेंस अपार्टमेंट निवासी कृष्ण द्विवेदी, केके नगर निवासी सुमित, दूसरे पक्ष से बाबरपुर निवासी अजय यादव, उमा कुंज निवासी विवेक यादव, लाल गढ़ी निवासी देव चौधरी और सुशील नगर निवासी सचिन सिकरवार को पकड़ा है। इन सभी के खिलाफ पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की है। यह घटना शहर में देर रात की सुरक्षा व्यवस्था और कुछ लोगों द्वारा कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाती है। पुलिस का कहना है कि वे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। और खबरें भी हैं…

आगरा में शिक्षिका पर हमला: टूंडला के पूर्व चेयरमैन के बेटे ने पीटा, कान का पर्दा फटा, धमकी भी दी

आगरा। आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक शिक्षिका पर टूंडला के पूर्व चेयरमैन के बेटे ने हमला कर दिया। शिक्षिका अपने बंद पड़े मकान को किरायेदार को दिखाने गई थीं, तभी आरोपी ने आकर उनके साथ मारपीट की, जिससे उनके कान का पर्दा फट गया। आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। अब ताजगंज थाने में इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। किरायेदार को मकान दिखाते समय हुआ हमला न्यू आगरा थाना क्षेत्र के दयालबाग निवासी किरन सिंह पेशे से शिक्षिका हैं। उन्होंने आठ साल पहले ताजगंज थाना क्षेत्र में पूर्व क्लाउड वैली, कहरई के पास एक मकान खरीदा था, जो तब से खाली पड़ा था। 24 जुलाई को किरन सिंह अपने इस मकान को किराये पर उठाने के लिए एक किरायेदार को दिखाने गई थीं। कुछ ही देर बाद, उनका परिचित और टूंडला के पूर्व चेयरमैन का बेटा राहुल चक भी वहाँ पहुँच गया। लोहे के एंगल से वार, गंभीर चोटें और पर्स लूटा आरोप है कि राहुल चक ने शिक्षिका के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब शिक्षिका ने इसका विरोध किया, तो राहुल ने लोहे के एंगल से उनके सिर पर हमला कर दिया और लात-घूंसों से भी मारपीट की। इस हमले में शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गईं। पिटाई से उनके कान का पर्दा फट गया, जिसकी पुष्टि जिला अस्पताल के मेडिकल में हुई। हमले के बाद आरोपी राहुल चक शिक्षिका का पर्स छीनकर मौके से फरार हो गया। शिक्षिका ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, लेकिन उनकी शिकायत पर पुलिस चौकी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। घर आकर धमकाया और SC-ST एक्ट में फंसाने की धमकी दी घटना के अगले ही दिन, 25 जुलाई को आरोपी राहुल चक शिक्षिका को धमकाने के लिए उनके घर भी आया। जब पीड़िता पुलिस चौकी जा रही थीं, तो आरोपी अपने साथी सत्यम के साथ आया और फूल सय्यद चौराहा के पास उनकी कार रोक ली। राहुल ने केस दर्ज कराने पर शिक्षिका को जान से मारने की धमकी दी, साथ ही एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की भी धमकी दी। इस घटना के बाद से पीड़िता और उनका परिवार दहशत में है। शिक्षिका किरन सिंह का कहना है कि राहुल चक एक अपराधी किस्म का युवक है और उन्हें दोबारा हमले का डर है, खासकर जब वह अपने घर से 25 किलोमीटर दूर स्कूल में पढ़ाने जाती हैं। डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आगरा: DP Hotel में हिंदू महिला संग सलमान को बेरहमी से पीटा, पुलिस के सामने भी मारपीट, VIDEO वायरल

आगरा। आगरा के शमसाबाद स्थित डीपी होटल में कानून को ताक पर रखकर एक युवक के साथ सरेआम मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बजरंग दल के कार्यकर्ता बताए जा रहे 8-10 लोगों ने ज़बरदस्ती होटल में घुसकर एक युवक को बुरी तरह पीटा। हैरानी की बात यह है कि मारपीट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी युवक पर लात-घूंसे बरसाए जाते रहे। युवक जिस महिला के साथ होटल में था, वह हाथ जोड़कर गुहार लगाती रही, लेकिन हमलावरों ने किसी की नहीं सुनी। यह घटना 6 अगस्त की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है पूरा मामला? शमसाबाद के डीपी होटल में 6 अगस्त की शाम करीब 5 बजे एक युवक अपनी महिला साथी के साथ कमरा नंबर 106 में रुका था। लगभग एक घंटे बाद, 8-10 युवक खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताते हुए होटल पहुंचे। उन्होंने रिसेप्शन पर रजिस्टर चेक कराया, जिसमें हिंदू महिला और मुस्लिम युवक (सलमान) को कमरा देने की जानकारी सामने आई। इसके बाद ये सभी लड़के ऊपर कमरे में गए और दरवाजों को खटखटाना शुरू कर दिया। जब कमरा नंबर 106 का दरवाज़ा खुला, तो युवक और घूंघट किए महिला बाहर निकले। युवक के निकलते ही तथाकथित हिंदूवादी संगठन के लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। जूतों से पीटा, सिर दीवार में मारा, महिला गिड़गिड़ाती रही होटल मैनेजर पवन ने बताया कि हमलावरों ने सलमान नाम के युवक को जमकर पीटा, जूतों से मारा और लात-घूंसे बरसाए। युवक और महिला दोनों हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन हमलावरों ने कोई दया नहीं दिखाई। उन्होंने महिला के साथ भी अभद्रता की और युवक का सिर दीवार में मारा। महिला किसी तरह मौका पाकर वहां से भागने में सफल रही। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस भी मौके पर मौजूद थी, लेकिन मारपीट नहीं रुक रही थी। बाद में पुलिस युवक को अपने साथ ले गई। होटल मैनेजर पवन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ होटल में घुसकर तोड़फोड़ करने और ग्राहक के साथ मारपीट करने की एफआईआर शमशाबाद थाने में दर्ज कराई है। थाना प्रभारी डीपी तिवारी का कहना है कि मैनेजर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। यह घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और खुलेआम हुई इस गुंडागर्दी पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। और खबरें भी हैं… आगरा में ‘डीपी होटल प्रकरण’ पर हिंदूवादी संगठनों का थाना घेराव: पुलिस अलर्ट पर, एडिशनल सीपी ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन

दे दना दन! प्रॉपर्टी के लिए ‘दे घूंसे-दे घूंसे’! आगरा में भतीजे ने बीच सड़क पर गिराकर पीटा अपना ही चाचा, VIDEO वायरल होते ही पुलिस ने दबोचा

आगरा। आगरा में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। थाना छत्ता अंतर्गत बेलनगंज के भैरो बाजार इलाके में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक भतीजे ने अपने ही चाचा को बीच सड़क पर बुरी तरह पीटा। मारपीट का यह दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। क्या दिखा वायरल वीडियो में? वायरल हुए वीडियो में दिख रहा है कि कमल होटल के पास एक व्यक्ति बाइक पर था। तभी एक युवक वहां आता है और बाइक सवार से कुछ कहता है। दोनों के बीच बहस होती है, जिसके बाद युवक बाइक सवार को धक्का दे देता है। बाइक सवार व्यक्ति अपनी बाइक खड़ी करके युवक के पास जाता है, लेकिन युवक उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा देता है। इसके बाद वह लगातार उसके मुंह पर कई घूंसे बरसाता है। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो जाती है। लोगों ने युवक को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह मारपीट करता रहा। काफी मुश्किल से लोगों ने उसे हटाया, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं माना और लगातार हमलावर बना रहा। चाचा-भतीजे का विवाद, पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस की जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिख रहे दोनों व्यक्ति आपस में चाचा-भतीजे हैं और उनके बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित चाचा की तहरीर पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना दर्शाती है कि प्रॉपर्टी विवाद किस तरह रिश्तों में कड़वाहट घोलकर हिंसा का रूप ले सकता है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

“तूने मेरी मीट की दुकान बंद करवाई, अब टॉयलेट भी नहीं करने देगी!” आगरा में ये कहकर आरोपी ने परिवार को पीटा, सड़क पर फेंका सामान

आगरा। आगरा में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दुकान के पास ‘टॉयलेट’ करने से रोकना एक दुकानदार को और उसके परिवार को भारी पड़ गया। आरोपी ने गुस्से में कहा, “तूने पहले मेरी मीट की दुकान बंद करवा दी, अब टॉयलेट भी नहीं करने देगी!” इसके बाद उसने दुकानदार और उसके परिवार को बेरहमी से पीटा और दुकान का सारा सामान भी सड़क पर फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। क्या है पूरा मामला? पुराने विवाद की भी बू सदर थाने में दर्ज कराए गए केस के अनुसार, शहीद नगर निवासी सोनू देवी ने बताया कि उनके पति श्याम सिंह परचून की दुकान चलाते हैं। सोमवार रात करीब 10 बजे तौफीक नाम का एक युवक उनकी दुकान और मकान के पास ‘टॉयलेट’ कर रहा था। जब सोनू देवी ने उसे रोका, तो आरोपी भड़क गया। आरोपी तौफीक ने कहा, “तूने पहले तो हमारी मीट की दुकान बंद करा दी। अब टॉयलेट भी नहीं करने देगी!” इसके बाद वह गाली-गलौज करने लगा। जब सोनू देवी के पति श्याम सिंह ने विरोध किया, तो तौफीक अपने भाई मोसिन और मौसी के लड़के मुस्तकीम, मुन्ना व उनके पिता सल्लो खान को बुला लाया। सभी ने मिलकर पूरे परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट की और दुकान का सारा सामान बाहर फेंक दिया। जगदीशपुरा की घटना से बढ़ी चिंता: ‘टोकने’ पर हत्या का मामला यह घटना आगरा में बढ़ रही असहिष्णुता और मामूली बातों पर हिंसक झड़पों को दर्शाती है। कुछ दिन पहले ही जगदीशपुरा थाना क्षेत्र में एक ऐसी ही घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया था। 23 जुलाई की रात, वंशीधर का बाड़ा निवासी अशोक कुमार को उनकी दुकान के बाहर शराब पी रहे पड़ोसियों को टोकना महंगा पड़ गया था। आरोपियों ने मारपीट के दौरान अशोक कुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और वे प्रशासन से ऐसी हरकतों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि छोटी-मोटी बातों पर होने वाले ये विवाद खूनी संघर्ष में न बदलें। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

आगरा: नलकूप की चाबी मांगने पर भाभी की बेरहमी से पिटाई, जेठ-जेठानी और बेटों ने पटक-पटककर मारा; CCTV में कैद हुई वारदात

आगरा। खंदौली क्षेत्र के नगला धमाली गांव में पारिवारिक भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यहां एक महिला को अपने जेठ और उनके परिवार द्वारा बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। पीड़िता आरती का आरोप है कि उसके जेठ और उनका परिवार न तो उन्हें पुश्तैनी खेत में खेती करने देते हैं और न ही सिंचाई के लिए नलकूप की चाबी देते हैं। चाबी मांगने गई तो परिवार ने मिलकर पीटा आरती ने पुलिस को बताया कि जब वह अपने जेठ विजय सिंह से नलकूप की चाबी मांगने गई, तो विवाद बढ़ गया। आरती का आरोप है कि विजय सिंह ने गाली-गलौज करते हुए चाबी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद, विजय सिंह, उनकी पत्नी सोनम और दोनों बेटे अंकुश व आदित्य ने मिलकर आरती को जमीन पर पटक-पटककर बेरहमी से पीटा। इस मारपीट में आरती को अंदरूनी चोटें आई हैं। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखकर क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है। पुलिस जांच में जुटी, ग्रामीणों ने बताई लंबी विवाद की कहानी आरती ने इस मामले में खंदौली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर खंगाल रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस परिवार में लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के अभाव में यह मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना परिवारिक संपत्ति विवादों के गंभीर परिणामों को उजागर करती है, जहां बात मारपीट तक पहुंच गई।

आगरा में पति के उत्पीड़न से परेशान महिला चिकित्सक पहुंची थाने: पुलिस भी हैरान, बोलीं- ‘मारपीट करता है, तलाक का मुकदमा चलने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ रहा’

आगरा। आगरा में एक महिला चिकित्सक अपने पति के लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर थाना ताजगंज पहुंच गईं। उन्होंने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। चिकित्सक ने पुलिस को बताया कि उनका पति उनके साथ मारपीट और शारीरिक उत्पीड़न करता है, और हैरानी की बात यह है कि अदालत में तलाक का मुकदमा चलने के बावजूद वह उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। महिला चिकित्सक की आपबीती सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। तलाक का मुकदमा जारी, फिर भी घर आकर मारपीट और गालीगलौज शमसाबाद रोड निवासी पीड़ित महिला चिकित्सक ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि पारिवारिक कलह के चलते वह अपने पति से अलग रह रही हैं। जिला परिवार न्यायालय में उनके विवाह विच्छेद (तलाक) का मुकदमा चल रहा है। इसके बावजूद उनका पति आए दिन उनके आवास पर आ जाता है, गालीगलौज करता है और विरोध करने पर मारपीट भी करता है। चिकित्सक ने अपनी शिकायत में कहा कि वह पति के इस उत्पीड़न से बुरी तरह तंग आ चुकी हैं और अब उन्हें पुलिस की मदद की सख्त जरूरत है। पुलिस जुटी जांच में: ‘साक्ष्य जुटाकर होगी कार्रवाई’ मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना ताजगंज पुलिस ने महिला चिकित्सक की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पुलिस साक्ष्य संकलन (सबूत जुटाने) कर रही है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना रिश्तों में बढ़ते तनाव और घरेलू हिंसा के गंभीर पहलुओं को उजागर करती है, जहाँ एक शिक्षित महिला को भी मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है। पुलिस की कार्रवाई से ही पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद है।

आगरा के प्रकाश नगर में ‘लाठी-डंडे’ चले: दुकान के आगे सब्जी लगाने को लेकर विवाद, महिलाएं समेत कई घायल!

आगरा। आगरा के थाना एत्माद्दौला अंतर्गत प्रकाश नगर में सोमवार शाम को एक मामूली बात पर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ से लाठी-डंडे चलने लगे, जिसमें महिलाएं सहित कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने घायलों को मेडिकल के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। दुकान के आगे सब्जी लगाने पर शुरू हुआ झगड़ा यह पूरा विवाद सोमवार शाम को तब शुरू हुआ, जब प्रकाश नगर में एक दुकान के आगे सब्जी की फड़ लगी हुई थी और कुछ महिलाएं वहाँ से सब्जी ले रही थीं। दुकानदार ने सब्जी वाले से किसी काम के लिए कहा। आरोप है कि सब्जी वाला, सब्जी देने से पहले ही उठ गया, जिस पर महिला दुकानदार से गालीगलौज करने लगीं। दुकानदार का दावा है कि एक महिला ने उसके गाल पर थप्पड़ भी मार दिया। दोनों पक्षों में हुई जमकर मारपीट और तोड़फोड़ थोड़ी ही देर में महिला पक्ष के कई लोग मौके पर आ गए। उन्होंने आते ही दुकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस झगड़े में दोनों तरफ के लोगों को चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई और स्थिति को संभाला। दोनों पक्ष इसके बाद थाने पहुँचे, जहाँ पुलिस ने चोटिल लोगों का मेडिकल कराया। थाना प्रभारी देवेंद्र दुबे का कहना है कि दो पक्षों में झगड़ा हुआ था और कुछ लोगों को चोटें आई हैं। पुलिस तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

आगरा में भाई की हत्या का आरोप पत्नी पर: CCTV में कैद हुई मारपीट, पति ने साली और बच्चों को भी बताया दोषी!

आगरा। आगरा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी और बच्चों पर छोटे भाई की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। यह वारदात बुधवार रात की है, और अब इस मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की बेटी ने दर्ज कराई शिकायत, मारपीट का आरोप मृतक शंकर शर्मा की बेटी सोना शर्मा ने पुलिस को तहरीर दी है। तहरीर में सोना ने अपनी चाची सोनू देवी और उनके मायके वालों – शिवम, दिनेश और उनके बच्चों पर मिलकर अपने पिता शंकर शर्मा की हत्या करने का आरोप लगाया है। परिवार के अनुसार, 23 जुलाई की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच शिवम और दिनेश ने शंकर शर्मा के साथ मारपीट की, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। जब शंकर शर्मा घर पहुंचे, तो उन्होंने अपनी बेटी और परिवार को इस मारपीट के बारे में बताया। इसके बाद उनकी हालत और खराब हो गई और उन्हें एसएन अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पहले भी हुई थी मारपीट, अब हत्या का आरोप परिवार का आरोप है कि सोनू देवी और उनके बच्चों ने पहले भी शंकर शर्मा के साथ मारपीट की थी, और इस बार तो उन्होंने हत्या ही कर दी। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि सोनू देवी, शिवम, दिनेश और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच में जुट गई है। पुलिस खेत में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद ले रही है ताकि सभी साक्ष्य जुटाए जा सकें। साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा, और पुलिस आरोपियों की पहचान करने व उन्हें गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

सपा में ‘महाभारत’! आगरा में एक और पूर्व जिलाध्यक्ष पर भी FIR, पार्टी की कलह सड़क पर!

आगरा। समाजवादी पार्टी की आगरा इकाई में चल रही ‘अंदरूनी महाभारत’ अब सड़क पर आ गई है! PDA के मुख्य घटक सपा में आपसी फूट इतनी बढ़ गई है कि पार्टी के दो धड़े एक-दूसरे के खिलाफ FIR दर्ज कराने लगे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव के करीबी संदीप ने अब आगरा के थाना ताजगंज में पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल के खिलाफ जान से मारने की धमकी और मारपीट का गंभीर मुकदमा दर्ज कराया है। पलटवार: FIR पर FIR, कलह की नई ‘किस्त’ यह मामला तब और गरमा गया है जब इससे पहले खुद सत्यभान यादव पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव सहित 4 लोगों पर जानलेवा हमला और धमकाने के संबंध में थाना ताजगंज में FIR दर्ज करा चुके हैं। यानी, यह सीधे-सीधे एक-दूसरे पर पलटवार का मामला बन गया है, जो सपा की आगरा इकाई में बढ़ती दरार को साफ दिखाता है। क्या है संदीप का आरोप? जगदीशपुरा, नई आबादी बोदला निवासी संदीप ने 19 जुलाई को थाना ताजगंज में सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। संदीप का कहना है कि सत्यभान और रामगोपाल बघेल काफी समय से उनसे और रामसहाय यादव, पवन यादव से रंजिश रखते हैं। संदीप के मुताबिक: संदीप ने बताया कि जब उन्होंने चिल्लाया, तो कुछ राहगीर इकट्ठा हो गए और उन्हें बचाया। पहले क्या हुआ था? सत्यभान यादव की FIR आपको याद दिला दें कि इस घटना से पहले, 15 जुलाई को समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव ने पूर्व जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव सहित 4 लोगों पर जानलेवा हमला कराने और धमकाने का आरोप लगाया था। इस मामले में भी थाना ताजगंज में FIR दर्ज हो गई है। सत्यभान का कहना है कि उनके खेत पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया और धमकी भी दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें मोबाइल और सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इस मामले में, थाना ताजगंज अंतर्गत बुढ़ाना निवासी सत्यभान यादव की शिकायत पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को प्रार्थना पत्र देने के बाद, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, लखेंद्र यादव उर्फ लख्खो, पवन यादव सहित 4 अन्य अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। सपा के अंदरूनी कलह का यह बढ़ता ग्राफ पार्टी की एकजुटता के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। देखना होगा कि पार्टी आलाकमान इस ‘महाभारत’ को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।

आगरा पुलिस पर लगा दाग! गर्भवती महिला को छत से फेंका, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड!

आगरा। खाकी पर फिर लगा कलंक! आगरा के कालिंदी विहार में घर खाली कराने गई पुलिस की बेरहमी सामने आई है, जहां उनकी कथित खींचतान में एक गर्भवती महिला छत से गिरकर घायल हो गई। इस सनसनीखेज मामले ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। घटना के तीन दिन बाद, डीसीपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए, दो सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। क्या है पूरा मामला? यह चौंकाने वाली घटना ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के कालिंदी विहार, आयुष विहार में रहने वाली प्रेमलता के घर पर हुई। प्रेमलता, जो एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करके अपने परिवार का खर्च चलाती हैं, और उनके पति शिशुपाल, जो मजदूरी करते हैं, का 50 वर्गगज का दो मंजिला मकान है। प्रेमलता का आरोप है कि उन्होंने 29 जून 2024 को अपने मकान का बैनामा बबली देवी के नाम किया था। बैनामा से पहले बबली देवी ने उन्हें 1.11 लाख रुपये दिए थे। बैनामा में 7.70 लाख रुपये का चेक खोला गया था, जिसका भुगतान कराने के लिए बबली देवी उन्हें बैंक ले गईं और दोनों ओर हस्ताक्षर भी करा लिए। लेकिन इसके बाद, बबली देवी धोखे से चेक ले गईं। प्रेमलता का दावा है कि बाद में ट्रांसयमुना थाने के एक दारोगा से मिलकर बबली देवी ने उनके खिलाफ 24 जून 2025 को मारपीट, गाली गलौज, चोरी और अन्य धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस की ‘गुंडागर्दी’ और गर्भवती महिला का दर्द शुक्रवार को जब प्रेमलता काम पर गई थीं, घर में उनके पति शिशुपाल और बेटे अंकुश की पत्नी नेहा (जो दो माह की गर्भवती थीं) मौजूद थीं। दोपहर दो बजे थाने से दारोगा राजकुमार गोस्वामी अपने साथ पुलिसकर्मियों को लेकर मकान खाली कराने पहुंचे। उनके साथ वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के अलावा दो सादा कपड़ों में भी पुलिसकर्मी थे, जिनके नाम शैलू और मनोज बताए गए हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पहुंचते ही गाली-गलौज करते हुए गेट खुलवाने की कोशिश की। डर के कारण नेहा ने गेट खोलने से इनकार कर दिया। इस पर चार पुलिसकर्मी पड़ोसी के घर में घुसकर छत के रास्ते से उनके घर में घुस गए। कुछ पुलिसकर्मियों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, जिनमें रिकॉर्डिंग के लिए चिप लगी थी। जब नेहा ने मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल छीन लिया। पुलिसकर्मियों से बचने के लिए नेहा छत की ओर भागी। छत पर पुलिसकर्मियों ने उससे खींचतान की। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे छत से नीचे फेंक दिया! वहीं, शिशुपाल को पकड़कर गाड़ी में डाल लिया गया और थाने ले जाते समय रास्ते में पीटा भी गया। महिला के गंभीर रूप से चोटिल होने से पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। उसे तत्काल कालिंदी विहार स्थित चौहान हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डीसीपी ने की कार्रवाई: चार पुलिसकर्मी निलंबित मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने जांच के आदेश दिए। जांच के बाद, डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि इस मामले में दोषी पाए गए एसआई राजकुमार गोस्वामी, एसआई निखिल चौधरी, मुख्य आरक्षी मनोज कुमार और आरक्षी शैलेंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस की छवि पर लगे धब्बे को साफ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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