Agra News: दीपावली में आगरा जगमगाया, शहर के प्रमुख स्थल रंग बिरंगी रोशनी से सजे

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Agra News दीपावली के प्रकाश पर्व को भव्यता के साथ मनाने के लिए, आगरा नगर निगम ने शहर को रंग बिरंगी रौशनी से नहलाने की तैयारी पूरी कर ली है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के विशेष निर्देशन में, शहर के प्रमुख चौराहों, रास्तों और ऐतिहासिक स्थलों को आकर्षक लाइटों से सजाया जा रहा है। इस सजावट का उद्देश्य पूरे शहर को मनमोहक रूप में पेश करना है। फूल सैयद चौराहा बना आकर्षण का केंद्र सजावट के तहत, सड़क किनारे लगे पेड़-पौधों पर भी आकर्षक लाइटें लगाई जा रही हैं। इस वर्ष की सजावट का एक मुख्य आकर्षण फतेहाबाद रोड स्थित फूल सैयद चौराहा है, जिसे रंग बिरंगे छातों से सजाया गया है, जो पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक खास सेल्फी पॉइंट बन गया है। प्रमुख स्थान जहाँ विशेष लाइटिंग इफेक्ट तैयार किए गए हैं, वे निम्नलिखित हैं: विद्युत व्यवस्था दुरुस्त, विशेष टीमें तैनात नगर निगम के मुख्य अभियंता विद्युत और यांत्रिक अजय कुमार राम ने बताया कि पूरे शहर की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि रौशनी के इस पर्व पर बिजली की कोई समस्या न आए। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख स्थानों पर रौशनी के लिए व्यवस्था पर्याप्त रहे, इसके लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है। ये टीमें लगातार मॉनिटरिंग करेंगी और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुधार कार्य करेंगी। नगर आयुक्त की अपील: स्वच्छता के साथ मनाएं त्यौहार जहां एक ओर नगर निगम शहर को सजाने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने नागरिकों से स्वच्छता के साथ त्यौहार को मनाने की भावुक अपील की है। नगर आयुक्त ने कहा, “दीपोत्सव पर खुशियां मनाएं लेकिन प्रदूषण मुक्त और स्वच्छता के साथ।” उन्होंने विशेष रूप से नागरिकों से अनुरोध किया है कि पटाखों के चलाने के बाद उत्पन्न होने वाले कचरे को सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंके। कचरा प्रबंधन के लिए विशेष प्लान तैयार करते हुए उन्होंने बताया कि दिवाली के अगले दिन एक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य पटाखों का और पूजा सामग्री से उत्पन्न कचरे को जल्द से जल्द निस्तारित करना है ताकि शहर की स्वच्छता बनी रहे। यह सजावट और स्वच्छता पहल आगरा को एक आदर्श और रोशन शहर के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। Agra News: हाउस टैक्स विवाद की खौफनाक तस्वीर: फ्रीगंज स्थित बंसल एंटरप्राइजेस के गेट पर फेंका गया कूड़ा, निगम की कार्यशैली पर उठे सवाल

Agra News Today: नाला निर्माण में लापरवाही पर Nagar Nigam का सख्त कदम, ठेकेदार को नोटिस जारी

Agra News Today Agra Nagar Nigam प्रशासन ने नाला निर्माण कार्य में लापरवाही और गुणवत्ता की अनदेखी पर ठेकेदार फर्म Harsh Construction को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अगर फर्म का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो टेंडर निरस्त कर उसकी धरोहर राशि (Earnest Money) जब्त कर ली जाएगी। इसके बाद किसी दूसरे ठेकेदार से काम पूरा कराया जाएगा और फर्म को काली सूची में डाल दिया जाएगा। यह मामला Tajganj Zone-3 के Maruti City Road T-point से Sonu Hair Salon तक RCC नाला मरम्मत कार्य से जुड़ा है। करीब 50 लाख की लागत से यह काम 16 मई तक पूरा किया जाना था, लेकिन फर्म तय समय सीमा में काम पूरा नहीं कर सकी। निगम के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण में पाया कि न तो काम तय समय पर हुआ, न ही मानकों के अनुरूप था। बार-बार निर्देश के बाद भी मनमाने तरीके से काम करने पर अवर अभियंताओं ने नगर आयुक्त को रिपोर्ट भेजी। फर्म पर पहले भी गुणवत्ता में कमी के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। XEN Deepankar ने बताया कि यह काम 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत था। ठेकेदार को तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने और कार्य में सुधार करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा फर्म की धरोहर राशि जब्त कर उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा। आगरा: इंटरलॉकिंग के काम में गड़बड़ी, ठेकेदार पर एक लाख का जुर्माना

आगरा में नगर निगम का बड़ा एक्शन, टोरंट पावर पर ₹7 लाख से अधिक का जुर्माना

आगरा। आगरा में नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने पर टोरेंट पावर लिमिटेड पर सख्त कार्रवाई करते हुए ₹7,15,700 का भारी जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना शास्त्रीपुरम एमआईजी बी ब्लॉक में सड़क काटने और जलकल विभाग की लाइन को नुकसान पहुँचाने के लिए लगाया गया है, जबकि नगर निगम ने 30 सितंबर तक रोड कटिंग पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। शास्त्रीपुरम मॉल से दहतोरा मंदिर तक लगभग 600 मीटर लंबी सड़क को बिना अनुमति के काट दिया गया था, जिससे स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा था। क्षेत्रीय पार्षद की शिकायत पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जाँच के आदेश दिए, जिसमें नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। LEFT:केबल डालने के लिए टोरंट पॉवर ने खोदी सड़क। RIGHT: नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर में चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान। ट्रांसपोर्ट नगर में अतिक्रमण पर भी कार्रवाई इसके अलावा, नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर में भी एक बड़ा अभियान चलाया। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर, निगम की टीम ने उन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की, जिन्होंने सड़क पर कबाड़ और वाहनों के कलपुर्जे रखकर रास्ता रोक रखा था। इस अभियान के दौरान दुकान नंबर 147 के मालिक मनीष कुमार जैन पर ₹25,000 और पाठक एंटरप्राइजेज पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया गया। दोनों को 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने की सख्त चेतावनी भी दी गई। इस कार्रवाई से उन स्थानीय दुकानदारों को राहत मिली है, जिन्होंने सड़क पर सामान रखे जाने से हो रही दिक्कतों की शिकायत की थी। अगर आपके क्षेत्र में भी कोई खुदाई या निर्माण कार्य चल रहा हो, तो उनसे अनुमति पत्र दिखाने के लिए कहें। इससे आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि यह काम नियमों के अनुसार हो रहा है और आपको या आपके पड़ोसियों को अनावश्यक परेशानी न हो।

आगरा की रामबारात के लिए नगर निगम सतर्क, जर्जर मकानों पर लगेगी लाल झंडी

आगरा। आगरा की ऐतिहासिक रामबारात 17 सितंबर को निकलने वाली है, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग सड़कों और छतों पर जुटते हैं। इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए आगरा नगर निगम पूरी तरह से सतर्क हो गया है। नगर निगम ने शोभायात्रा मार्ग पर मौजूद जर्जर और खतरनाक इमारतों की पहचान कर उन पर लाल झंडियां लगाने का फैसला किया है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर निगम की टीम ने रामबारात के रूट का सर्वे किया है। इस सर्वे में चार दर्जन से ज्यादा ऐसे भवन चिह्नित किए गए हैं, जिनके छज्जे और ऊपरी हिस्से बेहद कमजोर हैं और कभी भी गिर सकते हैं। इन इलाकों में हैं जर्जर भवन निगम की टीम ने रावतपाड़ा, दरेसी, छत्ता बाजार, बेलनगंज, किनारी बाजार, धूलियागंज, कचहरी घाट और सिटी स्टेशन रोड जैसे प्रमुख इलाकों में सर्वे किया। ये सभी क्षेत्र रामबारात के शोभायात्रा मार्ग का हिस्सा हैं। मकान मालिकों को जारी किया गया नोटिस सर्वे के बाद इन सभी जर्जर भवनों के मालिकों को नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस में उन्हें तुरंत अपने भवनों की मरम्मत कराने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि शोभायात्रा के दौरान इन छतों या छज्जों का उपयोग न किया जाए। निगम ने इन भवनों की सूची जिला प्रशासन और पुलिस को भी भेज दी है ताकि अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जा सके। नगर आयुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आगरा हवाई अड्डे पर हवाई सुरक्षा के लिए नगर निगम का अभियान, पकड़े गए एक दर्जन बंदर

आगरा। आगरा के खेरिया हवाई अड्डे पर विमानों की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम ने एक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत हवाई अड्डे के परिसर से लगभग एक दर्जन बंदरों को पकड़ा गया है। इन सभी बंदरों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है, जहां प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें छोड़ा जाएगा। वायुसेना ने मंडलायुक्त के समक्ष उठाया था मुद्दा यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब वायुसेना के अधिकारियों ने हाल ही में मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में हवाई अड्डे पर बंदरों और आवारा कुत्तों की मौजूदगी से होने वाले खतरे के बारे में बताया। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई, जिसने अभियान चलाकर इन बंदरों को पकड़ा। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी नियमित रूप से निगरानी रखी जाएगी ताकि हवाई पट्टी के आसपास किसी भी तरह का खतरा न हो। कूड़े के कारण बढ़ रहा बर्ड एक्टिविटी का खतरा एयरोड्रम पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में यह भी बताया गया था कि आगरा-कोटा और आगरा-जयपुर रेलवे ट्रैक के पास भी काफी गंदगी है। साथ ही, एयरफोर्स की बाउंड्री के किनारे भी कई अवैध डलावघर बन गए हैं। इन जगहों पर खुले में पड़े कूड़े की वजह से बर्ड एक्टिविटी बढ़ रही है, जो विमानों के लिए एक बड़ा खतरा है। मंडलायुक्त ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि सभी अवैध डलावघरों को तुरंत हटाया जाए, कूड़ा उठाया जाए और रेलवे ट्रैक के आसपास नियमित सफाई की जाए। साथ ही, लोगों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का पालन करने की अपील भी की गई है, ताकि लोग खुले में कूड़ा न फेंकें।

आगरा में अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम टीम को लौटना पड़ा, स्थानीय लोगों ने किया विरोध

आगरा। आगरा के आवास विकास सेक्टर-7 में बुधवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई भारी हंगामे के कारण रुक गई। जोनल अधिकारी सी.पी. सिंह के नेतृत्व में गई निगम की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बिना कार्रवाई किए ही खाली हाथ लौटना पड़ा। यह कार्रवाई इलाके के एक निवासी ललित अग्रवाल की आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद शुरू हुई थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि कई लोगों ने अपने घरों के सामने अवैध रूप से रैंप बना लिए हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। जैसे ही नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि उनके नाम से की गई शिकायत फर्जी है और शिकायतकर्ता ललित अग्रवाल ने उनके जाली हस्ताक्षर कर दिए हैं। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सरकारी भूमि पर रैंप बनाना अवैध है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। हालांकि, तनाव बढ़ने पर निगम टीम को पीछे हटना पड़ा। लोगों ने कहा कि वे खुद ही रैंप हटा लेंगे और निगम को कार्रवाई नहीं करने देंगे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का मौका दिया है, लेकिन अगर तय समयसीमा में रैंप नहीं हटे तो निगम सख्त कार्रवाई करेगा।

आगरा में रामलीला महोत्सव की तैयारी शुरू, 66 लाख से संवरेगा मैदान

आगरा। आगरा में श्रीरामलीला महोत्सव की तैयारियों को लेकर नगर निगम पूरी तरह से जुट गया है। इस साल महोत्सव से पहले रामलीला मैदान को नया रूप देने के लिए 66.29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है, ताकि 6 सितंबर से शुरू होने वाले महोत्सव में श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। मैदान और नाले की मरम्मत पर विशेष ध्यान नगर निगम द्वारा रामलीला मैदान और उसके आसपास की व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्य अभियंता (निर्माण) बीएल गुप्ता ने बताया कि रामलीला मैदान के सामने स्थित काजीपाड़ा नाले की क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत कराई जा रही है। नाले की सफाई के लिए रैंप बनाया जा रहा है और सुरक्षा के लिए जाल भी लगाया जाएगा। इसके अलावा, मैदान की बाउंड्रीवाल और सीढ़ियों की रंगाई-पुताई और मरम्मत का काम भी चल रहा है। मैदान में नए प्लेटफॉर्म और सीढ़ियों का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। जनकपुरी क्षेत्र से हटाया गया अतिक्रमण रामलीला महोत्सव के साथ ही होने वाले जनकपुरी महोत्सव की तैयारियों के मद्देनजर नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को कमला नगर में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। सुल्तानगंज की पुलिया के आसपास फुटपाथ पर लगे टिन शेड, अस्थाई काउंटर और दुकानों के आगे रखे गए सामान को निगम की टीम ने हटवा दिया। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि रामलीला महोत्सव शहर की सांस्कृतिक धरोहर है। हमारा लक्ष्य श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल देना है। उन्होंने बताया कि सभी कार्यों को 6 सितंबर से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आगरा में यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए नगर निगम ने शुरू की पहल, गणेश विसर्जन के लिए बन रहे अस्थाई कुंड

आगरा। आगरा में गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। यमुना नदी के घाटों पर अस्थाई कुंडों का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु सीधे नदी में मूर्ति विसर्जन न करके इन्हीं कुंडों में कर सकें। यमुना की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: नगर आयुक्त नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि यमुना को प्रदूषण से बचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिससे मूर्ति विसर्जन की परंपरा भी जारी रहे और हमारी नदी भी सुरक्षित रहे।” उन्होंने यह भी बताया कि सभी कुंडों का निर्माण तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। अधिशासी अभियंता अरविंद श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि हाथी घाट और बल्केश्वर घाट पर स्थाई कुंडों का निर्माण शुरू हो चुका है, जो अगले दो दिनों में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा, दशहरा घाट पर भी बालू की बोरियों की मदद से अस्थाई कुंड तैयार किए जा रहे हैं। कुंडों में यमुना का पानी और पॉलिथिन का इंतजाम ये अस्थाई कुंड लगभग चार फीट गहरे बनाए जा रहे हैं। इनके तल में पॉलिथिन बिछाई जाएगी, ताकि विसर्जन के बाद मूर्तियों को आसानी से बाहर निकाला जा सके और नदी का जल प्रदूषित न हो। इन कुंडों में यमुना का पानी भरकर ही विसर्जन की सुविधा दी जाएगी। नगर निगम यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि विसर्जन के बाद मूर्तियों को कुंड से निकालने और उनके उचित निपटान के लिए पर्याप्त व्यवस्था हो। साथ ही, घाटों पर बैरिकेडिंग भी की जाएगी ताकि कोई भी श्रद्धालु सीधे यमुना नदी में प्रतिमा विसर्जन न कर सके।

रामलीला की तैयारी में जुटी नगर निगम की टीम, बिजलीघर नाले किनारे से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू

आगरा। आगरा के रामलीला मैदान में शुरू होने जा रहे रामलीला महोत्सव को देखते हुए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को नगर निगम की टीम ने रामलीला मैदान के पास नाले के किनारे बनी अवैध झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने का अभियान शुरू कर दिया। महोत्सव समिति की मांग पर नगर निगम ने झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को 24 घंटे में अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया है। सुरक्षा और स्वच्छता के लिए जरूरी है अतिक्रमण हटाना नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर जोनल अधिकारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में निगम की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे लोगों से बातचीत की, जिसके बाद उन्होंने खुद ही वहां से हटने का आश्वासन दिया है। निगम ने उन्हें साफ निर्देश दिए हैं कि अगर वे 24 घंटे के भीतर अपनी झुग्गियां नहीं हटाते हैं, तो निगम प्रशासन बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि रामलीला महोत्सव में प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं, ऐसे में सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है। मैदान में शुरू हुआ सफाई और मरम्मत का काम वहीं, रामलीला मैदान में महोत्सव के लिए साफ-सफाई और मरम्मत का काम भी तेज कर दिया गया है। क्षेत्रीय जेडएसओ आशुतोष वर्मा ने बताया कि नगर निगम की टीम ने सोमवार से ही मैदान और उसके चारों ओर की सीढ़ियों की सफाई शुरू कर दी है। पूरी तरह से सफाई होने के बाद मैदान की रंगाई-पुताई का कार्य भी शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, मैदान के पास स्थित बिजलीघर नाले की सफाई भी की जा रही है। मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने भी मैदान में पड़े मलवे को हटाने का काम शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई हाल ही में मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह और नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद शुरू की गई है।

घटिया निर्माण पर ठेकेदार पर ₹1 लाख का जुर्माना: आगरा नगर निगम ने नाली निर्माण में पीली ईंट और बालू के प्रयोग पर लिया एक्शन

आगरा। आगरा में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर नगर निगम ने एक ठेकेदार पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। जांच में सामने आया कि छलेसर बूचड़खाना से यमुना की ओर हो रहे नाली निर्माण में ठेकेदार पीली ईंटों का और सीमेंट की जगह अत्यधिक बालू का प्रयोग कर रहा था। नगर निगम ने अब इस निर्माण को ध्वस्त कर दोबारा कराने का आदेश दिया है। किसान नेता की शिकायत पर हुई कार्रवाई यह कार्रवाई भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के आगरा मंडल अध्यक्ष विपिन यादव की शिकायत पर की गई। संभव दिवस के दौरान उन्होंने नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र दिया था। शिकायत के बाद नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता को तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर ठेकेदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने, घटिया निर्माण को ध्वस्त करने और फिर से सही तरीके से काम कराने का आदेश जारी किया गया है। किसान नेता ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की है। टेंडर मिलने के 24 घंटे में काम शुरू नहीं किया तो होगा निरस्त नगर निगम प्रशासन ने अब काम में देरी और घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता ने नया आदेश जारी किया है कि टेंडर की स्वीकृति मिलने के 24 घंटे के भीतर जो ठेकेदार काम शुरू नहीं करेगा, उसका टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा। मंगलवार को वार्ड 79 के पार्षद ने भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि जटपुरा की गली कारवां में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का टेंडर पास होने के बावजूद ठेकेदार ने अभी तक काम शुरू नहीं किया है।

आगरा में मूर्ति विवाद: हिंदू महासभा ने नगर निगम पर लगाया एक धर्म के प्रचार का आरोप

आगरा। आगरा में रविवार को अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने नगर निगम पर शहर में सिर्फ सनातन धर्म से जुड़ी प्रतिमाएं लगाने को लेकर नाराजगी जताई है। हिंदूवादी नेताओं ने इसे एक धर्म का प्रचार बताते हुए नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि शहर में अन्य धर्मों से संबंधित प्रतिमाएं भी लगाई जाएं। क्या है पूरा मामला? नगर निगम ने शहर के कई चौराहों पर कबाड़ से बने राम मंदिर का मॉडल और भगवान शिव व उनके डमरू की प्रतिमाएं लगाई हैं। हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि आगरा में सभी धर्मों के लोग रहते हैं, और केवल एक धर्म की प्रतिमाएं लगाना बाकी समुदायों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। नेताओं ने मांग की है कि जिस तरह से हिंदू धर्म के लोगों को खुश करने के लिए राम मंदिर का मॉडल बनाया गया है, उसी तरह शहर में मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोगों को खुश करने के लिए मक्का मदीना और ईशू मसीह की प्रतिमाएं भी बनवाई जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि इन प्रतिमाओं को उन्हीं कलाकारों से बनवाया जाए, जिन्होंने राम मंदिर का मॉडल तैयार किया है।

आगरा में सेना की जमीन पर राम मंदिर का मॉडल: बिना अनुमति रखे जाने पर सेना ने घेरा

आगरा। आगरा में लाल बहादुर शास्त्री चौराहे के पास एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सेना की A-1 लैंड पर बिना अनुमति के राम मंदिर का मॉडल रखे जाने पर सेना ने कड़ी आपत्ति जताई है। सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मॉडल को ग्रीन नेट से ढक दिया है और नगर निगम से अतिक्रमण हटाकर जमीन खाली कराने की तैयारी कर रही है। सीएम के दौरे से पहले रखी गई थी प्रतिमा यह विवाद तब शुरू हुआ जब अगस्त में मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले नगर निगम ने बिना अनुमति के सेना की जमीन पर कबाड़ से बना राम मंदिर का मॉडल रख दिया था। यह जमीन रक्षा मंत्रालय के अधीन आती है और इसका रणनीतिक महत्व होता है। जब नगर निगम की टीम मॉडल को मजबूती देने के लिए चबूतरा बना रही थी, तभी सेना की टीम मौके पर पहुंची और काम रुकवा दिया। सेना ने तत्काल जमीन खाली करने को कहा, लेकिन नगर निगम ने मॉडल नहीं हटाया, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। नगर निगम ने इस मॉडल को G-20 समिट के दौरान कबाड़ से बनाया था, लेकिन डेढ़ साल से इसे रखने के लिए जगह नहीं मिल रही थी। नगर निगम पर सीएम के सामने वाहवाही लूटने का आरोप सूत्रों के मुताबिक, नगर निगम ने मुख्यमंत्री के दौरे से पहले वाहवाही लूटने के लिए आनन-फानन में बिना सेना से अनुमति लिए यह मॉडल वहां रख दिया था। अब इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम की फजीहत हो रही है। इस घटना ने सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर किया है।

नगर आयुक्त को फोन करो, कहो-कांग्रेस महानगर अध्यक्ष आएं हैं: ‘बाजार सड़क पर ही चलता है’, नाई की मंडी में अतिक्रमण हटाने गई टीम को कांग्रेस नेता ने रोका, बिना कार्रवाई लौटी नगर निगम की टीम

आगरा। आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र में गुरुवार दोपहर अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह मौके पर पहुंचे और नगर निगम के जोनल अधिकारी से तीखी नोकझोंक हो गई। अमित सिंह ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को रोकते हुए जोनल अधिकारी से सीधे कहा, “नगर आयुक्त को फोन करो, उनसे कहो- महानगर अध्यक्ष आए हैं।” काफी देर तक वाद-विवाद चला, जिसके बाद नगर निगम की टीम बिना कोई कार्रवाई किए ही अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देकर लौट गई। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। अतिक्रमण हटाने की मांगी ‘परमिशन’, कहा- ‘बाजार सड़क पर ही चलता है’ यह पूरा मामला गुरुवार दोपहर का है, जब नगर निगम की टीम नाई की मंडी में सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह वहां आ गए और उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने जोनल अधिकारी अवधेश कुमार से अतिक्रमण हटाने की पहले ‘परमिशन’ दिखाने को कहा, और उसके बाद ही अभियान चलाने की बात कही। इस पर जोनल अधिकारी अवधेश कुमार ने सवाल किया, “सड़क पर बाजार लगाने की अनुमति किसने दी?” जिसका जवाब देते हुए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने कहा कि “बाजार सड़क पर ही चलता है। दूसरे बाजारों की भी स्थिति देख लीजिए।” इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। चेतावनी देकर लौटी टीम, जल्द फिर से अभियान चलाने का ऐलान लंबी नोकझोंक और वाद-विवाद के बाद, नगर निगम की टीम नाई की मंडी से बिना कोई ठोस कार्रवाई किए ही वापस लौट गई। जोनल अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि नाई की मंडी में लोगों ने सड़क पर भारी अतिक्रमण कर रखा है। इन अतिक्रमणकारियों को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद उन्होंने अतिक्रमण नहीं हटाया। उन्होंने बताया कि अब एक बार फिर चेतावनी दी गई है और जल्द ही इस क्षेत्र में फिर से बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। यह घटना शहर में अतिक्रमण हटाने के अभियानों के दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप और आम जनता द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है।

आगरा नगर निगम बेच रहा गोबर वाली राखियां! आइए और ले जाइए सिर्फ ₹15-20 में… जानिए इन ‘ईको-फ्रेंडली’ राखियों की खासियतें

आगरा। इस रक्षाबंधन पर भले ही लोग सोने और चांदी की राखियां खरीद रहे हों, लेकिन आगरा में नगर निगम की गौशाला में बनी राखियां लोगों के बीच खूब चर्चा बटोर रही हैं और पसंद भी की जा रही हैं! ये अनोखी राखियां गाय के गोबर से तैयार की गई हैं और पूरी तरह से ईको-फ्रेंडली हैं। हाउस टैक्स या अन्य काम के लिए निगम परिसर आ रहे लोग इन राखियों को खरीद भी रहे हैं। फेंकने पर उगेगा तुलसी का पौधा: पर्यावरण को मिलेगा ‘सकारात्मक’ रूप नगर निगम आगरा अपनी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नए-नए उत्पाद तैयार कर रहा है। दीपावली पर ईको-फ्रेंडली लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और होली पर गोकाष्ठ (गोबर की लकड़ी) तैयार की जाती है। इसी कड़ी में इस बार रक्षाबंधन के लिए गाय के गोबर से बनी राखियां नगर निगम परिसर में उपलब्ध कराई गई हैं। स्टॉल संचालक प्रांकुर जैन ने बताया कि इन राखियों को बनाने का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सकारात्मक रूप देना है। इन राखियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें तुलसी का बीज डाला गया है। राखी का त्योहार खत्म होने के बाद जब इसे फेंका जाएगा या गमले में डाला जाएगा, तो इससे तुलसी का पौधा उग आएगा! यह वाकई एक अभिनव और पर्यावरण-हितैषी पहल है। रंग-बिरंगी राखियां और ‘सीड बॉल’ भी उपलब्ध प्रांकुर जैन ने बताया कि लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए रंग-बिरंगी राखियां बनाई जा रही हैं, जो मात्र ₹15 से ₹20 में नगर निगम परिसर स्थित दुकान पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा, नगर निगम ने कई अन्य ईको-फ्रेंडली उत्पाद भी तैयार किए हैं। इनमें सीड बॉल भी शामिल हैं, जिनमें सहजन, जामुन और नीम के बीज डाले गए हैं। इन सीड बॉल को मानसून में सड़क किनारे, पार्क या नमी वाली जगह पर फेंकने से पौधे उग आएंगे, जिससे हरियाली बढ़ेगी। यह पहल न केवल गौशालाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है। इस रक्षाबंधन पर आप भी इन अनोखी राखियों को अपनाकर प्रकृति के प्रति अपना प्यार दिखा सकते हैं।

₹4.80 करोड़ की नई सड़क पहली ही बारिश में धंसी! आगरा में बोदला-लोहामंडी रोड पर हर 30 मीटर पर गड्ढे, डिवाइडर भी धंसा

आगरा। आगरा में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बोदला चौराहे से सेंट जॉन्स तक ₹4 करोड़ 80 लाख की लागत से बन रही सड़क का आधा काम पूरा भी नहीं हुआ कि इसी के बीच पड़ने वाला बोदला-लोहामंडी रोड पहली ही बारिश में बदहाल हो गया। नई बनी सड़क जगह-जगह धंस गई है और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। हर 30 मीटर पर गड्ढे, डिवाइडर भी धंसा और कूड़ा भरा ‘भास्कर’ की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो हालात चौंकाने वाले थे। लोहामंडी चौराहे के बाद लगभग हर 30 मीटर पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दिए। किशोरपुरा पेट्रोल पंप के ठीक सामने, सड़क के बीचों-बीच बना डिवाइडर भी धंसा हुआ मिला और उसके दोनों तरफ की सड़क भी बुरी तरह टूट गई है। कई जगहों पर तो डिवाइडर में पौधे की जगह कूड़ा भरा हुआ दिखाई दिया, जो निर्माण और रखरखाव दोनों पर सवाल खड़े करता है। खराब सड़क की कुछ तस्वीरें: स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क कई साल बाद बनी थी, लेकिन पहली ही बारिश ने इसकी पोल खोल दी। इन गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को रोज दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और उखड़ी सड़क व धंसे डिवाइडर से हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। पार्षद बोले- “पाइपलाइन और भारी वाहनों से हुआ नुकसान, बारिश के बाद होगी मरम्मत” इस मामले पर क्षेत्रीय पार्षद संजीव सिकरवार ने सफाई देते हुए कहा कि किशोरपुरा पेट्रोल पंप के सामने सड़क इसलिए धंसी क्योंकि स्थानीय निवासियों ने बिना सूचना के पाइपलाइन डलवा दी थी। उनके अनुसार, भारी वाहनों के निकलने से पाइपलाइन टूट गई, जिससे सड़क धंस गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि बारिश का सीजन खत्म होने के बाद जहाँ-जहाँ सड़क धंसी है या जहाँ भी शिकायतें हैं, उन सभी जगहों पर मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही, बोदला-लोहामंडी रोड से सेंट जॉन्स तक का अधूरा निर्माण कार्य भी बारिश के बाद जल्द शुरू किया जाएगा। करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का पहली ही बारिश में इस तरह धंस जाना प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है।

आगरा में मेयर पर विकास न करने का आरोप: गंदे पानी में बैठकर लोगों ने किया प्रदर्शन, सड़कों पर गड्ढे और जलभराव से हाहाकार!

आगरा। आगरा में सड़कों की बदहाली और जलभराव से परेशान स्थानीय लोगों ने बुधवार को नगर निगम और मेयर के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। शंकरगढ़ पुलिया से आजम पाड़ा की ओर जाने वाली सड़क पर गहरे गड्ढों और नालियों के गंदे पानी के बीच बैठकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि मेयर शहर के विकास पर ध्यान नहीं दे रही हैं, जिससे मुख्यमंत्री के “गड्ढा मुक्त उत्तर प्रदेश” के सपने पर पानी फिर रहा है। सड़क पर जलभराव से हादसे, बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल भारतीय किसान यूनियन (भानू) के नेतृत्व में यह धरना प्रदर्शन किया गया। किसान नेता अभिषेक चौहान ने बताया कि शंकरगढ़ से आजम पाड़ा तक की सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पास में तीन स्कूल हैं, और आए दिन स्कूली बच्चे इन गड्ढों में गिरकर चोटिल होते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम को 10 से अधिक बार शिकायत पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन, आज स्थानीय लोगों के साथ सड़क पर भरे गंदे पानी में बैठकर धरना देना पड़ा है। अभिषेक चौहान ने चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, उनका धरना जारी रहेगा, और जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल भी की जाएगी। पार्षद पर भी अनदेखी का आरोप, वार्ड 40 की बदहाली प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि यह क्षेत्र वार्ड 40 के अंतर्गत आता है, जिसके पार्षद रवि दिवाकर हैं। उन्हें भी इस समस्या की जानकारी दी गई थी और उन्होंने निरीक्षण भी किया, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत नहीं सुधरी। नालियों का गंदा पानी सड़क पर भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है और दोपहिया वाहन चालकों के साथ आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों ने कहा कि जहां एक ओर मुख्यमंत्री का सपना उत्तर प्रदेश को गड्ढा मुक्त बनाना है, वहीं आगरा की मेयर उनके सपनों पर पानी फेर रही हैं। उनका आरोप है कि मेयर का शहर के विकास पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है, जिससे जनता परेशान है। इस प्रदर्शन ने शहर की मूलभूत समस्याओं और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगरा में हाउस टैक्स पर छूट का आज आखिरी दिन: नगर निगम की 10% छूट सिर्फ गुरुवार रात 12 बजे तक, इसके बाद लगेगी पेनल्टी!

आगरा। अगर आपने अभी तक अपना हाउस टैक्स जमा नहीं किया है, तो यह आपके लिए आखिरी मौका है। आगरा नगर निगम द्वारा गृहकर बकायेदारों को दी जा रही 10% की विशेष छूट का लाभ उठाने की आज (गुरुवार, 31 जुलाई, 2025) अंतिम तिथि है। गुरुवार रात 12 बजे के बाद यह छूट समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद आपको पूरे बकाया पर पेनल्टी चुकानी पड़ेगी। 50 हजार से अधिक बकाएदारों को भेजे जा रहे नोटिस, होगी सख्ती नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने हाउस टैक्स वसूली को लेकर सभी जोनल कार्यालयों को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जोन के कर निर्धारण अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में 50 हजार रुपये या उससे अधिक का बकाया रखने वाले संपत्ति मालिकों को प्राथमिकता पर नोटिस/बिल भेजें और वसूली की कार्रवाई तेज करें। शहर में हजारों ऐसे संपत्ति स्वामी हैं जिन पर भारी मात्रा में हाउस टैक्स बकाया है। इन सभी को निगम द्वारा व्यक्तिगत बिल भेजे जा रहे हैं। नगर निगम 1 अप्रैल से 31 मार्च 2026 तक के हाउस टैक्स पर 31 जुलाई तक 10% की छूट दे रहा है। अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया है कि 31 जुलाई के बाद न सिर्फ छूट समाप्त हो जाएगी, बल्कि वसूली के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिसमें संपत्ति कुर्की और सील करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध, नगर आयुक्त की अपील बकायेदारों की सुविधा के लिए नगर निगम ने nagarnigam.in पोर्टल पर ऑनलाइन गृह कर भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। नागरिक घर बैठे आसानी से अपना टैक्स जमा कर इस छूट का लाभ उठा सकते हैं। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 31 जुलाई की समय सीमा समाप्त होने से पहले इस छूट का लाभ उठाएं और समय से हाउस टैक्स अदा कर नगर निगम की आय को सुदृढ़ बनाएं, जिससे शहर के विकास कार्यों को गति दी जा सके।

आगरा में व्यापारियों का ‘हाउस टैक्स’ पर हंगामा: नगर निकायों पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, बोले- ‘मनमाने तरीके से बढ़ा रहे टैक्स, सीवर-जलकर की भी लूट!’

आगरा। आगरा में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के खिलाफ व्यापारियों ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने आज नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा कि स्थानीय निकाय G.I. सर्वे के नाम पर मनमाने तरीके से हाउस टैक्स बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार के 28 जून 2024 के आदेश को दरकिनार किया जा रहा है। “सीवर नहीं, फिर भी सीवर टैक्स! पेयजल का अभाव, फिर भी जलकर वसूली!” संगठन के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सीवर की सुविधा तक नहीं है, वहाँ भी सीवर टैक्स वसूला जा रहा है। इसके अलावा, बाजारों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था न होने के बावजूद जलकर वसूली जारी है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजारों में वाटर कूलर लगाए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर निगम और पालिका के अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तरों में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती है। साथ ही, बरसात में जलभराव, कूड़ा निस्तारण में लापरवाही, और सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट आदि की बदहाल स्थिति से व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। “आवारा जानवरों का आतंक, अतिक्रमण पर आंखें मूंदे प्रशासन” संगठन ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि नगर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है। वहीं, शहर की बड़ी समस्या अतिक्रमण और जाम को दूर करने के लिए स्ट्रीट वेंडर अधिनियम 2014 को अब तक ठीक से लागू नहीं किया गया है। व्यापारियों की ओर से मांग की गई है कि इन सभी समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और संबंधित निकायों को जवाबदेह बनाया जाए। ज्ञापन देने आए प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे, मुकेश सिंह, मनोज गुप्ता, संजय गुप्ता, कपूर चंद रावत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। व्यापारियों का यह विरोध नगर निकायों के कामकाज पर सवालिया निशान लगाता है और उनकी जवाबदेही की मांग करता है।

आगरा में नगर निगम की ‘गुगली’: सड़क पर रखा जनरेटर नहीं हटा पाई टीम, विरोध के आगे झुककर लौटना पड़ा!

आगरा। आगरा में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी मुहिम को शनिवार को एक झटका लगा। ट्रांस यमुना कॉलोनी में सड़क पर रखे एक जनरेटर को हटाने पहुँची नगर निगम की टीम को लोगों के भारी विरोध के चलते बिना कार्रवाई के ही वापस लौटना पड़ा। IGRS पोर्टल पर मिली शिकायत का निस्तारण किए बिना ही टीम को उल्टे पांव लौटना पड़ा, जिससे प्रशासन की ‘पकड़’ पर सवाल खड़े हो गए हैं। जयदीप अस्पताल का जनरेटर, राहगीर परेशान मामला ट्रांस यमुना कॉलोनी का है, जहाँ IGRS पोर्टल के माध्यम से नगर निगम को शिकायत मिली थी कि सड़क पर एक जनरेटर रखा हुआ है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। शिकायत के निस्तारण के लिए नगर निगम की टीम शनिवार को मौके पर पहुँची। पता चला कि यह जनरेटर जयदीप अस्पताल प्रबंधन ने रास्ते में रखा हुआ था। नगर निगम की टीम ने जैसे ही इसे हटाना शुरू किया, अस्पताल प्रबंधन के लोग बाहर निकल आए और हंगामा करने लगे। देखते ही देखते आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और सभी ने मिलकर नगर निगम की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। जोनल अधिकारी से तीखी नोकझोंक, टीम को लौटना पड़ा खाली हाथ स्थिति इतनी बिगड़ गई कि टीम का नेतृत्व कर रहे जोनल अधिकारी अवधेश कुमार से भी तीखी नोकझोंक हुई। पिछले दिनों खेरिया मोड़ पर प्लास्टिक के खिलाफ अभियान के दौरान विधायक के चाचा से हुए विवाद के बाद नगर निगम के अधिकारी अब ज्यादा जोखिम लेने से बच रहे हैं। यही वजह रही कि बिगड़ती स्थिति देख नगर निगम की टीम बिना कार्रवाई किए ही लौट गई। जोनल अधिकारी ने स्वीकार किया कि शिकायत जायज थी और सड़क किनारे अवैध रूप से रखा जनरेटर आसपास के लोगों के लिए आवाज और धुएं से परेशानी का सबब बनता है। मगर, विरोध के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी। अन्य इलाकों में चला ‘बुलडोजर’, ठेल-धकेल हटाए हालांकि, नगर निगम की टीम ने शनिवार को ही शहर के अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखा। पालीवाल पार्क और रामबाग चौराहा क्षेत्र में सड़कों और फुटपाथों पर खड़े ठेल, धकेल और अन्य अवैध अतिक्रमण को हटाया गया, जिससे पैदल चलने वालों को कुछ राहत मिली। लेकिन ट्रांस यमुना कॉलोनी में हुई घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है।

आगरा के ‘जनकपुरी’ क्षेत्र का होगा कायाकल्प: 3 पार्षदों ने सौंपी ‘विकास’ की लंबी लिस्ट, 1.5 करोड़ के कामों का प्रस्ताव!

आगरा। आगरा का ऐतिहासिक जनकपुरी महोत्सव इस बार कमला नगर में होने जा रहा है, और इसके लिए प्रस्तावित क्षेत्र को भव्य तरीके से सजाने की तैयारी है। जनकपुरी आयोजन समिति और स्थानीय पार्षदों ने मिलकर नगर निगम को कई बड़े विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए हैं, जिनकी लागत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसका मकसद मानसून के बाद तुरंत काम शुरू कर क्षेत्र को चमकाना है। मानसून के बाद शुरू होंगे काम, टेंडर प्रक्रिया की तैयारी फिलहाल मानसून का सीजन चल रहा है, जिससे निर्माण कार्य करना मुश्किल है। जनकपुरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में सड़क, खड़ंजा, नालियां, पुलिया और लाइट व्यवस्था से जुड़े काम कराए जाने हैं। जनकपुरी आयोजन समिति चाहती है कि मानसून के दौरान ही विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार हो जाएं और उनकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाए, ताकि मानसून खत्म होते ही विकास कार्य तेजी से शुरू किए जा सकें और महोत्सव से पहले क्षेत्र पूरी तरह तैयार हो जाए। इन पार्षदों ने दिए प्रमुख प्रस्ताव: जनकपुरी क्षेत्र के विकास के लिए तीन प्रमुख पार्षदों ने नगर निगम को प्रस्ताव सौंपे हैं: इस बारे में नगर निगम के मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता का कहना है कि पहले इन प्रस्तावों का परीक्षण कराया जाएगा। उसके बाद आगणन (अनुमानित लागत) तैयार कर टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जनकपुरी महोत्सव को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और इन विकास कार्यों से क्षेत्र के निवासियों को भी लंबे समय तक लाभ मिलेगा।

आगरा में गरजा नगर निगम का ‘बुलडोजर’: सड़क पर खुला ढाबा ध्वस्त, नाली पर बने निर्माण भी साफ!

आगरा। आगरा में अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। गुरुवार को नगर निगम ने बूढ़ी का नगला क्षेत्र में सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर चलाए जा रहे एक अवैध ढाबे को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया। ‘ज्ञानी ढाबा’ पर चला बुलडोजर, राहगीरों को हो रही थी परेशानी जानकारी के अनुसार, बूढ़ी का नगला क्षेत्र में एक व्यक्ति ने सड़क और फुटपाथ को घेर कर ‘ज्ञानी’ के नाम से अवैध ढाबा खोल रखा था। ढाबे पर आने वाले लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े कर देते थे, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने इस अवैध ढाबे पर कार्रवाई के निर्देश दिए। दोपहर में नगर निगम के ध्वस्तीकरण दस्ते ने मौके पर पहुँचकर ढाबे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अन्य क्षेत्रों में भी हटा अतिक्रमण, नाली पर बना निर्माण भी साफ बूढ़ी का नगला के अलावा, प्रवर्तन दल ने भगवान टॉकीज के पास पार्थी पेठा स्टोर के समीप तिरपाल डालकर किए गए अतिक्रमण को भी हटवाया। इसी प्रकार, कमला नगर में दिलीप मेडिकल स्टोर के संचालक द्वारा नाली पर किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जहाँ से भी शिकायतें मिलेंगी, वहाँ अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम में हर रोज दर्जनों अवैध कब्जों की शिकायतें पहुँचती हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। WordPress SEO Optimization:

आगरा में ‘अवैध’ कब्जे पर गरजा बुलडोजर: नगर निगम ने सड़क पर बने रैंप तोड़े, सिंधी बाजार से भी हटाए गए बोर्ड

आगरा। आगरा नगर निगम ने गुरुवार को नाई की मंडी और सिंधी बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। नाई की मंडी चौराहे से गालिब होटल तक नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए रैंपों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं माने दुकानदार नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन वे सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण कर रहे थे। इससे ट्रैफिक व्यवस्था और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। क्षेत्रीय लोगों ने भी इसकी शिकायत नगर निगम से की थी। अभियान के दौरान नाई की मंडी में काफी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए आनन-फानन में अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। सिंधी बाजार में भी हुई कार्रवाई, फुटपाथ खाली कराया नाई की मंडी के अलावा, नगर निगम की टीम ने सिंधी बाजार में भी कार्रवाई करते हुए फुटपाथ पर रखे गए सामान, बोर्ड और होर्डिंग्स को हटवाया। अधिकारियों ने साफ किया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुकानदार दोबारा कब्जा करते पाए गए, तो जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शहर के व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करें और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें।

आगरा नगर निगम का ‘विज्ञापन’ एक्शन! 24 शोरूम संचालकों को नोटिस, नहीं जमा किया लाखों का प्रीमियम/साइड रेंट; ‘दोगुना’ जुर्माना लगेगा!

आगरा। आगरा में अपने शोरूम पर बड़े-बड़े विज्ञापन लगाकर प्रचार करना अब कई संचालकों को भारी पड़ने वाला है! नगर निगम ने शहरभर में सर्वे कर ऐसे कारोबारियों की एक सूची तैयार की है, जिन्होंने विज्ञापन प्रीमियम/साइड रेंट जमा नहीं किया है। फिलहाल, 24 ऐसे शोरूम संचालकों को पैनल्टी के साथ लाखों का प्रीमियम/साइड रेंट जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। इस नियम के तहत दिए नोटिस, 60 कारोबारियों को अब तक मिला ‘झटका’ नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर नगर निगम ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 3×2 फुट तक के विज्ञापन पट लगाने पर निगम कोई प्रीमियम/साइड रेंट नहीं लेता है। लेकिन, इससे बड़े साइनबोर्ड लगाने या अन्य किसी प्रकार से प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन करना विज्ञापन प्रीमियम/साइड रेंट के दायरे में आता है। देखने में आ रहा है कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं जो बिना अनुमति होर्डिंग आदि लगाकर अपना विज्ञापन कर रहे हैं। ऐसे सभी कारोबारियों को अब प्रीमियम/साइड रेंट के दायरे में लाया जा रहा है। नगर निगम उपविधि 2017 के तहत, अब तक पहली बार 60 कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अगर नोटिस की अवधि में रेंट जमा नहीं किया गया, तो शोरूम संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नहीं जमा किया तो देना होगा ‘दोगुना किराया’, रजिस्ट्रेशन भी होगा रद्द! सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि यदि नोटिस जारी होने के बाद भी कोई शोरूम संचालक निर्धारित समय में प्रीमियम/साइड रेंट जमा नहीं कराता है, तो उसे निर्धारित रेंट से दोगुना रेंट अदा करना होगा। इन प्रमुख नामों पर लाखों का बकाया है: फिलहाल, साल 2023-24 और 2024-25 के किराये की गणना की जा रही है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने साफ चेतावनी दी है, “जो भी कारोबारी नगर निगम सीमा में विज्ञापन कर रहे हैं, वे समय से प्रीमीयम/साइड रेंट को जमा कराएं। अन्यथा उनके खिलाफ खाता सीज और कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।“ नगर निगम शहर में अवैध रूप से विज्ञापन करने वाली कंपनियों का पता लगाने के लिए लगातार सर्वे करा रहा है। नोटिस के बाद भी जो लोग प्रीमियम साइड रेंट विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करेंगे, उनके रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

आगरा जिला अस्पताल में ‘गंदगी का राज’: DM ने लगाई फटकार, गायब सफाई कर्मचारियों का मांगा रिकॉर्ड!

औचक निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ अन्य अधिकारी

आगरा के जिला अस्पताल में ‘गंदगी का राज’ देखकर मंगलवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी का पारा चढ़ गया! उन्होंने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां ओपीडी और सभी वार्डों में व्यवस्थाएं देखीं। मरीजों और उनके तीमारदारों से भी बात की, लेकिन अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर देखकर डीएम ने सीएमएस, अस्पताल मैनेजर और सफाई सुपरवाइजर को कड़ी फटकार लगाई। मरीजों से ली जानकारी, मिली ‘संतोषजनक’ प्रतिक्रिया डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी अचानक जिला अस्पताल पहुंचे और सबसे पहले ओपीडी, महिला व बच्चा वार्ड, इमरजेंसी वार्ड आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से दवाई की उपलब्धता, बाहर से दवाई खरीद, खाना, डॉक्टरों व नर्स द्वारा चिकित्सा और देखभाल के बारे में जानकारी ली। मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि उन्हें समय से उपचार और खाना मिल रहा है, और अस्पताल से दवाएं भी मिल जाती हैं। ‘कूड़े के ढेर’ देखकर डीएम का ‘गुस्सा’ मरीजों से मिली संतोषजनक प्रतिक्रिया के बाद जब डीएम ने जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया, तो उन्हें हर जगह कूड़ा और गंदगी मिली। डायलिसिस भवन और प्राइवेट वार्ड बिल्डिंग के आसपास तो गंदगी व कूड़े के ढेर लगे थे। परिसर में गंदगी मिलने पर डीएम ने सीएमएस, अस्पताल मैनेजर और सफाई कर्मचारियों के हेड सुपरवाइजर को मौके पर तलब किया। डीएम ने उनसे सवाल किए और कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएमएस नियमित रूप से परिसर का दौरा करें और उच्चस्तरीय साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने साफ कहा कि अस्पताल परिसर में कहीं भी गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। ‘गायब’ मिले सफाई कर्मचारी, एजेंसी पर होगी कार्रवाई! निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल मैनेजर से जिला अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का ब्योरा मांगा। उन्हें बताया गया कि 23 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी विभिन्न शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाती है। डीएम ने सभी कर्मचारियों को मौके पर बुलाया और गिनती कराई, जिसमें सुपरवाइजर सहित केवल 9 सफाईकर्मी ही उपस्थित मिले! इस पर डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों, सफाई एजेंसी और टेंडर प्रक्रिया के बारे में जवाब तलब किया। उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएमएस को सभी जरूरी चीजों में सुधार के निर्देश दिए, जिसमें हर वार्ड के बाहर डस्टबिन रखने, पूरे परिसर की सफाई कराने और मरीज व तीमारदारों द्वारा अस्पताल परिसर में गंदगी न फैलाने के निर्देश शामिल थे। उन्होंने बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान हेतु नगर निगम को भी निर्देशित किया। इस दौरान सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार, अस्पताल मैनेजर मोहित भारती, डॉ. सीपी वर्मा सहित जिला अस्पताल के डॉक्टर मौजूद रहे।

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