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आगरा का कैलाश मेला बना ‘जामला’: 5 मिनट का सफर 3 घंटे में, एम्बुलेंस भी फंसी, प्रशासन की व्यवस्था हुई ‘फेल’!

आगरा। सावन के तीसरे सोमवार को आगरा में आयोजित कैलाश मेला इस बार भक्तों के लिए नहीं, बल्कि भयंकर जाम के लिए चर्चा में रहा। शहर की सड़कों पर ऐसा यातायात प्रभावित हुआ कि आमतौर पर 5 मिनट का सफर तय करने में लोगों को पूरे 3 घंटे लग गए। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि कई एम्बुलेंस भी घंटों तक जाम में फंसी रहीं, जिससे प्रशासन की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई। रूट डायवर्जन के बावजूद सड़कों पर ‘वाहनों का रेला’ शाम 6 बजे से भगवान शिव के भक्तों का मेला देखने के लिए निकलना शुरू हुआ और हजारों की संख्या में लोग कैलाश मेले में पहुँचे। जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन प्लान जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद शहर की प्रमुख सड़कों पर तीन से चार घंटे तक भारी जाम लगा रहा। भगवान टॉकीज से मथुरा की ओर जाने वाले वाहन सिकंदरा पर बुरी तरह फंस गए, क्योंकि प्रशासन के प्लान के बावजूद कई बड़े वाहन मेले की ओर चले गए। गुरु के ताल वाला मार्ग भी जाम से अछूता नहीं रहा, वहाँ भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने सिकंदरा की ओर जाने वाले वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग वैकल्पिक रास्तों से वहाँ तक पहुँच गए, जिससे और अधिक जाम लग गया। शहर के कई इलाकों में लगा जाम का ‘झाम’ कैलाश मेले की वजह से शहर की अन्य छोटी-बड़ी सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया, और कई जगह जाम लग गया। मदिया कटरा, लोहा मंडी, हरी पर्वत, भगवान टॉकीज, सिकंदरा, बोदला, और मेले के आसपास के कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बार के कैलाश मेले में यातायात प्रबंधन की यह विफलता प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई, जिससे भक्तों को असुविधा और आपातकालीन सेवाओं में बाधा का सामना करना पड़ा।

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आगरा के ताजमहल में ‘बंदरों का खौफ’: महिला पर्यटक पर हमला, मॉर्निंग वॉकर्स भी रहें सावधान!

आगरा। आगरा में दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल परिसर में अब बंदरों का आतंक बढ़ने लगा है। मंगलवार दोपहर ताजमहल देखने आईं 60 वर्षीय एक महिला पर्यटक पर बंदरों ने हमला कर दिया, जब वे पानी की बोतल के साथ अकेली बैठी थीं। बोतल छीनने की कोशिश में महिला के हाथ में चोट आ गई। ताज सुरक्षा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर महिला को बचाया और उन्हें अस्पताल पहुँचाया। अब इस घटना के बाद मॉर्निंग वॉक पर जाने वालों को भी सावधान रहने की चेतावनी दी गई है। अकेला देखकर हमला, बेटा-बहू गए थे अंदर यह घटना दोपहर करीब 3 बजे की है। बनारस निवासी कमलेश भट्ट (60 वर्ष) अपने बेटे शैलेंद्र भट्ट और बहू अनुराधा शर्मा के साथ ताजमहल देखने आई थीं। जब बेटा और बहू ताजमहल के अंदर गए, तो कमलेश भट्ट पश्चिमी गेट के सामने एक पत्थर की बेंच पर अकेली बैठी थीं। उनके पास एक पानी की बोतल थी। इसी दौरान, कुछ बंदरों ने उनसे पानी की बोतल छीनने के लिए अचानक हमला कर दिया। बंदरों की इस हरकत से महिला डर गईं और चिल्लाने लगीं। इस छीना-झपटी में उनके दाहिने हाथ में चोट भी लग गई। पुलिस ने तत्परता से बचाया और अस्पताल भेजा ताज सुरक्षा बल को जैसे ही इसकी सूचना मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बंदरों को महिला के पास से भगाया और उन्हें सुरक्षित किया। पुलिस टीम ने तुरंत महिला के बेटे को फोन कर ताजमहल से बाहर बुलाया। पश्चिमी पार्किंग स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र से एंबुलेंस बुलाई गई और कमलेश भट्ट को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस दौरान उनकी बहू अनुराधा काफी घबरा गईं और रोने लगीं। ताज सुरक्षा पुलिस के सहयोग से महिला पर्यटक को समय पर उपचार मिल जाने पर उनके पुत्र शैलेंद्र भट्ट ने आगरा पुलिस की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस टीम में उप निरीक्षक शिवराज सिंह, मुख्य आरक्षी महेश चंद्र, मुख्य आरक्षी दिलीप कुमार, आरक्षी पीएसी विजय सिंह, और आरक्षी पीएसी यतेंद्र कुमार शामिल थे। ‘ताज खेमा से एंट्री तक है बंदरों का उत्पात’, वॉकर्स को चेतावनी ताजमहल के आसपास के निवासी और मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोग भी बंदरों के बढ़ते उत्पात को लेकर चिंतित हैं। वॉकिंग क्लब ताजमहल-ताज रॉयल अपार्टमेंट निवासी सरदार हरदीप सिंह का कहना है, “सुबह जो वॉक करने जाते हैं ताजमहल, वह भी सतर्क रहें। बंदरों का उत्पात ज्यादातर ताज खेमा से एंट्री तक का है।” उन्होंने आगे बताया कि रोजाना सुबह 5 से 9 बजे के बीच आसपास से सैकड़ों लोग वॉक करने आते हैं, जिन्हें भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। क्या इस बढ़ती समस्या पर प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा?

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आगरा में ‘बड़ा ऐलान’: मौलाना साजिद रशीदी की जुबान काटने वाले को ₹1.51 लाख का इनाम देगी ‘योगी यूथ ब्रिगेड’!

आगरा। उत्तर प्रदेश में एक निजी चैनल की लाइव डिबेट के दौरान मौलाना साजिद रशीदी द्वारा सपा सांसद डिंपल यादव पर की गई अशोभनीय टिप्पणी ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। इस घटना से नाराज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं आगरा में योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने एक बड़ा और विवादित ऐलान किया है। उन्होंने मौलाना साजिद रशीदी की जुबान काटकर लाने वाले को ₹1,51,000 का पुरस्कार देने की घोषणा की है। “डिंपल यादव नंगी बैठी हैं” – मौलाना का विवादित बयान यह विवाद तब शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद के बगल की एक मस्जिद में सांसदों के साथ बैठक की थी, जिसमें उनकी पत्नी डिंपल यादव भी मौजूद थीं। इसी पर एक टीवी शो के दौरान मौलाना साजिद रशीदी ने टिप्पणी करते हुए कहा था, “मस्जिद में 2 मोहतरमा आई थीं। एक ने तो खुद को ढंक रखा था। दूसरी मोहतरमा डिंपल यादव, उनकी पीठ की फोटो देख लीजिए। नंगी बैठी हैं।” इस बयान के बाद से ही प्रदेशभर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मौलाना पर लखनऊ में मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। “हिंदू स्त्री का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे” इस मामले पर योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में मुस्लिम महिलाओं का सम्मान नहीं किया जाता, उनका तीन तलाक, हलाला के नाम पर शोषण किया जाता है, और उन्हें बच्चे पैदा करने की मशीन समझा जाता है। कुंवर अजय तोमर ने स्पष्ट किया कि “अखिलेश यादव की राजनीतिक विचारधारा और हमारी विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन बात अगर किसी हिंदू स्त्री के मान-सम्मान और स्वाभिमान की आएगी तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।“ उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि “बहुत जल्दी मौलाना साजिद रशीदी की हड्डी तोड़ कुटाई होगी और फिर वह सपने में भी किसी हिंदू स्त्री का अपमान करने की नहीं सोचेंगे।” तोमर ने जोर देकर कहा कि डिंपल यादव सर्वप्रथम हिंदू स्त्री हैं और “उनका अपमान किसी भी मौलाना के द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ऐसे लोगों की हड्डी तोड़ कुटाई होगी।” यह घोषणा इस विवाद को और गहरा सकती है।

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ताजमहल में ‘वाह ताज’! अनन्या, कार्तिक और जैकी श्रॉफ ने मचाया धमाल, फिल्म ‘तू मेरी, मैं तेरा’ की हुई शूटिंग

आगरा। दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल ने मंगलवार सुबह बॉलीवुड सितारों की मेजबानी की। फिल्म ‘तू मेरी, मैं तेरा’ की शूटिंग के लिए जैकी श्रॉफ, अनन्या पांडे और कार्तिक आर्यन ताजमहल पहुँचे, जहाँ उन्होंने फिल्म के कुछ दृश्यों को फिल्माया। बारिश की वजह से शूटिंग को कुछ देर रोकना भी पड़ा। अनन्या पांडे ने कहा ‘वाह ताज’, फैंस ने ली जैकी श्रॉफ संग सेल्फी सुबह-सुबह ही ताजमहल पर शूटिंग का पूरा सेटअप लगने लगा, जिससे पर्यटक यह सोच में पड़ गए कि आखिर क्या चल रहा है। तभी प्रिंटेड शर्ट, ब्लैक ट्राउजर और हैट लगाए ‘भिडू’ यानी जैकी श्रॉफ दिखाई दिए। कुछ ही देर में अनन्या पांडे और कार्तिक आर्यन भी पहुँच गए, और तब लोगों को शूटिंग की जानकारी मिली। अनन्या पांडे ने अपने इंस्टाग्राम पर ताजमहल के साथ 7 तस्वीरें अपलोड करते हुए कैप्शन में लिखा, “वाह ताज।” शूटिंग के दौरान, जैकी श्रॉफ ने फैंस के साथ तस्वीरें भी क्लिक कराईं, जिससे उनके प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिला। पर्यटकों को हुई परेशानी, मोबाइल से डिलीट करवाए वीडियो हालांकि, शूटिंग के दौरान कुछ देर के लिए पर्यटकों की एंट्री रोक दी गई, जिस पर पर्यटकों ने आपत्ति भी जताई। उनका कहना था कि वे दूर-दूर से ताजमहल देखने आए हैं, और उन्हें रोका क्यों जा रहा है। शूटिंग के लिए पर्यटकों को रॉयल गेट पर रुकना पड़ा, जहाँ कुछ लोगों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि जो पर्यटक शूटिंग के वीडियो बना रहे थे, उनके मोबाइल से वीडियो डिलीट करवा दिए गए। शूटिंग के कारण पर्यटक रॉयल गेट पर फोटो भी क्लिक नहीं करा सके। 2026 वैलेंटाइन वीक पर रिलीज होगी फिल्म धर्मा प्रोडक्शंस और नमः पिक्चर्स के बैनर तले बन रही यह फिल्म 13 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में कार्तिक और अनन्या की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री एक बार फिर दर्शकों को देखने को मिलेगी। इसकी कहानी रोमांस और कॉमेडी का एक दिलचस्प मेल बताई जा रही है। फिल्म की शूटिंग का पहला फेज यूरोप के खूबसूरत देश क्रोएशिया में पूरा किया जा चुका है। 10 दिन पहले राजस्थान के नवलगढ़ में भी फिल्म की शूटिंग हुई थी, जहाँ कार्तिक आर्यन होटल की छत पर वर्कआउट करते दिखे थे और फैंस से मिले थे। अनन्या पांडे ने भी नवलगढ़ में शूटिंग के दौरान के वीडियो शेयर किए थे। फिल्म में जैकी श्रॉफ भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। निर्देशक समीर विद्वांस इससे पहले कार्तिक आर्यन के साथ ‘सत्यप्रेम की कथा’ बना चुके हैं, जिसे दर्शकों से बेहतरीन रिस्पॉन्स मिला था। अब इस नई फिल्म से भी दर्शकों को एक और इमोशनल और मनोरंजक कहानी की उम्मीद है।

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झूले, मलहार और मुस्कान… जब तीज के रंगों में सराबोर हुआ आगरा!

प्रकाशित: रात 9:30 बजे, 27 जुलाई 2025 | स्थान: आगरा, उत्तर प्रदेश मुख्य बिंदु आगरा। जब आकाश में सावन की काली घटाएं घिरती हैं, जब बारिश की बूंदें सूखी धरती की प्यास बुझाती हैं, और जब प्रकृति अपने अनुपम सौंदर्य के साथ सोलह श्रृंगार करती है, तब आता है भारतीय संस्कृति का सबसे जीवंत और उल्लासपूर्ण पर्व- हरियाली तीज। यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, प्रेम, और परंपरा का एक ऐसा संगम है जो हर किसी के मन को भिगो देता है। इसी संगम को साकार करते हुए रविवार को आगरा के प्रतिष्ठित अतिथि वन कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘आप और हम समिति’ के तत्वावधान में एक अविस्मरणीय ‘हरियाली तीज महोत्सव’ का आयोजन किया गया। यह एक ऐसा आयोजन था जहाँ परंपरा आधुनिकता से मिली, जहाँ लोकगीतों की मिठास ने डीजे के शोर को पीछे छोड़ दिया, और जहाँ हर चेहरा सावन की खुशी में खिला हुआ नजर आया। संस्कृति का अभूतपूर्व उत्सव: तीज का महत्व और परंपरा यह त्योहार प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी पर्व है। चारों ओर की हरियाली मन में नई आशा और ऊर्जा का संचार करती है। सावन के झूले, हाथों में रची मेहंदी, और पारंपरिक ‘मलहार’ गीत इस उत्सव के अभिन्न अंग हैं। ‘मलहार’ वर्षा ऋतु का राग है, जिसके सुरों में विरह की पीड़ा भी है और मिलन की आतुरता भी। यह वही राग है जिसे गाकर पुराने समय में बारिश को आमंत्रित किया जाता था। ‘आप और हम समिति’ ने इन्हीं गहन सांस्कृतिक जड़ों को समझते हुए एक ऐसे कार्यक्रम की रचना की, जो केवल एक जश्न नहीं, बल्कि अपनी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास था। अतिथि वन में उतरा सावन: माहौल और प्रस्तुतियां कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत मंगल गीतों से हुई, जिसमें महिलाओं ने सामूहिक रूप से देवी पार्वती की स्तुति की। इसके बाद शुरू हुआ ‘मलहार’ गायन का दौर। ढोलक और मंजीरे की थाप पर जब महिलाओं ने अपनी खनकती आवाजों में “अम्मा मेरी, बाग में झूले पड़े…” और “सावन आयो रे…” जैसे पारंपरिक गीत गाने शुरू किए, तो पूरा माहौल भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गया। यह कोई पेशेवर गायन नहीं था, बल्कि यह हृदय से निकले हुए वे सुर थे जो पीढ़ियों से माताओं ने अपनी बेटियों को सौंपे हैं। हर गीत के साथ तालियों की गड़गड़ाहट और “वाह! वाह!” की ध्वनि गूंज उठती, जो कलाकारों का उत्साह बढ़ा रही थी। दमदार संचालन और ‘ताज क्वीन’ का रोमांच कार्यक्रम का सबसे रोमांचक क्षण ‘ताज क्वीन’ प्रतियोगिता का आयोजन था। यह केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि इसमें महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा, उनकी समझ और आत्मविश्वास का भी परीक्षण था। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने जब रैंप पर वॉक किया, तो ऐसा लगा मानो राजस्थान और ब्रज की पूरी संस्कृति मंच पर उतर आई हो। कई रोचक सवालों और सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श के बाद, निर्णायकों ने श्रीमती कीर्ति गोयल को इस वर्ष की ‘ताज क्वीन’ घोषित किया। ताज पहनते समय कीर्ति के चेहरे पर छाई खुशी और आत्मविश्वास ने पूरे कार्यक्रम का मान बढ़ा दिया। एकजुटता की मिसाल: ‘आप और हम’ की भावना विनिता जैन, मंजू गोयल, कीर्ति बंसल, रानी गोयल, रितु गर्ग, रिचा अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, शालिनी अग्रवाल, और अंकिता अग्रवाल इस आयोजन की सबसे खूबसूरत बात यह थी कि इसमें श्री अमित अग्रवाल और श्री मनोज अग्रवाल जैसे पुरुष सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और व्यवस्था में सहयोग किया। यह इस बात का प्रतीक है कि परंपराओं का संरक्षण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। अंत में, सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और उपस्थित सभी लोगों ने एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं। यह शाम सिर्फ नाच-गाने और खाने-पीने की शाम नहीं थी; यह अपनी संस्कृति पर गर्व करने, अपनी जड़ों को सींचने और सामुदायिक सौहार्द्र के धागों को और मजबूत करने की एक शाम थी। ‘आप और हम समिति’ ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच भी परंपराओं का उल्लास पूरी शिद्दत से मनाया जा सकता है।

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IIFT में बिखरे तीज के रंग, मेहंदी और संगीत के साथ छात्राओं ने मनाया उत्सव

प्रकाशित: रात 08:30 बजे, 26 जुलाई 2025 | स्थान: आगरा आगरा। सावन के महीने में प्रकृति जब हरियाली की चादर ओढ़ लेती है, तब भारतीय संस्कृति के सबसे जीवंत पर्वों में से एक, हरियाली तीज का आगमन होता है। इसी परंपरा को पूरे उल्लास और उत्साह के साथ शनिवार को इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (IIFT), आगरा के कैंपस में मनाया गया। इस अवसर पर फैशन और इंटीरियर डिजाइनिंग की छात्राएं पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर उत्सव के रंगों में सराबोर नजर आईं। संस्थान का परिसर लोक संगीत की धुनों, मेहंदी की मनमोहक सुगंध और छात्राओं की हंसी-ठिठोली से गूंज रहा था। यह उत्सव केवल मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह छात्राओं के लिए अपनी संस्कृति को गहराई से जानने का एक अवसर भी बना। परंपरा और आधुनिकता का संगम प्रतियोगिताओं ने बांधा समां तीज मेंहदी प्रतियोगिता की विजेता शिखा रहीं। इसके अतिरिक्त, लोकप्रिय खेल ‘तंबोला’ और कई अन्य प्रतियोगिताओं ने भी छात्राओं में भारी उत्साह भरा। इन प्रतियोगिताओं में स्नेहा, कल्पना, और सौम्या विजेता रहीं। सम्मान और सहयोग उत्सव के अंत में एक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। सभी विजेता छात्राओं को निदेशक श्री विनीत बवानिया, श्रीमती सोनालिका बवानिया और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. महेश धाकड़ द्वारा पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर फिल्म निर्देशक अविनाश वर्मा और सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित आनंद भी अतिथि के रूप में मौजूद रहे और उन्होंने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए अकादमिक तनाव से एक सुखद विराम और अपनी संस्कृति से जुड़ने का एक यादगार अवसर साबित हुआ।

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अनिरुद्धाचार्य के ‘विवादित बयान’ पर महिला आयोग आग-बबूला: अध्यक्ष बोलीं- ‘बुद्धि नहीं या शोहरत संभाल नहीं पा रहे, आयोग लेगा संज्ञान!’

आगरा। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य द्वारा युवतियों को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर अब उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अनिरुद्धाचार्य के बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा है कि “या तो उनमें बुद्धि नहीं है या फिर उन्हें कम उम्र में शोहरत मिल गई है, जो वो संभाल नहीं पा रहे हैं।” महिला आयोग ने उनके बयान का संज्ञान लेने की बात कही है। ’25 की अविवाहित का चरित्र ठीक नहीं, 14 में शादी कर दो’ – बयान पर बवाल दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब मथुरा जिले के वृंदावन स्थित गौरी गोपाल आश्रम में एक धार्मिक आयोजन के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कथित तौर पर कहा कि “25 वर्ष की अविवाहित लड़कियों का चरित्र ठीक नहीं होता। लड़कियों की शादी 14 वर्ष की उम्र में ही कर देनी चाहिए, इससे वे परिवार में अच्छे से घुल मिल जाएंगी।” उनके इस बयान पर देशभर में, विशेषकर महिलाओं और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। महिला आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान का तीखा हमला: “विनाशकाल विपरीत बुद्धि” राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणी की घोर निंदा करते हुए कहा है कि “उन्होंने महिलाओं और बेटियों को लेकर बेहद हल्की बात की है। कोई भी इतनी गंदी और घटिया भाषा का प्रयोग नहीं कर सकता है।” उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि व्यासपीठ पर बैठकर इतने बड़े कथावाचक ऐसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, जबकि उन्हें सुनने हजारों की भीड़ आती है, जिसमें 80 फीसदी महिलाएं होती हैं। चौहान ने आगे कहा, “या तो उनमें बुद्धि नहीं है या कम उम्र में इतनी शोहरत मिल गई कि उनकी समझ नहीं आ रहा कि उसका उपयोग कैसे करें।” उन्होंने अनिरुद्धाचार्य के लिए बस इतना कहा कि “विनाशकाल विपरीत बुद्धि।” बबीता चौहान ने साफ कहा कि उनके द्वारा महिलाओं के लिए इससे ज्यादा घटिया शब्दों का चयन नहीं हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा, “आयोग की ओर से हम इसका संज्ञान लेंगे। इस पर जो भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, वह होगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल माफी मांग लेना कोई समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि वो खुद भी कथावाचकों के मंच पर जाकर बच्चियों से आह्वान करती हैं कि कथा सुनने आएं, ऐसे में ऐसे कथावाचकों की गलती स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अनिरुद्धाचार्य के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की।

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आगरा में ‘गूरमे क्लब देसी दिवाज़’ ने मनाई अनोखी तीज: जरूरतमंद बच्चियों संग बांटा त्योहार का ‘शगुन’, खुशियों से महका ‘सेकंड चांस’!

आगरा। जहाँ तीज का त्योहार अक्सर अपने घरों और परिवारों में मनाया जाता है, वहीं इस बार गूरमे क्लब देसी दिवाज़ (Gourmet Club Desi Divas) ने इसे एक बेहद अनोखे और भावनात्मक अंदाज़ में मनाया। क्लब ने “सेकंड चांस” नामक संस्था में जरूरतमंद बच्चियों के साथ हरियाली तीज का उत्सव मनाकर न सिर्फ उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि उन्हें त्योहार की गरिमा और अपनेपन का एहसास भी कराया। नाट्य प्रस्तुति से दिया ‘समानता’ का संदेश कार्यक्रम की शुरुआत क्लब की सदस्यों द्वारा दी गई एक भावनात्मक नाट्य प्रस्तुति से हुई। इस प्रस्तुति का मुख्य संदेश यह था कि हमें त्योहारों को सिर्फ महंगे तरीके से नहीं मनाना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद लोगों के साथ मिलकर मनाना चाहिए। यह समाज में समानता और खुशहाली लाने का एक सशक्त माध्यम है। कपड़े, चूड़ियाँ, शगुन के लिफाफे और जमकर मस्ती इस विशेष आयोजन में बच्चियों को नए कपड़े, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ, पायल और शगुन के लिफाफे दिए गए। इन उपहारों से बच्चियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इसके बाद सभी ने मिलकर हाथों में सुंदर मेहंदी रचाई, और गीत-संगीत व डांस का भरपूर आनंद लिया, जिससे पूरा माहौल बेहद उल्लासपूर्ण और जीवंत हो गया। इन पलों ने बच्चियों को न सिर्फ खुशी दी बल्कि समाज में अपनी अहमियत और स्वीकार्यता का एहसास भी कराया। कार्यक्रम की सफलता के पीछे रेणुका डंग, ऋचा रल्ली, मयूरी मित्तल, वत्सला, डॉ. प्रीति, राधिका, साधना, सिमरन, हरलीन, कंचन, अंजू और अंजलिका जैसे क्लब सदस्यों का समर्पण और प्रेमपूर्ण सहयोग रहा। गूरमे क्लब देसी दिवाज़ की यह पहल यह संदेश देती है कि सच्चा त्योहार वही होता है जो किसी और के जीवन में रंग भर दे, और अपनेपन की अनुभूति करा सके। यह आयोजन समाज के प्रति जिम्मेदारी और करुणा का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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आगरा के लोहा व्यापारियों का ‘दर्द’: बोले- ‘नई मंडी बसाओ, ऑनलाइन व्यापार बंद करो’ – भुखमरी का मंडरा रहा संकट!

आगरा। आगरा में लोहा व्यापारी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। शनिवार को दयालबाग स्थित द ग्रांड सेलेब्रेशन रिजॉर्ट में हुई लोहा व्यापारी एसोसिएशन की साधारण सभा की बैठक में व्यापारियों ने सरकार से एक अलग लोहा मंडी बसाने और ऑनलाइन ट्रेडिंग बंद करने की पुरजोर मांग उठाई। उनका कहना है कि ऑनलाइन व्यापार से उन्हें भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन व्यापार से मजदूरों पर ‘भुखमरी का संकट’ एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बैठक में जिले भर के व्यापारियों ने लोहे के व्यापार में आ रही मंदी, जीएसटी में SIB (विशेष अनुसंधान शाखा) टीम द्वारा व्यापारियों को परेशान किए जाने और सबसे बढ़कर ऑनलाइन ट्रेडिंग के कारण प्रभावित हो रहे व्यापार पर गहन मंथन किया। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से लोहा व्यापार ‘अस्तित्व की लड़ाई’ लड़ रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा सीधे ऑनलाइन ऑर्डर बुक करने से लोहा व्यापार से जुड़े मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर भुखमरी का संकट गहराता जा रहा है। व्यापारियों ने मांग की है कि कंपनियों को व्यापार और व्यापारियों के हित में ऑनलाइन व्यापार को तुरंत बंद करना होगा। “नई लोहा मंडी और GST उत्पीड़न पर लगे अंकुश” महासचिव दिनेश अग्रवाल ने सरकार से जीएसटी (GST) से व्यापारियों के उत्पीड़न पर अंकुश लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि जब एक लाख करोड़ का कर संग्रह हो जाएगा, तो व्यापारियों को जीएसटी में राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। दिनेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आगरा में नई लोहा मंडी की स्थापना की मांग भी उठाई। उनका तर्क है कि मौजूदा लोहा मंडी अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाके में है, जिससे बड़े व्यापारी बाजार में नहीं आ पाते। सुरक्षा और पेंशन की भी मांग कोषाध्यक्ष राकेश कुमार गोयल ने लोहा व्यापार में बड़े पैमाने पर रुपयों के आदान-प्रदान का जिक्र करते हुए व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने व्यापारियों को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की बात कही। इसके साथ ही, करदाता व्यापारी को आजीवन पेंशन और स्वास्थ्य के लिए ‘उद्यमी स्वास्थ्य बीमा’ की व्यवस्था करने की भी मांग सरकार से की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र मंगल, अंजुल जैन, संजय गोयल, आशीष अग्रवाल, मोहित गोयल, सिद्धार्थ जैन, गिरीश मंगल, विपुल जैन, मनोज जैन, पदम अग्रवाल, पवन गोयल, रामसेवक गोस्वामी, उमेश अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, शिवम् अग्रवाल, गिरीश गर्ग सहित कई अन्य प्रमुख व्यापारी मौजूद रहे।

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आगरा में नगर निगम की ‘गुगली’: सड़क पर रखा जनरेटर नहीं हटा पाई टीम, विरोध के आगे झुककर लौटना पड़ा!

आगरा। आगरा में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी मुहिम को शनिवार को एक झटका लगा। ट्रांस यमुना कॉलोनी में सड़क पर रखे एक जनरेटर को हटाने पहुँची नगर निगम की टीम को लोगों के भारी विरोध के चलते बिना कार्रवाई के ही वापस लौटना पड़ा। IGRS पोर्टल पर मिली शिकायत का निस्तारण किए बिना ही टीम को उल्टे पांव लौटना पड़ा, जिससे प्रशासन की ‘पकड़’ पर सवाल खड़े हो गए हैं। जयदीप अस्पताल का जनरेटर, राहगीर परेशान मामला ट्रांस यमुना कॉलोनी का है, जहाँ IGRS पोर्टल के माध्यम से नगर निगम को शिकायत मिली थी कि सड़क पर एक जनरेटर रखा हुआ है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। शिकायत के निस्तारण के लिए नगर निगम की टीम शनिवार को मौके पर पहुँची। पता चला कि यह जनरेटर जयदीप अस्पताल प्रबंधन ने रास्ते में रखा हुआ था। नगर निगम की टीम ने जैसे ही इसे हटाना शुरू किया, अस्पताल प्रबंधन के लोग बाहर निकल आए और हंगामा करने लगे। देखते ही देखते आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और सभी ने मिलकर नगर निगम की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। जोनल अधिकारी से तीखी नोकझोंक, टीम को लौटना पड़ा खाली हाथ स्थिति इतनी बिगड़ गई कि टीम का नेतृत्व कर रहे जोनल अधिकारी अवधेश कुमार से भी तीखी नोकझोंक हुई। पिछले दिनों खेरिया मोड़ पर प्लास्टिक के खिलाफ अभियान के दौरान विधायक के चाचा से हुए विवाद के बाद नगर निगम के अधिकारी अब ज्यादा जोखिम लेने से बच रहे हैं। यही वजह रही कि बिगड़ती स्थिति देख नगर निगम की टीम बिना कार्रवाई किए ही लौट गई। जोनल अधिकारी ने स्वीकार किया कि शिकायत जायज थी और सड़क किनारे अवैध रूप से रखा जनरेटर आसपास के लोगों के लिए आवाज और धुएं से परेशानी का सबब बनता है। मगर, विरोध के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी। अन्य इलाकों में चला ‘बुलडोजर’, ठेल-धकेल हटाए हालांकि, नगर निगम की टीम ने शनिवार को ही शहर के अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखा। पालीवाल पार्क और रामबाग चौराहा क्षेत्र में सड़कों और फुटपाथों पर खड़े ठेल, धकेल और अन्य अवैध अतिक्रमण को हटाया गया, जिससे पैदल चलने वालों को कुछ राहत मिली। लेकिन ट्रांस यमुना कॉलोनी में हुई घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है।

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आगरा में शिक्षा विभाग की ‘घोर लापरवाही’: प्राइमरी स्कूल की छत से टपक रहा पानी, बच्चे पढ़ने को मजबूर!

आगरा। आगरा के शमशाबाद ब्लॉक स्थित प्राइमरी स्कूल कांकरपुरा में शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। यहाँ बच्चे छत से टपकते पानी के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। मानसून के दौरान स्कूल की जर्जर छत से लगातार पानी गिरने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और छात्रों की सुरक्षा भी खतरे में है। जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर नौनिहाल स्कूल की छत इतनी जर्जर हो चुकी है कि हल्की बारिश में भी पानी अंदर टपकने लगता है। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि बच्चों को पानी से बचते हुए या फिर पानी के बीच ही बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस स्थिति में न सिर्फ बच्चों की किताबों और स्कूल बैग को नुकसान हो रहा है, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। यह स्थिति शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अनदेखी को उजागर करती है, जो बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों ने कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारी मौन, कब होगा समाधान? जब बेसिक शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से इस बारे में संपर्क किया गया, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। सवाल यह उठता है कि जब सरकार ‘सर्व शिक्षा अभियान’ और ‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’ की बात करती है, तो ऐसे में बच्चों को छत से टपकते पानी के बीच पढ़ने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? यह मामला प्राथमिक शिक्षा के मूलभूत ढांचे और उसकी अनदेखी का एक ज्वलंत उदाहरण है। जरूरत है कि शिक्षा विभाग तत्काल इस पर संज्ञान ले और कांकरपुरा प्राइमरी स्कूल की छत की मरम्मत कराए, ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

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आगरा में असलहा बाबू ‘निलंबित’: UIN में की ‘अजीब हेराफेरी’, पंजाब के शख्स के नाम पर चढ़ा दिया आगरा का लाइसेंस!

आगरा। आगरा में शस्त्र लाइसेंस के यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) में एक बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। यहां के असलहा बाबू ने पंजाब के गुरुदासपुर में रहने वाले एक व्यक्ति के नाम पर गलत UIN दर्ज कर दिया। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने असलहा बाबू प्रशांत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। छुट्टी के दिन कैसे इस्तेमाल हुई आईडी? दरअसल, यह गड़बड़ी तब सामने आई जब गुरुदासपुर निवासी अर्जन सिंह के नाम पर UIN 295200034518182018 को अप्रैल 2025 में आगरा के आयुध कार्यालय से बदल दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि अर्जन सिंह का आगरा से कोई संबंध नहीं है। मामला संज्ञान में आने के बाद ADM प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी को इसकी जांच सौंपी गई। उन्होंने असलहा बाबू प्रशांत कुमार से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि जिस दिन ये UIN दर्ज की गई, उस दिन वह छुट्टी पर थे। ऐसे में सवाल उठ खड़ा हुआ कि जब असलहा बाबू छुट्टी पर थे, तो पोर्टल की लॉगिन आईडी का पासवर्ड किसी दूसरे के पास कैसे पहुँचा, क्योंकि बिना पासवर्ड के पोर्टल की लॉगिन आईडी खुल ही नहीं सकती थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए DM ने असलहा बाबू प्रशांत कुमार को शुरुआती चरण में दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच ADM न्यायिक धीरेंद्र सिंह को सौंप दी गई है। ओम प्रकाश सिंह की UIN से जुड़ा था मामला, एक और गड़बड़ी भी मिली यह पूरा मामला जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में तैनात रहे ओम प्रकाश सिंह से जुड़ा है। उन्होंने 2010 में शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। सेवानिवृत्त होने के बाद वे झुंझुनू स्थित अपने पैतृक निवास आ गए। मई 2025 में जब वे अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने झुंझुनू के आयुध विभाग के कार्यालय पहुँचे, तो उन्हें पता चला कि उनके UIN पर गुरुदासपुर के अर्जन सिंह का नाम आगरा से चढ़ा दिया गया था। ADM प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी ने बताया कि ओम प्रकाश सिंह ने लाइसेंस तो बनवा लिया था, लेकिन शस्त्र नहीं खरीदा था। जांच में एक नाम रेशम सिंह का भी सामने आया है, जिनकी UIN में भी इसी तरह की गड़बड़ी होने की जानकारी मिली है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा, “असलहा बाबू को निलंबित कर दिया गया है। जांच चल रही है। गुरुदासपुर, ऊधमपुर और झुंझुनू के जिलाधिकारी से जवाब मांगा है जो कि अब तक नहीं मिला है।” यह मामला शस्त्र लाइसेंस प्रणाली में बड़े पैमाने पर धांधली की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी गहन जांच की आवश्यकता है।

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आगरा के ‘जनकपुरी’ क्षेत्र का होगा कायाकल्प: 3 पार्षदों ने सौंपी ‘विकास’ की लंबी लिस्ट, 1.5 करोड़ के कामों का प्रस्ताव!

आगरा। आगरा का ऐतिहासिक जनकपुरी महोत्सव इस बार कमला नगर में होने जा रहा है, और इसके लिए प्रस्तावित क्षेत्र को भव्य तरीके से सजाने की तैयारी है। जनकपुरी आयोजन समिति और स्थानीय पार्षदों ने मिलकर नगर निगम को कई बड़े विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए हैं, जिनकी लागत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसका मकसद मानसून के बाद तुरंत काम शुरू कर क्षेत्र को चमकाना है। मानसून के बाद शुरू होंगे काम, टेंडर प्रक्रिया की तैयारी फिलहाल मानसून का सीजन चल रहा है, जिससे निर्माण कार्य करना मुश्किल है। जनकपुरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में सड़क, खड़ंजा, नालियां, पुलिया और लाइट व्यवस्था से जुड़े काम कराए जाने हैं। जनकपुरी आयोजन समिति चाहती है कि मानसून के दौरान ही विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार हो जाएं और उनकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाए, ताकि मानसून खत्म होते ही विकास कार्य तेजी से शुरू किए जा सकें और महोत्सव से पहले क्षेत्र पूरी तरह तैयार हो जाए। इन पार्षदों ने दिए प्रमुख प्रस्ताव: जनकपुरी क्षेत्र के विकास के लिए तीन प्रमुख पार्षदों ने नगर निगम को प्रस्ताव सौंपे हैं: इस बारे में नगर निगम के मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता का कहना है कि पहले इन प्रस्तावों का परीक्षण कराया जाएगा। उसके बाद आगणन (अनुमानित लागत) तैयार कर टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जनकपुरी महोत्सव को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और इन विकास कार्यों से क्षेत्र के निवासियों को भी लंबे समय तक लाभ मिलेगा।

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आगरा में गरजा नगर निगम का ‘बुलडोजर’: सड़क पर खुला ढाबा ध्वस्त, नाली पर बने निर्माण भी साफ!

आगरा। आगरा में अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। गुरुवार को नगर निगम ने बूढ़ी का नगला क्षेत्र में सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर चलाए जा रहे एक अवैध ढाबे को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया। ‘ज्ञानी ढाबा’ पर चला बुलडोजर, राहगीरों को हो रही थी परेशानी जानकारी के अनुसार, बूढ़ी का नगला क्षेत्र में एक व्यक्ति ने सड़क और फुटपाथ को घेर कर ‘ज्ञानी’ के नाम से अवैध ढाबा खोल रखा था। ढाबे पर आने वाले लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े कर देते थे, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने इस अवैध ढाबे पर कार्रवाई के निर्देश दिए। दोपहर में नगर निगम के ध्वस्तीकरण दस्ते ने मौके पर पहुँचकर ढाबे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अन्य क्षेत्रों में भी हटा अतिक्रमण, नाली पर बना निर्माण भी साफ बूढ़ी का नगला के अलावा, प्रवर्तन दल ने भगवान टॉकीज के पास पार्थी पेठा स्टोर के समीप तिरपाल डालकर किए गए अतिक्रमण को भी हटवाया। इसी प्रकार, कमला नगर में दिलीप मेडिकल स्टोर के संचालक द्वारा नाली पर किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जहाँ से भी शिकायतें मिलेंगी, वहाँ अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम में हर रोज दर्जनों अवैध कब्जों की शिकायतें पहुँचती हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। WordPress SEO Optimization:

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आगरा में रोटरी क्लब ऑफ आगरा नियो का स्वास्थ्य शिविर: सावन में बच्चों को मिला ‘सेहत का वरदान’, कई में मिले गंभीर लक्षण!

आगरा। पवित्र सावन के माह में रोटरी क्लब ऑफ आगरा नियो ने आज सेंट वी एस पब्लिक स्कूल, शास्त्रीपुरम में एक विशेष वृक्षारोपण एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में क्लब के लगभग 10 चिकित्सकों ने बच्चों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। बच्चियों में PCOS के लक्षण, कई बच्चों की नजर कमजोर! क्लब ट्रेनर डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों की जांच की। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना और डॉ. योगेश सिंघल ने विशेष रूप से चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि कई बच्चियों में पॉली सिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) के लक्षण मिले हैं। इनमें अनियमित माहवारी, वजन बढ़ना और मुंह-हाथ पर बालों की अधिकता जैसे लक्षण प्रमुख थे। क्लब अध्यक्ष डॉ. योगेश ने इन बच्चियों को आगे की जांच कराने की सलाह दी है। वहीं, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कौस्तुभ साने ने बच्चों की आंखों की जांच की और पाया कि कई बच्चों की नजर कमजोर हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय अरोड़ा ने बच्चों को अच्छे और पौष्टिक भोजन के महत्व के बारे में समझाया। दंत स्वास्थ्य पर भी ध्यान, महीने में एक बार लगेंगे ऐसे कैंप दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. कुशल सिंह, डॉ. शिवालिक, डॉ. अमित और डॉ. विभा ने बच्चों के दांतों की जांच की। उन्होंने दांतों के पीलेपन के शिकार बच्चों को ब्रश करने का सही तरीका सिखाया। क्लब सचिव पवित्र शर्मा ने बताया कि रोटरी क्लब ऑफ आगरा नियो द्वारा ऐसे स्वास्थ्य कैंप महीने में एक बार अवश्य लगाए जाते हैं, ताकि समाज के जरूरतमंद बच्चों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके। ट्रेजरर यतीश सिंह ने शिविर में उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर श्री अरुण सिंह, डॉ. अशोक डोनेरिया सहित क्लब के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और सामाजिक संगठनों की भूमिका को दर्शाती है।

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आगरा में ‘नन्हे हीरो’ ने मगरमच्छ से भिड़कर बचाई पिता की जान: 10 साल के अजय ने चंबल नदी में ’12 डंडे’ मारकर भगाया खूंखार जानवर!

आगरा। आगरा के बासौनी क्षेत्र में चंबल नदी किनारे एक 10 साल के बच्चे ने अपनी बहादुरी से सबको चौंका दिया है। शुक्रवार दोपहर जब किसान वीरभान नदी से पानी ले रहे थे, तभी एक खूंखार मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया और उनका पैर पकड़कर नदी में खींचने लगा। यह देखकर नदी किनारे खड़ा उनका 10 वर्षीय बेटा अजय, बिना डरे मगरमच्छ से भिड़ गया और बबूल के मोटे डंडे से ताबड़तोड़ 10-12 वार कर अपने पिता की जान बचा ली। पानी भरने गए पिता पर अचानक हमला, चीख सुनकर दौड़ा बेटा गांव झरनापुरा हरलालपुर निवासी 35 वर्षीय किसान वीरभान अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं। शुक्रवार दोपहर वह अपने बेटे अजय और बेटी किरन के साथ चंबल नदी में पानी भरने गए थे। जैसे ही वीरभान ने पानी में बोतल डुबोई, तभी पानी के अंदर छिपे मगरमच्छ ने उन पर अचानक हमला कर दिया और उनका पैर पकड़कर नदी में खींच लिया। वीरभान की चीख सुनकर नदी किनारे खड़े बेटे अजय और बेटी किरन ने भी शोर मचाया। किसान ने मगरमच्छ से खुद को छुड़ाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नहीं छोड़ा रहा था। डंडे मारकर भगाया मगरमच्छ, अजय की बहादुरी से बची जान पिता की चीख-पुकार सुनकर कक्षा चौथी में पढ़ने वाले अजय ने अविश्वसनीय सूझबूझ और बहादुरी का परिचय दिया। उसने पास पड़ा बबूल का मोटा डंडा उठाया और बिना कुछ सोचे नदी में कूद गया। उसने मगरमच्छ को डंडे से लगातार मारना शुरू कर दिया। लगातार हमले के बाद मगरमच्छ ने वीरभान का पैर छोड़ दिया। लेकिन इसके तुरंत बाद मगरमच्छ लाठी मार रहे अजय की तरफ झपटा। अजय ने किसी तरह फुर्ती से मगरमच्छ के हमले से खुद को बचाया और भाग निकला। इतनी देर में किसान वीरभान भी निकलकर बाहर भागे, जिससे दोनों की जान बच गई। पिता के पैर में गहरा घाव, अस्पताल में भर्ती मगरमच्छ के हमले की सूचना पर ग्रामीण भी मौके पर आ गए। मगरमच्छ के हमले से किसान वीरभान के पैर में काफी गहरा जख्म हो गया है। उन्हें उपचार के लिए बाह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उन्हें आगरा के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अजय ने अस्पताल में बताया कि वह चौथी कक्षा में पढ़ता है और स्कूल जाने के अलावा अपने पिता के साथ खेतीबाड़ी में भी सहयोग करता है। उसने अपनी और अपने पिता की जान बचाने के लिए मगरमच्छ पर 10-12 डंडे मारने की बात बताई। अजय की बहादुरी की चर्चा पूरे गांव और अस्पताल में हो रही है।

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आगरा में कैलाश मेले के लिए कल से ‘रूट डायवर्जन’: आगरा-दिल्ली हाईवे पर 2 दिन नहीं चलेंगे भारी वाहन, घर से निकलने से पहले देखें पूरा रूट प्लान!

आगरा। सावन के तीसरे सोमवार को लगने वाले कैलाश मेले के चलते आगरा में ट्रैफिक पुलिस ने भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है। रविवार, 27 जुलाई को शाम 4 बजे से मंगलवार सुबह तक, जब तक मेला समाप्त नहीं हो जाता, आगरा-दिल्ली हाईवे पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। गुरुद्वारा गुरु का ताल से लेकर सिकंदरा मंडी तक किसी भी वाहन की एंट्री नहीं होगी। भारी वाहनों के लिए बाहरी डायवर्जन: शहर के अंदर भी इन रास्तों पर रहेगा प्रतिबंध (आंतरिक डायवर्जन): हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग: पुलिस ने जगह-जगह बैरियर लगाए हैं और पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे ताकि रूट डायवर्जन का सही से पालन हो सके। लोगों से अपील की गई है कि मेले के दौरान असुविधा से बचने के लिए रूट प्लान देखकर ही घर से निकलें।

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आगरा में फ्रेंड्स क्लब ने मनाई हरियाली तीज: हरे परिधानों में सजी महिलाओं ने किया जमकर डांस, झूले-गीत से सजा सावन का उत्सव!

आगरा। आगरा में फ्रेंड्स क्लब की ओर से होटल सेलिब्रेशन, कमला नगर में हरियाली तीज का भव्य आयोजन किया गया। पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सावन के उत्सव को पूरे उल्लास के साथ मनाया। दीप प्रज्वलन से शुरुआत, झूले और लोकगीतों पर थिरकीं महिलाएं कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। इस अवसर पर महिलाएं हरे रंग के पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर कार्यक्रम में पहुंचीं, जो हरियाली तीज के पर्व का मुख्य आकर्षण होता है। महिलाओं ने पारंपरिक झूले का भरपूर आनंद लिया और सावन के लोकगीतों पर जमकर नृत्य कर पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान मेहंदी, फैंसी ड्रेस, गायन और नृत्य जैसी कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिससे उत्सव में और चार चांद लग गए। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को स्मृति चिन्ह और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्कृति को जीवंत रखने की सराहना इस अवसर पर राजकुमारी अग्रवाल, रेनु गुप्ता, गुंजन, उषा, वीणा, मंजू, स्नेहलता, रश्मि और कीर्ति जैसी कई प्रमुख महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ परंपराओं को जीवंत रखते हैं, बल्कि महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने का भी अवसर प्रदान करते हैं। फ्रेंड्स क्लब की यह पहल समाज में सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।

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आगरा में प्राइमरी स्कूल की जर्जर बाउंड्रीवॉल गिरी: 10 वर्षीय छात्रा की दर्दनाक मौत, बारिश की सीलन बनी काल; 3 बच्चे बाल-बाल बचे

आगरा। आगरा के थाना पिढोरा के गांव पोखरा गगनकी में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्राथमिक विद्यालय की जर्जर बाउंड्री वॉल और गेट गिरने से 10 वर्षीय एक छात्रा चांदनी की मौत हो गई। बारिश की सीलन को इस हादसे की वजह बताया जा रहा है। इस घटना में तीन अन्य बच्चियां राधिका, दिव्या और निशा बाल-बाल बच गईं। स्कूल के बाहर खेल रही थी चांदनी, मलबे में दबकर हुई मौत यह हादसा गुरुवार शाम करीब चार बजे हुआ, जब विद्यालय की लगभग 30 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल और तीन मीटर का गेट बारिश की सीलन के कारण अचानक ढह गया। उस समय विद्यालय के बाहर कई बच्चे खेल रहे थे। बाउंड्रीवॉल का मलबा सीधे कक्षा पांच की छात्रा चांदनी के ऊपर गिरा। ग्रामीणों ने शोर सुनकर तुरंत मौके पर पहुंचकर चांदनी को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह घटना पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल पैदा कर गई है। मुंबई में मजदूरी करते हैं पिता, परिवार में मचा कोहराम मृतक चांदनी के पिता केशव मुंबई में मजदूरी करते हैं। उनके परिवार में तीन बेटियां – चांदनी (10), राधिका (5), दुर्गेश (3) और एक बेटा प्रदीप (8) है। इस दर्दनाक घटना के बाद चांदनी की मां जमुनादेवी, दादी फूलों देवी और दादा बदन सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जर्जर घोषित होने के बावजूद चल रहा था स्कूल, शिक्षक भी नदारद ग्रामीणों के अनुसार, इसी साल जुलाई में विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद यहाँ शिक्षण कार्य जारी था, जो प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पिछले दो दिनों से कोई शिक्षक विद्यालय नहीं आया था। घटना की सूचना मिलने पर राजस्व टीम के कानूनगो रामनिवास, लेखपाल राघवेन्द्र गौतम और प्रधान राजेश भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुखद बात यह भी रही कि गगनकी गांव तक पहुंचने का कोई पक्का रास्ता नहीं है, जिसके कारण बच्ची के शव को ले जाने के लिए यमुना के किनारे ट्रैक्टर से रास्ता बनाकर निकाला गया। यह स्थिति गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी को भी उजागर करती है।

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आगरा के रामलाल वृद्धाश्रम में ‘श्याम भजन’ की गूंज: भक्ति में झूमे वृद्धजन, बोले- ‘ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए’

आगरा। गुरुवार को आगरा के रामलाल वृद्धाश्रम में श्रीजी सरकार मित्र मंडल ने एक भव्य भजन-कीर्तन का आयोजन किया, जिससे पूरा आश्रम भक्तिमय हो गया। इस कार्यक्रम में वृद्धाश्रम के वृद्धजन भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन होकर श्याम भजनों पर जमकर झूमे। मंगलाचरण से शुरुआत, भावपूर्ण भजनों ने मोहा मन कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण के साथ हुई, जिसके बाद श्याम बाबा के सुंदर और भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। वृद्धजनों ने अपनी श्रद्धा और आनंद से भरी प्रतिक्रियाएं दीं, जिससे आयोजक भी अभिभूत हुए। श्रीजी सरकार मित्र मंडल के सदस्यों ने आश्रमवासियों के साथ मिलकर सेवाभाव का परिचय दिया। उन्होंने सभी को विशेष भोग प्रसादी भी वितरित की। वृद्धजनों ने सराहा आयोजन, मंडल ने दिया सेवा का वचन वृद्ध माता-पिता ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए मित्र मंडल का आभार प्रकट किया और कहा कि ऐसे आयोजन यहाँ होते रहने चाहिए, जिससे उन्हें खुशी और आत्मिक शांति मिलती है। श्रीजी सरकार मित्र मंडल के अध्यक्ष मनीष वर्मा ने बताया कि मंडल भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से वृद्धजनों की सेवा और उनके मनोरंजन का प्रयास करेगा। इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष मनीष वर्मा, उपाध्यक्ष नितिन कुशवाह, उपाध्यक्ष नवीन कुशवाह, कोषाध्यक्ष मृदुल वार्ष्णेय, महामंत्री सुशील कुशवाह, प्रचार मंत्री सौरभ श्रीवास्तव, सचिव सुमित बंसल, सलाहकार शिवम वर्मा और मंडल संरक्षक राजेश कुशवाह सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। यह आयोजन दर्शाता है कि समाज के बुजुर्गों को खुशी देने के लिए छोटे प्रयास भी कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

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आगरा में ‘अवैध’ कब्जे पर गरजा बुलडोजर: नगर निगम ने सड़क पर बने रैंप तोड़े, सिंधी बाजार से भी हटाए गए बोर्ड

आगरा। आगरा नगर निगम ने गुरुवार को नाई की मंडी और सिंधी बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। नाई की मंडी चौराहे से गालिब होटल तक नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए रैंपों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं माने दुकानदार नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन वे सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण कर रहे थे। इससे ट्रैफिक व्यवस्था और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। क्षेत्रीय लोगों ने भी इसकी शिकायत नगर निगम से की थी। अभियान के दौरान नाई की मंडी में काफी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए आनन-फानन में अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। सिंधी बाजार में भी हुई कार्रवाई, फुटपाथ खाली कराया नाई की मंडी के अलावा, नगर निगम की टीम ने सिंधी बाजार में भी कार्रवाई करते हुए फुटपाथ पर रखे गए सामान, बोर्ड और होर्डिंग्स को हटवाया। अधिकारियों ने साफ किया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुकानदार दोबारा कब्जा करते पाए गए, तो जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शहर के व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करें और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें।

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आगरा क्रिकेट एसोसिएशन 60 बच्चों को देगा ‘स्पेशल’ ट्रेनिंग: टैलेंट निखारने को मिलेंगे क्लब, जिला और प्रदेश स्तरीय मैच!

आगरा। आगरा क्रिकेट एसोसिएशन ने शहर के 60 युवा क्रिकेटरों को प्रशिक्षित करने की एक नई पहल शुरू की है। शास्त्रीपुरम स्थित सचदेवा मिलेनियम स्कूल में सभी चयनित प्रशिक्षणार्थियों को आई-कार्ड और टी-शर्ट वितरित किए गए। रविवार को पहला ओपन ट्रायल मैच आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद उम्र के अनुसार कई टीमें बनाई जाएंगी और उनके लीग मैच भी कराए जाएंगे। प्रतिभा निखारने का बेहतर प्रयास: पूर्व विधायक दुबेश कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक गुटियारी लाल दुबेश ने इसे क्रिकेट में बच्चों की प्रतिभा उभारने और निखारने का एक बेहतरीन प्रयास बताया। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव जीडी शर्मा ने जानकारी दी कि आगरा क्रिकेट एसोसिएशन एक साल तक इन 60 बच्चों को ट्रेनिंग देगा। बाहर से आए विशेषज्ञ देंगे कोचिंग, मिलेंगे बड़े मंच एसोसिएशन साल में एक-एक हफ्ते के चार विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाएगा, जिनमें बॉलिंग, बैटिंग, फील्डिंग और फिटनेस की ट्रेनिंग बाहर से आए विशेषज्ञ देंगे। ये सभी कैंप आगरा में ही लगाए जाएंगे। बच्चों का चयन उनकी प्रतिभा के आधार पर किया गया है। प्रशिक्षणार्थियों को क्लब, जिला और प्रदेश स्तरीय मैच खेलने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और अनुभव प्राप्त करने का बड़ा मंच मिलेगा। सचदेवा मिलेनियम स्कूल के चेयरमैन ने बच्चों में क्रिकेट के प्रति जुनून की सराहना की। इस अवसर पर सपा के शहर उपाध्यक्ष मिक्की अरोड़ा, एसोसिएशन के सचिव ऋषभ शर्मा, उपाध्यक्ष अनिकेत वशिष्ठ, रविन्द्र अग्रवाल, सूरज शर्मा, धीरज शर्मा, भारत यादव, गौरव कुमार, शम्मी अली, वकार अहमद, असीम पाल, शशांक चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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आगरा DM के नाम से WhatsApp DP लगाकर ठगी की कोशिश, मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी

आगरा। साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे अब सरकारी अधिकारियों के नाम का भी दुरुपयोग करने से नहीं हिचकते। शातिरों ने आगरा के जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी के नाम से एक मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप शुरू कर दिया। उनकी डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) और स्टेटस में जिलाधिकारी का नाम और फोटो इस्तेमाल कर, उनके परिचितों व शहर के संभ्रांत लोगों को संदेश भेजना शुरू कर दिया। इन संदेशों में रुपयों की मांग भी की गई। खुद को DM बताकर की ठगी की कोशिश जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी को जब इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई, तो उन्होंने तुरंत साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने 19 जुलाई को दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर यह फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट बनाया है। फर्जी अकाउंट चलाने वाला व्यक्ति खुद को जिलाधिकारी बताकर उनके परिचितों और अन्य लोगों से अनाप-शनाप मांग कर रहा था। पुलिस ने शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए उक्त नंबर के व्हाट्सऐप को बंद करा दिया है। पुलिस अब आरोपी की जानकारी जुटाने में लगी हुई है ताकि इस साइबर अपराधी को पकड़ा जा सके। यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब कितने शातिर हो गए हैं और आम जनता के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों को भी निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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आगरा में महिला सपा कार्यकर्ताओं का ‘शराब ठेके बनाम स्कूल’ मार्च: बोलीं- ‘स्कूल बंद, ठेके चालू, ऐसे कैसे बनेगा विश्वगुरु!’ राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

आगरा। गुरुवार को आगरा में समाजवादी पार्टी (सपा) महिला मोर्चा ने स्कूलों के विलय (मर्जर) के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। रावली मंदिर से जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च करते हुए सपा कार्यकर्ताओं ने “स्कूल बंद, ठेके चालू, ऐसे कैसे बनेगा विश्वगुरु” जैसे नारे लगाए और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। ‘शिक्षा का स्तर गिरेगा, गरीबों को होगा नुकसान’ महानगर अध्यक्ष प्रियंका चौहान ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हजारों की संख्या में सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है, जबकि शराब के ठेकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे देश में शिक्षा का स्तर गिर जाएगा और जब देश की युवा पीढ़ी पढ़ेगी ही नहीं, तो भारत विश्वगुरु कैसे बनेगा? महिला सभा की जिला अध्यक्ष कुसुमलता ने इस फैसले के दूरगामी परिणामों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूलों को मर्ज करने से सिर्फ बच्चों की पढ़ाई ही नहीं रुकेगी, बल्कि स्कूल में काम करने वाले रसोइया, सफाईकर्मी और सुरक्षा गार्ड जैसे लोगों की भी नौकरी चली जाएगी। उनका मानना है कि यह फैसला सीधे तौर पर गरीब तबके को और नुकसान पहुंचाएगा। नारेबाजी में जुबान फिसली, पर इरादे बुलंद प्रदर्शन के दौरान, समाजवादी पार्टी महिला सभा की कार्यकर्ताओं की जुबान एक जगह फिसल गई। जहां उन्हें “गरीबों को शिक्षा का अधिकार वापस दो” कहना था, वहीं उन्होंने “शिक्षा का अधिकार वापस लो” बोल दिया। हालांकि, इस छोटी सी चूक के बावजूद, उनका विरोध प्रदर्शन और सरकारी स्कूलों को बंद करने के खिलाफ उनका संदेश स्पष्ट था। कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें सरकारी स्कूलों को बंद करने की योजना पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है।

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आगरा मेट्रो पर ‘धार्मिक’ अड़चन: गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने मेट्रो स्टेशन को लेकर बवाल, अब ‘जगह बदलने’ पर होगा सर्वे!

आगरा। शहर में मेट्रो परियोजना के पहले कॉरिडोर का काम तेज़ी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, लेकिन अब गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने प्रस्तावित एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन को लेकर एक बड़ी अड़चन सामने आ गई है। यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने जिस जगह को चुना है, वह सीधे गुरुद्वारे के मुख्य द्वार के सामने आती है, जिस पर गुरुद्वारा प्रबंधन ने गंभीर आपत्ति जताई है। ‘धार्मिक गरिमा’ पर आंच! बाबा प्रीतम सिंह ने उठाई आवाज गुरुद्वारा प्रबंधन का कहना है कि गुरु का ताल एक पवित्र, ऐतिहासिक और वैश्विक स्तर पर पूजनीय स्थल है, जहाँ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब को दिल्ली में शहीद किए जाने से पूर्व नौ दिन तक बंदी बनाकर रखा गया था। गुरुद्वारा के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह को इस प्रस्तावित स्टेशन से आपत्ति है। उनका तर्क है कि यदि मेट्रो स्टेशन गुरुद्वारे के मुख्य द्वार के सामने बनता है, तो इससे श्रद्धालुओं को पहुंचने में असुविधा होगी। साथ ही, स्टेशन के बाहर होने वाली अराजक गतिविधियां (जैसे तिपहिया वाहन, टैक्सी, दोपहिया वाहन, और पान-बीड़ी बेचने वाले) धार्मिक स्थल की पवित्रता और गरिमा को भंग करेंगी। इससे अराजक तत्वों के जमावड़े से गुरुद्वारा परिसर की गरिमा पर भी आंच आ सकती है। विधायक ने की मध्यस्थता, अब ‘तकनीकी सर्वे’ करेगा फैसला गुरुद्वारा गुरु का ताल के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह चाहते हैं कि मेट्रो स्टेशन को मौजूदा प्रस्तावित स्थल से 200 मीटर आगे या पीछे स्थानांतरित कर दिया जाए। उन्होंने इस बारे में क्षेत्रीय विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल को भी पत्र लिखा था। विधायक खंडेलवाल ने कल शाम मेट्रो अधिकारियों के साथ गुरुद्वारा पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और बाद में संत बाबा प्रीतम सिंह व गुरुद्वारा प्रबंधन के अन्य सदस्यों के साथ बैठक की। इस बैठक में संत ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई, जिसे अधिकारियों ने गंभीरता से सुना और जल्द सर्वे कराने की बात कही। आगरा मेट्रो परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी अरविंद राय ने कहा कि वे संत बाबा प्रीतम सिंह की बात को गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेट्रो की तकनीकी टीम आज से सर्वे कार्य शुरू कर रही है ताकि देखा जा सके कि स्टेशन को आगे या पीछे शिफ्ट करना व्यावहारिक है या नहीं। अरविंद राय ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि मेट्रो स्टेशन को गुरुद्वारे के मुख्य द्वार से स्थानांतरित कर दिया जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा काम पहले से तैयार डिजाइन पर आधारित है, और हाईवे पर मेट्रो लाइन का स्ट्रक्चर खड़ा हो रहा है, ऐसे में तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। विकास बनाम विरासत: संतुलन साधने की चुनौती यह मामला न सिर्फ एक धार्मिक स्थल से जुड़ा है, बल्कि यह शहर के भविष्य और उसकी विरासत के बीच संतुलन साधने की चुनौती भी है। एक ओर मेट्रो का यह कॉरिडोर हजारों लोगों को यातायात में सहूलियत देने वाला है, वहीं दूसरी ओर यह भी सही है कि विकास की कीमत धार्मिक भावनाओं की अनदेखी करके नहीं चुकाई जा सकती। अब निगाहें मेट्रो की तकनीकी रिपोर्ट और प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं कि क्या इस जटिल मुद्दे का कोई स्वीकार्य समाधान निकल पाएगा।

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आगरा में रिश्ते का ‘घिनौना’ दाग: जीजा ने नाबालिग साली से 1 साल तक किया दुष्कर्म, 6 माह की गर्भवती होने पर खुला राज!

आगरा। आगरा के अछनेरा क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ उसके 35 वर्षीय जीजा ने लगभग एक साल तक दुष्कर्म किया। इस घिनौनी वारदात का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता 6 माह की गर्भवती निकली। जान से मारने की धमकी देकर करता रहा दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों ने बताया कि वे मजदूरी करके गुजारा करते हैं। आरोपी पीड़िता की बड़ी बहन का पति है। जब नाबालिग अपनी बहन के घर रहने गई, तब आरोपी ने उसकी बहन को जान से मारने और बंदूक से गोली मारने की धमकी देकर नाबालिग के साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा। यह सिलसिला एक साल तक चला। उल्टी होने पर खुला ‘काला सच’, पुलिस जांच में जुटी इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता को सुबह उल्टियां होने लगीं। मां को शक होने पर उन्होंने महिला डॉक्टर से जांच कराई, जिसमें पता चला कि नाबालिग 6 माह की गर्भवती है। परिवार की पूछताछ पर पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे कमरे में ले जाता था और बंदूक की नोक पर उसके साथ दुष्कर्म करता था। पीड़िता की मां ने अछनेरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

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DM का डंडा, फीस-यूनिफॉर्म पर स्कूलों को कड़ा संदेश!

23 जुलाई 2025 स्थान: आगरा आगरा। जिला शुल्क नियामक समिति (DFRC) के गठन को लेकर मचे घमासान के ठीक एक दिन बाद, आज कलेक्ट्रेट सभागार में हुई एक हंगामेदार बैठक में जिलाधिकारी ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए कई बड़े फैसले सुनाए, जिन्हें अभिभावकों के लिए एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अभिभावकों का मूल मुद्दा, यानी समिति की विवादास्पद संरचना, अभी भी जस का तस बना हुआ है, जिसके पुनर्गठन का उन्होंने आग्रह किया है। आज आयोजित बैठक में, प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स अवेयरनेस (PAPA) के राष्ट्रीय संयोजक दीपक सिंह सरीन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के सामने समिति के सदस्यों पर अपनी आपत्तियों को जोरदार ढंग से रखा। “यह असली कमेटी है या डमी?” – जिलाधिकारी के सामने गरजे अभिभावक बैठक में दीपक सिंह सरीन ने सीधे तौर पर सवाल उठाते हुए कहा, “पहले से ही शिक्षा विभाग के सवालों के कटघरे में खड़े स्कूल और उन्हीं स्कूलों से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट को इस कमेटी में रखना बच्चों के हितों के साथ अन्याय है। ये लोग कभी भी छात्रों और अभिभावकों के साथ न्याय नहीं कर सकते।” उन्होंने समिति में शामिल एक अन्य तथाकथित “पेरेंट्स एसोसिएशन” के सदस्य पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी छात्र हित में कोई ठोस काम नहीं किया है। सरीन ने जिलाधिकारी से सीधे पूछा, “महोदय, हमें यह बताया जाए कि यह जिला शुल्क नियामक समिति वास्तव में न्याय के लिए बनाई गई है या फिर केवल जनता को उलझाने के लिए एक डमी कमेटी बना दी गई है? क्योंकि इसमें अधिकांश सदस्य वे हैं जिनका छात्र हितों से कोई सरोकार नहीं रहा है।” जिलाधिकारी के बड़े निर्देश, अभिभावकों को मिली राहत अभिभावकों की शिकायतों और तर्कों को गंभीरता से सुनने के बाद, जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण और तत्काल प्रभावी निर्देश दिए: फैसले मील का पत्थर, पर पहली शर्त- कमेटी में बदलाव जिलाधिकारी द्वारा लिए गए इन फैसलों की सराहना करते हुए, PAPA के संयोजक दीपक सिंह सरीन ने कहा, “निस्संदेह, ये कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। हम जिलाधिकारी महोदय की इस पहल का स्वागत करते हैं।” लेकिन उन्होंने अपनी मूल मांग को दोहराते हुए कहा, “इन सभी सुधारों का लाभ अभिभावकों को तभी मिलेगा, जब न्याय करने वाली कुर्सी पर सही और निष्पक्ष लोग बैठे हों। इसलिए, सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता जिला शुल्क नियामक समिति के सदस्यों में बदलाव करना है। जब तक यह कमेटी स्कूल संचालकों के प्रभाव से मुक्त नहीं होगी, तब तक यह ठीक से काम नहीं कर पाएगी।” अब सभी की निगाहें DIOS द्वारा किए जाने वाले “पुनः निरीक्षण” और जिलाधिकारी के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं कि क्या आगरा के अभिभावकों को वास्तव में एक निष्पक्ष शुल्क नियामक समिति मिल पाएगी।

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आगरा नगर निगम का ‘विज्ञापन’ एक्शन! 24 शोरूम संचालकों को नोटिस, नहीं जमा किया लाखों का प्रीमियम/साइड रेंट; ‘दोगुना’ जुर्माना लगेगा!

आगरा। आगरा में अपने शोरूम पर बड़े-बड़े विज्ञापन लगाकर प्रचार करना अब कई संचालकों को भारी पड़ने वाला है! नगर निगम ने शहरभर में सर्वे कर ऐसे कारोबारियों की एक सूची तैयार की है, जिन्होंने विज्ञापन प्रीमियम/साइड रेंट जमा नहीं किया है। फिलहाल, 24 ऐसे शोरूम संचालकों को पैनल्टी के साथ लाखों का प्रीमियम/साइड रेंट जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। इस नियम के तहत दिए नोटिस, 60 कारोबारियों को अब तक मिला ‘झटका’ नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर नगर निगम ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 3×2 फुट तक के विज्ञापन पट लगाने पर निगम कोई प्रीमियम/साइड रेंट नहीं लेता है। लेकिन, इससे बड़े साइनबोर्ड लगाने या अन्य किसी प्रकार से प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन करना विज्ञापन प्रीमियम/साइड रेंट के दायरे में आता है। देखने में आ रहा है कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं जो बिना अनुमति होर्डिंग आदि लगाकर अपना विज्ञापन कर रहे हैं। ऐसे सभी कारोबारियों को अब प्रीमियम/साइड रेंट के दायरे में लाया जा रहा है। नगर निगम उपविधि 2017 के तहत, अब तक पहली बार 60 कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अगर नोटिस की अवधि में रेंट जमा नहीं किया गया, तो शोरूम संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नहीं जमा किया तो देना होगा ‘दोगुना किराया’, रजिस्ट्रेशन भी होगा रद्द! सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि यदि नोटिस जारी होने के बाद भी कोई शोरूम संचालक निर्धारित समय में प्रीमियम/साइड रेंट जमा नहीं कराता है, तो उसे निर्धारित रेंट से दोगुना रेंट अदा करना होगा। इन प्रमुख नामों पर लाखों का बकाया है: फिलहाल, साल 2023-24 और 2024-25 के किराये की गणना की जा रही है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने साफ चेतावनी दी है, “जो भी कारोबारी नगर निगम सीमा में विज्ञापन कर रहे हैं, वे समय से प्रीमीयम/साइड रेंट को जमा कराएं। अन्यथा उनके खिलाफ खाता सीज और कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।“ नगर निगम शहर में अवैध रूप से विज्ञापन करने वाली कंपनियों का पता लगाने के लिए लगातार सर्वे करा रहा है। नोटिस के बाद भी जो लोग प्रीमियम साइड रेंट विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करेंगे, उनके रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

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आगरा के 12वीं फेल रहमान का पाकिस्तान कनेक्शन! NIA-IB कर रही पूछताछ, लाखों फॉलोअर्स वाला यू-ट्यूब चैनल और विदेशी पेमेंट का खुलासा

आगरा। आगरा में धर्मांतरण के एक मामले में पकड़े गए 12वीं फेल रहमान कुरैशी से पूछताछ में जो चौंकाने वाले राज सामने आए हैं, उसने खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। रहमान के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े निकले हैं! वह पाकिस्तान के इन्फ्लुएंसर्स के संपर्क में था और अपने यूट्यूब चैनल ‘द सुन्नाह’ पर विदेशी लोगों के वीडियो भी अपलोड किया करता था। पुलिस को शक है कि वह रेकी भी कर रहा था, और अब उससे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भी गहन पूछताछ कर रही हैं। डार्क वेब का इस्तेमाल, लाखों फॉलोअर्स और प्रोग्रामिंग का ज्ञान शाहगंज के सराय ख्वाजा का रहने वाला रहमान कुरैशी मूल रूप से किरावली का निवासी है। पुलिस ने उसे धर्मांतरण गिरोह के सदस्य के रूप में पकड़ा था। पता चला है कि वह आगरा की सगी बहनों से ऑनलाइन जुड़ा हुआ था। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली थी कि वह डार्क वेब का इस्तेमाल करता है। रहमान का यूट्यूब चैनल ‘द सुन्नाह’ भी है, जिसके 1.59 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। जब पुलिस ने उसका लैपटॉप खंगाला, तो पाकिस्तान से उसके तार जुड़े होने के सुराग मिले हैं, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पुलिस के अनुसार, रहमान कुरैशी कंप्यूटर की कई प्रोग्रामिंग भाषाएं जानता है और सॉफ्टवेयर भी बना सकता है। फर्जी सर्टिफिकेट और विदेशी पेमेंट का एंगल जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रहमान ने आगरा के एक इंस्टीट्यूट से फर्जी प्रमाण पत्र भी बनवाया था। पुलिस अब उस संस्थान के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। उसके लैपटॉप की जांच से विदेशी करेंसी और क्रिप्टोकरंसी में भुगतान के सुराग भी मिले हैं, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य अवैध गतिविधियों का शक गहरा रहा है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि खुफिया एजेंसियां रहमान कुरैशी से यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि वह पाकिस्तान में किस-किससे जुड़ा हुआ था और पाकिस्तान के लोगों से संपर्क के पीछे उसका असली मकसद क्या था। उसकी पिछले एक साल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम से भी उसके अकाउंट की डिटेल मांगी जा रही है। उसके लैपटॉप और मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आगरा में रहमान कुरैशी किस-किसके संपर्क में था और किस इलाके में उसका मूवमेंट ज्यादा रहता था। उसके पिछले कुछ महीनों का मूवमेंट गूगल मैप से भी निकाला जा रहा है।

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आगरा के टॉप स्कूलों में ‘बम की धमकी’: श्रीराम सेंटेनियल, DPS, जीडी गोयनका, सेंट पीटर्स सहित कई स्कूल निशाने पर! रात में आया खौफनाक मेल, सुबह पुलिस जांच में कुछ नहीं मिला!

आगरा। आगरा शहर में सोमवार-मंगलवार की रात को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जब कई नामी स्कूलों को एक धमकी भरा ई-मेल मिला। रात 12:59 बजे भेजे गए इस मेल में श्रीराम सेंटेनियल स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, जीआई ग्लोबल पब्लिक स्कूल, आगरा पब्लिक स्कूल, जीडी गोयनका और सेंट पीटर्स जैसे स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिससे सुबह होते ही शहर में हड़कंप मच गया। सुबह मेल देखा तो मचा ‘हड़कंप’, पुलिस को बुलाया मंगलवार सुबह जब स्कूल खुले, तो प्रिंसिपलों और स्कूल प्रबंधन ने इस धमकी भरे मेल को देखते ही तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें आनन-फानन में इन सभी स्कूल परिसरों में पहुंची और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली, लेकिन राहत की बात यह रही कि कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला। मेल में लिखा था ‘बॉम्ब इन द स्कूल’, बच्चों की मौत की धमकी! यह धमकी भरा ई-मेल अंग्रेजी भाषा में था और इसका सब्जेक्ट “Bomb in the School” था। इसमें लिखा गया था कि स्कूल में बम लगाया गया है, जो कुछ ही देर में फट जाएगा। मेल में बच्चों की मौत और विनाश की बातें कहकर डराने की कोशिश की गई थी। मेल के अंत में “Silence and Road Kill इस टेरर अटैक की जिम्मेदारी लेता है” लिखा था। छुट्टी के बाद हुई जांच, बच्चों में नहीं फैला ‘पैनिक’ श्रीराम सेंटेनियल स्कूल की प्रिंसिपल मोनिका सहगल ने बताया कि जब तक पुलिस टीम जांच के लिए पहुंची, तब तक स्कूलों की छुट्टी हो चुकी थी। इस वजह से बच्चों में कोई घबराहट नहीं फैल पाई, जो एक राहत की बात रही। सभी स्कूलों में छुट्टी के बाद पूरी तरह से तलाशी ली गई, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस साइबर सेल की मदद से इस ई-मेल की गंभीरता से जांच कर रही है। यह भी पता चला है कि दिल्ली और अन्य राज्यों के कई स्कूलों को भी इसी तरह के मेल मिले हैं, जिससे लगता है कि यह किसी बड़े शरारती तत्व या गिरोह का काम हो सकता है।

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आगरा में शुल्क नियामक समिति के गठन पर बवाल, “दोषी स्कूल” और स्कूलों के CA को सदस्य बनाने पर अभिभावकों में भारी रोष

तिथि: 22 जुलाई 2025 स्थान: आगरा आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार के 2018 के शासनादेश के लगभग सात साल बाद, आगरा में अभिभावकों के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार जिला शुल्क नियामक समिति (DFRC) का गठन तो हो गया, लेकिन इसका स्वरूप सामने आते ही यह विवादों के केंद्र में आ गई है। अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए बनी इस समिति में ही अभिभावकों को जगह नहीं दी गई है। उल्टे, समिति में एक ऐसे स्कूल के प्रतिनिधि और एक ऐसे चार्टर्ड अकाउंटेंट को सदस्य बना दिया गया है, जिन पर सीधे तौर पर निजी स्कूलों के साथ मिलकर काम करने और अभिभावकों के हितों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप हैं। प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स अवेयरनेस (PAPA) संस्था के राष्ट्रीय संयोजक, दीपक सिंह सरीन ने इस “गुपचुप” और “हितों के टकराव” वाली समिति के गठन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। क्यों है विवाद? आरोपों में घिरा स्कूल ही बना ‘न्याय का रक्षक’ दीपक सिंह सरीन ने बताया कि उनकी संस्था 2021 से लगातार DFRC के गठन की मांग कर रही थी, ताकि निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली और अन्य शिकायतों पर अभिभावकों को एक आधिकारिक मंच मिल सके। उन्होंने कहा, “देर से ही सही, समिति बनी तो, लेकिन इसका तरीका और संरचना देखकर लगता है कि यह अभिभावकों को न्याय देने के लिए नहीं, बल्कि स्कूलों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है।” सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि समिति में डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) आगरा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। पापा संगठन के अनुसार, इसी स्कूल के खिलाफ कई अभिभावकों ने गंभीर शिकायतें दर्ज करा रखी हैं, जिन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रमुख आरोप हैं: दीपक सरीन ने सवाल उठाया, “जिस स्कूल पर खुद नियमों के उल्लंघन के इतने गंभीर आरोप हों, उसे शुल्क नियामक समिति में सदस्य बनाकर ‘न्याय का रक्षक’ कैसे बनाया जा सकता है? यह तो चोर को ही तिजोरी की चाबी सौंपने जैसा है।” चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका पर भी सवाल समिति में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी बतौर सदस्य नियुक्त किया गया है। अभिभावक संगठन का आरोप है कि ये सीए कई निजी स्कूलों के साथ व्यावसायिक रूप से जुड़े हुए हैं और वर्षों से उनके वित्तीय सलाहकार रहे हैं। ऐसे में उनकी निष्पक्षता पर भरोसा कैसे किया जा सकता है? क्या जिला चयन समिति को पूरे आगरा में कोई ऐसा स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट नहीं मिला, जिसका निजी स्कूलों से कोई लेना-देना न हो? PAPA की मांगें और भविष्य की रणनीति इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए, प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स अवेयरनेस ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं: संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे इस संबंध में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री और आगरा के जिलाधिकारी को एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंप रहे हैं। यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई और समिति का पुनर्गठन नहीं हुआ, तो वे अभिभावकों के साथ मिलकर जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे। यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, और सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे अभिभावकों की जायज मांगों को सुनकर समिति का पुनर्गठन करते हैं या निजी स्कूल लॉबी के दबाव में इस विवादास्पद समिति को ही जारी रखते हैं।

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औचक निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ अन्य अधिकारी

आगरा जिला अस्पताल में ‘गंदगी का राज’: DM ने लगाई फटकार, गायब सफाई कर्मचारियों का मांगा रिकॉर्ड!

आगरा के जिला अस्पताल में ‘गंदगी का राज’ देखकर मंगलवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी का पारा चढ़ गया! उन्होंने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां ओपीडी और सभी वार्डों में व्यवस्थाएं देखीं। मरीजों और उनके तीमारदारों से भी बात की, लेकिन अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर देखकर डीएम ने सीएमएस, अस्पताल मैनेजर और सफाई सुपरवाइजर को कड़ी फटकार लगाई। मरीजों से ली जानकारी, मिली ‘संतोषजनक’ प्रतिक्रिया डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी अचानक जिला अस्पताल पहुंचे और सबसे पहले ओपीडी, महिला व बच्चा वार्ड, इमरजेंसी वार्ड आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से दवाई की उपलब्धता, बाहर से दवाई खरीद, खाना, डॉक्टरों व नर्स द्वारा चिकित्सा और देखभाल के बारे में जानकारी ली। मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि उन्हें समय से उपचार और खाना मिल रहा है, और अस्पताल से दवाएं भी मिल जाती हैं। ‘कूड़े के ढेर’ देखकर डीएम का ‘गुस्सा’ मरीजों से मिली संतोषजनक प्रतिक्रिया के बाद जब डीएम ने जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया, तो उन्हें हर जगह कूड़ा और गंदगी मिली। डायलिसिस भवन और प्राइवेट वार्ड बिल्डिंग के आसपास तो गंदगी व कूड़े के ढेर लगे थे। परिसर में गंदगी मिलने पर डीएम ने सीएमएस, अस्पताल मैनेजर और सफाई कर्मचारियों के हेड सुपरवाइजर को मौके पर तलब किया। डीएम ने उनसे सवाल किए और कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएमएस नियमित रूप से परिसर का दौरा करें और उच्चस्तरीय साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने साफ कहा कि अस्पताल परिसर में कहीं भी गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। ‘गायब’ मिले सफाई कर्मचारी, एजेंसी पर होगी कार्रवाई! निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल मैनेजर से जिला अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का ब्योरा मांगा। उन्हें बताया गया कि 23 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी विभिन्न शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाती है। डीएम ने सभी कर्मचारियों को मौके पर बुलाया और गिनती कराई, जिसमें सुपरवाइजर सहित केवल 9 सफाईकर्मी ही उपस्थित मिले! इस पर डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों, सफाई एजेंसी और टेंडर प्रक्रिया के बारे में जवाब तलब किया। उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएमएस को सभी जरूरी चीजों में सुधार के निर्देश दिए, जिसमें हर वार्ड के बाहर डस्टबिन रखने, पूरे परिसर की सफाई कराने और मरीज व तीमारदारों द्वारा अस्पताल परिसर में गंदगी न फैलाने के निर्देश शामिल थे। उन्होंने बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान हेतु नगर निगम को भी निर्देशित किया। इस दौरान सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार, अस्पताल मैनेजर मोहित भारती, डॉ. सीपी वर्मा सहित जिला अस्पताल के डॉक्टर मौजूद रहे।

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धर्मांतरण के खिलाफ आगरा में पंजाबी समाज ‘एकजुट’: बेटियों की सुरक्षा पर ‘बड़ी बैठक’, 5 समुदाय लेंगे अहम फैसले!

आगरा। आगरा में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों और खासकर पंजाबी समाज की दो बेटियों को लालच व दबाव के ज़रिए जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसी घटनाओं ने पूरे समाज को हिला दिया है। अब शहर का पंजाबी, सिख, खत्री, बहावलपुरी और मुल्तानी समाज एकजुट हो गया है। इन गंभीर घटनाओं को लेकर आगामी 27 जुलाई को ‘पंजाबी विरासत परिवार’ के बैनर तले इन पांचों समुदायों की एक बड़ी और अहम बैठक होने जा रही है। यह बैठक समाज की अस्मिता, बेटियों की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के लिए निर्णायक कदम उठाने वाली है। 27 जुलाई को ‘महापंचायत’: पंजाब भवन में जुटेंगे हज़ारों लोग यह महत्वपूर्ण बैठक रविवार, 27 जुलाई को शाम 4 बजे, पंजाब भवन (ग्रैंड होटल के पास), आगरा कैंट में आयोजित की जाएगी। ‘पंजाबी विरासत परिवार’ के अध्यक्ष पूरन डावर की अध्यक्षता और संत बाबा प्रीतम सिंह की सरपरस्ती में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, बेटियों की सुरक्षा हेतु सामाजिक दृष्टिकोण से ठोस पहल करना और ऐसे मामलों के विरुद्ध एक संयुक्त आवाज़ उठाना है। आयोजकों को उम्मीद है कि इसमें पूरे शहर और आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन जुटेंगे। बैठक में महिलाओं को खास तौर पर बुलाया गया है, ताकि उन्हें यह बताया जा सके कि एक मां के रूप में कैसे वे अपने बच्चों की हिफाजत कर सकती हैं। ‘योजनाबद्ध धर्मांतरण’ का आरोप, समाज में बढ़ी बेचैनी ‘पंजाबी विरासत’ के महामंत्री बंटी ग्रोवर ने बताया कि यह बैठक आगरा की दो बेटियों के हालिया धर्मांतरण प्रकरण के संदर्भ में बुलाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि “कुछ संगठनों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से समाज की बेटियों को धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक दबाव डाला जा रहा है।” ग्रोवर ने चिंता जताई कि समाज में बढ़ती बेचैनी, बेटियों की सुरक्षा और धार्मिक-सांस्कृतिक अस्तित्व को लेकर गहरी चिंता है। ऐसे में समाज को एक दिशा, संगठन और निर्णायक कार्रवाई की सख्त ज़रूरत है। पुलिस प्रशासन की सराहना, पर ‘स्थायी समाधान’ की मांग ‘पंजाबी विरासत परिवार’ के अध्यक्ष पूरन डावर, कार्यकारी अध्यक्ष अनिल वर्मा एडवोकेट और अन्य वरिष्ठजनों ने पुलिस प्रशासन की उस तत्परता की सराहना की है, जिससे उन दो बेटियों को मुक्त कराया जा सका। उन्होंने कहा कि पुलिस की सजगता से समाज में सकारात्मक संदेश गया है, लेकिन इस तरह की घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने के लिए प्रशासन को निगरानी और सख्ती बढ़ानी होगी। वरिष्ठजनों ने की अपील: ‘एकजुट होकर करें निर्णय’ ‘पंजाबी विरासत’ के कार्यकारी अध्यक्ष अनिल वर्मा, कोषाध्यक्ष नवीन अरोरा, संरक्षक चरणजीत थापर, सुनील मनचंदा, चंद्रमोहन सचदेवा, अशोक अरोरा, वीर महेंद्रपाल सिंह, मनमोहन निरंकारी, रानी सिंह और श्री गुरु सिंह सभा माईथान के प्रधान सरदार कंवल दीप सिंह सहित कई वरिष्ठजनों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण बैठक में समय से पहुंचें और संगठित स्वर में निर्णय लें। उम्मीद है कि इन बैठकों में ऐसे ठोस और प्रभावशाली प्रस्ताव पारित होंगे, जो समाज की बेटियों को भविष्य में धर्मांतरण के जाल से सुरक्षित रखने में मदद करेंगे। एक सामूहिक मोर्चा और कानूनी विकल्पों की रूपरेखा भी बनाई जा सकती है।

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आगरा में ‘जाम’ का ‘जाल’: MG रोड पर मेट्रो ने बिछाया ‘बैरिकेडिंग का मायाजाल’, वैकल्पिक रास्ते हैं…पर ‘अंधेरे में’ भटक रहे लोग!

आगरा। आगरा में मेट्रो का काम शहर की रफ्तार को ‘जाम’ कर रहा है! एमजी रोड पर मेट्रो निर्माण के चलते लगी बैरिकेडिंग ने यातायात को ‘धीमा’ कर दिया है, जिससे लोग रोज घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्लान तो बनाया, लेकिन सबसे बड़ी चूक ये हुई कि इन रास्तों पर कोई संकेतक (साइनबोर्ड) नहीं लगाए गए! नतीजा ये कि लोग इन वैकल्पिक रास्तों से अनजान हैं और ‘जाम’ के दलदल में फंसकर परेशान हो रहे हैं। एमजी रोड पर ‘संकरा’ रास्ता, स्कूलों की छुट्टी में ‘महाजाम’ प्रतापपुरा चौराहे से सूरसदन तक एमजी रोड पर मेट्रो का काम चल रहा है, जिससे कई जगह बैरिकेडिंग लगा दी गई है। इसने रोड को इतना ‘संकरा’ कर दिया है कि रोज जाम लगना आम बात हो गई है। स्कूलों की छुट्टी के समय तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब बच्चों के वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहते हैं। प्लान तो बना, पर ‘दिशाहीन’ हुए वाहन चालक! जिला प्रशासन ने जाम से राहत के लिए कुछ वैकल्पिक रास्ते सुझाए थे, लेकिन बिना संकेतकों के वे किसी काम के नहीं आ रहे: मदिया कटरा निवासी मनोज मिश्रा ने बताया कि मदिया कटरा पर रोज जाम में फंसना पड़ रहा है। 5 मिनट का रास्ता 30 मिनट में तय होता है। उनका कहना है कि अंदरूनी मार्ग भी वाहनों के बढ़ते दबाव को झेल नहीं पा रहे हैं। अब सवाल यह है कि प्रशासन ने प्लान तो बना लिया, लेकिन उसे ज़मीन पर उतारने में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती? जब तक सही संकेतक नहीं लगेंगे, तब तक आगरा की जनता को इस ‘जाम’ के जाल से मुक्ति मिलना मुश्किल है।

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