Agra News: दीपावली में आगरा जगमगाया, शहर के प्रमुख स्थल रंग बिरंगी रोशनी से सजे

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Agra News दीपावली के प्रकाश पर्व को भव्यता के साथ मनाने के लिए, आगरा नगर निगम ने शहर को रंग बिरंगी रौशनी से नहलाने की तैयारी पूरी कर ली है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के विशेष निर्देशन में, शहर के प्रमुख चौराहों, रास्तों और ऐतिहासिक स्थलों को आकर्षक लाइटों से सजाया जा रहा है। इस सजावट का उद्देश्य पूरे शहर को मनमोहक रूप में पेश करना है। फूल सैयद चौराहा बना आकर्षण का केंद्र सजावट के तहत, सड़क किनारे लगे पेड़-पौधों पर भी आकर्षक लाइटें लगाई जा रही हैं। इस वर्ष की सजावट का एक मुख्य आकर्षण फतेहाबाद रोड स्थित फूल सैयद चौराहा है, जिसे रंग बिरंगे छातों से सजाया गया है, जो पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक खास सेल्फी पॉइंट बन गया है। प्रमुख स्थान जहाँ विशेष लाइटिंग इफेक्ट तैयार किए गए हैं, वे निम्नलिखित हैं: विद्युत व्यवस्था दुरुस्त, विशेष टीमें तैनात नगर निगम के मुख्य अभियंता विद्युत और यांत्रिक अजय कुमार राम ने बताया कि पूरे शहर की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि रौशनी के इस पर्व पर बिजली की कोई समस्या न आए। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख स्थानों पर रौशनी के लिए व्यवस्था पर्याप्त रहे, इसके लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है। ये टीमें लगातार मॉनिटरिंग करेंगी और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुधार कार्य करेंगी। नगर आयुक्त की अपील: स्वच्छता के साथ मनाएं त्यौहार जहां एक ओर नगर निगम शहर को सजाने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने नागरिकों से स्वच्छता के साथ त्यौहार को मनाने की भावुक अपील की है। नगर आयुक्त ने कहा, “दीपोत्सव पर खुशियां मनाएं लेकिन प्रदूषण मुक्त और स्वच्छता के साथ।” उन्होंने विशेष रूप से नागरिकों से अनुरोध किया है कि पटाखों के चलाने के बाद उत्पन्न होने वाले कचरे को सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंके। कचरा प्रबंधन के लिए विशेष प्लान तैयार करते हुए उन्होंने बताया कि दिवाली के अगले दिन एक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य पटाखों का और पूजा सामग्री से उत्पन्न कचरे को जल्द से जल्द निस्तारित करना है ताकि शहर की स्वच्छता बनी रहे। यह सजावट और स्वच्छता पहल आगरा को एक आदर्श और रोशन शहर के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। Agra News: हाउस टैक्स विवाद की खौफनाक तस्वीर: फ्रीगंज स्थित बंसल एंटरप्राइजेस के गेट पर फेंका गया कूड़ा, निगम की कार्यशैली पर उठे सवाल

आगरा में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, पुलिस कमिश्नर ने बैठक में लिए 10 अहम फैसले

आगरा। आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर और मेट्रो निर्माण कार्य के कारण शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कई विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में जिलाधिकारी आगरा, आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, कैंटोनमेंट बोर्ड, रोडवेज के आरएम/एआरएम, एआरटीओ, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता, स्मार्ट सिटी, एनएचएआई, मेट्रो परियोजना के एमडी और टोरेंट पावर जैसे कई विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा किए गए सर्वे के बाद बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनके जल्द से जल्द क्रियान्वयन का आश्वासन संबंधित विभागों ने दिया है। बैठक में लिए गए 10 महत्वपूर्ण निर्णय: इन निर्णयों से शहर के लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस आयुक्त @DeepakKumarIPS2 द्वारा कमिश्नरेट आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर एवं मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शहर में बढ़ते यातायात दबाव के दृष्टिगत शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु कई विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जिलाधिकारी… pic.twitter.com/93RQ9mWf0h — POLICE COMMISSIONERATE AGRA (@agrapolice) September 11, 2025 आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो पर प्रतिबंध, पुलिस ने जारी की अधिसूचना शहर के नगर जोन में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध भगवान टॉकीज चौराहे से लेकर अवंतीबाई चौराहे (एमजी रोड) तक प्रभावी रहेगा। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार ने उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की है। इसमें बताया गया है कि नगर जोन में ई-रिक्शा और ऑटो के अधिक संचालन के कारण मुख्य मार्गों पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि आगरा आने वाले पर्यटकों को भी भारी परेशानी होती है। अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि नए ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे यातायात व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह आदेश अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से ही प्रभावी हो गया है। इस कदम से एमजी रोड पर यातायात का दबाव कम होने और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

पुलिस कमिश्नर के आदेश हवा हुए: आगरा की लाइफलाइन पर बेकाबू ई-रिक्शा, ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही से भारी जाम

आगरा। आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई थी। उनके स्पष्ट निर्देश थे कि शहर की लाइफलाइन पर कोई भी ई-रिक्शा नजर नहीं आना चाहिए और ऐसा करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है। पुलिसकर्मियों की लापरवाही के चलते कमिश्नर के ये आदेश हवा हो गए हैं और एमजी रोड पर ई-रिक्शा बेलगाम दौड़ रहे हैं। लगभग सात किलोमीटर लंबे एमजी रोड पर 14 से अधिक चौराहे और तिराहे हैं, जहाँ हर वक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये पुलिसकर्मी अपनी आँखों के सामने ई-रिक्शा चालकों को नियम तोड़ते देख भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। इसी अनदेखी का फायदा उठाकर ई-रिक्शा चालक बेफिक्र हो गए हैं, जिससे रोड पर लगातार जाम की स्थिति बन रही है। मेट्रो के काम और बढ़ती भीड़ के बीच ई-रिक्शा का यह अनियंत्रित संचालन लोगों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन गया है। कमिश्नर के आदेशों की अनदेखी के कारण, लोगों को अब घंटों जाम में फँसकर जूझना पड़ रहा है। पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं कि जब शीर्ष स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा है?

आगरा में ट्रैफिक जाम पर कड़ा एक्शन: डीसीपी सिटी ने तीन दरोगा सस्पेंड किए, शहर को मिली राहत

आगरा। आगरा में पिछले कई दिनों से चल रहे भीषण ट्रैफिक जाम पर अब पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शहर में एक ही दिन पहले पुलिस कमिश्नर द्वारा दिए गए निर्देशों की हकीकत देखने निकले डीसीपी सिटी ने ड्यूटी से गायब मिले तीन दारोगाओं को मौके पर ही सस्पेंड कर दिया। इस कड़े कदम के बाद आज शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिला, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। पिछले तीन दिनों से आगरा की सड़कें जाम से कराह रही थीं। यमुना नदी में आए बाढ़ के पानी से यमुना किनारा मार्ग पर यातायात ठप हो गया था, वहीं शहर में चल रहे मेट्रो निर्माण ने एमजी रोड को लगभग खोद डाला है। इन सब के बीच हाईवे पर हुए एक ट्रॉले की टक्कर को हटाने में 24 घंटे का समय लग गया, जिसने हर तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लगा दी थीं। हालात को काबू करने के लिए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने निर्देश दिए थे कि अब यातायात पुलिस के साथ-साथ सभी थानाध्यक्ष (SHO) और इंस्पेक्टर (SO) भी चौराहों पर ड्यूटी देंगे। मंगलवार को, डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने इन आदेशों का पालन हो रहा है या नहीं, यह जानने के लिए निरीक्षण शुरू किया। भगवान टॉकीज चौराहे पर हालात सबसे खराब थे, जहाँ न्यू आगरा थाने से जिन तीन दारोगाओं विवेक यादव, धर्मेंद्र वर्मा और गौरव तेवतिया की ड्यूटी लगी थी, वे मौके से नदारद मिले। इस बड़ी लापरवाही पर डीसीपी सिटी ने तुरंत तीनों को सस्पेंड कर दिया। पुलिस के एक्शन का असर, एमजी रोड पर सुगम हुआ ट्रैफिक पुलिस के इस कड़े कदम का असर आज शहर के ट्रैफिक पर साफ दिखाई दे रहा है। आज एमजी रोड पर भारी जाम नहीं है और गाड़ियों की आवाजाही पहले की तुलना में बेहतर है। हालांकि कुछ जगहों पर ट्रैफिक धीमा जरूर है, लेकिन गाड़ियां लगातार खिसक रही हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह कदम बहुत अच्छा है, क्योंकि पिछले कई दिनों से उन्हें बहुत परेशानी हो रही थी।

आगरा में ट्रैफिक: प्रताप पुरा क्रॉसिंग से लेकर रावली मंदिर तक गाड़ियों की लंबी कतारें

आगरा। आगरा में मंगलवार, 9 सितंबर को ट्रैफिक का हाल बेहाल है। शहर को एक साथ दोहरी मार झेलनी पड़ रही है: यमुना नदी में आई बाढ़ और शहर में चल रहा मेट्रो का निर्माण कार्य। इन दोनों वजहों से शहर के कई प्रमुख रास्तों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई है। यमुना में आए उफान के कारण हाथी घाट और यमुना किनारा रोड के आसपास पानी भर गया है, जिससे इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। वहीं, शहर के बीचोबीच बन रहे मेट्रो के कारण एमजी रोड पर भी जगह-जगह जाम की स्थिति बन रही है। दोपहर 2 बजे का ट्रैफिक अपडेट: प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।

​आगरा ट्रैफिक अपडेट: शहर में दोहरी चुनौती से जूझ रहे लोग

​आगरा में सोमवार दोपहर को ट्रैफिक की स्थिति बेहद खराब हो गई है, जिससे लोगों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रतापपुरा चौराहे से लेकर कलेक्ट्रेट और धौलपुर हाउस तक भारी जाम लगा हुआ है। 🚦 यह जाम मुख्य रूप से आगरा मेट्रो के निर्माण कार्य के कारण हो रहा है, जिससे 10 मिनट का सफर करने में भी लोगों को एक घंटे तक का समय लग रहा है। ​बाढ़ और जाम की दोहरी मार ​दूसरी तरफ, यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण हाथी घाट रोड पर भी पानी भर गया है, जिससे यहाँ भी ट्रैफिक पूरी तरह से रुक गया है। 🌊 यह स्थिति शहर के ट्रैफिक को और भी जटिल बना रही है। यात्रियों और वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक अपडेट्स की जांच कर लें। यह स्थिति सोमवार दोपहर 12:30 बजे की है और कब तक सामान्य होगी, यह कहा नहीं जा सकता। ​आप अपनी यात्रा की योजना इस जाम और जलभराव को ध्यान में रखकर करें ताकि आपको असुविधा न हो।

आगरा में ट्रैफिक जाम से बुरा हाल, कई आयोजनों से चरमराई व्यवस्था

आगरा। आज आगरा शहर की सड़कों पर दिन भर यातायात व्यवस्था चरमराई रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के प्रमुख मार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही, जिसकी मुख्य वजह एक साथ कई बड़े आयोजन थे। एमजी रोड, शाहगंज चौराहा, लोहमंडी चौराहा और भगवान टॉकीज जैसे व्यस्ततम इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। लगभग 7 किलोमीटर लंबा एमजी रोड पूरी तरह से जाम हो गया, जहाँ वाहन रेंगते नजर आए। रावली चौराहे पर तो एक किलोमीटर से भी लंबा जाम लगा रहा, जिससे लोगों को घंटों तक फंसे रहना पड़ा। जाम के प्रमुख कारण ट्रैफिक जाम की इस स्थिति के तीन मुख्य कारण थे: इन आयोजनों के अलावा, मेट्रो निर्माण के कारण पहले से ही संकरी हो चुकी सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ गया था। इस जाम से एम्बुलेंस और सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुए, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ट्रैफिक पुलिस ने कुछ जगहों पर रूट डायवर्जन लागू किए, लेकिन भारी भीड़ के कारण यह नाकाफी साबित हुआ।

आगरा में मूसलाधार बारिश से हाहाकार, देखिए तस्वीरें

आगरा। शुक्रवार की दोपहर आगरा में हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद दोपहर करीब 1 बजे से शुरू हुई बारिश लगातार दो घंटे तक जारी रही, जिससे शहर के कई पॉश इलाकों और बाजारों में 2-2 फीट तक जलभराव हो गया। इस जोरदार बारिश का असर ऐसा था कि सड़कों पर गाड़ियाँ और बाइकें लगभग डूब गईं। दिन में भी इतना अंधेरा छा गया था कि ऐसा लग रहा था मानो शाम के 6 बज रहे हों। बाजारों और सड़कों पर जलभराव भारी बारिश के कारण राजामंडी बाजार पूरी तरह से पानी से भर गया। दुकानों के अंदर पानी घुस जाने से व्यापारियों को अपना सामान समेटना पड़ा। इसके अलावा, शास्त्रीपुरम, खेरिया मोड़, अलबतिया रोड, ट्रांसयमुना कॉलोनी, एमजी रोड और मॉल रोड जैसे प्रमुख इलाकों में भी भारी जलभराव देखने को मिला। स्ट्रैची ब्रिज के नीचे तो कई फीट पानी जमा हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सितंबर में बदला मौसम का मिजाज आगरा में सितंबर की शुरुआत से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 4 सितंबर के बीच शहर में 12% बारिश हो चुकी है। जबकि, 1 जून से 31 अगस्त तक सिर्फ 26% बारिश हुई थी। मौसम का हाल: आगे क्या? मौसम विभाग ने 5 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि 6 सितंबर को बादल छाए रहेंगे और बारिश हो सकती है। 7 सितंबर से मौसम के साफ होने का अनुमान है। इस बीच, बारिश के कारण पीपल मंडी में एक पुराना और बंद पड़ा मकान गिर गया, हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि वह खाली था। देखिए तस्वीरें:-

आगरा में हल्की बारिश से सड़कों पर कीचड़, कई इलाकों में लगा जाम

आगरा। आगरा में बुधवार सुबह से हो रही हल्की बारिश ने शहर की सड़कों पर परेशानी खड़ी कर दी है। नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे नाले निर्माण के काम की वजह से सड़कों पर कीचड़ फैल गई है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। शहर के कई इलाकों में आधी सड़क कीचड़ से भर गई है, जिससे वाहनों को निकलने में मुश्किल हो रही है। यही वजह है कि लोहामंडी से मोती कटरा की ओर जाने वाले रास्ते पर लंबा जाम लगा हुआ है, जिसमें वाहन आधे घंटे से फंसे हैं। बारिश और नाला निर्माण के कारण एमजी रोड, लोहामंडी, सेंट जॉन्स, बोदला, शाहगंज, मोती कटरा, सूरसदन और हरी पर्वत की ओर जाने वाली सड़कों पर भी जाम लग गया है। इस जाम से लोगों को अपने ऑफिस और घरों तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है, जिससे उनकी परेशानी और भी बढ़ गई है।

आगरा में मेट्रो का काम बनी परेशानी, MG रोड पर जाम से निपटने के लिए 10 मशीनें लगाई गईं

आगरा। आगरा में मेट्रो कॉरिडोर का काम इन दिनों शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, खासकर एमजी रोड पर। यहां बैरिकेडिंग के कारण सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। इस समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने एमजी रोड पर काम को तेजी से पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एमजी रोड पर लगीं सबसे ज्यादा मशीनें शहर भर में मेट्रो कॉरिडोर के पिलर निर्माण के लिए कुल 18 मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें से 10 मशीनें सिर्फ एमजी रोड पर ही काम कर रही हैं। जबकि सुलतानपुरा, मॉल रोड, हाईवे और सुलतानगंज जैसे अन्य हिस्सों में बाकी की 8 मशीनों से काम चलाया जा रहा है। UPMRC का लक्ष्य है कि दिसंबर तक एमजी रोड पर पिलर का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि बैरिकेडिंग हटाकर लोगों को जाम से राहत मिल सके। एमजी रोड पर क्यों है ज्यादा दिक्कत? आगरा में कुल 29.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इसमें से एक कॉरिडोर एमजी रोड से होकर गुजरता है, जहां प्रतापपुरा से भगवान टॉकीज तक पिलर निर्माण के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस रोड की चौड़ाई 8 मीटर है, जो बैरिकेडिंग के बाद और भी संकरी हो गई है। सड़क के दोनों ओर शोरूम होने के कारण वाहनों के रुकते ही ट्रैफिक बाधित हो जाता है। पिछले महीने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया था कि जहां पिलर का काम पूरा हो गया है, वहां बैरिकेडिंग को थोड़ा अंदर खिसकाया जाएगा, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। इसी कारण एमजी रोड पर जाम की स्थिति बनी हुई है।

आगरा में गड्ढों ने फिर ली जान: बुजुर्ग महिला को ट्रक ने रौंदा; कौन है जिम्मेदार, सरकारी विभाग, मेट्रो या यातायात पुलिस?

आगरा। आगरा में एमजी रोड पर जिलाधिकारी आवास के पास एक दर्दनाक हादसे ने शहर की सड़कों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाइक से गिरने पर 60 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला को पीछे से आ रहे एक ट्रक ने रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह तीन दिन में दूसरा ऐसा हादसा है, जिसके लिए सीधे तौर पर सड़कों के गड्ढे जिम्मेदार हैं। 3 दिन में दूसरा हादसा, जनता का गुस्सा बुजुर्ग महिला अपने पति के साथ बाइक पर सवार थीं। सड़क पर एक बड़े गड्ढे की वजह से बाइक अनियंत्रित हुई और महिला गिर गईं, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। इस हादसे के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। वे सवाल उठा रहे हैं कि शहर की मुख्य सड़कों पर भी इतने गड्ढे क्यों हैं? यह तीन दिन में दूसरा ऐसा मामला है। इससे पहले, बल्केश्वर निवासी 19 वर्षीय नैतिक की भी ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी। इन लगातार हो रहे हादसों ने लोगों को भयभीत कर दिया है। जिम्मेदारी किसकी? सरकारी विभाग, मेट्रो या यातायात पुलिस? लगातार हो रही मौतों के बाद अब जनता सीधे तौर पर सरकारी विभागों की जवाबदेही मांग रही है। लोग पूछ रहे हैं: हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है, लेकिन ड्राइवर फरार है।

आगरा में वकीलों की ‘रथयात्रा’ को पुलिस ने रोका: पश्चिमी यूपी को अलग राज्य बनाने की मांग पर एमजी रोड पर प्रदर्शन, वकील बेहोश

आगरा। आगरा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने और यहां हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर वकीलों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखा। सोमवार को अधिवक्ताओं ने दीवानी चौराहे से कलेक्ट्रेट तक रथयात्रा निकाली, लेकिन पुलिस ने उन्हें एमजी रोड पर बीच में ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच जमकर नोकझोंक और खींचतान हुई, जिसके बाद अधिवक्ता सड़क पर ही बैठकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी जैसे ही लगभग 40-50 वकीलों का एक समूह घोड़े की गाड़ी के साथ अपनी ‘जनरथ यात्रा’ लेकर निकला, कलेक्ट्रेट से लगभग एक किलोमीटर पहले पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस बीच हुई धक्का-मुक्की और बहस के बाद, वकीलों ने विरोध में बीच सड़क पर धरना शुरू कर दिया, जिससे एमजी रोड पर लंबा जाम लग गया। प्रदर्शन के दौरान एक वकील गर्मी से बेहोश हो गए, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला। “अलग राज्य बनने से जनता को होगा लाभ” अधिवक्ता राजीव कुमार सोनी ने बताया कि यह रथयात्रा केंद्र सरकार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर निकाली गई है। उन्होंने कहा कि अगर यह अलग राज्य बनता है, तो आगरा में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना हो सकेगी, जिससे प्रदेश की जनता को बहुत फायदा मिलेगा। वकीलों ने कहा कि वे इस यात्रा के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं और उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन भी दिया है। हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का यह प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। उनका मानना है कि पश्चिमी यूपी के अलग राज्य बनने से ही उनकी यह पुरानी मांग पूरी हो सकती है।

आगरा में सोमवार को भीषण जाम: मेट्रो निर्माण और संकरी सड़कों ने बढ़ाई परेशानी, एंबुलेंस भी फंसी

आगरा। सोमवार को आगरा शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मेट्रो निर्माण कार्य और संकरी सड़कों के कारण शहरभर में भीषण जाम के हालात देखने को मिले। एमजी रोड, मदिया कटरा चौराहा और बोदला चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। देहली गेट से मदिया कटरा तक रेंगते रहे वाहन शहर के मुख्य मार्गों पर जाम का ऐसा आलम था कि देहली गेट से मदिया कटरा तक महज 500 मीटर की दूरी तय करने में 15 से 20 मिनट से ज्यादा का समय लग रहा था। यह जानकारी एक राहगीर महेश ने दी, जो इस जाम में फंसे हुए थे। सोमवार दोपहर एक बजे आवास विकास की ओर आने वाली सड़क पर भी वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। लोहमंडी से मदिया कटरा की ओर आने वाले वाहन भी जाम में बुरी तरह फंसे रहे। स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोपहर में स्कूलों की छुट्टी हुई। दिल्ली गेट से मदिया कटरा तक वाहन रेंग-रेंग कर चले। इस भीषण जाम में लगभग 15 मिनट तक एक एंबुलेंस भी फंसी रही, जो चिंता का विषय है। यात्री परेशान, पैदल चलने को मजबूर मदिया कटरा चौराहे पर जाम में फंसी एक महिला गौरा ने बताया कि वह ऑटो में बैठी थीं, लेकिन लंबे इंतजार के बाद उन्हें ऑटो से उतरकर पैदल ही आगे जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि यह समस्या अब रोज की बात हो गई है, जिससे लोगों का समय और धैर्य दोनों खत्म हो रहे हैं। एमजी रोड पर भी जाम, ट्रैफिक पुलिसकर्मी बेबस बोदला चौराहे पर भी हमेशा की तरह भारी जाम लगा रहा। एमजी रोड पर चल रहे मेट्रो के काम और स्कूल की छुट्टी के समय दोपहर बाद से ही यहाँ वाहन रेंगते हुए नजर आए। नाई की मंडी से लगभग हरिपर्वत चौराहे तक जाम जैसे हालात बने रहे। संकरी सड़कों, गड्ढों और यातायात के अत्यधिक दबाव से लोग बेहाल दिखे। ट्रैफिक पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात होकर जाम खुलवाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने और वैकल्पिक मार्ग खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर मेट्रो कार्य के साथ-साथ ट्रैफिक प्लानिंग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। यह घटना शहरी विकास परियोजनाओं के साथ-साथ यातायात प्रबंधन की आवश्यकता को उजागर करती है।

आगरा में रक्षाबंधन : शहर की छोटी-बड़ी सड़कें जाम, 5 मिनट का रास्ता बना 1 घंटे का सफर!

एमजी रोड पर लगा जाम

आगरा। रक्षाबंधन के त्योहार ने शुक्रवार को आगरा की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया। देर शाम तक शहर की छोटी-बड़ी सड़कें, खासकर एमजी रोड, घंटों जाम से जूझती रहीं। त्योहार की खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ और सड़कों पर बेतरतीब वाहनों के कारण लोगों को 5 मिनट का रास्ता तय करने में 1 घंटे तक का समय लग गया। रात 11 बजे तक यह स्थिति बनी रही, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर लगा भीषण जाम रक्षाबंधन के चलते आगरा के बाजारों में शुक्रवार को दिनभर और देर रात तक भीड़ उमड़ी रही। लोगों ने जमकर खरीदारी की, लेकिन सड़कों पर जाम की स्थिति ने त्योहार की खुशी को कम कर दिया। भगवान टॉकीज से जिला मुख्यालय तक एमजी रोड पर वाहन रेंगते रहे। सुल्तानगंज की पुलिया से लंगड़े की चौकी की ओर जाने वाले रास्ते पर भी भीषण जाम लग गया। इसके अलावा, ईदगाह चौराहा से खेरिया मोड़ के पुल और मथुरा हाईवे पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। शहर के अन्य व्यस्त इलाकों जैसे आवास विकास, भवना क्लार्क, गुरुद्वारा पुल वाला रास्ता भी जाम से पूरी तरह से चौक हो गया। यह स्थिति लगभग रात 11 बजे तक बनी रही, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई। शहर के इन इलाकों में भी यातायात ठप रक्षाबंधन त्यौहार के कारण आगरा के विभिन्न हिस्सों में जाम की स्थिति बनी रही, जिनमें प्रमुख रूप से एमजी रोड, सुल्तानगंज पुलिया से लंगड़े की चौकी, आवास विकास, गुरु का लाल, वाटर वर्क्स, रामबाग, सिकंदरा, ईदगाह, बोदला, रामनगर, खिरिया मोड़, ईदगाह बस स्टैंड, शाहगंज, राजा मंडी, हरी पर्वत और सिंधी बाजार शामिल हैं। यातायात पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद, त्योहार की भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल साबित हुआ, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

गोली के बदले गोली! आगरा में ‘खूनी रात’ का बदला, भाजपा नेता को कान में सटाकर गोली मारने वाला सोहेल पुलिस मुठभेड़ में ढेर, पैर में लगी गोली!

आगरा। आगरा के व्यस्ततम एमजी रोड पर बुधवार देर रात हुए सनसनीखेज गोलीकांड के आरोपी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। भाजपा नेता सुमित दिवाकर को कान में सटाकर गोली मारने वाले मुख्य आरोपी सोहेल के पैर में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इस कार्रवाई ने शहर में अपराधियों के बुलंद होते हौसलों पर पुलिस के सख्त रुख को दर्शाया है। MG रोड पर ‘खूनी रात’: भाजपा नेता सुमित दिवाकर पर जानलेवा हमला घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे की है, जब न्यू आगरा के नगला पदी निवासी और भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक सुमित दिवाकर एमजी रोड स्थित शाह मार्केट के बाहर एक अंडे के ठेले पर खड़े थे। तभी अचानक पीछे से आए तीन हमलावरों – सोहेल, राजा और शाहरुख – में से सोहेल ने सुमित के कान पर तमंचा सटा दिया। सुमित दिवाकर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया, “मुझे लगा कि मेरे कान में चींटी रेंग रही है। इसी कारण मैंने कान के पास हाथ मारा और पीछे की तरफ घूम गया। मेरा हाथ लगने से असलहे का मुंह थोड़ा दूसरी ओर हो गया और गोली के छर्रे मेरे कान को छूकर निकल गए।” गोली लगने के बाद सुमित लहूलुहान होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर आसपास खड़े लोगों में भगदड़ मच गई और इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावर बाइक से मौके से फरार हो गए। लहूलुहान हालत में 500 मीटर चलकर थाने पहुंचे सुमित, ‘आज मेरा भेजा उड़ जाता!’ गोली लगने और बेहोश होने के बाद जब सुमित को होश आया, तो उन्होंने किसी की मदद का इंतजार नहीं किया। खून से लथपथ हालत में वे घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित हरीपर्वत थाने तक पैदल चलकर पहुंचे और अपनी खौफनाक दास्तान पुलिस को सुनाई। उन्होंने बताया, “अगर, मेरा हाथ नहीं लगता तो आज मेरा भेजा उड़ जाता।” पुलिस ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हमले के पीछे पुरानी रंजिश और ‘विशेष समुदाय’ का एंगल सुमित दिवाकर के दोस्त दीप विनायक ने घटना के पीछे शाह मार्केट निवासी सोहेल का हाथ होने का शक जताया था। दीप के अनुसार, सोहेल से सुमित का पहले भी विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत थाना हरीपर्वत में दर्ज कराई गई थी, तब सोहेल ने सुमित को जान से मारने की धमकी भी दी थी। खुद सुमित दिवाकर ने भी इस हमले के पीछे राजनीतिक रंजिश और पुरानी दुश्मनी का शक जताया। उन्होंने भास्कर को बताया कि गोली मारने वाले आरोपी जज कंपाउंड निवासी सोहेल, राजा और शाहरुख ‘विशेष समुदाय’ से आते हैं। सुमित ने आरोप लगाया कि आरोपी मुस्तफा क्वार्टर निवासी सोहेल के मामा चांद ने दो महीने पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी, जब सुमित ने बजरंग दल कार्यकर्ता सोनू का साथ दिया था। सुमित ने उस धमकी की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी थी, जिसके बाद कुछ लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई हुई थी, लेकिन चांद पुलिस के हाथ नहीं आया था। सुमित का आरोप है कि चांद के कहने पर ही सोहेल ने उन पर यह जानलेवा हमला किया। सुमित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी जज कंपाउंड के पास सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके रह रहे हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: मुठभेड़ में पकड़ा गया मुख्य आरोपी सोहेल भाजपा नेता पर जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नरेट आगरा में हड़कंप मच गया। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावरों की तलाश के लिए तुरंत टीमें गठित की गईं। गुरुवार देर रात, सघन चेकिंग अभियान के दौरान थाना हरीपर्वत पुलिस, सर्विलांस और एसओजी टीम को सूचना मिली कि मुख्य अभियुक्त सोहेल पालीवाल पार्क से गुजर रहा है। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन सोहेल ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सोहेल के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सोहेल को तत्काल इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। इस घटना और उसके बाद की त्वरित पुलिस कार्रवाई ने आगरा में कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच एक मजबूत संदेश दिया है कि अपराधी कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, खासकर एमजी रोड जैसे अति-सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में भी पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में पीछे नहीं हटेगी। फरार आरोपियों राजा और शाहरुख की तलाश जारी है।

पढ़िए नेताजी की आपबीती, विस्तृत जानकारी: कान में सटाकर भाजपा नेता को मारी गोली, ‘आज मेरा भेजा उड़ जाता!’, लहूलुहान हालत में खुद ही 500 मीटर चलकर थाने पहुंचे सुमित दिवाकर

आगरा। आगरा में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने शहर के सबसे व्यस्त इलाके में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला कर दिया। बुधवार देर रात शाह मार्केट में अंडे खाने गए भाजपा नेता और डेयरी व्यवसायी सुमित दिवाकर को तीन हमलावरों ने कान में सटाकर गोली मार दी। गोली चमत्कारी रूप से उनके कान को छूकर निकल गई, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। गोली लगने के बाद सुमित बेहोश हो गए, लेकिन होश आने पर वह लहूलुहान हालत में खुद ही 500 मीटर दूर हरीपर्वत थाने पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया, “अगर, मेरा हाथ नहीं लगता तो मेरा भेजा उड़ जाता।” चश्मदीद सुमित दिवाकर की जुबानी: मौत को छूकर लौटे “मैं शाह मार्केट काम से गया था। वहां से बाहर निकलकर अंडे खाने के लिए ठेले पर पहुंचा। वहां पहले से ही तीन युवक सोहेल, राजा और शाहरुख बैठे थे। मैं जैसे ही पहुंचा, पीछे से सोहेल ने मेरे कान पर तमंचा सटा दिया। मैं कुछ समझ पाता, इससे पहले ही मैंने पलटा और हाथ मारा। मेरा हाथ लगने से असलहे का मुंह थोड़ा दूसरी ओर हो गया और गोली के छर्रे मेरे कान को छूकर निकल गए। मैं खून से लथपथ होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। तब तक हमलावर भाग निकले।” यह खौफनाक दास्तान भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक सुमित दिवाकर ने पुलिस और भास्कर को सुनाई। यह पूरा मामला बुधवार रात करीब 11:30 बजे आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र के शाहपुर का है, जो शहर के अति-व्यस्त एमजी रोड से सटा हुआ है। बेहोशी से होश में आए और खुद ही पहुंचे थाने तक सुमित दिवाकर ने बताया कि गोली लगने के बाद वे जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए थे। हमलावरों के भाग जाने के बाद कुछ लोग ठेले के पास पहुंचे और उनके चेहरे पर पानी डाला। कुछ देर बाद होश आने पर वह किसी की मदद का इंतजार किए बिना ही घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित थाना हरीपर्वत तक पैदल चलकर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि हमलावर युवक की आहट से वह सतर्क हो गए थे। “मुझे लगा कि मेरे कान में चींटी रेंग रही है। इसी कारण मैंने कान के पास हाथ मारा और पीछे की तरफ घूम गया। जिससे तमंचे की गोली की दिशा मुड़ गई और मैं बच गया।” गोली की आवाज सुनकर ठेले के आसपास खड़े लोगों में भी भगदड़ मच गई थी। हमले की वजह: राजनीतिक रंजिश और पुरानी धमकी का शक, ‘विशेष समुदाय’ से ताल्लुक सुमित दिवाकर ने इस हमले के पीछे राजनीतिक रंजिश और पुरानी दुश्मनी का शक जताया है। उन्होंने भास्कर को बताया कि “मेरी आरोपियों से कोई दुश्मनी नहीं है। हो सकता है मेरी राजनीति के कारण नाराज हों।” उन्होंने साफ आरोप लगाया कि गोली मारने वाले आरोपी जज कंपाउंड निवासी सोहेल, राजा और शाहरुख विशेष समुदाय से आते हैं। सुमित ने बताया कि आरोपी मुस्तफा क्वार्टर निवासी सोहेल के मामा चांद ने दो महीने पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। उस समय बजरंग दल के एक कार्यकर्ता सोनू से उन लोगों का झगड़ा हुआ था, और सुमित ने सोनू का साथ दिया था। चांद ने उन्हें फोन कर धमकी दी थी कि “मैंने मर्डर किए हैं। मैं हरेंद्र राणा के साथ रहता हूं।” तब सुमित ने पुलिस में इसकी शिकायत की थी और धमकी की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी थी। उस समय पुलिस ने दो लोगों को शांतिभंग में पकड़ा था, लेकिन चांद पुलिस के हाथ नहीं आया था। सुमित का आरोप है कि चांद के कहने पर ही सोहेल ने उन पर यह हमला किया होगा। अवैध कब्जे का आरोप और पुलिस कार्रवाई सुमित दिवाकर ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी जज कंपाउंड के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने यहां पर लगभग 15-20 मकान बना लिए हैं और पुलिस-प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए कि ये लोग कौन हैं और कहां से आए हैं। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि भाजपा नेता सुमित दिवाकर की शिकायत पर हमलावरों के खिलाफ रात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और सभी संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने आगरा में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर एमजी रोड जैसे पॉश इलाके में, जहां सुरक्षा और कैमरों की मौजूदगी रहती है।

आगरा में खूनी रात! MG रोड के शाह मार्केट में अंडे खाते भाजपा नेता को पीछे से मारी गोली, कान छूकर निकली; सोहेल पर शक, शहर में दहशत

आगरा। आगरा के सबसे व्यस्त और हाई-सिक्योरिटी वाले इलाके एमजी रोड पर बुधवार देर रात बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। शाह मार्केट के बाहर एक ठेले पर अंडे खा रहे डेयरी व्यवसायी और भाजपा नेता सुमित दिवाकर को एक हमलावर ने पीछे से गोली मार दी। गनीमत रही कि गोली उनके कान को छूकर निकल गई, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लहूलुहान हालत में भाजपा नेता को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस हमलावर की तलाश में जुटी है। रात 11:30 बजे की वारदात: हाई-सिक्योरिटी जोन में बदमाशों के हौसले बुलंद घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे की है। न्यू आगरा के नगला पदी निवासी सुमित दिवाकर डेयरी संचालक होने के साथ-साथ भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक भी हैं। वह शाह मार्केट के बाहर एमजी रोड किनारे एक अंडे के ठेले पर खड़े थे। तभी अचानक एक युवक पीछे से आया और इससे पहले कि सुमित कुछ समझ पाते, उसने गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर आसपास खड़े लोगों में भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावर बाइक से मौके से फरार हो गया। भगदड़ के बाद मदद: लहूलुहान नेता को थाने ले गए दोस्त गोली लगने के बाद सुमित दिवाकर जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए। हमलावर के भाग जाने के बाद कुछ लोग ठेले के पास लौटे। उन्होंने सुमित के चेहरे पर पानी डालकर उन्हें होश में लाने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें तुरंत थाना हरीपर्वत ले जाया गया, जहां से पुलिस ने घायल भाजपा नेता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हमले के पीछे पुरानी रंजिश का शक: दोस्त ने सोहेल पर लगाया आरोप, पहले भी दी थी धमकी सुमित दिवाकर के दोस्त दीप विनायक ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें शक है कि यह हमला शाह मार्केट क्षेत्र के रहने वाले सोहेल नामक युवक ने किया है। दीप के अनुसार, सोहेल से सुमित का पहले भी विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत थाना हरीपर्वत में दर्ज कराई गई थी। उस समय सोहेल ने सुमित को जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिसके बाद पुलिस ने शांतिभंग में कार्रवाई की थी। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावर की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बढ़ती वारदातें और एमजी रोड पर भी दहशत: क्या पुलिस का डर खत्म? बीते कुछ महीनों में आगरा में गोलीबारी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। शास्त्रीपुरम, आवास विकास, ट्रांसयमुना जैसे बाहरी इलाकों में लूटपाट या पुरानी रंजिश के चलते ऐसी वारदातें हो रही थीं। लेकिन अब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे एमजी रोड जैसे अति-सुरक्षित इलाके, जहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, वहां भी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इस घटना से शहर में लोगों के बीच भय का माहौल पैदा हो गया है और कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यह देखना होगा कि पुलिस इस घटना के बाद अपराधियों पर कैसे नकेल कसती है और शहरवासियों में सुरक्षा का भाव कैसे बहाल करती है।

बिना हेलमेट निकलने की सोचना भी मत! आगरा ट्रैफिक पुलिस का चला ‘डंडा’, एक ही दिन में 3515 चालान कटे, 7 वाहन सीज – अब पुलिस ‘फॉर्म’ में है!

आगरा। आगरा में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की अब खैर नहीं! मंगलवार को एमजी रोड और हाई-वे पर यातायात पुलिस ने ऐसा अभियान चलाया कि वाहन चालकों के होश उड़ गए। एक ही दिन में 3515 दोपहिया वाहनों के बिना हेलमेट के चालान काटे गए, वहीं 7 वाहनों को सीज भी कर दिया गया। आगरा ट्रैफिक पुलिस अब पूरी तरह से ‘फॉर्म’ में आ गई है और नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती जारी रहेगी। एक दिन में 3515 चालान, तीन सवारी और सीट बेल्ट पर भी गिरी गाज यातायात पुलिस ने मंगलवार को सघन चेकिंग अभियान चलाकर विभिन्न यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। अपर पुलिस उपायुक्त अमिता सिंह ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस लोगों को जागरूक भी कर रही है, लेकिन नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। तो अगर आप आगरा में सड़क पर निकल रहे हैं, तो अपना हेलमेट पहनना और यातायात नियमों का पालन करना न भूलें, क्योंकि ट्रैफिक पुलिस अब किसी को बख्शने के मूड में नहीं है!

आगरा की ‘लाइफ-लाइन’ अब ‘गड्ढा-लाइन’: मेट्रो निर्माण ने MG रोड को बनाया नरक, DM आवास के बाहर ही दिखी चकाचक सड़क!

आगरा। आगरा की जिस एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ कहा जाता था, वह अब ‘गड्ढा-लाइन’ में तब्दील हो गई है! बारिश और मेट्रो के निर्माण कार्य ने इस मुख्य सड़क की ऐसी दुर्दशा कर दी है कि हर 10 मीटर पर गहरे गड्‌ढे, बेहिसाब धूल के गुबार और हर मोड़ पर जलभराव लोगों के लिए बड़ी आफत बन गया है। आलम यह है कि शहर के केंद्र से गुजरने वाली इस सड़क पर डीएम आवास के ठीक बाहर का छोटा-सा हिस्सा ही चकाचक है, जबकि बाकी जगहों पर सफर करना किसी जोखिम भरे अभियान से कम नहीं। 7 KM का सफर बना ‘परीक्षा’, 50 मीटर भी बिना गड्ढे नहीं दैनिक भास्कर टीम ने भगवान टॉकीज से अवंतीबाई चौराहे तक करीब 7 किलोमीटर के एमजी रोड का जायजा लिया, और चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे रास्ते में 50 मीटर सड़क भी ऐसी नहीं मिली जिस पर कोई गड्ढा न हो। वाहनों की रफ्तार थम सी गई है, और यात्री हिचकोले खाते हुए निकल रहे हैं। अधिकारियों के घर के आगे चमकती सड़क, बाकियों को धूल और जाम की मार एमजी रोड की यह बदहाली तब और अखरती है जब पता चलता है कि जिलाधिकारी, सीएमओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के घरों के ठीक सामने वाला सड़क का हिस्सा बिल्कुल दुरुस्त है। यह स्थिति आम जनता के लिए दोहरी मार है। एमजी रोड पर जगह-जगह बिखरी गिट्टी और गड्ढे, साथ ही नालियों के अभाव में जलभराव, ने इस सड़क को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ से हटाकर ‘परेशानी की लाइन’ बना दिया है। सवाल यह है कि आगरा की इस सबसे महत्वपूर्ण सड़क की दुर्दशा पर कब तक आंखें मूंदी जाएंगी और नागरिकों को इस जोखिम भरे सफर से कब मुक्ति मिलेगी।

आगरा की ‘लाइफलाइन’ MG रोड बदहाल: गड्ढों का राज, घंटों का जाम और बारिश में जलभराव से लोग बेहाल!

आगरा। कभी शहर की शान और लाइफलाइन कही जाने वाली एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) अब आगरावासियों के लिए सिरदर्द बन गई है। जगह-जगह बने गड्ढे, मेट्रो निर्माण के कारण संकरी हो चुकी लेन और बारिश के दिनों में भारी जलभराव ने इस व्यस्ततम सड़क को बदहाल कर दिया है। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर जाकर जो स्थिति देखी, वह चिंताजनक है। भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक बदहाली का आलम एमजी रोड पर भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक लगभग पूरे मार्ग पर गड्ढों और लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो परियोजना के चलते सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। ऊपर से सड़क की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह गहरे गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते सफर को बेहद मुश्किल बना देते हैं। हर दिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन विशेष रूप से सुबह ऑफिस और स्कूल-कॉलेज के समय और शाम को घर लौटते समय ट्रैफिक जाम चरम पर होता है। सैंट जॉन्स चौराहे और सूरसदन चौराहे से पहले भी सड़क की स्थिति बेहद खराब है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में और बिगड़ते हालात, सिर्फ खानापूर्ति का पैचवर्क बारिश होने पर एमजी रोड की हालत और भी बदतर हो जाती है। गड्ढे पानी से भर जाते हैं और सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों दोनों को परेशानी होती है। हादसों का डर हमेशा बना रहता है। सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं दिख रहा है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। राजा मंडी चौराहे पर भी ऐसा ही पैचवर्क देखा गया, जो बारिश में फिर से धुल जाता है। मेट्रो परियोजना बेशक शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन जब तक इसके साथ यातायात प्रबंधन और सड़कों की उचित मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक शहरवासियों की मुश्किलें कम नहीं होंगी। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि शहर की लाइफलाइन को फिर से सुचारु बनाया जा सके।

आगरा में ‘जाम’ का ‘जाल’: MG रोड पर मेट्रो ने बिछाया ‘बैरिकेडिंग का मायाजाल’, वैकल्पिक रास्ते हैं…पर ‘अंधेरे में’ भटक रहे लोग!

आगरा। आगरा में मेट्रो का काम शहर की रफ्तार को ‘जाम’ कर रहा है! एमजी रोड पर मेट्रो निर्माण के चलते लगी बैरिकेडिंग ने यातायात को ‘धीमा’ कर दिया है, जिससे लोग रोज घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्लान तो बनाया, लेकिन सबसे बड़ी चूक ये हुई कि इन रास्तों पर कोई संकेतक (साइनबोर्ड) नहीं लगाए गए! नतीजा ये कि लोग इन वैकल्पिक रास्तों से अनजान हैं और ‘जाम’ के दलदल में फंसकर परेशान हो रहे हैं। एमजी रोड पर ‘संकरा’ रास्ता, स्कूलों की छुट्टी में ‘महाजाम’ प्रतापपुरा चौराहे से सूरसदन तक एमजी रोड पर मेट्रो का काम चल रहा है, जिससे कई जगह बैरिकेडिंग लगा दी गई है। इसने रोड को इतना ‘संकरा’ कर दिया है कि रोज जाम लगना आम बात हो गई है। स्कूलों की छुट्टी के समय तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब बच्चों के वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहते हैं। प्लान तो बना, पर ‘दिशाहीन’ हुए वाहन चालक! जिला प्रशासन ने जाम से राहत के लिए कुछ वैकल्पिक रास्ते सुझाए थे, लेकिन बिना संकेतकों के वे किसी काम के नहीं आ रहे: मदिया कटरा निवासी मनोज मिश्रा ने बताया कि मदिया कटरा पर रोज जाम में फंसना पड़ रहा है। 5 मिनट का रास्ता 30 मिनट में तय होता है। उनका कहना है कि अंदरूनी मार्ग भी वाहनों के बढ़ते दबाव को झेल नहीं पा रहे हैं। अब सवाल यह है कि प्रशासन ने प्लान तो बना लिया, लेकिन उसे ज़मीन पर उतारने में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती? जब तक सही संकेतक नहीं लगेंगे, तब तक आगरा की जनता को इस ‘जाम’ के जाल से मुक्ति मिलना मुश्किल है।

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