
आगरा। आगरा के थाना एत्माद्दौला के सीता नगर में रविवार रात को एक भंडारे में सब्जी न देने को लेकर जमकर बवाल हो गया। देखते ही देखते बात मारपीट और फिर पथराव में बदल गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रसाद के लिए खड़े लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। सूचना पर पहुँची पुलिस की पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) के सिपाही ने पथराव कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान उनके सिर में पत्थर लगने से वह घायल हो गया। जानकारी मिलते ही थाने की फोर्स मौके पर पहुँची और आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
क्या हुआ था भंडारे में?
सीता नगर निवासी सुरेश चंद, संजय राठौर, रामदास और ओमी प्रजापति हर साल की तरह इस बार भी 17 अगस्त को साईं पालकी का आयोजन कर रहे थे। रविवार सुबह 10:30 बजे पालकी निकाली गई और क्षेत्र में भ्रमण करने के बाद मोहल्ले के चामुंडा देवी मंदिर पहुँची। शाम 6 बजे से यहाँ भंडारा शुरू हुआ।
थाना प्रभारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि मंदिर के पीछे रहने वाला अंशुल प्रसाद के लिए मिले दोने में सब्जी मांग रहा था। कमेटी के कान्हा और विवेक ने उसे थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा। इसी बात पर अंशुल और कमेटी के सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और गाली-गलौज के बाद उनमें मारपीट होने लगी।
सब्जी मांगने पर चले ईंट-पत्थर, सिपाही घायल
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर अंशुल के घर से उसके परिवार के लोगों ने ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस हंगामे के समय भंडारे में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे जान बचाकर भागे। कमेटी के गौरव दिवाकर ने तुरंत 112 पर कॉल कर दिया, जिस पर पीआरवी 6144 मौके पर पहुँच गई।
हेड कांस्टेबल हेमंत यादव और चालक अभय सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बवाल करने वाले नहीं माने और पथराव करते रहे। इसी दौरान एक पत्थर चालक सिपाही अभय सिंह के सिर में लग गया, जिससे वह खून से लथपथ हो गए। इस पर थाना पुलिस को सूचना दी गई। अतिरिक्त फोर्स के पहुँचने पर बलवाई भाग निकले। पुलिस ने मौके से 5-6 लोगों को हिरासत में ले लिया और घायल सिपाही को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। मामले में कमेटी पदाधिकारियों और पुलिस की ओर से देर रात तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज की गई है।