आगरा के पागलखाने में चिलमबाज कर्मचारी, वीडियो वायरल; 47 सेकेंड में बियर की खाली कैन का खुलासा

आगरा। आगरा के प्रसिद्ध मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में कुछ कर्मचारी संस्थान परिसर में बैठकर खुलेआम चिलम फूंकते नजर आ रहे हैं। वहीं, एक और वीडियो में पानी के एक खाली टैंक में दर्जनों बियर की खाली कैन पड़ी हुई दिखाई दी हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि संस्थान की यूनिफॉर्म पहने तीन कर्मचारी आराम से एक जगह बैठे हैं। एक कर्मचारी पहले चिलम फूंकता है और फिर बाकी कर्मचारी भी उसे साझा करते हैं। इस 2 मिनट 11 सेकंड के वीडियो के अलावा, एक 47 सेकंड का दूसरा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक पानी के टैंक में बियर की खाली कैन भरी हुई हैं। यह देखकर लगता है कि संस्थान परिसर में नशाखोरी का माहौल है। यह वही संस्थान है, जिसे 1859 में ब्रिटिश राज द्वारा स्थापित किया गया था और यह कभी पूरे देश में प्रसिद्ध था। इस अस्पताल में आज भी दर्जनों मानसिक रोगियों का इलाज होता है, और हर दिन बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। ऐसे में कर्मचारियों का इस तरह का व्यवहार मरीजों और उनके इलाज की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। जब इस मामले पर संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर से बात की गई, तो उनका कहना था कि वीडियो की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई थी। उनका दावा है कि यह वीडियो इसी महीने की शुरुआत का है और संस्थान को बदनाम करने के लिए जानबूझकर बनाया गया था। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रहे सभी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है। हालांकि, बियर की खाली कैन के बारे में उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया है। इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कर्मचारियों की जवाबदेही और निगरानी की जरूरत को उजागर किया है।

जनकपुरी से पहले आगरा में घटिया सड़क निर्माण, 24 घंटे में ही चाबी से खोदकर दिखाई गुणवत्ता

आगरा। आगरा के जनकपुरी महोत्सव की तैयारियों के बीच, कमला नगर में हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि 4.6 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़कें इतनी घटिया हैं कि वे बनने के 24 घंटे के भीतर ही चाबी से खोदने पर उखड़ने लगीं। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद, क्षेत्रीय लोगों में गहरा रोष है। वायरल वीडियो में, स्थानीय नागरिक नितिन कोहली ने चाबी की मदद से सड़क को आसानी से खोदकर उसकी खराब गुणवत्ता दिखाई। उनका कहना है कि जल्दबाजी में सिर्फ काली गिट्टी डालकर सड़क बना दी गई, जबकि इसमें लाल गिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया गया, जिससे सड़क में बिल्कुल भी मजबूती नहीं है। मामले की जानकारी मिलने के बाद, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। जूनियर इंजीनियर से सड़क निर्माण सामग्री के सैंपल भी लिए गए हैं। इस बार जनकपुरी महोत्सव का आयोजन कमला नगर में हो रहा है, जिसके लिए नगर निगम सड़कों के सुधार, खुले नालों को कवर करने और अन्य विकास कार्यों पर 4.6 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल्दबाजी के कारण काम की गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में हो रहे हैं विकास कार्य: यह घटना शहर में चल रहे विकास कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करती है।

आगरा में पिता ने दो बच्चों को यमुना में फेंकने का किया प्रयास, राहगीरों ने रोका

आगरा। आगरा के अंबेडकर पुल पर शनिवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक पिता अपने दो मासूम बच्चों को यमुना नदी में फेंकने के लिए पहुँचा। यह घटना करीब रात 9 बजे की बताई जा रही है, जब कुछ राहगीरों ने इस व्यक्ति को रोका और मौके पर भीड़ जमा हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, व्यक्ति अपने बच्चों को पुल से नीचे फेंकने की कोशिश कर रहा था। उसके साथ एक बुजुर्ग महिला भी मौजूद थी, जो चुपचाप खड़ी थी। राहगीरों ने तुरंत बीच-बचाव किया और बच्चों को ऐसा करने से रोका। जैसे ही लोगों की भीड़ जमा हुई, सभी ने उस व्यक्ति से सवाल करना शुरू कर दिया कि वह ऐसा जघन्य अपराध क्यों कर रहा है। लोग उसे ‘पाप’ लगने और ‘अगर बच्चे पाल नहीं सकते तो पैदा क्यों किया’ जैसे ताने देने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, व्यक्ति लोगों के सवालों पर सफाई देते हुए कहता है कि बच्चों ने घर से पैसे चुराए थे और वह उन्हें सिर्फ डराने के लिए पुल पर लाया था। हालाँकि, जब भीड़ और भी बढ़ने लगी, तो वह व्यक्ति अपने बच्चों और बुजुर्ग महिला को बाइक पर बैठाकर तुरंत मौके से फरार हो गया। इस घटना की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति जीवनी मंडी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है और मामले की जाँच की जा रही है।

आगरा में गुंडई! सिपाही की वर्दी फाड़ी, खुलेआम शराब पीने से रोका तो बुरी तरह पीटा

आगरा। आगरा के एत्मादपुर में हाईवे की सर्विस रोड पर एक शराब के ठेके के पास खुले में शराब पी रहे युवकों को टोकने पर आबकारी विभाग के सिपाहियों के साथ मारपीट हो गई। युवकों ने एक सिपाही को बुरी तरह से पीटा, जिससे उसकी वर्दी भी फट गई। सूचना पर पहुँची पुलिस ने सिपाही को बचाया और उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह घटना गुरुवार रात करीब 9 बजे की है, जब आबकारी विभाग की टीम हाईवे पर चेकिंग कर रही थी। आबकारी निरीक्षक सुमन भदौरिया के साथ टीम शराब के ठेके पर जाँच कर रही थी। दुकानदार और युवकों ने किया हमला ठेके के पास एक पकौड़े की दुकान पर कुछ युवक खुले में शराब पी रहे थे। आबकारी विभाग के सिपाही अमित और उनके साथी ने वहाँ पहुँचकर युवकों को ऐसा करने से रोका। आरोप है कि इसके बाद दुकानदार और उन युवकों ने सिपाहियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। उन्होंने सिपाही अमित को बीच सड़क पर बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी आँख पर चोट आई और वर्दी फट गई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि सिपाही अमित उन युवकों से पैसे की मांग कर रहा था और दो दिन पहले भी वह वहाँ आया था। घटना की जानकारी मिलने पर एत्मादपुर थाने से पुलिस फोर्स मौके पर पहुँची और घायल सिपाही को बचाया। सिपाही अमित की तहरीर के आधार पर दुकानदार और 10 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

आगरा में दुकान विवाद को लेकर खूनी संघर्ष, पुलिस के सामने भी भिड़े, दरोगा के सिर में मारा डंडा

आगरा। आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र के रुनकता में एक दुकान खाली कराने को लेकर दुकान मालिक और किराएदार के बीच जमकर विवाद हुआ। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में न सिर्फ मारपीट हुई, बल्कि मौके पर पहुंची पुलिस के सामने भी वे एक-दूसरे से भिड़ गए। इस दौरान एक दरोगा के सिर पर भी डंडा लग गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला रुनकता चौराहे का है, जहाँ नित्तम बाबा की मार्केट है। आरोप है कि उनकी बेटी मधु से किराएदार ज्ञानेंद्र भदौरिया ने एक प्लॉट का बैनामा अपने नाम करा लिया। इसके बाद वह करोड़ों की संपत्ति वाली दुकान को भी हेराफेरी कर अपने नाम दिखाने लगा। जानकारी मिलने पर नित्तम बाबा की पत्नी ने ज्ञानेंद्र से दुकान खाली करने को कहा और उसे लीगल नोटिस भी भेजा। दुकान का ताला तोड़कर जबरन घुसे किराएदार जब दुकान खाली नहीं हुई, तो नित्तम बाबा की बेटी आशा धाकरे ने परिजनों के साथ मिलकर दुकान पर ताला लगा दिया। गुरुवार को किराएदार ज्ञानेंद्र भदौरिया अपने करीब एक दर्जन साथी और आधा दर्जन महिलाओं को लेकर मौके पर पहुँचा और जबरन दुकान का ताला तोड़ दिया। इसकी जानकारी होने पर आशा धाकरे वहाँ पहुँचीं। जैसे ही वह अंदर गईं, उन्हें घेरकर पीटा गया। अपनी बहन की चीख-पुकार सुनकर आशा की छोटी बहन संजू भी वहाँ पहुँचीं और उन्हें किसी तरह बचाकर बाहर लाईं। पुलिस पर भी हुआ हमला, दरोगा के सिर में लगा डंडा मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन दबंगों ने पुलिस के सामने ही आशा धाकरे पर दोबारा हमला बोल दिया। इस दौरान वाइपर और डंडों से जमकर मारपीट हुई। दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश कर रहे एक पुलिसकर्मी के सिर में भी डंडा लग गया। मारपीट में आशा धाकरे बेहोश हो गईं। पुलिस ने दो युवकों सहित लगभग आधा दर्जन महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आगरा में मजदूरी के पैसे मांगने पर मजदूर को बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल

आगरा। आगरा के रकाबगंज थाना क्षेत्र में एक मजदूर को अपनी मजदूरी के पैसे मांगना इतना महंगा पड़ा कि उसे बेरहमी से पीटा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें एक ढाबा मालिक और उसका बेटा मिलकर मजदूर को दौड़ा-दौड़ा कर पीटते दिख रहे हैं। यह घटना ईदगाह कटघर क्षेत्र की है, जहाँ एक ढाबे पर काम करने वाला मजदूर कई दिनों से छुट्टी लेकर घर जाना चाहता था और अपने बकाया पैसे मांग रहा था। सोमवार रात जब उसने एक बार फिर अपनी मजदूरी के पैसे मांगे, तो आरोप है कि ढाबा मालिक ने उसे पैसे देने से इनकार कर दिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ढाबा मालिक और उसका बेटा कड़छी जैसे बर्तनों से मजदूर को पीट रहे हैं और उसे गालियां दे रहे हैं। इसी दौरान एक राहगीर ने यह पूरी घटना अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और ढाबा मालिक की तलाश कर रही है। हालांकि, पुलिस को अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आगरा: ताजमहल में पर्यटकों पर बंदरों का हमला, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

आगरा। ताजमहल देखने आए पर्यटकों पर एक बार फिर बंदरों ने हमला कर दिया। इस घटना में एक पर्यटक के हाथ में चोट आई है, जिसके बाद पर्यटक दल तुरंत ताजमहल से बाहर निकल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बंदरों का झुंड पर्यटकों के बीच घूमता दिख रहा है। यह घटना सोमवार सुबह की है, जब पर्यटकों का एक समूह मुख्य गुंबद की तरफ जा रहा था। तभी अचानक बंदरों ने हमला कर दिया, जिससे ग्रुप में शामिल महिलाएं और बच्चे डरकर चीखने लगे। चीख सुनकर एएसआई (ASI) और सीआईएसएफ (CISF) के जवान मौके पर पहुंचे और बंदरों को भगाया। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं यह पहली बार नहीं है जब ताजमहल परिसर में बंदरों ने पर्यटकों पर हमला किया हो। 28 जुलाई को भी एक बंदर ने पानी की बोतल छीनने की कोशिश में एक पर्यटक को घायल कर दिया था। पर्यटक अक्सर शिकायत करते हैं कि बंदर उनके हाथ से खाने-पीने की चीजें छीन लेते हैं। नगर निगम द्वारा ताजमहल के आसपास कई बार बंदरों और कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया गया है, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। इन घटनाओं ने ताज सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगरा के दंगल महोत्सव में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर चर्चा, SO जगनेर ने मारी लात, वीडियो वायरल!

आगरा। आगरा के खेरागढ़ कस्बे स्थित मंडी ग्राउंड में “विकसित भारत के लिए एक राष्ट्र, एक चुनाव” दंगल महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुश्ती देखने के लिए भारी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसी दौरान, एसओ जगनेर द्वारा भीड़ में शामिल लोगों को लात मारकर हटाए जाने का एक वीडियो सोशल media पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल थे। नेपाल के पहलवान देवा थापा को देखने उमड़ी भीड़ दंगल महोत्सव का शुभारंभ भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल और सांसद राजकुमार चाहर ने अखाड़े में उतरकर पहलवानों से परिचय कर किया। इस मौके पर देश भर के नामी-गिरामी पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। नेपाल से आए पहलवान देवा थापा को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देवा थापा को मंच तक ले जाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, और इसी दौरान वायरल वीडियो में एसओ जगनेर कुछ ग्रामीणों को लात मारकर खदेड़ते हुए दिखाई दिए। दंगल में महिला पहलवानों के भी शानदार मुकाबले हुए, जिन्हें देखने के लिए भी भारी भीड़ जुटी। कार्यक्रम में उमड़ी इस अपार भीड़ के चलते पुलिस को बार-बार कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार दर्शकों के दबाव के कारण भीड़ अखाड़े में घुस आई, जिसकी वजह से दंगल को बीच-बीच में रोकना भी पड़ा। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर सुनील बंसल ने दिया जोर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए “एक राष्ट्र, एक चुनाव” के विचार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के लिए एक साथ चुनाव होना आवश्यक है, चाहे वह लोकसभा के हों या विधानसभा के। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर देश में लगातार चर्चाओं का दंगल छिड़ा हुआ है, और यह दंगल भी इसी विचार को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया गया है। बंसल ने अपील की कि देश को एकजुट करने वाले इस विचार के प्रति जन-समर्थन सबसे बड़ा बल है, और हर नागरिक को अपने स्तर पर इस संदेश को आगे बढ़ाना चाहिए।

आगरा के शमशाबाद में होटल विवाद: 3 युवक गिरफ्तार, पूर्व विधायक और सैकड़ों समर्थक थाने पहुंचे, हंगामा!

आगरा। आगरा के शमशाबाद कस्बे में बुधवार को एक होटल में हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने शनिवार देर शाम तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इन गिरफ्तारियों के विरोध में स्थानीय पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह और समाजसेवी शैलू जादौन सैकड़ों समर्थकों के साथ शमशाबाद थाने पहुँच गए और जमकर हंगामा किया। क्या है पूरा मामला? घटना शमशाबाद के डी.पी. होटल की है। बुधवार को सलमान नामक एक युवक अपनी महिला साथी के साथ होटल के कमरे में था। इसी दौरान, कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उन्हें वहाँ देखा और आक्रोशित होकर सलमान के साथ मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल होटल पहुँची और युवक सलमान को थाने ले आई। होटल संचालक की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने इस मामले में 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद बढ़ा तनाव, थाने के बाहर हंगामा शनिवार को पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह और समाजसेवी शैलू जादौन अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ शमशाबाद थाने पहुँच गए। उन्होंने गिरफ्तार किए गए युवकों की रिहाई की मांग करते हुए पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। देर रात करीब 2 बजे, पुलिस ने हिंदूवादी संगठनों की शिकायत पर होटल संचालक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया। हिरासत में लिए गए तीनों युवकों को शांति भंग के आरोप में चालान कर शमशाबाद से नई की मंडी थाने स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, होटल में हुई मारपीट के इस मामले में कार्रवाई अभी भी जारी है। यह घटना शमशाबाद में सांप्रदायिक तनाव और पुलिस कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ सकती है। ऐसा किस वजह से हुआ वह खबर अभी पढ़िए

आगरा में SDM को ‘शहीद का पाठ’ पढ़ाते दिखे सपा सांसद रामजीलाल सुमन

आगरा। अक्सर अपनी बेबाकी के लिए चर्चा में रहने वाले सपा सांसद रामजीलाल सुमन एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार वे आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में एक एसडीएम (उप जिलाधिकारी) की सरेआम क्लास लेते हुए दिखाई दिए हैं, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। 22 सेकंड के इस वीडियो में राज्यसभा सदस्य सुमन एसडीएम को शहीद के सम्मान का महत्व समझाते नजर आ रहे हैं, जबकि एसडीएम भीड़ के सामने हाथ बांधे खड़े दिखाई दे रहे हैं। शहीद लाखन सिंह लोधी के सम्मान में देरी पर भड़के सांसद यह पूरा मामला तब सामने आया जब रविवार को सपा सांसद रामजीलाल सुमन आगरा के खेरागढ़ तहसील के खानपुर गांव में शहीद सार्जेंट लाखन सिंह लोधी के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। परिजनों ने सांसद को बताया कि सार्जेंट लाखन सिंह लोधी की शहादत को लगभग डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन उनके समाधि स्थल का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इसी जानकारी पर सांसद सुमन एसडीएम पर भड़क गए। रामजीलाल सुमन के साथ उनके आवास पर कुछ दिन पहले ही शहीद के परिजन पहुंचे थे, जहां उन्होंने बताया था कि लाखन सिंह लोधी पंजाब के जालंधर में सार्जेंट पद पर तैनात थे और उन्होंने भारतीय वायुसेना में 17 साल देश की सेवा की। 30 जून को हुई थी शहादत, प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप सार्जेंट लाखन सिंह लोधी की 30 जून को सेवारत रहते हुए मृत्यु हो गई थी। 2 जुलाई को उनके पैतृक गांव खानपुर में वायुसेना के अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया था। हालांकि, उस दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं थे। शहीद की प्रतिमा स्थापना और समाधि स्थल के निर्माण में स्थानीय प्रशासन की ओर से हो रही देरी से परिजनों में नाराजगी थी। इसी के बाद सांसद सुमन रविवार को खानपुर गांव पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले सार्जेंट के चित्र पर माल्यार्पण किया। फिर एसडीएम ऋषि राज से कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीद की प्रतिमा स्थापना में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा शासन और प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे बड़ा उदाहरण और कुछ नहीं हो सकता। “धरना देंगे अगर काम शुरू नहीं हुआ!” रामजीलाल सुमन ने एसडीएम को साफ चेतावनी दी कि समाधि स्थल का चयन प्रशासनिक अधिकारियों ने ही किया था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “समयबद्ध रूप से समाधि स्थल के निर्माण का कार्य प्रारंभ करवाएं। नहीं तो वे यहीं पर धरना देंगे।” वायरल वीडियो में सांसद सुमन एसडीएम से कहते सुनाई दे रहे हैं, “नहीं तो हम यहीं पर भूख हड़ताल करेंगे। कितना महत्वपूर्ण मामला कि एक जवान की देश की खातिर जान चली गई, हम उसको सम्मान देने के लिए तैयार नहीं हैं।” इस पर एसडीएम ऋषि राज यह कहते हुए दिख रहे हैं, “सर, मैं पूरा प्रयास कर रहा हूं। अभी दो दिन पहले ही मिला हूं।” सांसद ने जवाब में कहा, “आपका इसका हल निकालिए। आपको हर कीमत पर यहां मूर्ति लगवानी है। इसके बाद यहां पार्क बनेगा। यह आपकी जिम्मेदारी है।” यह घटना शहीदों के प्रति सम्मान और प्रशासनिक जवाबदेही पर नए सिरे से बहस छेड़ सकती है।

नगर आयुक्त को फोन करो, कहो-कांग्रेस महानगर अध्यक्ष आएं हैं: ‘बाजार सड़क पर ही चलता है’, नाई की मंडी में अतिक्रमण हटाने गई टीम को कांग्रेस नेता ने रोका, बिना कार्रवाई लौटी नगर निगम की टीम

आगरा। आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र में गुरुवार दोपहर अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह मौके पर पहुंचे और नगर निगम के जोनल अधिकारी से तीखी नोकझोंक हो गई। अमित सिंह ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को रोकते हुए जोनल अधिकारी से सीधे कहा, “नगर आयुक्त को फोन करो, उनसे कहो- महानगर अध्यक्ष आए हैं।” काफी देर तक वाद-विवाद चला, जिसके बाद नगर निगम की टीम बिना कोई कार्रवाई किए ही अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देकर लौट गई। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। अतिक्रमण हटाने की मांगी ‘परमिशन’, कहा- ‘बाजार सड़क पर ही चलता है’ यह पूरा मामला गुरुवार दोपहर का है, जब नगर निगम की टीम नाई की मंडी में सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह वहां आ गए और उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने जोनल अधिकारी अवधेश कुमार से अतिक्रमण हटाने की पहले ‘परमिशन’ दिखाने को कहा, और उसके बाद ही अभियान चलाने की बात कही। इस पर जोनल अधिकारी अवधेश कुमार ने सवाल किया, “सड़क पर बाजार लगाने की अनुमति किसने दी?” जिसका जवाब देते हुए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने कहा कि “बाजार सड़क पर ही चलता है। दूसरे बाजारों की भी स्थिति देख लीजिए।” इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। चेतावनी देकर लौटी टीम, जल्द फिर से अभियान चलाने का ऐलान लंबी नोकझोंक और वाद-विवाद के बाद, नगर निगम की टीम नाई की मंडी से बिना कोई ठोस कार्रवाई किए ही वापस लौट गई। जोनल अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि नाई की मंडी में लोगों ने सड़क पर भारी अतिक्रमण कर रखा है। इन अतिक्रमणकारियों को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद उन्होंने अतिक्रमण नहीं हटाया। उन्होंने बताया कि अब एक बार फिर चेतावनी दी गई है और जल्द ही इस क्षेत्र में फिर से बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। यह घटना शहर में अतिक्रमण हटाने के अभियानों के दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप और आम जनता द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां! ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण, VIDEO वायरल; ASI ने दर्ज कराई FIR, फिर भी नहीं रुक रहा काम

आगरा। देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट, के स्पष्ट आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आगरा में ताजमहल की 500 मीटर की परिधि के अंदर धड़ल्ले से अवैध निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना तब सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही पूर्वी गेट के पास एक रेस्टोरेंट मालिक ने भी इसी तरह का अवैध निर्माण करवाया था, जिस पर कार्रवाई अभी लंबित है। टीन शेड के पीछे चल रहा काम, सड़क पर बिखरी ईंटें वायरल वीडियो में ताजमहल के पास टांगा स्टैंड के निकट एक टीन शेड के पीछे अवैध निर्माण कार्य चलता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। निर्माण सामग्री, विशेषकर ईंटें, सड़क पर ही बिखरी पड़ी हैं, जिससे सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई निर्माण पर रोक का मज़ाक उड़ाया जा रहा है। पुरातत्व विभाग (ASI) के सहायक संरक्षक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि उन्हें टांगा स्टैंड के पास सुनील राठौर नामक व्यक्ति द्वारा अवैध निर्माण कराए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधिकारियों और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। आश्चर्यजनक रूप से, सुनील राठौर के खिलाफ 2021 और 2023 में भी थाना ताजगंज में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। सील हुए निर्माण, ध्वस्तीकरण के आदेश, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं! प्रिंस वाजपेयी ने यह भी खुलासा किया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा इन निर्माणों पर सील लगा दी गई थी और उनके ध्वस्तीकरण के आदेश भी जारी हो चुके हैं। हालांकि, आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने अब तक उन्हें ध्वस्त नहीं किया है। कुछ दिन पहले भी सुनील राठौर को दो बार नोटिस दिया गया था, और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को भी इस संबंध में पत्र भेजकर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अवैध निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्वी गेट के पास भी था अवैध रेस्टोरेंट निर्माण, कार्रवाई का इंतजार यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले भी ताजमहल के पूर्वी गेट से लगभग 150 मीटर की दूरी पर एक रेस्टोरेंट संचालक ने रेस्टोरेंट के पीछे टीन शेड डालकर अवैध निर्माण कर लिया था। एएसआई विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिलने पर संचालक को नोटिस दिया गया था और ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर एफआईआर भी करा दी गई थी। लेकिन, दुर्भाग्यवश, अब तक उस अवैध निर्माण को भी ध्वस्त नहीं किया गया है। यह स्थिति सवाल उठाती है कि जब सुप्रीम कोर्ट जैसे सर्वोच्च न्यायालय ने ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्थल की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश दिए हैं, तो स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग उनका पालन क्यों नहीं कर रहे हैं। इन अवैध निर्माणों से न केवल ताजमहल की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को खतरा है, बल्कि यह कानून के शासन का भी खुलेआम उल्लंघन है।

“बुलाओ मोदी को, मैं मन की बात कर रही हूं”:आगरा में नर्स ने ‘मोदी’ पोस्टर उतारकर डस्टबिन में फेंका

आगरा। आगरा के लेडी लॉयल महिला अस्पताल में मंगलवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। अस्पताल में कार्यरत एक नर्स सुनीता सागर ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का बैनर उतारकर डस्टबिन में फेंक दिया। जब जन औषधि केंद्र के कर्मचारी ने इसका विरोध किया, तो नर्स भड़क गईं और उनसे अभद्रता करते हुए कहा, “मैं तुम्हें थप्पड़ मार दूंगी। बुला लो मोदी जी को, फोन मिलाओ। मैं मन की बात कर रही हूं। साइलेंट, यू साइलेंट। झाड़ से मार कर तेरा मुंह लाल कर दूंगी।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए हैं। टेबल पर कपड़े की कमी बनी पीएम पोस्टर विवाद की वजह जन औषधि केंद्र पर कार्यरत दुष्यंत कुमार दीक्षित ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे नर्स सुनीता सागर उनके जन औषधि केंद्र पर आईं और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का बैनर उतारकर ले जाने लगीं। जब दुष्यंत ने उनसे इसका कारण पूछा तो नर्स ने उनसे झगड़ा करना शुरू कर दिया। नर्स ने कथित तौर पर कहा कि उनकी टेबल पर कपड़ा नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि टेबल पर कपड़ा न होने के कारण क्या वह पीएम मोदी की तस्वीर वाला बैनर उतारेंगी, तो नर्स और भड़क गईं। दुष्यंत कुमार दीक्षित के अनुसार, नर्स ने धमकी देते हुए कहा, “मेरे रास्ते से हट जाओ। वरना मैं तुम्हें थप्पड़ मार दूंगी। जाकर मोदी को बता देना।” इसके बाद उन्होंने बैनर को डस्टबिन में फेंक दिया और दुष्यंत से कहा, “तू जा डस्टबिन से कपड़े निकाल कर मेरे टेबल पर लेकर रख दें।” अपशब्दों का प्रयोग करते हुए नर्स वहां से चली गईं। “पीएम मोदी से माफी मांगे नर्स”: पीड़ित कर्मचारी की मांग, अस्पताल प्रशासन सख्त दुष्यंत कुमार दीक्षित का कहना है कि नर्स के व्यवहार से उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई दुख नहीं है और वह नहीं चाहते कि कोई महिला उनसे माफी मांगे। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री के पोस्टर के साथ जो किया, उससे उन्हें ठेस पहुंची है। दुष्यंत की मांग है कि नर्स सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगे और अपनी गलती स्वीकार करे। इस गंभीर मामले पर अस्पताल प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अस्पताल की सीएमएस डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि इस एएनएम (ऑक्सिलियरी नर्स मिडवाइफ) को उनके अस्पताल में नहीं रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह नर्स जैतपुर से आई थी और उसका अस्पताल में पहला ही दिन था, लेकिन उसने पहले ही दिन स्टाफ से अभद्रता की है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि नर्स का आचरण ठीक नहीं है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा है कि नर्स के सस्पेंशन की संस्तुति की जा रही है और इस संबंध में महानिदेशक को पत्र भेजा जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला तेज़ी से सुर्खियों में आ गया है, और प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई के मूड में दिख रहा है।

दे दना दन! प्रॉपर्टी के लिए ‘दे घूंसे-दे घूंसे’! आगरा में भतीजे ने बीच सड़क पर गिराकर पीटा अपना ही चाचा, VIDEO वायरल होते ही पुलिस ने दबोचा

आगरा। आगरा में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। थाना छत्ता अंतर्गत बेलनगंज के भैरो बाजार इलाके में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक भतीजे ने अपने ही चाचा को बीच सड़क पर बुरी तरह पीटा। मारपीट का यह दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। क्या दिखा वायरल वीडियो में? वायरल हुए वीडियो में दिख रहा है कि कमल होटल के पास एक व्यक्ति बाइक पर था। तभी एक युवक वहां आता है और बाइक सवार से कुछ कहता है। दोनों के बीच बहस होती है, जिसके बाद युवक बाइक सवार को धक्का दे देता है। बाइक सवार व्यक्ति अपनी बाइक खड़ी करके युवक के पास जाता है, लेकिन युवक उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा देता है। इसके बाद वह लगातार उसके मुंह पर कई घूंसे बरसाता है। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो जाती है। लोगों ने युवक को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह मारपीट करता रहा। काफी मुश्किल से लोगों ने उसे हटाया, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं माना और लगातार हमलावर बना रहा। चाचा-भतीजे का विवाद, पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस की जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिख रहे दोनों व्यक्ति आपस में चाचा-भतीजे हैं और उनके बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित चाचा की तहरीर पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना दर्शाती है कि प्रॉपर्टी विवाद किस तरह रिश्तों में कड़वाहट घोलकर हिंसा का रूप ले सकता है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

“गोलमाल है भाई सब गोलमाल है!” – आगरा के खेरागढ़ में चाय के खोखे पर मिले लाखों की दवाइयों के कार्टन, 2026 तक वैलिड!

आगरा। आगरा के खेरागढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक पास एक चाय के खोखे के नीचे से करोड़ों की दवाइयों के कार्टन मिले हैं। गाँव वालों ने जब इन दवाइयों की जाँच की तो पाया कि उन पर एक्सपायरी डेट 2026 तक की थी! इस पूरे मामले का वीडियो बनाकर गाँव वालों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। चाय के खोखे पर मिली ‘सरकारी’ दवाएं, जनता को नहीं नसीब आज सुबह खेरागढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने एक बंद चाय के खोखे के नीचे दवाइयों के कई कार्टन रखे हुए मिले। शुरुआत में गाँव वालों को लगा कि दवाएं एक्सपायर हो गई होंगी, इसलिए फेंक दी गई होंगी। लेकिन जब उन्होंने देखा तो सभी दवाइयों पर 2026 की एक्सपायरी डेट लिखी थी। इन कार्टनों में कई तरह की टैबलेट और ड्रॉप्स मिली हैं। गाँव वालों ने गुस्से में वीडियो बनाते हुए कहा कि ये दवाएं आम जनता को नहीं मिलती हैं, जबकि यहाँ स्वास्थ्य केंद्र के बाहर एक प्राइवेट गुमटी में कार्टन के कार्टन रखे हुए हैं। नगला ब्रजा के एक युवक ने वीडियो में कहा कि वह योगी जी का फैन है और ग्रेटर नोएडा में खाने का काम करता है, लेकिन उसे खुद दवाएं प्राइवेट मेडिकल स्टोर से महंगी खरीदनी पड़ती हैं। यह घटना स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली और दवाओं के वितरण पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आगरा पहुंचते ही राज्यपाल के कुलपति ने छुए पैर: वीडियो वायरल होने से विवाद, कार्यकाल विस्तार की अटकलें तेज!

आगरा। आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी द्वारा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के पैर छूने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने शहर में एक नई बहस छेड़ दी है और कुलपति के इस कृत्य पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। राज्यपाल दो दिवसीय दौरे पर आगरा में हैं, जहां वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। गेस्ट हाउस पहुंचते ही कुलपति ने छुए पैर, फिर पुलिस कमिश्नर ने किया सैल्यूट राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार दोपहर को यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस पहुंचीं। वह शहर में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगी, जिनमें ब्रिटिश समय की क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी का उद्घाटन और नेशनल चैंबर का कार्यक्रम शामिल है। यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में राज्यपाल के स्वागत के लिए अधिकारियों के साथ कुलपति प्रो. आशु रानी भी मौजूद थीं। जैसे ही राज्यपाल अपनी गाड़ी से उतरीं, कुलपति ने उन्हें बुके भेंट किया और फिर उनके पैर छुए। इस दृश्य के तुरंत बाद, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने उन्हें सैल्यूट किया, और कुलसचिव अजय मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने भी उन्हें बुके दिए। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी वहां उपस्थित थे। कार्यकाल विस्तार की अटकलें और जांच का सामना कुलपति प्रो. आशु रानी के पैर छूने का वीडियो सामने आते ही यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। सूत्रों का कहना है कि कुलपति का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है और वह अपना कार्यकाल विस्तार करवाना चाहती हैं। इस पृष्ठभूमि में उनके इस कृत्य को कार्यकाल विस्तार के प्रयास से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, कुलपति प्रो. आशु रानी के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमे दर्ज हुए हैं, लोकपाल में शिकायतें पहुंची हैं और जांच भी शुरू हो गई है। यही नहीं, उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी चल रही है। ऐसे में, इस वायरल वीडियो ने उनकी स्थिति को और भी पेचीदा बना दिया है। राज्यपाल 31 जुलाई को यूनिवर्सिटी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी, जिससे इस मामले को लेकर आगे क्या रुख रहता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

आगरा: नलकूप की चाबी मांगने पर भाभी की बेरहमी से पिटाई, जेठ-जेठानी और बेटों ने पटक-पटककर मारा; CCTV में कैद हुई वारदात

आगरा। खंदौली क्षेत्र के नगला धमाली गांव में पारिवारिक भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यहां एक महिला को अपने जेठ और उनके परिवार द्वारा बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। पीड़िता आरती का आरोप है कि उसके जेठ और उनका परिवार न तो उन्हें पुश्तैनी खेत में खेती करने देते हैं और न ही सिंचाई के लिए नलकूप की चाबी देते हैं। चाबी मांगने गई तो परिवार ने मिलकर पीटा आरती ने पुलिस को बताया कि जब वह अपने जेठ विजय सिंह से नलकूप की चाबी मांगने गई, तो विवाद बढ़ गया। आरती का आरोप है कि विजय सिंह ने गाली-गलौज करते हुए चाबी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद, विजय सिंह, उनकी पत्नी सोनम और दोनों बेटे अंकुश व आदित्य ने मिलकर आरती को जमीन पर पटक-पटककर बेरहमी से पीटा। इस मारपीट में आरती को अंदरूनी चोटें आई हैं। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखकर क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है। पुलिस जांच में जुटी, ग्रामीणों ने बताई लंबी विवाद की कहानी आरती ने इस मामले में खंदौली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर खंगाल रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस परिवार में लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के अभाव में यह मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना परिवारिक संपत्ति विवादों के गंभीर परिणामों को उजागर करती है, जहां बात मारपीट तक पहुंच गई।

आगरा में GST का ‘छापा-मार’ एक्शन: ट्रेनों में फूड सप्लाई करने वाली फर्म से वसूले ₹49.50 लाख! रेस्टोरेंट मालिक की पत्नी ने लगाए ‘गुंडागर्दी और प्रताड़ना’ के सनसनीखेज आरोप

आगरा। आगरा में स्टेट जीएसटी (GST) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जहाँ ट्रेनों में IRCTC के माध्यम से फूड सप्लाई करने वाली एक फर्म और एक रेस्टोरेंट पर छापा मारा गया। जीएसटी टीम ने फर्म से ₹49.50 लाख जमा कराए हैं। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद रेस्टोरेंट संचालक की पत्नी ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर जीएसटी टीम पर ‘गुंडागर्दी, अभद्रता और पैसे मांगने’ जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला गरमा गया है। AI से पकड़ी गई ‘गड़बड़ी’, 4 महीने से फाइल नहीं हुआ था रिटर्न! स्टेट जीएसटी के अधिकारियों के अनुसार, थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र की वह फर्म जो ट्रेनों में फूड सप्लाई करती है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘बिजनेस इंटेलिजेंस और फ्रॉड एनालिटिक्स पोर्टल’ की जांच में पकड़ी गई। जाँच में पाया गया कि फर्म द्वारा सप्लाई पर काटे गए टीडीएस (TDS) और घोषित सप्लाई में गड़बड़ी थी। इतना ही नहीं, फर्म ने पिछले चार महीने से जीएसटी रिटर्न भी फाइल नहीं किया था। यह पूरी कार्रवाई अपर आयुक्त ग्रेड 1 पंकज गांधी और अपर आयुक्त ग्रेड 2 अंजनी अग्रवाल के निर्देशन में हुई। संयुक्त आयुक्त बीडी शुक्ला ने इटावा, टूंडला और अलीगढ़ में इस फर्म की ब्रांचों की भी जांच कराई। फर्म से कुल ₹49.50 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। छापे के दौरान सुभाष चंद्र, विनीता श्रीवास्तव, अतुल आर्या, लोकेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। रेस्टोरेंट मालिक की पत्नी का ‘वायरल’ आरोप: “बेटा मरे तो मर जाने दो, ₹1 करोड़ मांगे!” जीएसटी टीम ने ट्रांस यमुना क्षेत्र के जैन रेस्टोरेंट पर भी कार्रवाई की। टीम के पहुँचते ही रेस्टोरेंट मालिक दुकान बंद कर भाग गया, जिसके बाद आसपास की दुकानें भी बंद हो गईं। टीम ने फिर रेस्टोरेंट पर कार्रवाई शुरू की। इस रेस्टोरेंट की शमसाबाद रोड पर भी एक इकाई है, जहाँ भी जांच की गई। लेकिन इस कार्रवाई ने एक नया मोड़ ले लिया जब फर्म के संचालक की पत्नी, जिनका फेसबुक प्रोफाइल ‘संजू जैन’ के नाम से है, ने कई वीडियो अपलोड कर जीएसटी टीम पर संगीन आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गुरुवार रात 8 बजे जीएसटी टीम रेस्टोरेंट पहुँची और आते ही ‘गुंडागर्दी’ शुरू कर दी। महिला ने आरोप लगाया: इस मामले के वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है, और अब यह कार्रवाई आरोपों के घेरे में आ गई है।

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