Agra Metro: RBS कॉलेज तक संचालन 6 माह लेट, अब मार्च 2026 में शुरू

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Agra Metro का RBS कॉलेज तक संचालन रेलवे की NOC में 5 महीने की देरी के कारण 6 माह लेट हो गया है। UPMRC के पंचानन मिश्रा ने बताया कि ट्रायल जनवरी 2026 में शुरू होंगे और सुरक्षा टीम की हरी झंडी के बाद मार्च 2026 तक सेवाएं शुरू हो पाएंगी। आगरा शहर के लिए एक बड़ी खबर है, जहाँ उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के पहले कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण चरण अब 6 महीने लेट हो गया है। आरबीएस कॉलेज तक मेट्रो ट्रेन का संचालन अब इस साल अक्टूबर के बजाय अगले साल मार्च (2026) में शुरू हो पाएगा। इस देरी का मुख्य कारण रेलवे की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने में लगा समय बताया गया है। देरी का कारण और नया लक्ष्य ट्रायल रन की तैयारी परियोजना में देरी के बावजूद, यूपीएमआरसी ने मेट्रो के ट्रायल रन की तैयारियां तेज कर दी हैं। सिविल कार्य और सुविधाएं सिविल कार्य पूरे होने के बाद, आगरावासी ताज पूर्वी से आरबीएस कॉलेज स्टेशन तक मेट्रो का सफर कर सकेंगे।

Agra News: सुरंग में देरी से मेट्रो अब जनवरी के अंतिम सप्ताह से होगा 5 स्टेशनों पर संचालन

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Agra News सुरंग निर्माण में देरी के कारण 5 मेट्रो स्टेशनों के बीच संचालन अब जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होगा। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ट्रायल शुरू होगा। TDI मॉल से ISBT तक 20 मिनट में सफर। Agra News आगरा मेट्रो परियोजना के पहले कॉरिडोर पर काम कर रही उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) टीम ने मेट्रो संचालन की नई समय-सीमा जारी की है। सुरंग निर्माण में हुई देरी के कारण, अब पाँच स्टेशनों के बीच मेट्रो का संचालन जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू हो सकेगा। पहले नवंबर के अंतिम सप्ताह में मेट्रो का परीक्षण (ट्रायल) शुरू होना था, लेकिन मोती कटरा क्षेत्र और बिजलीघर चौराहे के पास रेल लाइन के अंडरपास सुरंग की खुदाई में देरी हुई, जिसके चलते यह कार्य 3.5 माह तक बंद रहा। आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि इन पाँच स्टेशनों में मेट्रो का परीक्षण (ट्रायल रन) दिसंबर के अंतिम सप्ताह में शुरू होगा, जो दो से तीन सप्ताह तक चलेगा। किन स्टेशनों पर शुरू होगा संचालन? पहला कॉरिडोर, जो टीडीआई मॉल फतेहाबाद रोड से सिकंदरा तिराहा तक 14 किलोमीटर लंबा है, के पाँच स्टेशनों पर यह संचालन शुरू होगा। इनमें ये स्टेशन शामिल हैं: आईएसबीटी को छोड़कर, बाकी सभी चार स्टेशन भूमिगत (Underground) हैं। वर्तमान में, इन पाँच में से चार स्टेशन बनकर लगभग तैयार हो चुके हैं और आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। UPMRC के एक अधिकारी ने बताया कि भूमिगत स्टेशनों का निर्माण पूरा हो चुका है, बिजली की लाइनें भी बिछ चुकी हैं और अंतिम चरण का कार्य प्रगति पर है। आईएसबीटी स्टेशन के पिलर बन चुके हैं और खंदारी से आईएसबीटी तक ट्रैक भी बिछ चुका है। समय और रफ्तार का दावा: TDI मॉल से ISBT 20 मिनट में मेट्रो संचालन शुरू होने के बाद, आगरावासियों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक: पूरे शहर में 30 किलोमीटर लंबा मेट्रो ट्रैक बिछाया जाना है। पहले कॉरिडोर में कुल 14 स्टेशन होने हैं, जिनमें से अभी तक 10 स्टेशनों का निर्माण पूरा हो चुका है। MG रोड, नेशनल हाईवे 19 और सुल्तानपुर रोड पर भी मेट्रो ट्रैक का निर्माण हो रहा है, जिसके अधिकांश हिस्से में गार्डर रखे जा चुके हैं। यह कार्य भी अगले दो से तीन माह में पूरा होने की उम्मीद है। परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने स्पष्ट किया कि यद्यपि अभी छह स्टेशनों के बीच संचालन हो रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इन पांच स्टेशनों के बीच जनवरी से मेट्रो का संचालन शुरू होगा।

Agra News: गुरु का ताल पर रात 3 घंटे बंद हो रहा NH-19, दिवाली से पहले 4 किमी लंबा जाम; मंडलायुक्त ने जांच के दिए आदेश

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Agra News दिवाली त्योहार से ठीक पहले, नेशनल हाईवे 19 (NH-19) पर वाहनों की चाल बिगड़ गई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के कारण पिछले तीन दिनों से हर रात तीन घंटे के लिए गुरु का ताल कट के पास हाईवे को बंद कर दिया जाता है। रात 11:30 बजे से 2:30 बजे तक हाईवे बंद रहने की कोई भी पूर्व जानकारी नहीं दी जाती है, न ही हाइवे के दोनों तरफ बोर्ड लगाए जाते हैं। इस मनमाने रवैये के चलते बुधवार रात चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मनमाने तरीके से बंद किया जा रहा हाईवे नेशनल हाईवे 19 पर मेट्रो के पहले और दूसरे कॉरिडोर का कार्य चल रहा है। पहले कॉरिडोर का कार्य सिकंदरा तिराहे से आइएसबीटी और दूसरे कॉरिडोर का भगवान टॉकीज से कालिंदी विहार तक चल रहा है। आइएसबीटी फ्लाइओवर के पास हाईवे की 3.5 लेन बंद कर दी गई है और सर्विस रूट की दो लेन भी बंद हैं। इसके चलते यहाँ पर लगातार जाम लगता रहता है। दरअसल, पिछले तीन दिनों से यूपीएमआरसी द्वारा गुरु का ताल कट के पास गाटर रखने व पिलर बनाने का कार्य किया जा रहा है। रात 11:30 बजे आधा दर्जन मार्शल बिना किसी पूर्व सूचना के हाईवे और सर्विस रोड पर बोर्ड लगाकर वाहनों को गुज़रने की अनुमति नहीं देते हैं। इससे यातायात ठप हो जाता है। भारी वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक रोड का भी कोई इंतजाम नहीं किया जाता है, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है। वाहन चालकों ने जताई आपत्ति बुधवार रात लगे 4 से 5 किलोमीटर लंबे जाम ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। ट्रक चालक सूरज कुमार ने बताया कि थाना से पीछे तक जाम लग रहा था। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि त्योहार चल रहे हैं और ऐसे में सामान की आपूर्ति जल्द करानी होती है, इसलिए मेट्रो कार्य के चलते हाईवे बंद नहीं किया जाना चाहिए। एक अन्य ट्रक चालक जयवीर कुमार ने बताया कि एनएचआइ अधिकारियों को इस मामले में ठोस कदम उठाना चाहिए। पूर्व पार्षद मुकेश यादव ने आरोप लगाया कि हाईवे पर मेट्रो का कार्य मनमाने तरीके से कराया जा रहा है। तीन दिनों से रात में बिना बताए हाईवे को बंद कर दिया जाता है, जिससे मजबूरन लोग गलियों से होकर निकलते हैं। मेट्रो अधिकारियों का पक्ष और मंडलायुक्त का निर्देश इस पूरे प्रकरण में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के परियोजना निदेशक अरविन्द कुमार ने अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि रात 11 से सुबह 5:00 बजे तक नेशनल हाईवे 19 को बंद करने की अनुमति यातायात विभाग से ली जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईवे को पूरी तरह बंद नहीं किया गया जाता है और अलग अलग टीमें निगरानी भी कर रही हैं। वहीं, यूपीएमआरसी के मनमाने तरीके पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने आँखें मूँद रखी हैं। जाम लगने और लगातार शिकायतों के बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त शैलेन्द्र सिंह ने सख्त रुख अपनाया। उनका कहना है कि यूपीएमआरसी द्वारा हाईवे बंद कर कार्य कराने की शिकायत मिली है और इसकी जाँच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि हाईवे बंद न हो इस बात का ध्यान रखा जाएगा और जल्द ही अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। उधर, यह भी ज्ञात हुआ है कि मेट्रो का यह कार्य हाईवे पर अभी एक साल तक चलेगा, जिससे भविष्य में और परेशानी होने की आशंका है। Agra News: “हर हाथ बचा सकता है जीवन”: IMA आगरा ने सनशाइन स्कूल के 250 से अधिक छात्रों को दिया CPR प्रशिक्षण

आगरा: मेट्रो में ‘आयरन स्पेन’ तकनीक का इस्तेमाल, ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

आगरा। आगरा में मेट्रो परियोजना के तहत एमजी रोड पर लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए एक उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर दो जगहों पर 60-60 मीटर लंबे ‘आयरन स्पेन’ लगाए जाएंगे। इस तकनीक से रावली और हरीपर्वत पर रेलवे पुल को पार करने के लिए पिलर बनाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, जिससे सड़क पर यातायात बाधित नहीं होगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) इस तकनीक का उपयोग एमजी रोड पर कर रहा है। आयरन स्पेन लोहे और कंक्रीट से बना एक ऐसा हिस्सा होता है जो दो खंभों या छोरों के बीच की दूरी को जोड़ता है और ट्रैक को सहारा देता है। यह तकनीक आसानी से नदियों, खाईयों या रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर से ट्रैक को गुजारने में मदद करती है। UPMRC इस तकनीक का उपयोग पहले भी लखनऊ के अवध चौराहे पर कर चुका है। आगरा में 29.4 किलोमीटर के दो मेट्रो कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। पहला कॉरिडोर ताजमहल ईस्ट गेट से सिकंदरा तक 15 किलोमीटर लंबा है, जबकि दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी बिहार के बीच 14.4 किलोमीटर का है। दूसरे कॉरिडोर पर 14 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जो शहर की लाइफलाइन एमजी रोड से होकर गुजरेंगे। एमजी रोड पर सिंगल पिलर स्टेशन बनाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में सड़क के चौड़ीकरण में कोई बाधा न आए। इसके अलावा, आगरा कॉलेज स्टेशन पर एमजी रोड को पार करने के लिए सब-वे का भी निर्माण किया गया है, जिससे लोगों को सुविधा मिलेगी। एसएन मेडिकल कॉलेज में पुलिस की दादागिरी, डॉक्टर हड़ताल पर; मरीज़ों की बढ़ी मुसीबत मिशन शक्ति अभियान के तहत निकाली गई वाहन रैली

आगरा में मेट्रो का काम बनी परेशानी, MG रोड पर जाम से निपटने के लिए 10 मशीनें लगाई गईं

आगरा। आगरा में मेट्रो कॉरिडोर का काम इन दिनों शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, खासकर एमजी रोड पर। यहां बैरिकेडिंग के कारण सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। इस समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने एमजी रोड पर काम को तेजी से पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एमजी रोड पर लगीं सबसे ज्यादा मशीनें शहर भर में मेट्रो कॉरिडोर के पिलर निर्माण के लिए कुल 18 मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें से 10 मशीनें सिर्फ एमजी रोड पर ही काम कर रही हैं। जबकि सुलतानपुरा, मॉल रोड, हाईवे और सुलतानगंज जैसे अन्य हिस्सों में बाकी की 8 मशीनों से काम चलाया जा रहा है। UPMRC का लक्ष्य है कि दिसंबर तक एमजी रोड पर पिलर का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि बैरिकेडिंग हटाकर लोगों को जाम से राहत मिल सके। एमजी रोड पर क्यों है ज्यादा दिक्कत? आगरा में कुल 29.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इसमें से एक कॉरिडोर एमजी रोड से होकर गुजरता है, जहां प्रतापपुरा से भगवान टॉकीज तक पिलर निर्माण के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस रोड की चौड़ाई 8 मीटर है, जो बैरिकेडिंग के बाद और भी संकरी हो गई है। सड़क के दोनों ओर शोरूम होने के कारण वाहनों के रुकते ही ट्रैफिक बाधित हो जाता है। पिछले महीने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया था कि जहां पिलर का काम पूरा हो गया है, वहां बैरिकेडिंग को थोड़ा अंदर खिसकाया जाएगा, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। इसी कारण एमजी रोड पर जाम की स्थिति बनी हुई है।

आगरा मेट्रो यात्रियों के लिए खुशखबरी: रेलवे और बस स्टेशन तक पहुंचने के लिए बनेंगे 8 फुटओवर ब्रिज

ISBT पर बन रहा मेट्रो का स्टेशन।

आगरा। आगरा मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को अब रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए सड़कों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 8 फुटओवर ब्रिज (FOB) बनाने की घोषणा की है, जो सीधे मेट्रो स्टेशनों को इन प्रमुख परिवहन केंद्रों से जोड़ेंगे। इस कदम से यात्रियों को सड़क पार करने की दिक्कत से निजात मिलेगी। कहां-कहां बनेंगे फुटओवर ब्रिज? ये फुटओवर ब्रिज पहले और दूसरे कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशनों पर बनाए जाएंगे। अक्टूबर से चलेगी ताजमहल से आरबीएस तक मेट्रो आगरा मेट्रो का पहला कॉरिडोर ताजमहल के पूर्वी गेट से सिकंदरा तक और दूसरा कालिंदी विहार से आगरा कैंट तक तैयार किया जा रहा है। फिलहाल मेट्रो का संचालन ताज ईस्ट गेट से मन:कामेश्वर मंदिर तक हो रहा है। इसके आगे के स्टेशन, मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा मंडी और आरबीएस कॉलेज का सिविल वर्क पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि अक्टूबर तक ताज ईस्ट गेट से आरबीएस कॉलेज तक मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा। फिलहाल, मेट्रो में यात्रियों की संख्या कम है, लेकिन अधिकारियों को उम्मीद है कि जब पहले कॉरिडोर का काम पूरा हो जाएगा और यात्री सीधे प्रमुख स्टेशनों से जुड़ पाएंगे, तो मेट्रो की सवारी करने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी।

आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट में नया बदलाव: अब हाईवे स्टेशनों पर कम होगा ‘कॉनकोर्स एरिया’, सीधे प्लेटफॉर्म पर पहुंचेंगे यात्री

आगरा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने आगरा में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट में एक बार फिर बदलाव किया है। इस बार यह तय किया गया है कि फतेहाबाद रोड पर बने मेट्रो स्टेशनों की तुलना में हाईवे पर बनने वाले स्टेशनों का कॉनकोर्स एरिया (Concourse area) कम किया जाएगा। इसका मतलब है कि जहाँ यात्री टिकट लेंगे, उस कवर्ड एरिया को अब छोटा किया जाएगा। क्या है कॉनकोर्स एरिया? कॉनकोर्स एरिया एक ऐसा बड़ा हॉल या क्षेत्र होता है जहाँ लोग आमतौर पर इकट्ठा होते हैं। यह हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों या कन्वेंशन सेंटरों पर देखा जा सकता है। यह यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह जाने का रास्ता देता है और यहाँ अक्सर बोर्डिंग गेट और अन्य सुविधाएँ भी होती हैं। बदलाव क्यों और कैसे? मेट्रो के पहले कॉरिडोर पर हाईवे पर खंदारी, आईएसबीटी, गुरुद्वारा गुरु का ताल और सिकंदरा जैसे एलिवेटेड स्टेशन बनने हैं। इससे पहले इसी कॉरिडोर पर ताज ईस्ट गेट, बसई, और फतेहाबाद रोड मेट्रो स्टेशन बन चुके हैं, जिनका संचालन UPMRC कर रहा है। इन मौजूदा स्टेशनों के कॉनकोर्स एरिया का उपयोग उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पा रहा है। इसी को देखते हुए, यह तय किया गया है कि हाईवे पर बनने वाले एलिवेटेड स्टेशनों का कॉनकोर्स एरिया कम किया जाएगा। इस बचे हुए अधिकांश एरिया में अब कमरे बनाए जाएंगे, जहाँ मेट्रो संचालन से संबंधित स्टाफ बैठेगा या फिर ऑपरेटिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। यात्री अब टिकट लेकर सीधे प्लेटफॉर्म पर जाएंगे। वे सीढ़ियों से चढ़कर कॉनकोर्स एरिया में पहुँचेंगे, वहाँ टिकट लेंगे, अपनी चेकिंग करवाएंगे और सीधे प्लेटफॉर्म पर पहुँचकर मेट्रो का इंतज़ार करेंगे। कॉनकोर्स एरिया में उनके बैठने की कोई व्यवस्था नहीं होगी। दो कॉरिडोर पर तेज़ी से चल रहा काम UPMRC आगरा में दो मेट्रो कॉरिडोर तैयार कर रहा है। पहला कॉरिडोर सिकंदरा से ताज ईस्ट गेट तक है, और दूसरा कालिंदी विहार से आगरा कैंट स्टेशन तक बन रहा है। पहले कॉरिडोर पर फिलहाल ताज ईस्ट गेट से मनःकामेश्वर मंदिर स्टेशन तक मेट्रो का संचालन हो रहा है। इससे आगे इसी कॉरिडोर पर मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी और आरबीएस कॉलेज जैसे अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों का काम लगभग पूरा हो चुका है। यहाँ सिविल वर्क चल रहा है और अक्टूबर तक मेट्रो चलने की संभावना है। और खबरें भी हैं…

आगरा मेट्रो: अक्टूबर से RBS तक दौड़ेगी ‘असली’ सवारी, अब ‘किटी पार्टी’ के भरोसे नहीं चलेगी मेट्रो!

आगरा। आगरा मेट्रो, जिसे लेकर अभी तक ‘किटी पार्टी’ और खाली ट्रेनों के चर्चे होते थे, अब RBS तक दौड़ने के लिए तैयार है! उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने पटरी बिछाने के काम में जबरदस्त तेजी दिखाई है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अक्टूबर 2025 से यात्री आरबीएस (RBS) कॉलेज तक मेट्रो का सफर कर सकेंगे। यह आगरावासियों के लिए एक बड़ी राहत होगी, क्योंकि अब उन्हें अपने शहर में आधुनिक परिवहन का अनुभव मिलेगा। सितंबर तक काम पूरा, फिर शुरू होगा सफर UPMRC के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहले कॉरिडोर में आरबीएस, राजा मंडी और आगरा कॉलेज स्टेशन लगभग तैयार हो चुके हैं। इनमें सिग्नलिंग, बिजली की आपूर्ति और सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य अंतिम चरण में हैं। आरबीएस-राजामंडी स्टेशन के बीच दोनों ओर की पटरी बिछाने का काम भी पूरा हो गया है, जबकि आगरा कॉलेज तक सिर्फ 200 मीटर का हिस्सा बाकी है। मिश्रा के मुताबिक, आगरा कॉलेज से एसएन मेडिकल कॉलेज स्टेशन और एसएन से मनःकामेश्वर स्टेशन के बीच सिविल कार्य तेजी से चल रहा है। बिजलीघर के पास रेलवे की एनओसी में देरी के कारण करीब एक महीने का समय और लगेगा, लेकिन सितंबर तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद, अक्टूबर से आरबीएस स्टेशन तक मेट्रो का व्यावसायिक संचालन शुरू हो जाएगा। दूसरे कॉरिडोर पर भी रफ्तार, 9 नई रिंग मशीनें लगाई गईं पहले कॉरिडोर के साथ-साथ, दूसरे कॉरिडोर का निर्माण भी तेजी से जारी है। आगरा कैंट से एमजी रोड तक पिलर बनाने का काम चल रहा है, जिसे और तेज करने के लिए 9 नई रिंग मशीनें भी लगाई गई हैं। इस कॉरिडोर के पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा, जिसका लक्ष्य अगले दो साल में पूरा करना है।

“हमारा घर गिरा तो मेट्रो की वजह से!” – आगरा के मोती कटरा में दीवारों पर चिपके दहशत भरे पोस्टर, जिम्मेदार कौन?

आगरा। आगरा के मोती कटरा इलाके में मेट्रो की खुदाई ने कई परिवारों की नींद हराम कर दी है। यहाँ कई मकान इतने जर्जर हो गए हैं कि वे कभी भी गिर सकते हैं, जिसके चलते लोगों में गहरी दहशत है। अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित इन परिवारों ने अब अपने घरों की दीवारों पर सीधे-सीधे पोस्टर लगा दिए हैं, जिन पर लिखा है: “यह मकान अगर गिरा तो इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) की होगी।” मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति, दहशत में जी रहे लोग मकान मालिकों का आरोप है कि मेट्रो की सुरंगों की खुदाई के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण उनके भवन जर्जर हो गए हैं। उनकी शिकायत है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है और अब ये मकान रहने लायक नहीं रहे। उन्हें हर पल किसी बड़े हादसे का डर सता रहा है। दयानंद गुप्ता ने बताया कि उनका चार मंजिला घर है और सुरंग की खुदाई से उसमें दरारें आ गई हैं। सरकार से मान्यता प्राप्त इंजीनियर से कराए गए ऑडिट में भी उनके घर को रहने लायक नहीं बताया गया है, जिसके चलते उनका परिवार किराए पर रहने को मजबूर है। मोती कटरा के ही चितरंजन कुमार जैन ने शिकायत की कि UPMRC के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। UPMRC का दावा: “अब कोई खतरा नहीं, कुछ लोग चाहते हैं पूरा घर नया बन जाए” दूसरी ओर, UPMRC के महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा का इस मामले पर अलग ही रुख है। उनका कहना है कि इन घरों की मरम्मत करा दी गई है और अब सुरंग बन जाने के बाद घरों को कोई खतरा नहीं है। मिश्रा ने यह भी जोड़ा कि कुछ लोग चाहते हैं कि उनका पूरा घर ही नया बनवा दिया जाए। UPMRC के इस दावे और स्थानीय लोगों की दहशत के बीच, मोती कटरा के निवासियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या ठोस कदम उठाता है।

आगरा में ‘जाम’ का नया संकट: MG रोड के बाद अब हाईवे सर्विस रोड भी होगी संकरी, मेट्रो ने बढ़ाई ‘मुसीबत’!

आगरा। आगरा में मेट्रो का काम शहर की यातायात व्यवस्था को लगातार चुनौती दे रहा है। एमजी रोड पर पहले से ही जाम की समस्या झेल रहे आगरावासियों के लिए अब एक और मुश्किल खड़ी होने वाली है। नेशनल हाईवे-19 की सर्विस रोड भी मेट्रो के काम के लिए संकरी होने जा रही है। भगवान टॉकीज से अबुल उलाह की दरगाह तक बैरिकेडिंग की तैयारी की जा रही है, जिससे यह महत्वपूर्ण सर्विस रोड केवल 4 मीटर चौड़ी रह जाएगी! अबुल उलाह से सुल्तानगंज की पुलिया तक सर्विस रोड पर पहले से ही बैरिकेडिंग हो चुकी है। हाईवे पर ‘संकट’ गहराया: ISBT से गुरु का ताल तक पहले से बंद सर्विस रोड यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब हाईवे पर खंदारी से सिकंदरा के बीच पहले से ही मेट्रो का काम चल रहा है। इस वजह से ISBT से गुरुद्वारा गुरु का ताल तक एक तरफ की सर्विस रोड लगभग बंद है, जिससे पूरे शहर का यातायात नेशनल हाईवे पर ही दौड़ रहा है। पहले चरण में भगवान टॉकीज से सुल्तानगंज पुलिया तक 4 मीटर चौड़ी सर्विस रोड से वाहन दौड़ेंगे, और जल्द ही इससे आगे तक बैरिकेडिंग की तैयारी की जाएगी। मेट्रो ने सुल्तानगंज की पुलिया पर दो रिंग मशीनें लगा दी हैं और भगवान टॉकीज से रामबाग जाने वाली सर्विस रोड पर भी बैरिकेडिंग की तैयारी पूरी कर ली है। व्यापारियों की बढ़ी ‘चिंता’: कारोबार पर पड़ेगा असर भगवान टॉकीज से अबुल उलाह दरगाह तक सर्विस रोड करीब 8 से 9 मीटर चौड़ा है। यह क्षेत्र कार डेकोरेशन, ऑटो पार्ट्स, पेठा कारोबारी, मोटरसाइकिल, ई-व्हीकल, कार डीलरशिप, होटल और हलवाई सहित विभिन्न व्यवसायों का गढ़ है। दिनभर यहां हजारों गाड़ियां रोड पर खड़ी होती हैं और उनमें काम होता है, जिससे पहले से ही जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में बैरिकेडिंग के बाद यहां व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों के लिए मुश्किल और बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। आगरा में बन रहे दो मेट्रो कॉरिडोर: उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) आगरा में 29.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बना रहा है: पहला कॉरिडोर लगभग 2 किलोमीटर और दूसरा कॉरिडोर करीब 7 किलोमीटर तक हाईवे सर्विस रोड पर चलेगा, जिससे इन इलाकों में यातायात की चुनौती और बढ़ेगी। आगरा में नेशनल हाईवे-19 लगभग 24 मीटर चौड़ा है, जिसकी दोनों लेन 12-12 मीटर की हैं और सर्विस रोड 7.5 मीटर की है।

आगरा मेट्रो लाएगी ‘जाम’ से राहत! गुरु का ताल पर पिलर, तो कामायनी कट खुलने से हजारों को फायदा

आगरा। आगरा मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन ‘गुरु का ताल कट’ पर पिलर निर्माण से वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी समस्या से निपटने के लिए यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन (UPMRC) ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से कामायनी कट को फिर से खोलने की मांग की है। अगर यह कट खुल जाता है, तो सिकंदरा तिराहा पर लगने वाले जाम से हजारों स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है! हालांकि, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पिलर की खुदाई का काम फिलहाल रोकना पड़ा है। गुरु का ताल पर ‘बदलाव’, अब कामायनी कट पर नज़र नेशनल हाईवे-19 स्थित गुरु का ताल कट के आधे हिस्से में मेट्रो पिलर बनने जा रहा है। इसे देखते हुए इस कट को पूरी तरह बंद करने की तैयारी है, जो इसी सप्ताह शुरू होगा। वाहनों का दबाव कम करने के लिए UPMRC ने NHAI मथुरा खंड से कामायनी कट को खोलने की अनुमति मांगी है। यह कट खुलने से भावना एस्टेट सहित आसपास के हजारों लोगों को फायदा होगा। अभी ये लोग सिकंदरा तिराहा या फिर गुरु का ताल कट से गलत साइड से गुजरते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बता दें कि कामायनी कट अक्टूबर 2020 में बंद किया गया था, जिसके बाद से गुरु का ताल तिराहा पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है और अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो का काम जारी: रात में ट्रैफिक डायवर्ट खंदारी चौराहा से सिकंदरा तिराहा तक तीन किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बन रहा है। ISBT तक ट्रैक बन चुका है। अब ISBT से गुरु का ताल कट होते हुए सिकंदरा तिराहा तक काम चल रहा है। गुरु का ताल कट के आधे हिस्से पर स्टेशन का पिलर बनेगा। UPMRC ने पुराने कट से 80 मीटर की दूरी पर एक नया कट बनाया है, जो डीवीवीएनएल कार्यालय की तरफ है। यह नया कट इसी सप्ताह चालू हो जाएगा और पुराना कट एक साल के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। UPMRC के अधिकारियों ने बताया कि कामायनी कट पर तीन महीने में काम पूरा हो जाएगा। NHAI से इसे खोलने की अनुमति मांगी गई है। यदि अनुमति मिलती है, तो एक पिलर से दूसरे पिलर के बीच डिवाइडर नहीं बनेगा, जिससे यातायात सुगम रहेगा। मेट्रो पिलर बनाने का काम तेजी से चल रहा है, जिसके लिए रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट या बंद करने की अनुमति ली गई है। इस दौरान 16 रिग मशीनों से खुदाई और पिलर पर स्पान व गर्डर चढ़ाने का काम होगा। यमुना का जलस्तर बढ़ा, पिलर का काम रुका यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण UPMRC ने नदी पर पिलर की खुदाई का काम फिलहाल रोक दिया है। जलस्तर सामान्य होने के बाद ही यह कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।

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