आगरा में कैंसर सर्जरी और गुर्दा प्रत्यारोपण पर हुई सीएमई, रोबोटिक सर्जरी पर चर्चा

आगरा। सिकंदरा बोदला डॉक्टर एसोसिएशन (एसबीडीए) और यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सीएमई का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास और तकनीकों से अवगत कराना था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित, निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच, और अन्य वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। एसबीडीए के अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि एसोसिएशन लगातार इस तरह की सीएमई का आयोजन करती रहती है। आज के कार्यक्रम में, यथार्थ हॉस्पिटल से आए डॉ. प्रवीण मेहंदीरत्ता ने कैंसर सर्जरी में रोबोटिक तकनीक के इस्तेमाल पर एक विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने समझाया कि कैसे रोबोटिक सर्जरी से जटिल स्थितियों में भी सटीक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, जिससे इलाज की गुणवत्ता में सुधार होता है। इसी तरह, डॉ. प्रसाद दांडेकर ने गुर्दा प्रत्यारोपण पर नवीनतम प्रोटोकॉल और इलाज की जानकारी दी, जबकि डॉ. रणवीर त्यागी ने आईसीयू में एनाल्जेसिया और सेडेशन की नई तकनीकों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में, डॉ. मुकेश चौधरी और डॉ. अमित मित्तल ने सभी का धन्यवाद किया। इस सीएमई में आगरा के कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद थे, जिन्होंने इन नई तकनीकों के बारे में जानकारी ली।

एस.एन. मेडिकल कॉलेज में ‘हेपेटाइटिस क्लिनिक’ का उद्घाटन, जन-जागरूकता पर जोर

विश्व हेपेटाइटिस सप्ताह के तहत आयोजित हुआ सीएमई, विशेषज्ञों ने लिवर कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव के उपाय बताए आगरा, ,3 अगस्त 2025, आगरा: विश्व हेपेटाइटिस सप्ताह के उपलक्ष्य में, एस.एन. मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग और मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर (MTC) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के अंतर्गत, आज एल.टी.-4 में एक शैक्षणिक संगोष्ठी (CME) और जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम थी: “Hepatitis: Let’s Break it Down”। इस अवसर पर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन, डॉ. प्रशांत गुप्ता ने मेडिसिन विभाग की दूसरी मंजिल पर स्थित कक्ष संख्या 52 में एक समर्पित ‘हेपेटाइटिस क्लिनिक’ का उद्घाटन किया। इस क्लिनिक का मुख्य उद्देश्य आम जनता को हेपेटाइटिस से संबंधित सभी प्रकार की जाँच, परामर्श और उपचार की सुविधाएँ एक ही स्थान पर निःशुल्क उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों ने दी विस्तृत जानकारी सीएमई में हेपेटाइटिस के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तृत व्याख्यान दिए, जिससे चिकित्सकों और उपस्थित लोगों को इस बीमारी के बारे में गहन जानकारी मिली। गर्भवती महिलाओं और नवजातों के लिए विशेष संदेश कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि वायरल हेपेटाइटिस बी और सी, लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसे गंभीर रोगों का प्रमुख कारण हैं, जिनका समय पर इलाज संभव है। विशेष रूप से, यह बताया गया कि सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हेपेटाइटिस बी की जाँच अनिवार्य होनी चाहिए। साथ ही, संक्रमित माताओं के नवजात शिशुओं को जन्म के 24 घंटे के भीतर HBIG (हेपेटाइटिस बी इम्यूनोग्लोबुलिन) और हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की पहली खुराक (O-dose) देना आवश्यक है, ताकि संक्रमण से बचाया जा सके। कार्यक्रम में मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. मनीष बंसल, डॉ. अजीत सिंह चाहर, डॉ. नेहा आज़ाद, डॉ. चेतन शर्मा, डॉ. आरती अग्रवाल और डॉ. सुर्यकमल वर्मा सहित मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। जनमानस को यह संदेश दिया गया कि यदि उन्हें पीलिया, भूख न लगना, थकावट, पेट दर्द, गहरे रंग का मूत्र जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत स्वास्थ्य जाँच कराएं। एस.एन. मेडिकल कॉलेज में नव-उद्घाटित क्लिनिक इस दिशा में एक बड़ा सहारा साबित होगा। Photo Gallery-

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