आगरा। आगरा के शमसाबाद थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 11वीं की एक छात्रा ने सोशल मीडिया पर खुदकुशी का भ्रम पैदा करने वाला वीडियो पोस्ट कर दिया। वीडियो में वह दवाइयाँ खाती दिख रही थी और कैप्शन में लिखा था, “इतनी दवाई से तो काम हो ही जाएगा। गुड बाय, मिलने आ जाना…ओके।” इस वीडियो के अपलोड होते ही Meta AI (फेसबुक की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ने आगरा पुलिस की सोशल मीडिया सेल को अलर्ट भेज दिया कि लड़की आत्महत्या का प्रयास कर रही है। मेटा से अलर्ट मिलते ही, आगरा पुलिस मात्र 18 मिनट के अंदर छात्रा के घर पहुँच गई, जहाँ पता चला कि यह सब सिर्फ़ फॉलोअर्स बढ़ाने के चक्कर में किया गया ‘खेल’ था।
रात 10 बजे पोस्ट हुआ वीडियो, मेटा AI ने भेजा तुरंत अलर्ट
यह घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे की है। छात्रा ने इंस्टाग्राम पर 37 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसके हाथ में कई गोलियाँ दिख रही थीं। वीडियो में वह आधी टैबलेट खाकर पानी पीती और फिर बची हुई टैबलेट भी खाकर पानी पीते हुए नज़र आती है।
जैसे ही यह वीडियो पोस्ट हुआ, मेटा AI ने तुरंत छात्रा के अकाउंट की लोकेशन निकाली और आगरा पुलिस को एक आपातकालीन अलर्ट भेजा। अलर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि एक लड़की कुछ दवाएँ खाकर आत्महत्या करने का प्रयास कर रही है, उसे बचाया जाए। मेटा AI ने पुलिस को छात्रा का अकाउंट विवरण और सटीक लोकेशन भी प्रदान की।
पुलिस घर पहुंची तो चौंके परिजन, काउंसलिंग कर दी हिदायत
मेटा AI से मिली जानकारी के आधार पर आगरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और 18 मिनट के भीतर छात्रा के शमसाबाद थाना क्षेत्र स्थित घर पहुँच गई। देर रात अचानक पुलिस को घर पर देखकर परिजन भी चौंक गए।
पुलिस ने जब छात्रा के बारे में पूछा तो पता चला कि वह घर पर ही है और बुखार के कारण लेटी हुई थी। पुलिस अंदर गई और छात्रा से इस तरह का वीडियो पोस्ट करने का कारण पूछा। छात्रा ने जवाब दिया कि उसे बुखार था, इसलिए दवा खाई थी, लेकिन ऐसा कैप्शन उसने केवल फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए मस्ती में लिखा और वीडियो अपलोड कर दिया।
पुलिस ने छात्रा की गहन काउंसलिंग की और उसे समझाया कि इस तरह के वीडियो पोस्ट करना कितना गंभीर अपराध हो सकता है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। पुलिस ने छात्रा के परिजनों से भी उस पर कड़ी नज़र रखने और भविष्य में ऐसी गतिविधियों से बचने की हिदायत दी। छात्रा ने अपनी गलती स्वीकार की। मेटा की इस त्वरित अलर्ट प्रणाली ने एक संभावित गंभीर घटना को टाल दिया।
