
आगरा। आगरा के लेडी लॉयल महिला अस्पताल में मंगलवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। अस्पताल में कार्यरत एक नर्स सुनीता सागर ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का बैनर उतारकर डस्टबिन में फेंक दिया। जब जन औषधि केंद्र के कर्मचारी ने इसका विरोध किया, तो नर्स भड़क गईं और उनसे अभद्रता करते हुए कहा, “मैं तुम्हें थप्पड़ मार दूंगी। बुला लो मोदी जी को, फोन मिलाओ। मैं मन की बात कर रही हूं। साइलेंट, यू साइलेंट। झाड़ से मार कर तेरा मुंह लाल कर दूंगी।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए हैं।
टेबल पर कपड़े की कमी बनी पीएम पोस्टर विवाद की वजह
जन औषधि केंद्र पर कार्यरत दुष्यंत कुमार दीक्षित ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे नर्स सुनीता सागर उनके जन औषधि केंद्र पर आईं और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का बैनर उतारकर ले जाने लगीं। जब दुष्यंत ने उनसे इसका कारण पूछा तो नर्स ने उनसे झगड़ा करना शुरू कर दिया।
नर्स ने कथित तौर पर कहा कि उनकी टेबल पर कपड़ा नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि टेबल पर कपड़ा न होने के कारण क्या वह पीएम मोदी की तस्वीर वाला बैनर उतारेंगी, तो नर्स और भड़क गईं। दुष्यंत कुमार दीक्षित के अनुसार, नर्स ने धमकी देते हुए कहा, “मेरे रास्ते से हट जाओ। वरना मैं तुम्हें थप्पड़ मार दूंगी। जाकर मोदी को बता देना।” इसके बाद उन्होंने बैनर को डस्टबिन में फेंक दिया और दुष्यंत से कहा, “तू जा डस्टबिन से कपड़े निकाल कर मेरे टेबल पर लेकर रख दें।” अपशब्दों का प्रयोग करते हुए नर्स वहां से चली गईं।
“पीएम मोदी से माफी मांगे नर्स”: पीड़ित कर्मचारी की मांग, अस्पताल प्रशासन सख्त
दुष्यंत कुमार दीक्षित का कहना है कि नर्स के व्यवहार से उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई दुख नहीं है और वह नहीं चाहते कि कोई महिला उनसे माफी मांगे। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री के पोस्टर के साथ जो किया, उससे उन्हें ठेस पहुंची है। दुष्यंत की मांग है कि नर्स सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगे और अपनी गलती स्वीकार करे।
इस गंभीर मामले पर अस्पताल प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अस्पताल की सीएमएस डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि इस एएनएम (ऑक्सिलियरी नर्स मिडवाइफ) को उनके अस्पताल में नहीं रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह नर्स जैतपुर से आई थी और उसका अस्पताल में पहला ही दिन था, लेकिन उसने पहले ही दिन स्टाफ से अभद्रता की है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि नर्स का आचरण ठीक नहीं है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा है कि नर्स के सस्पेंशन की संस्तुति की जा रही है और इस संबंध में महानिदेशक को पत्र भेजा जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला तेज़ी से सुर्खियों में आ गया है, और प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई के मूड में दिख रहा है।