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Agra News आगरा में सड़कें जर्जर, गड्ढों के कारण सफर जोखिम भरा555 KM सड़क टूटी, जनता के टैक्स का दुरुपयोगDM ने भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जाँच के दिए आदेश

Agra News आगरा की सड़कें आम जनता के लिए सफर नहीं, बल्कि हादसों का न्योता बन चुकी हैं। शहर से लेकर गाँव तक सड़कें जर्जर हैं और गड्ढों की भरमार है, जिसके पीछे घटिया सामग्री के प्रयोग और खुलेआम भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के निर्माण और प्रांतीय खंडों में कुल 555 किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़कें टूटी पड़ी हैं। इस भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी (DM) ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की स्वतंत्र एजेंसी से जाँच कराने का आदेश दिया है।

रुनकता आरओबी बना हादसों का घर

सड़कों की बदहाली का सबसे बड़ा उदाहरण रुनकता किरावली मार्ग स्थित रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) है। यह आरओबी हादसों को खुला न्योता दे रहा है। रात के समय यहाँ अंधेरा रहता है और जर्जर 500 मीटर के टुकड़े में 100 से अधिक गड्ढे हैं। गड्ढों के कारण और सड़क की परत उधड़ने से गिट्टियों पर वाहन फिसल रहे हैं। इस ** आरओबी** पर हादसों में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने आज तक मरम्मत का पुख्ता काम नहीं कराया।

आगरा-ग्वालियर हाईवे, भागूपुर-शमशाबाद-इरादत नगर रोड, चीट सीकरी खानुआ मार्ग और एक्सप्रेस-वे लिंक मार्ग भी बदहाल हैं, जिससे व्यापारी और राहगीर परेशान हैं और कमर दर्द की शिकायत कर रहे हैं।

पीएम योजना की सड़कें भी भ्रष्टाचार की भेंट

सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप केवल प्रमुख मार्गों पर ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों पर भी लग रहा है।

  • बरहन मार्ग: एतमादपुर से बरहन तक 11 किलोमीटर लंबी सड़क में पाँच किलोमीटर पर बड़े गड्ढे हैं। इसका निर्माण 2022 में आरईएस ने चंडीगढ़ की एक निजी कंपनी से कराया था।
  • जादूखेड़ा नगला मोहरे: इरादत नगर के निवासी अतुल गुप्ता ने शिकायत की है कि पीएम योजना से बनी जादूखेड़ा-नगला मोहरे सड़क भी घटिया निर्माण के कारण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।
  • कमीशनखोरी के आरोप: कबूलपुर निवासी भीकम सिंह ने बताया कि ककुआ चौराहे से कपूरपुर को देवी रोड से जोड़ने वाली 3 किलोमीटर की टूटी सड़क पर एक महीने में पाँच सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व प्रधान छोटेलाल ने सीधा आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में कमीशनखोरी हावी है और इंजीनियर, ठेकेदार और नेता सब मिले हुए हैं।

डीएम का सख्त रुख: स्वतंत्र एजेंसी करेगी जाँच

जनप्रतिनिधि समेत स्थानीय लोग जिम्मेदार विभागों पर गड्ढामुक्त के सर्वे में फर्जी आंकड़ेबाजी का आरोप लगा रहे हैं और मरम्मत के नाम पर सिर्फ लीपापोती की जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि सड़क निर्माण और गड्ढा मुक्ति में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने पर पीडब्ल्यूडी और आरईएस अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा और स्वतंत्र एजेंसी से जाँच कराई जाएगी।

मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग एनके यादव ने स्वीकार किया है कि जनपद में 500 किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़कों पर गड्ढे हैं और सर्वे के बाद गड्ढे भरे जा रहे हैं।

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Abhimanyu Singh

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