आगरा। दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (DEI) के संस्कृत विभाग में 5 अगस्त 2025 से 11 अगस्त 2025 तक चले संस्कृत सप्ताह समारोह का सोमवार को भव्य समापन हुआ। इस सप्ताह भर चले आयोजन में प्रतिदिन संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और छात्रों में रुचि जगाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का सफल संचालन किया गया।


विविध प्रतियोगिताओं और विशेषज्ञों का संगम

संस्कृत सप्ताह के दौरान संस्कृत गीत गायन, संस्कृत कथा वाचन, संस्कृत चित्रकला और संस्कृत काव्य कण्ठपाठ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन सभी प्रतियोगिताओं का संयोजन डॉ. पूजा और डॉ. शोभा भारद्वाज ने किया। निर्णायकों के रूप में संगीत विभाग से डॉ. गौतम तिवारी, हिंदी विभाग से डॉ. व्रजराज सिंह और डॉ. सुमन शर्मा, तथा चित्रकला विभाग से डॉ. विजय शर्मा की उपस्थिति रही, जिन्होंने छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।


समापन समारोह में संस्कृत के महत्व पर गहन व्याख्यान

11 अगस्त 2025 को संस्कृत सप्ताह समारोह के समापन कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता के रूप में मनकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी जी मौजूद रहे। उन्होंने अपने ज्ञानवर्धक व्याख्यान में संस्कृत भाषा के असीमित महत्व को उजागर किया। महंत योगेश पुरी ने भाषा, श्रावण मास और शिव के परस्पर संबंध को स्थापित करते हुए, संस्कृत को विज्ञान से जोड़कर एक प्रभावशाली व्याख्यान दिया, जिसने सभी श्रोताओं को अभिभूत कर दिया।

संस्थान के निदेशक महोदय ने भी संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी बताया और संस्कृत के व्याकरण को सभी भाषाओं के व्याकरण से अधिक समृद्ध बताया। निदेशक महोदय ने संस्कृत विभाग का उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम के सफल संयोजन के लिए बधाई दी।

समापन समारोह में दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. बी. पटबर्धन, कला संकाय अध्यक्ष प्रो. नीलू शर्मा, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता, डॉ. निशीथ गौड़, डॉ. सुमन शर्मा, डॉ. नमस्या, डॉ. रुबीना सक्सेना, डॉ. शोभा भारद्वाज, डॉ. इंदु शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूजा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। यह समारोह संस्कृत भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उसके समृद्ध ज्ञान को प्रसारित करने में सहायक रहा।

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