Agra News: दिवाली के लिए स्पेशल सुरक्षा प्लान, MG रोड पर नो-पार्किंग; मेट्रो ने कट बंद कर लगाया जाम!

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Agra News पुलिस आयुक्त ने एक सप्ताह का सुरक्षा प्लान किया लागू; बाज़ारों में सादे कपड़ों में फोर्स, वारदात पर थानेदार होंगे जिम्मेदार। Agra News आगरा में दिवाली की खरीदारी की शुरुआत के साथ ही बाज़ारों में बढ़ती भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और यातायात विभाग ने विशेष ‘सेक्टर स्कीम’ और सुरक्षा प्लान लागू कर दिया है। सोमवार से खरीदारों की भीड़ को देखते हुए शहर के हर बड़े बाज़ार में अतिरिक्त फोर्स तैनात किया गया है। वहीं, मेट्रो निर्माण के चलते ट्रैफिक को संभालना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। बाज़ारों में सीसीटीवी और सादी वर्दी में पुलिस पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने दिवाली के लिए एक सप्ताह का विशेष सुरक्षा प्लान बनाया है। उन्होंने बताया कि जिले में सेक्टर स्कीम लागू है और प्रत्येक बाज़ार में थाना पुलिस के साथ-साथ एसओजी के पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। MG रोड पर पार्किंग से मुक्ति की चुनौती डीसीपी यातायात अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि एमजी रोड पर सूरसदन से लेकर भगवान टॉकीज तक कई शोरूम और रेस्तरां हैं, जहाँ खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहक सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं। इस साल एमजी रोड पर मेट्रो का निर्माण कार्य चलने के कारण, वाहन खड़ा करना बड़ी समस्या पैदा कर सकता है। मेट्रो की मनमानी से हाईवे पर लगा जाम सुरक्षा और ट्रैफिक की तैयारियों के बावजूद, मेट्रो अधिकारियों की मनमानी से लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ा। रविवार की शाम मेट्रो के अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के सिकंदरा से पहले हाईवे पर भावना एस्टेट की तरफ जाने वाले एक नये कट को बंद कर दिया। यह कट यू-टर्न लेने के लिए बनाया गया था। अचानक कट बंद होने से वाहन मुड़ने के लिए जगह नहीं मिल पाई और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे भारी जाम लग गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन कट बंद करने का कोई कारण नहीं बताया गया। रात तकरीबन 10 बजे कट खोल दिया गया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। मुंशी के पैसे चोरी…अपने ही थाने में सुनवाई नहीं हुई:पुलिस आयुक्त से शिकायत के बाद 7 दिन बाद FIR

आगरा में ट्रैफिक: प्रताप पुरा क्रॉसिंग से लेकर रावली मंदिर तक गाड़ियों की लंबी कतारें

आगरा। आगरा में मंगलवार, 9 सितंबर को ट्रैफिक का हाल बेहाल है। शहर को एक साथ दोहरी मार झेलनी पड़ रही है: यमुना नदी में आई बाढ़ और शहर में चल रहा मेट्रो का निर्माण कार्य। इन दोनों वजहों से शहर के कई प्रमुख रास्तों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई है। यमुना में आए उफान के कारण हाथी घाट और यमुना किनारा रोड के आसपास पानी भर गया है, जिससे इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। वहीं, शहर के बीचोबीच बन रहे मेट्रो के कारण एमजी रोड पर भी जगह-जगह जाम की स्थिति बन रही है। दोपहर 2 बजे का ट्रैफिक अपडेट: प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।

आगरा में ट्रैफिक पुलिस के साथ अब थानों का पुलिस बल भी संभालेगा मोर्चा: पुलिस कमिश्नर

आगरा। आगरा में मेट्रो निर्माण, लगातार बारिश और यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। नेशनल हाईवे और एमजी रोड पर गाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जबकि यमुना किनारा रोड पर जलभराव के कारण भी लोगों को परेशानी हो रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने तत्काल प्रभाव से सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI), सब-इंस्पेक्टर (TSI) और थाना अध्यक्षों (SHO/SO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करें। उन्होंने कहा कि यह एक आपातकालीन स्थिति है, इसलिए अब ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ थानों का पुलिस बल भी यातायात ड्यूटी में सहयोग करेगा। नागरिकों से सहयोग की अपील पुलिस कमिश्नर ने आगरा के नागरिकों से भी इस स्थिति में सहयोग करने की विनम्र अपील की है। उन्होंने कहा: उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आगरा पुलिस इस मुश्किल समय में नागरिकों के साथ है और सभी की असुविधा को कम करने का प्रयास कर रही है।

आगरा में मेट्रो का काम बनी परेशानी, MG रोड पर जाम से निपटने के लिए 10 मशीनें लगाई गईं

आगरा। आगरा में मेट्रो कॉरिडोर का काम इन दिनों शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, खासकर एमजी रोड पर। यहां बैरिकेडिंग के कारण सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। इस समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने एमजी रोड पर काम को तेजी से पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एमजी रोड पर लगीं सबसे ज्यादा मशीनें शहर भर में मेट्रो कॉरिडोर के पिलर निर्माण के लिए कुल 18 मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें से 10 मशीनें सिर्फ एमजी रोड पर ही काम कर रही हैं। जबकि सुलतानपुरा, मॉल रोड, हाईवे और सुलतानगंज जैसे अन्य हिस्सों में बाकी की 8 मशीनों से काम चलाया जा रहा है। UPMRC का लक्ष्य है कि दिसंबर तक एमजी रोड पर पिलर का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि बैरिकेडिंग हटाकर लोगों को जाम से राहत मिल सके। एमजी रोड पर क्यों है ज्यादा दिक्कत? आगरा में कुल 29.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इसमें से एक कॉरिडोर एमजी रोड से होकर गुजरता है, जहां प्रतापपुरा से भगवान टॉकीज तक पिलर निर्माण के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस रोड की चौड़ाई 8 मीटर है, जो बैरिकेडिंग के बाद और भी संकरी हो गई है। सड़क के दोनों ओर शोरूम होने के कारण वाहनों के रुकते ही ट्रैफिक बाधित हो जाता है। पिछले महीने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया था कि जहां पिलर का काम पूरा हो गया है, वहां बैरिकेडिंग को थोड़ा अंदर खिसकाया जाएगा, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। इसी कारण एमजी रोड पर जाम की स्थिति बनी हुई है।

आगरा में सोमवार को भीषण जाम: मेट्रो निर्माण और संकरी सड़कों ने बढ़ाई परेशानी, एंबुलेंस भी फंसी

आगरा। सोमवार को आगरा शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मेट्रो निर्माण कार्य और संकरी सड़कों के कारण शहरभर में भीषण जाम के हालात देखने को मिले। एमजी रोड, मदिया कटरा चौराहा और बोदला चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। देहली गेट से मदिया कटरा तक रेंगते रहे वाहन शहर के मुख्य मार्गों पर जाम का ऐसा आलम था कि देहली गेट से मदिया कटरा तक महज 500 मीटर की दूरी तय करने में 15 से 20 मिनट से ज्यादा का समय लग रहा था। यह जानकारी एक राहगीर महेश ने दी, जो इस जाम में फंसे हुए थे। सोमवार दोपहर एक बजे आवास विकास की ओर आने वाली सड़क पर भी वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। लोहमंडी से मदिया कटरा की ओर आने वाले वाहन भी जाम में बुरी तरह फंसे रहे। स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोपहर में स्कूलों की छुट्टी हुई। दिल्ली गेट से मदिया कटरा तक वाहन रेंग-रेंग कर चले। इस भीषण जाम में लगभग 15 मिनट तक एक एंबुलेंस भी फंसी रही, जो चिंता का विषय है। यात्री परेशान, पैदल चलने को मजबूर मदिया कटरा चौराहे पर जाम में फंसी एक महिला गौरा ने बताया कि वह ऑटो में बैठी थीं, लेकिन लंबे इंतजार के बाद उन्हें ऑटो से उतरकर पैदल ही आगे जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि यह समस्या अब रोज की बात हो गई है, जिससे लोगों का समय और धैर्य दोनों खत्म हो रहे हैं। एमजी रोड पर भी जाम, ट्रैफिक पुलिसकर्मी बेबस बोदला चौराहे पर भी हमेशा की तरह भारी जाम लगा रहा। एमजी रोड पर चल रहे मेट्रो के काम और स्कूल की छुट्टी के समय दोपहर बाद से ही यहाँ वाहन रेंगते हुए नजर आए। नाई की मंडी से लगभग हरिपर्वत चौराहे तक जाम जैसे हालात बने रहे। संकरी सड़कों, गड्ढों और यातायात के अत्यधिक दबाव से लोग बेहाल दिखे। ट्रैफिक पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात होकर जाम खुलवाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने और वैकल्पिक मार्ग खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर मेट्रो कार्य के साथ-साथ ट्रैफिक प्लानिंग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। यह घटना शहरी विकास परियोजनाओं के साथ-साथ यातायात प्रबंधन की आवश्यकता को उजागर करती है।

‘तिर्री और टेम्पू’ के लिए अब नए जोन, QR कोड से होगी पहचान: यातायात पुलिस का मास्टर प्लान, जल्द लागू होगा नया नियम

आगरा। आगरा की सड़कें पिछले काफी समय से जाम की समस्या से कराह रही हैं। इस विकट स्थिति से निपटने के लिए यातायात पुलिस ने एक नया और महत्वपूर्ण प्लान तैयार किया है। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अब ई-रिक्शा और ऑटो का संचालन चार जोन में बांटकर किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब चालक अपने निर्धारित जोन में ही तिर्री और टेम्पू चला सकेंगे, और ज़ोन से बाहर जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस नई व्यवस्था को जल्द ही आगरा में लागू किया जाएगा। क्या है यातायात पुलिस का नया प्लान? यातायात पुलिस द्वारा तैयार किए गए इस प्लान के तहत: क्यों पड़ी इस नए प्लान की जरूरत? एमजी रोड पर मेट्रो कार्य और वाहनों का दबाव एमजी रोड और हाईवे पर चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य के कारण डिवाइडर पर बैरिकेडिंग की गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। पीक आवर्स (सुबह-शाम के व्यस्त समय) में वाहनों की संख्या बढ़ने पर लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। एमजी रोड पर महानगर बसों के साथ-साथ ऑटो और ई-रिक्शा की बड़ी संख्या, और स्कूल बसों व निजी कारों की बढ़ती तादाद, जाम की प्रमुख वजह बन रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए ही बुधवार को डीसीपी यातायात अभिषेक अग्रवाल की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। डीसीपी अग्रवाल ने बताया कि जिले में लगभग 35 हजार ऑटो और ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनमें से आधे से ज़्यादा शहरी सीमा में चलते हैं। इनमें से भी बड़ी संख्या भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा के बीच संचालित होती है। उन्होंने यह भी बताया कि कई ऑटो की फिटनेस नहीं है और देहात (ग्रामीण) क्षेत्र के ऑटो भी शहर में चल रहे हैं, जिससे यातायात का दबाव और बढ़ रहा है। मेट्रो के कार्य को देखते हुए शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए यह नई व्यवस्था लाई जा रही है। क्यूआर कोड और फिटनेस चेकिंग से होगी सख्ती यातायात पुलिस की नई व्यवस्था में क्यूआर कोड अहम भूमिका निभाएगा। आरटीओ के माध्यम से ऑटो के मालिक और चालक के निवास स्थान का पता लगाकर उन्हें क्यूआर कोड जारी किए जाएंगे। जोन निर्धारित होने के बाद चालक को उसी में ऑटो का संचालन करना होगा। इसके अलावा, जिन वाहनों की फिटनेस नहीं होगी, उन्हें बिल्कुल भी संचालित नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए अलग से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। देहात क्षेत्र के ऑटो को देहात में ही चलाने की अनुमति होगी, और आगरा से बाहर के ऑटो के शहर में प्रवेश करने पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह नया प्लान आगरा को जाम से मुक्ति दिलाने में कितना सफल होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन यातायात पुलिस का यह कदम निश्चित रूप से एक उम्मीद की किरण है।

आगरा की ‘लाइफ-लाइन’ अब ‘गड्ढा-लाइन’: मेट्रो निर्माण ने MG रोड को बनाया नरक, DM आवास के बाहर ही दिखी चकाचक सड़क!

आगरा। आगरा की जिस एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ कहा जाता था, वह अब ‘गड्ढा-लाइन’ में तब्दील हो गई है! बारिश और मेट्रो के निर्माण कार्य ने इस मुख्य सड़क की ऐसी दुर्दशा कर दी है कि हर 10 मीटर पर गहरे गड्‌ढे, बेहिसाब धूल के गुबार और हर मोड़ पर जलभराव लोगों के लिए बड़ी आफत बन गया है। आलम यह है कि शहर के केंद्र से गुजरने वाली इस सड़क पर डीएम आवास के ठीक बाहर का छोटा-सा हिस्सा ही चकाचक है, जबकि बाकी जगहों पर सफर करना किसी जोखिम भरे अभियान से कम नहीं। 7 KM का सफर बना ‘परीक्षा’, 50 मीटर भी बिना गड्ढे नहीं दैनिक भास्कर टीम ने भगवान टॉकीज से अवंतीबाई चौराहे तक करीब 7 किलोमीटर के एमजी रोड का जायजा लिया, और चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे रास्ते में 50 मीटर सड़क भी ऐसी नहीं मिली जिस पर कोई गड्ढा न हो। वाहनों की रफ्तार थम सी गई है, और यात्री हिचकोले खाते हुए निकल रहे हैं। अधिकारियों के घर के आगे चमकती सड़क, बाकियों को धूल और जाम की मार एमजी रोड की यह बदहाली तब और अखरती है जब पता चलता है कि जिलाधिकारी, सीएमओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के घरों के ठीक सामने वाला सड़क का हिस्सा बिल्कुल दुरुस्त है। यह स्थिति आम जनता के लिए दोहरी मार है। एमजी रोड पर जगह-जगह बिखरी गिट्टी और गड्ढे, साथ ही नालियों के अभाव में जलभराव, ने इस सड़क को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ से हटाकर ‘परेशानी की लाइन’ बना दिया है। सवाल यह है कि आगरा की इस सबसे महत्वपूर्ण सड़क की दुर्दशा पर कब तक आंखें मूंदी जाएंगी और नागरिकों को इस जोखिम भरे सफर से कब मुक्ति मिलेगी।

आगरा मेट्रो: अक्टूबर से RBS तक दौड़ेगी ‘असली’ सवारी, अब ‘किटी पार्टी’ के भरोसे नहीं चलेगी मेट्रो!

आगरा। आगरा मेट्रो, जिसे लेकर अभी तक ‘किटी पार्टी’ और खाली ट्रेनों के चर्चे होते थे, अब RBS तक दौड़ने के लिए तैयार है! उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने पटरी बिछाने के काम में जबरदस्त तेजी दिखाई है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अक्टूबर 2025 से यात्री आरबीएस (RBS) कॉलेज तक मेट्रो का सफर कर सकेंगे। यह आगरावासियों के लिए एक बड़ी राहत होगी, क्योंकि अब उन्हें अपने शहर में आधुनिक परिवहन का अनुभव मिलेगा। सितंबर तक काम पूरा, फिर शुरू होगा सफर UPMRC के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहले कॉरिडोर में आरबीएस, राजा मंडी और आगरा कॉलेज स्टेशन लगभग तैयार हो चुके हैं। इनमें सिग्नलिंग, बिजली की आपूर्ति और सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य अंतिम चरण में हैं। आरबीएस-राजामंडी स्टेशन के बीच दोनों ओर की पटरी बिछाने का काम भी पूरा हो गया है, जबकि आगरा कॉलेज तक सिर्फ 200 मीटर का हिस्सा बाकी है। मिश्रा के मुताबिक, आगरा कॉलेज से एसएन मेडिकल कॉलेज स्टेशन और एसएन से मनःकामेश्वर स्टेशन के बीच सिविल कार्य तेजी से चल रहा है। बिजलीघर के पास रेलवे की एनओसी में देरी के कारण करीब एक महीने का समय और लगेगा, लेकिन सितंबर तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद, अक्टूबर से आरबीएस स्टेशन तक मेट्रो का व्यावसायिक संचालन शुरू हो जाएगा। दूसरे कॉरिडोर पर भी रफ्तार, 9 नई रिंग मशीनें लगाई गईं पहले कॉरिडोर के साथ-साथ, दूसरे कॉरिडोर का निर्माण भी तेजी से जारी है। आगरा कैंट से एमजी रोड तक पिलर बनाने का काम चल रहा है, जिसे और तेज करने के लिए 9 नई रिंग मशीनें भी लगाई गई हैं। इस कॉरिडोर के पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा, जिसका लक्ष्य अगले दो साल में पूरा करना है।

आगरा की ‘लाइफलाइन’ MG रोड बदहाल: गड्ढों का राज, घंटों का जाम और बारिश में जलभराव से लोग बेहाल!

आगरा। कभी शहर की शान और लाइफलाइन कही जाने वाली एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) अब आगरावासियों के लिए सिरदर्द बन गई है। जगह-जगह बने गड्ढे, मेट्रो निर्माण के कारण संकरी हो चुकी लेन और बारिश के दिनों में भारी जलभराव ने इस व्यस्ततम सड़क को बदहाल कर दिया है। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर जाकर जो स्थिति देखी, वह चिंताजनक है। भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक बदहाली का आलम एमजी रोड पर भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक लगभग पूरे मार्ग पर गड्ढों और लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो परियोजना के चलते सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। ऊपर से सड़क की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह गहरे गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते सफर को बेहद मुश्किल बना देते हैं। हर दिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन विशेष रूप से सुबह ऑफिस और स्कूल-कॉलेज के समय और शाम को घर लौटते समय ट्रैफिक जाम चरम पर होता है। सैंट जॉन्स चौराहे और सूरसदन चौराहे से पहले भी सड़क की स्थिति बेहद खराब है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में और बिगड़ते हालात, सिर्फ खानापूर्ति का पैचवर्क बारिश होने पर एमजी रोड की हालत और भी बदतर हो जाती है। गड्ढे पानी से भर जाते हैं और सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों दोनों को परेशानी होती है। हादसों का डर हमेशा बना रहता है। सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं दिख रहा है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। राजा मंडी चौराहे पर भी ऐसा ही पैचवर्क देखा गया, जो बारिश में फिर से धुल जाता है। मेट्रो परियोजना बेशक शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन जब तक इसके साथ यातायात प्रबंधन और सड़कों की उचित मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक शहरवासियों की मुश्किलें कम नहीं होंगी। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि शहर की लाइफलाइन को फिर से सुचारु बनाया जा सके।

आगरा में ‘जाम’ का नया संकट: MG रोड के बाद अब हाईवे सर्विस रोड भी होगी संकरी, मेट्रो ने बढ़ाई ‘मुसीबत’!

आगरा। आगरा में मेट्रो का काम शहर की यातायात व्यवस्था को लगातार चुनौती दे रहा है। एमजी रोड पर पहले से ही जाम की समस्या झेल रहे आगरावासियों के लिए अब एक और मुश्किल खड़ी होने वाली है। नेशनल हाईवे-19 की सर्विस रोड भी मेट्रो के काम के लिए संकरी होने जा रही है। भगवान टॉकीज से अबुल उलाह की दरगाह तक बैरिकेडिंग की तैयारी की जा रही है, जिससे यह महत्वपूर्ण सर्विस रोड केवल 4 मीटर चौड़ी रह जाएगी! अबुल उलाह से सुल्तानगंज की पुलिया तक सर्विस रोड पर पहले से ही बैरिकेडिंग हो चुकी है। हाईवे पर ‘संकट’ गहराया: ISBT से गुरु का ताल तक पहले से बंद सर्विस रोड यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब हाईवे पर खंदारी से सिकंदरा के बीच पहले से ही मेट्रो का काम चल रहा है। इस वजह से ISBT से गुरुद्वारा गुरु का ताल तक एक तरफ की सर्विस रोड लगभग बंद है, जिससे पूरे शहर का यातायात नेशनल हाईवे पर ही दौड़ रहा है। पहले चरण में भगवान टॉकीज से सुल्तानगंज पुलिया तक 4 मीटर चौड़ी सर्विस रोड से वाहन दौड़ेंगे, और जल्द ही इससे आगे तक बैरिकेडिंग की तैयारी की जाएगी। मेट्रो ने सुल्तानगंज की पुलिया पर दो रिंग मशीनें लगा दी हैं और भगवान टॉकीज से रामबाग जाने वाली सर्विस रोड पर भी बैरिकेडिंग की तैयारी पूरी कर ली है। व्यापारियों की बढ़ी ‘चिंता’: कारोबार पर पड़ेगा असर भगवान टॉकीज से अबुल उलाह दरगाह तक सर्विस रोड करीब 8 से 9 मीटर चौड़ा है। यह क्षेत्र कार डेकोरेशन, ऑटो पार्ट्स, पेठा कारोबारी, मोटरसाइकिल, ई-व्हीकल, कार डीलरशिप, होटल और हलवाई सहित विभिन्न व्यवसायों का गढ़ है। दिनभर यहां हजारों गाड़ियां रोड पर खड़ी होती हैं और उनमें काम होता है, जिससे पहले से ही जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में बैरिकेडिंग के बाद यहां व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों के लिए मुश्किल और बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। आगरा में बन रहे दो मेट्रो कॉरिडोर: उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) आगरा में 29.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बना रहा है: पहला कॉरिडोर लगभग 2 किलोमीटर और दूसरा कॉरिडोर करीब 7 किलोमीटर तक हाईवे सर्विस रोड पर चलेगा, जिससे इन इलाकों में यातायात की चुनौती और बढ़ेगी। आगरा में नेशनल हाईवे-19 लगभग 24 मीटर चौड़ा है, जिसकी दोनों लेन 12-12 मीटर की हैं और सर्विस रोड 7.5 मीटर की है।

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