Agra News Today: “तो आज ही मैं राज्यसभा से इस्तीफा दे दूंगा” सांसद Ramjilal Suman का दो टूक जवाब

Agra News Today Agra के Gijauli गांव में दलित समुदाय पर कथित अत्याचार को लेकर Samajwadi Party (SP) और Police के बीच मंगलवार सुबह बड़ा टकराव देखने को मिला। SP के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को Gijauli जाने से रोकने के लिए पुलिस ने SP MP और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Ramjilal Suman के Sanjay Place, HIG Society स्थित आवास को छावनी में तब्दील कर दिया। लगभग 5 घंटे तक यह गतिरोध और Ramjilal Suman तथा अन्य SP सांसदों व विधायकों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक चलती रही। अंततः पुलिस आयुक्त Deepak Kumar से फोन पर विस्तृत आश्वासन मिलने के बाद SP ने Gijauli गांव जाने का कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया। “55 साल के करियर में ऐसा कभी नहीं किया, आज ही इस्तीफा दे दूंगा” अपने आवास पर एक प्रेसवार्ता के दौरान, Ramjilal Suman ने उन आरोपों पर तीखा पलटवार किया जिनमें कहा जा रहा था कि SP इस मामले के माध्यम से Jatigat Rajneeti (Caste-based Politics) कर रही है। Suman ने अपने 55 साल के लम्बे राजनीतिक करियर का हवाला देते हुए दो टूक चुनौती दी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा: “55 साल के राजनीतिक करियर में यदि कोई मेरा ऐसा बयान दिखा दे, जिसमें जातिगत बात की हो या जातिगत भावना को ठेस पहुंचाई हो, या किसी वर्ग विशेष की राजनीति की हो, तो मैं आज ही राज्यसभा से इस्तीफा दे दूंगा और राजनीति से संन्यास ले लूंगा।” यह बयान Suman की राजनीतिक ईमानदारी पर उठाए गए सवालों का एक सीधा और अत्यंत गंभीर जवाब था, जिसने SP के इस कदम को महज राजनीतिक लाभ से ऊपर उठाकर पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया। उनके इस बयान ने Agra की स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और मामले की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है। पुलिस की घेराबंदी और सांसदों की धक्का-मुक्की मंगलवार सुबह 10 बजे से पहले ही Ramjilal Suman के आवास पर पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया था। Etah सांसद Devesh Shakya, Etawah सांसद Jitendra Dohre और Jasrana विधायक Sachin Yadav सहित SP प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य भी उनके आवास पर पहुंच गए थे। पुलिस ने लगभग 100 से अधिक कर्मियों को तैनात करके, बैरिकेडिंग कर दी और Suman के आवास को पूरी तरह से घेर लिया गया। जैसे ही Ramjilal Suman और अन्य सांसद घर से बाहर निकले, पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका। इस दौरान SP नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई और धक्का-मुक्की भी हुई। Suman ने गुस्से में आकर पुलिसकर्मियों से कहा कि वह यहीं कुर्सी लगाकर बैठ जाएंगे जब तक Police Commissioner उन्हें फोन पर Gijauli मामले में अब तक हुई प्रभावी कार्रवाई की जानकारी नहीं देते। Etawah सांसद Jitendra Dohre को भी पुलिस अधिकारी से तीखी बहस करते देखा गया। गिजौली पर ‘फर्जी समझौते’ का आरोप पुलिस द्वारा दिए गए इस तर्क को कि Gijauli में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है, Ramjilal Suman ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने प्रेसवार्ता में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा: “गिजौली के दोनों पक्षों के गले मिलते हुए एक वीडियो प्रसारित किया गया, वह झूठ है। वहां कोई समझौता नहीं हुआ है। पुलिस ने डंडे के बलबूते दोनों पक्षों को गले मिलवाया। यह अत्यंत दुखद है कि पुलिस की मौजूदगी में कमजोर वर्ग को पीटा गया और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में जिन लोगों का आपराधिक इतिहास है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। Suman ने आरोप लगाया कि Agra ही नहीं, बल्कि पूरे Uttar Pradesh में दलितों पर अत्याचार की बाढ़ सी आ गई है और कमजोर वर्ग का विश्वास पुलिस से टूटता जा रहा है, क्योंकि कठोर कार्रवाई का कोई प्रभावी संदेश नहीं जा रहा है। Etah सांसद Devesh Shakya ने Suman की बात का समर्थन करते हुए कहा, “Gijauli में दलितों के साथ अन्याय हुआ है। हम केवल Gijauli ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जहां भी उत्पीड़न हो रहा है, वहां पीड़ित और शोषित व्यक्ति के साथ खड़े हैं।” पुलिस का सख्त रुख और कानूनी चेतावनी इस राजनीतिक दबाव के बीच, DCP West Zone Atul Sharma ने एक वीडियो संदेश जारी कर पुलिस का रुख साफ किया। उन्होंने दोहराया कि Gijauli के दोनों पक्ष आपसी सहमति से समझौता कर चुके हैं और कानूनी कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उन्होंने चेतावनी दी: “जनपद में पहले से ही धारा 163 BNS (पूर्व की धारा-144 CRPC) लागू है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है या गांव Gijauli जाकर शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” इसके अलावा, Thana Malpura की ओर से पूर्व जिलाध्यक्ष Ramgopal Baghel सहित अन्य SP नेताओं को नोटिस भी जारी किए गए, जिसमें बिना शासकीय अनुमति के धरना-प्रदर्शन, पुतला दहन या घेराव न करने की चेतावनी दी गई, अन्यथा शांति व्यवस्था भंग होने पर कार्रवाई की जाएगी। Police Commissioner Deepak Kumar से फोन पर Gijauli मामले में हो रही जांच और भविष्य में निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद SP प्रतिनिधिमंडल ने अपना दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया। यह टकराव भले ही टल गया हो, लेकिन Agra के राजनीतिक गलियारों में Gijauli प्रकरण को लेकर तनाव और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला अभी भी जारी है। SP ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले पर लगातार नजर रखेगी और दलितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। Ramjilal Suman के इस्तीफे की चुनौती ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। Agra News Today: Gijauli गांव जा रहे SP सांसद Ramjilal Suman और पुलिस में धक्का-मुक्की, हुए House Arrest

Agra News Today: पुलिसकर्मियों के भ्रष्टाचार पर लगाम! CP Deepak Kumar ने जारी किया Helpline Number

Agra News Today Agra Police Commissioner Deepak Kumar ने शहर के नागरिकों के लिए भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों के लिए एक महत्वपूर्ण Helpline Number जारी किया है। नागरिक इस नंबर 7839860813 पर Agra Police में नियुक्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह Helpline Number सुबह 10 बजे से रात्रि 8 बजे तक चालू रहेगा। यदि कोई पुलिसकर्मी किसी भी मामले में आपसे अनुचित धन या Rishwat (Bribe) की मांग करता है, तो आप इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। Police Commissioner Deepak Kumar ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह Gopniya (Confidential) रखी जाएगी और प्रत्येक शिकायत की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ Zero Tolerance की नीति अपनाई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध दंडात्मक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। CP Deepak Kumar ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य Agra Police को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने नागरिकों से इस नंबर का उपयोग करके भ्रष्टाचार की शिकायत करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने का आग्रह किया है। आगरा: जातिसूचक शब्द लिखे वाहनों पर पुलिस का शिकंजा, 44 का चालान

Agra News Today: Fatehpur Sikri में वाहनों से हटवाए जातिसूचक Sticker, Police ने चलाया अभियान

Agra News Today Agra के Fatehpur Sikri में सोमवार को पुलिस ने वाहनों से जातिसूचक Sticker हटाने का एक विशेष अभियान चलाया। यह कार्रवाई Honorable High Court के निर्देशों के पालन में की गई, जिसका उद्देश्य समाज में समानता और भाईचारा बनाए रखना है। अभियान के दौरान, पुलिस ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहन चेकिंग की। जिन गाड़ियों पर जाति आधारित पहचान, महापुरुषों के नाम, या संगठनों के चिह्न वाले Sticker लगे थे, उन्हें मौके पर ही हटवाया गया। पुलिस ने वाहन चालकों को समझाया कि ऐसे Sticker सामाजिक सद्भाव पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान सिर्फ जुर्माना लगाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने के लिए भी है। अभियान के तहत पैम्फलेट्स भी बांटे गए, जिनमें बताया गया कि वाहन सिर्फ यातायात का साधन हैं, न कि किसी जाति या संगठन की पहचान का प्रतीक। Agra के पुलिस कमिश्नर Deepak Kumar ने कहा, “हम समाज के सभी वर्गों से अपील करते हैं कि ऐसे Sticker अपने वाहनों पर न लगाएं। इस अभियान का लक्ष्य सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि जागरूकता भी है।” उन्होंने कहा कि पुलिस का मकसद समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। आगरा: जातिसूचक शब्द लिखे वाहनों पर पुलिस का शिकंजा, 44 का चालान आगरा में ‘I Love Muhammad’ पोस्टर विवाद: पुलिस अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च

आगरा में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, पुलिस कमिश्नर ने बैठक में लिए 10 अहम फैसले

आगरा। आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर और मेट्रो निर्माण कार्य के कारण शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कई विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में जिलाधिकारी आगरा, आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, कैंटोनमेंट बोर्ड, रोडवेज के आरएम/एआरएम, एआरटीओ, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता, स्मार्ट सिटी, एनएचएआई, मेट्रो परियोजना के एमडी और टोरेंट पावर जैसे कई विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा किए गए सर्वे के बाद बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनके जल्द से जल्द क्रियान्वयन का आश्वासन संबंधित विभागों ने दिया है। बैठक में लिए गए 10 महत्वपूर्ण निर्णय: इन निर्णयों से शहर के लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस आयुक्त @DeepakKumarIPS2 द्वारा कमिश्नरेट आगरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर एवं मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शहर में बढ़ते यातायात दबाव के दृष्टिगत शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु कई विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जिलाधिकारी… pic.twitter.com/93RQ9mWf0h — POLICE COMMISSIONERATE AGRA (@agrapolice) September 11, 2025 आगरा में एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो पर प्रतिबंध, पुलिस ने जारी की अधिसूचना शहर के नगर जोन में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध भगवान टॉकीज चौराहे से लेकर अवंतीबाई चौराहे (एमजी रोड) तक प्रभावी रहेगा। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार ने उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की है। इसमें बताया गया है कि नगर जोन में ई-रिक्शा और ऑटो के अधिक संचालन के कारण मुख्य मार्गों पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को, बल्कि आगरा आने वाले पर्यटकों को भी भारी परेशानी होती है। अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि नए ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे यातायात व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह आदेश अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से ही प्रभावी हो गया है। इस कदम से एमजी रोड पर यातायात का दबाव कम होने और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

पुलिस कमिश्नर के आदेश हवा हुए: आगरा की लाइफलाइन पर बेकाबू ई-रिक्शा, ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही से भारी जाम

आगरा। आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एमजी रोड पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई थी। उनके स्पष्ट निर्देश थे कि शहर की लाइफलाइन पर कोई भी ई-रिक्शा नजर नहीं आना चाहिए और ऐसा करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है। पुलिसकर्मियों की लापरवाही के चलते कमिश्नर के ये आदेश हवा हो गए हैं और एमजी रोड पर ई-रिक्शा बेलगाम दौड़ रहे हैं। लगभग सात किलोमीटर लंबे एमजी रोड पर 14 से अधिक चौराहे और तिराहे हैं, जहाँ हर वक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये पुलिसकर्मी अपनी आँखों के सामने ई-रिक्शा चालकों को नियम तोड़ते देख भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। इसी अनदेखी का फायदा उठाकर ई-रिक्शा चालक बेफिक्र हो गए हैं, जिससे रोड पर लगातार जाम की स्थिति बन रही है। मेट्रो के काम और बढ़ती भीड़ के बीच ई-रिक्शा का यह अनियंत्रित संचालन लोगों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन गया है। कमिश्नर के आदेशों की अनदेखी के कारण, लोगों को अब घंटों जाम में फँसकर जूझना पड़ रहा है। पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं कि जब शीर्ष स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा है?

आगरा में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले ई-रिक्शा और ऑटो चालकों पर होगी सख्त कार्रवाई

आगरा। आगरा में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ई-रिक्शा और ऑटो चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उन्हें लंबे समय से ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा नियमों की मनमानी की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने खुद भी सड़कों पर यह अनुभव किया है कि ये चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं, गलत दिशा में चलते हैं और ट्रैफिक रुकते ही अपनी लाइन छोड़कर दूसरों के लिए दिक्कत पैदा करते हैं। इससे न केवल जाम लगता है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। आम नागरिकों और बच्चों को होती है परेशानी दीपक कुमार ने कहा कि इन चालकों की मनमानी का खामियाजा सामान्य नागरिकों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि ई-रिक्शा और सीएनजी ऑटो उनकी आजीविका का साधन हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे यातायात नियमों की अनदेखी करें और दूसरों को प्रभावित करें। टीमें गठित करने के निर्देश, होगा भारी जुर्माना पुलिस आयुक्त ने डीसीपी ट्रैफिक को विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नजर रखेंगी। उन्होंने सभी ऑटो चालकों से अपील की है कि वे अपनी लेन में चलें, ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करें और क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो गठित टीमें नियमानुसार भारी जुर्माना लगाएंगी और ई-रिक्शा/सीएनजी ऑटो को सीज करने पर मजबूर होंगी। यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

आगरा पहुंचते ही राज्यपाल के कुलपति ने छुए पैर: वीडियो वायरल होने से विवाद, कार्यकाल विस्तार की अटकलें तेज!

आगरा। आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी द्वारा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के पैर छूने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने शहर में एक नई बहस छेड़ दी है और कुलपति के इस कृत्य पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। राज्यपाल दो दिवसीय दौरे पर आगरा में हैं, जहां वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। गेस्ट हाउस पहुंचते ही कुलपति ने छुए पैर, फिर पुलिस कमिश्नर ने किया सैल्यूट राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार दोपहर को यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस पहुंचीं। वह शहर में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगी, जिनमें ब्रिटिश समय की क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी का उद्घाटन और नेशनल चैंबर का कार्यक्रम शामिल है। यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में राज्यपाल के स्वागत के लिए अधिकारियों के साथ कुलपति प्रो. आशु रानी भी मौजूद थीं। जैसे ही राज्यपाल अपनी गाड़ी से उतरीं, कुलपति ने उन्हें बुके भेंट किया और फिर उनके पैर छुए। इस दृश्य के तुरंत बाद, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने उन्हें सैल्यूट किया, और कुलसचिव अजय मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने भी उन्हें बुके दिए। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी वहां उपस्थित थे। कार्यकाल विस्तार की अटकलें और जांच का सामना कुलपति प्रो. आशु रानी के पैर छूने का वीडियो सामने आते ही यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। सूत्रों का कहना है कि कुलपति का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है और वह अपना कार्यकाल विस्तार करवाना चाहती हैं। इस पृष्ठभूमि में उनके इस कृत्य को कार्यकाल विस्तार के प्रयास से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, कुलपति प्रो. आशु रानी के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमे दर्ज हुए हैं, लोकपाल में शिकायतें पहुंची हैं और जांच भी शुरू हो गई है। यही नहीं, उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी चल रही है। ऐसे में, इस वायरल वीडियो ने उनकी स्थिति को और भी पेचीदा बना दिया है। राज्यपाल 31 जुलाई को यूनिवर्सिटी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी, जिससे इस मामले को लेकर आगे क्या रुख रहता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

आगरा के 12वीं फेल रहमान का पाकिस्तान कनेक्शन! NIA-IB कर रही पूछताछ, लाखों फॉलोअर्स वाला यू-ट्यूब चैनल और विदेशी पेमेंट का खुलासा

आगरा। आगरा में धर्मांतरण के एक मामले में पकड़े गए 12वीं फेल रहमान कुरैशी से पूछताछ में जो चौंकाने वाले राज सामने आए हैं, उसने खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। रहमान के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े निकले हैं! वह पाकिस्तान के इन्फ्लुएंसर्स के संपर्क में था और अपने यूट्यूब चैनल ‘द सुन्नाह’ पर विदेशी लोगों के वीडियो भी अपलोड किया करता था। पुलिस को शक है कि वह रेकी भी कर रहा था, और अब उससे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भी गहन पूछताछ कर रही हैं। डार्क वेब का इस्तेमाल, लाखों फॉलोअर्स और प्रोग्रामिंग का ज्ञान शाहगंज के सराय ख्वाजा का रहने वाला रहमान कुरैशी मूल रूप से किरावली का निवासी है। पुलिस ने उसे धर्मांतरण गिरोह के सदस्य के रूप में पकड़ा था। पता चला है कि वह आगरा की सगी बहनों से ऑनलाइन जुड़ा हुआ था। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को यह भी जानकारी मिली थी कि वह डार्क वेब का इस्तेमाल करता है। रहमान का यूट्यूब चैनल ‘द सुन्नाह’ भी है, जिसके 1.59 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। जब पुलिस ने उसका लैपटॉप खंगाला, तो पाकिस्तान से उसके तार जुड़े होने के सुराग मिले हैं, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पुलिस के अनुसार, रहमान कुरैशी कंप्यूटर की कई प्रोग्रामिंग भाषाएं जानता है और सॉफ्टवेयर भी बना सकता है। फर्जी सर्टिफिकेट और विदेशी पेमेंट का एंगल जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रहमान ने आगरा के एक इंस्टीट्यूट से फर्जी प्रमाण पत्र भी बनवाया था। पुलिस अब उस संस्थान के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। उसके लैपटॉप की जांच से विदेशी करेंसी और क्रिप्टोकरंसी में भुगतान के सुराग भी मिले हैं, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य अवैध गतिविधियों का शक गहरा रहा है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि खुफिया एजेंसियां रहमान कुरैशी से यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि वह पाकिस्तान में किस-किससे जुड़ा हुआ था और पाकिस्तान के लोगों से संपर्क के पीछे उसका असली मकसद क्या था। उसकी पिछले एक साल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम से भी उसके अकाउंट की डिटेल मांगी जा रही है। उसके लैपटॉप और मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आगरा में रहमान कुरैशी किस-किसके संपर्क में था और किस इलाके में उसका मूवमेंट ज्यादा रहता था। उसके पिछले कुछ महीनों का मूवमेंट गूगल मैप से भी निकाला जा रहा है।

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