आगरा: पूजा करने गए युवक ने यमुना में लगाई छलांग, तलाश जारी

आगरा। आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में जौहरा बाग घाट पर रविवार को एक युवक ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। युवक की तलाश के लिए गोताखोरों को लगाया गया है, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका। युवक के इस कदम से उसके परिजन सदमे में हैं। यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे की है। जलेसर के रहने वाले दो दोस्त निखिल और हर्ष, जो फिलहाल रामबाग के सीतानगर में किराए पर रहते हैं, जौहरा बाग घाट पर बने मंदिर में पूजा करने आए थे। हर्ष के अनुसार, पूजा के बाद वह थोड़ा आगे चला गया था, जबकि निखिल उसके पीछे ही था। हर्ष ने बताया कि निखिल घाट की तरफ गया, हाथ जोड़े और फिर अचानक दौड़कर यमुना में छलांग लगा दी। छलांग लगाने की आवाज सुनकर हर्ष मौके पर पहुँचा और शोर मचाया, लेकिन आँखों के सामने ही निखिल यमुना के तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। इंस्पेक्टर एत्माद्दौला देवेंद्र दुबे ने बताया कि निखिल और हर्ष एक फैक्ट्री में काम करते थे। पीएसी और एसडीआरएफ के गोताखोरों की मदद से निखिल की तलाश की जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही निखिल के परिजन भी मौके पर पहुँच गए, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।

आगरा में पिता ने दो बच्चों को यमुना में फेंकने का किया प्रयास, राहगीरों ने रोका

आगरा। आगरा के अंबेडकर पुल पर शनिवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक पिता अपने दो मासूम बच्चों को यमुना नदी में फेंकने के लिए पहुँचा। यह घटना करीब रात 9 बजे की बताई जा रही है, जब कुछ राहगीरों ने इस व्यक्ति को रोका और मौके पर भीड़ जमा हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, व्यक्ति अपने बच्चों को पुल से नीचे फेंकने की कोशिश कर रहा था। उसके साथ एक बुजुर्ग महिला भी मौजूद थी, जो चुपचाप खड़ी थी। राहगीरों ने तुरंत बीच-बचाव किया और बच्चों को ऐसा करने से रोका। जैसे ही लोगों की भीड़ जमा हुई, सभी ने उस व्यक्ति से सवाल करना शुरू कर दिया कि वह ऐसा जघन्य अपराध क्यों कर रहा है। लोग उसे ‘पाप’ लगने और ‘अगर बच्चे पाल नहीं सकते तो पैदा क्यों किया’ जैसे ताने देने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, व्यक्ति लोगों के सवालों पर सफाई देते हुए कहता है कि बच्चों ने घर से पैसे चुराए थे और वह उन्हें सिर्फ डराने के लिए पुल पर लाया था। हालाँकि, जब भीड़ और भी बढ़ने लगी, तो वह व्यक्ति अपने बच्चों और बुजुर्ग महिला को बाइक पर बैठाकर तुरंत मौके से फरार हो गया। इस घटना की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति जीवनी मंडी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है और मामले की जाँच की जा रही है।

आगरा में यमुना का कहर: मोक्षधाम के रास्ते में भरा पानी, शवदाह गृह भी बंद

आगरा। आगरा में यमुना नदी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया है, जिससे शहर की 25 से ज्यादा कॉलोनियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। इसी बीच, बाढ़ का असर शहर के सबसे बड़े श्मशान घाट ताजगंज मोक्षधाम पर भी पड़ा है। विद्युत शवदाह गृह बंद, रास्ता जलमग्न यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण ताजगंज मोक्षधाम तक पहुँचने वाले मुख्य रास्ते पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। इससे शवों को मोक्षधाम तक लाने में भारी परेशानी हो रही है। हालात इतने खराब हैं कि मोक्षधाम का विद्युत शवदाह गृह पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बिजली विभाग ने पानी भरने के कारण बिजली की आपूर्ति काट दी है। मोक्षधाम का संचालन करने वाली श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी ने बताया कि जहाँ आम दिनों में 40 से अधिक अंतिम संस्कार होते थे, वहीं सोमवार को मोक्षधाम में केवल 9 और विद्युत शवदाह गृह में 3 ही अंतिम संस्कार हो सके। लोग शवों को मेटाडोर से पानी के बीच से होकर ले जाने को मजबूर हैं। हालांकि, लकड़ी से अंतिम संस्कार करने वाले 9 प्लेटफॉर्म्स पर अभी भी काम जारी है, क्योंकि यहाँ पानी नहीं पहुंचा है। 5000 लोग पलायन को मजबूर बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यमुना किनारा क्षेत्रों से करीब 5000 लोग पलायन कर चुके हैं। यमुना का जलस्तर अभी भी हर घंटे 10 सेंटीमीटर बढ़ रहा है। प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया है और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। हालात को देखते हुए, लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और अपने जरूरी सामानों को सुरक्षित रखें।

आगरा में यमुना का कहर: बाढ़ में ढहा मकान, कार बही; लाइव वीडियो सामने आया

आगरा। आगरा में यमुना नदी का कहर जारी है। बीती रात, बाढ़ के पानी से कमजोर हुआ एक मकान भरभराकर ढह गया, जिसका लाइव वीडियो सामने आया है। यह घटना फाउंड्री नगर के गोकुल नगर में हुई, जहाँ बाढ़ का पानी 4-5 फीट तक भर गया है। गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। मकान ढहने से कुछ देर पहले, घर के सदस्य छत में आई दरार का वीडियो बना रहे थे, तभी पीछे की तरफ की दीवार ढह गई। इस इलाके में कई मकान जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों ने अपनी छतों पर शरण ली हुई है। प्रशासन ने इन सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया है। तेज बहाव में बही कार एक अन्य घटना में, सोमवार रात कैलाश घाट की तरफ गए एक दंपत्ति की कार भी बाढ़ के पानी में बह गई। उनकी कार जलभराव में फंस गई थी, जिसके बाद यमुना के तेज बहाव ने उसे बहा लिया। हालांकि, समय रहते रेस्क्यू टीम ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ये घटनाएँ दिखाती हैं कि यमुना का जलस्तर कितना खतरनाक हो चुका है और लोगों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है।

आगरा में यमुना खतरे के निशान से ऊपर, ताज की बाउंड्री तक पहुंचा पानी; 8 चितास्थल डूबे

आगरा। आगरा में यमुना नदी एक बार फिर उफान पर है। गोकुल बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से दो फीट ऊपर आ गया है। नदी का पानी ताजमहल की बाउंड्री तक पहुंच गया है, वहीं कैलाश घाट, बल्केश्वर घाट और ताजगंज शमशान घाट के आठ चितास्थल भी डूब गए हैं। गोकुल बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा है पानी गोकुल बैराज से मंगलवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, जबकि सोमवार को भी 99 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके कारण आगरा में यमुना का जलस्तर बढ़कर 497 फीट पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 495 फीट पर है। पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज से भी पानी की मात्रा बढ़ गई है। सुबह नौ बजे 3.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके 5 सितंबर तक आगरा पहुंचने की संभावना है। इससे यमुना का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। खेतों में फंसे 25 किसान, 5 परिवार हुए शिफ्ट यमुना के रौद्र रूप के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। बल्केश्वर स्थित पार्वती घाट और ताजगंज मोक्षधाम के चितास्थल पानी में डूब गए हैं। तनौरा-नूरपुर और मेहरा नाहरगंज के लगभग 25 किसान तीन घंटे तक अपने खेतों में फंसे रहे, जिन्हें बाद में स्टीमर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। सदर तहसील के डौकी क्षेत्र में यमुना किनारे रहने वाले पांच परिवारों को अपने घरों तक पानी पहुंचने के कारण सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होना पड़ा है। वे फिलहाल अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। इन गांवों पर बाढ़ का खतरा प्रशासन ने यमुना के किनारे स्थित कई गांवों को बाढ़ के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है। तहसील सदर में तनौरा, नूरपुर, कैलाश, नगला बूढ़ी सहित कई गांव प्रभावित हो सकते हैं, जबकि तहसील फतेहाबाद में भरापुर, बमरौली, भडायना जैसे गांव खतरे में हैं। प्रशासन की अपील और तैयारी एडीएम (एफआर) शुभांगी शुक्ला ने नागरिकों से अपील की है कि वे जरूरी कागजात को वॉटरप्रूफ बैग में रखें, सूखे अनाज और मवेशियों के चारे को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से बाढ़ के शरणांलयों में जाने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका मोबाइल नंबर 0562-2260550 और 09458095419 है। इसके अलावा, तनौरा-नूरपुर में बाढ़ चौकी भी स्थापित की गई है।

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