
आगरा। शाहगंज थाना क्षेत्र के पंचकुइयां स्थित होटल खुबसरस में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। आईआईटी मुंबई से पढ़े मेरठ निवासी रोहित कुमार (30) नामक इंजीनियर ने होटल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह जब वह अपने कमरे से बाहर नहीं आए, तो होटल कर्मचारियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
पेन ड्राइव में मिला सुसाइड नोट: महिला चिकित्सक का जिक्र और देहदान की इच्छा
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस को मृतक के पास से एक पेन ड्राइव मिली, जिसमें पीडीएफ फाइल के रूप में एक सुसाइड नोट मिला है। इस सुसाइड नोट में रोहित कुमार ने एक महिला चिकित्सक का नाम लिखा है, जो पहले आगरा में थीं और अब किसी दूसरे जिले में हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रोहित ने अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि “मेरे शव को परिजन और रिश्तेदारों को न दें। दान कर दें या फिर मेडिकल स्टूडेंट को दे दिया जाए। अंग दान कर दिए जाएं, जिससे चिकित्सकों की पढ़ाई के लिए काम में लाया जा सके।” यह दिल दहला देने वाली इच्छा उनकी मानसिक स्थिति और शायद किसी गहरे सदमे को दर्शाती है।
मेरठ का रहने वाला था रोहित, आईआईटी मुंबई से किया था बीटेक
एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि रविवार शाम को मेरठ स्थित शिवरामपुरम, गोलाबाद निवासी रोहित कुमार ने होटल खुबसरस में कमरा नंबर 204 लिया था। रात में वह बाहर जाने के बाद फिर से कमरे में आ गए और उसके बाद बाहर नहीं निकले।
सोमवार सुबह काफी देर तक बाहर न आने पर कर्मचारियों को शक हुआ। दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए और कमरा खुलवाया, जहाँ रोहित का शव पंखे से लटका मिला। पुलिस को उनके परिजनों के मोबाइल नंबर मिले और उन्हें सूचना दी गई। परिजनों ने बताया कि रोहित ने आईआईटी मुंबई से बीटेक किया था।
एसीपी ने बताया कि सुसाइड नोट में महिला चिकित्सक के नाम के अलावा ज्यादा कुछ नहीं लिखा था कि आत्महत्या की वजह क्या रही। पुलिस फिलहाल इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।