आगरा। आगरा कलेक्ट्रेट में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे दिव्यांगों में से एक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। यह देख मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने तुरंत उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली और इस प्रयास को विफल कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी अपने चैंबर से निकलकर धरना स्थल पर पहुँचे और उनकी शिकायतों को सुनने के लिए खुद जमीन पर बैठ गए।
यह पूरा मामला आगरा के किरावली तहसील के ककुआ स्थित ‘आसरा सर्विस सेंटर’ से जुड़ा है। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एल्मिको) द्वारा संचालित यह सेंटर इस साल की शुरुआत में बंद कर दिया गया था, जिससे दिव्यांगों को भारी परेशानी हो रही थी। गुरुवार को इसी सेंटर को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर दिव्यांग कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठे थे।
जब लगभग दो घंटे तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो एक दिव्यांग ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिसे पुलिसकर्मी ने रोक लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी तुरंत धरना स्थल पर पहुँचे। उन्होंने दिव्यांगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। दिव्यांगों ने बताया कि सेंटर के बंद होने से उन्हें इलेक्ट्रॉनिक ट्राईसाइकिल जैसे सहायक उपकरणों की मरम्मत कराने में बहुत मुश्किलें आ रही हैं। उनका आरोप है कि सेंटर को एक झूठी शिकायत के कारण बंद किया गया था।
डीएम ने तत्काल ‘एल्मिको’ के अधिकारियों से बात की और उन्हें एक-दो दिन में सेंटर को फिर से शुरू करने का आश्वासन दिया। डीएम के इस कदम से दिव्यांगजन संतुष्ट हुए और उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने भी धरने पर बैठे दिव्यांगों को पानी की बोतलें बाँटी।


